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PhonePe और GPay से नहीं, बैंकिंग ऐप से करें UPI पेमेंट, साइबर एक्सपर्ट अमित दुबे की सलाह ने उठाए सवाल, जानें पूरी रिपोर्ट

नई  दिल्ली। आज के डिजिटल दौर में UPI पेमेंट सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला ऑनलाइन भुगतान तरीका बन चुका है। लेकिन इसी बीच साइबर एक्सपर्ट अमित दुबे ने UPI ऐप्स को लेकर एक बड़ा बयान दिया है, जिसने लोगों के बीच चर्चा छेड़ दी है। उनका कहना है कि PhonePe, Google Pay और BharatPe जैसे थर्ड-पार्टी UPI ऐप्स के मुकाबले बैंकिंग ऐप से UPI पेमेंट करना ज्यादा सुरक्षित होता है। अमित दुबे के अनुसार, लोग अक्सर सोचते हैं कि PhonePe या GPay जैसे ऐप्स सीधे पैसे ट्रांसफर करते हैं, लेकिन असल में ऐसा नहीं है। ये सभी ऐप्स सिर्फ एक “स्किन” की तरह काम करते हैं, जबकि असली पेमेंट प्रोसेस NPCI (National Payments Corporation of India) के जरिए होता है। यानी ये ऐप्स केवल एक इंटरफेस हैं, असली सिस्टम बैंक और NPCI के बीच काम करता है। अमित दुबे ने कहा कि ICICI, SBI, Kotak Mahindra जैसे बैंकों के मोबाइल बैंकिंग ऐप्स में भी UPI की सुविधा मौजूद होती है, और वहां से पेमेंट करना ज्यादा भरोसेमंद माना जा सकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि लोगों को अलग-अलग UPI ऐप्स डाउनलोड करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि बैंकिंग ऐप से ही पूरा काम हो सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि अगर PhonePe या GPay जैसे ऐप्स से पेमेंट के दौरान कोई फ्रॉड हो जाता है, तो यूजर को अक्सर कस्टमर सपोर्ट के चक्कर लगाने पड़ते हैं। कई बार लोगों को यह भी नहीं पता होता कि शिकायत NPCI तक कैसे पहुंचे। ऐसे में समाधान मिलने में समय लग सकता है। इसके विपरीत, बैंकिंग ऐप से पेमेंट करने पर सीधा बैंक से संपर्क होता है। अगर कोई फ्रॉड या ट्रांजैक्शन से जुड़ी समस्या होती है, तो बैंक अपने ग्राहकों को बेहतर सपोर्ट दे सकता है। कई मामलों में ग्राहक को रिलेशनशिप मैनेजर या बैंक हेल्पलाइन के जरिए तुरंत मदद मिल जाती है। साइबर एक्सपर्ट का मानना है कि यही सबसे बड़ा फर्क है, जो बैंकिंग ऐप्स को ज्यादा सुरक्षित बनाता है। उनका कहना है कि UPI सिस्टम सुरक्षित है, लेकिन समस्या ऐप के सपोर्ट सिस्टम और शिकायत निवारण प्रक्रिया में आती है। हालांकि, यह भी सच है कि PhonePe और GPay जैसे ऐप्स यूजर-फ्रेंडली इंटरफेस, कैशबैक ऑफर और आसान ट्रांजैक्शन सुविधा देते हैं, जिसकी वजह से करोड़ों लोग इन्हें रोजाना इस्तेमाल करते हैं। लेकिन सुरक्षा और फ्रॉड की स्थिति में बैंकिंग ऐप्स को ज्यादा मजबूत विकल्प माना जा सकता है। अंत में विशेषज्ञों की राय यही है कि UPI सुरक्षित तकनीक है, लेकिन किस ऐप के जरिए इसे इस्तेमाल किया जा रहा है, यह भी सुरक्षा और सपोर्ट के लिहाज से अहम भूमिका निभाता है।

श्मशान घाट में मिली महिला को मां बनाकर की सेवा, मरते वक्त मिले आशीर्वाद से बदल गई सुदेश लहरी की किस्मत जानें, पूरी कहानी

नई दिल्ली। देश के मशहूर कॉमेडियन और सिंगर सुदेश लहरी आज जिस मुकाम पर हैं, वहां तक पहुंचने की कहानी बेहद संघर्ष और भावनाओं से भरी हुई है। कभी इतनी गरीबी थी कि स्कूल जाने तक के पैसे नहीं थे, और गुजारे के लिए ढाबे पर बर्तन धोने से लेकर जूते-चप्पल बनाने और सब्जी बेचने तक का काम करना पड़ा। लेकिन उनकी जिंदगी में एक ऐसा मोड़ आया, जिसने सबकुछ बदल दिया। दरअसल, हाल ही में टीवी शो ‘लाफ्टर शेफ्स 3’ में कृष्णा अभिषेक ने सुदेश लहरी से जुड़ा एक भावुक किस्सा सुनाया, जिसने सभी को भावुक कर दिया। बताया गया कि एक बार सुदेश लहरी किसी अंतिम संस्कार में शामिल होने श्मशान घाट पहुंचे थे, जहां उन्होंने एक बेहद दुखद स्थिति देखी। श्मशान घाट में उन्होंने एक कोने में एक महिला को बैठा हुआ देखा, जिसके शरीर पर घाव थे और वह बेहद तकलीफ में थी। यह दृश्य देखकर सुदेश लहरी से रहा नहीं गया। उस समय उनकी खुद की आर्थिक स्थिति भी अच्छी नहीं थी, लेकिन उन्होंने इंसानियत दिखाते हुए उस महिला को अपने साथ ले जाने का फैसला किया। घर लाकर उन्होंने उस महिला को अपनी मां की तरह रखा और पूरी श्रद्धा और सेवा भाव से उसकी देखभाल की। बताया जाता है कि सुदेश लहरी ने उस समय ढाबे पर काम करके और छोटे-मोटे काम करके जीवन चलाया, लेकिन उस महिला की सेवा में कोई कमी नहीं आने दी। कहा जाता है कि जब उस महिला की मृत्यु हुई, तो उसने सुदेश लहरी को आशीर्वाद दिया कि “तेरा कभी बुरा नहीं होगा और तू जीवन में बहुत सफल होगा।” इसी घटना के बाद सुदेश लहरी की किस्मत बदलने लगी और उन्हें मुंबई से बड़े मौके मिलने लगे। View this post on Instagram A post shared by Sudesh Lehri (@realsudeshlehri) इसके बाद सुदेश लहरी ने अपने जीवन में पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने ‘द ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज’ जैसे शो से पहचान बनाई और धीरे-धीरे इंडस्ट्री में अपनी मजबूत जगह बना ली। सुदेश लहरी का संघर्ष यहीं खत्म नहीं हुआ था। उन्होंने अपने एक इंटरव्यू में बताया था कि बचपन में इतनी गरीबी थी कि वह कभी स्कूल तक नहीं जा पाए। परिवार की हालत ऐसी थी कि घर तक बिक गया था। उन्होंने फैक्ट्री में काम किया, चाय-नाश्ता बेचा और जूते बनाने तक का काम किया। View this post on Instagram A post shared by Sudesh Lehri (@realsudeshlehri) आज वही सुदेश लहरी भारतीय कॉमेडी इंडस्ट्री का बड़ा नाम हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनकी नेट वर्थ करोड़ों में है और वह एक शो के लिए लाखों रुपये फीस लेते हैं। मुंबई में उनका अपना घर भी है और वह लगातार टीवी, स्टेज शोज और फिल्मों में सक्रिय हैं। सुदेश लहरी की यह कहानी इस बात का उदाहरण है कि कठिन परिस्थितियां भी इंसान की मेहनत, इंसानियत और लगन के आगे हार जाती हैं।

चिपचिपी त्वचा से परेशान? जानिए ऑयली स्किन के लिए असरदार देखभाल

नई दिल्ली । ऑयली स्किन यानी तैलीय त्वचा गर्मी और बारिश के मौसम में और ज्यादा चिपचिपी हो जाती है। इसके कारण चेहरे पर अतिरिक्त तेल, पोर्स बंद होना और मुंहासों की समस्या बढ़ सकती है। लेकिन कुछ आसान आदतें अपनाकर इसे काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है। 1. डाइट में तेल और जंक फूड कम करेंबहुत ज्यादा तला-भुना, बटर, चीज, केक, पेस्ट्री और फास्ट फूड ऑयली स्किन को बढ़ा सकते हैं। इसलिए हल्का और हेल्दी खाना लें। 2. शरीर को हाइड्रेट रखेदिनभर में 8–10 गिलास पानी जरूर पिएं। पानी शरीर को डिटॉक्स करता है और स्किन में एक्स्ट्रा ऑयल बनने की समस्या कम करता है। 3. विटामिन और जिंक का ध्यान रखेंविटामिन B2 और जिंक की कमी से भी ऑयली स्किन और एक्ने बढ़ सकते हैं। हरी सब्जियां, काबुली चना और हेल्दी फूड्स डाइट में शामिल करें। 4. सोने से पहले मेकअप जरूर हटाएंमेकअप लगाकर सोने से पोर्स बंद हो जाते हैं और बैक्टीरिया बढ़ते हैं, जिससे स्किन ऑयली और खराब हो सकती है। 5. मिट्टी (क्ले) फेस पैक इस्तेमाल करेंहफ्ते में 1 बार क्ले फेस पैक लगाने से अतिरिक्त तेल कम होता है और स्किन साफ रहती है। 6. वजन को कंट्रोल में रखेंओवरवेट होने से भी हार्मोनल बदलाव होते हैं, जो ऑयली स्किन की समस्या बढ़ा सकते हैं। 7. हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएंफल, हरी सब्जियां और फाइबर वाली डाइट लें। कब्ज और खराब डाइजेशन भी स्किन प्रॉब्लम को बढ़ा सकते हैं।

तमिल स्टार रवि मोहन का बड़ा दावा: एक्स-वाइफ पर काला जादू और प्रताड़ना के आरोप, प्रेस कॉन्फ्रेंस में फूट-फूटकर रोए

नई दिल्ली। तमिल फिल्म इंडस्ट्री के मशहूर अभिनेता रवि मोहन (जयम रवि) एक बार फिर सुर्खियों में हैं। शनिवार, 16 मई को उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी निजी जिंदगी और तलाक विवाद को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए। इस दौरान वह भावुक हो गए और रोते हुए अपनी बात रखी। रवि मोहन ने अपनी एक्स-वाइफ आरती और उनके परिवार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि शादी के बाद से ही उनकी जिंदगी काफी कठिन हो गई थी। उन्होंने दावा किया कि उन पर मानसिक दबाव बनाया गया और उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा। ‘मुझे बच्चों से मिलने नहीं दिया जा रहा’अभिनेता ने कहा कि उन्हें अपने बच्चों से मिलने नहीं दिया जा रहा है, जो उनके लिए सबसे दर्दनाक बात है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बच्चों की सुरक्षा के नाम पर उन पर प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं और उन्हें परिवार से अलग किया गया है। ‘काला जादू किया जा रहा है’ – रवि मोहनप्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रवि मोहन ने यह भी आरोप लगाया कि उनके ऊपर काला जादू किया जा रहा है और यह सिलसिला पहले भी चल चुका है और अब भी जारी है। उन्होंने कहा कि इस वजह से उनकी सेहत और मानसिक स्थिति पर भी असर पड़ा है। आत्महत्या की कोशिश का भी किया दावाभावुक होते हुए रवि मोहन ने दावा किया कि उन्होंने खुद को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की थी और अपनी कलाई काट ली थी। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद उन्होंने काम करना नहीं छोड़ा और अगले दिन शूटिंग पर भी पहुंचे थे। My films won’t get released anymore until I get the official divorce — Actor Jayam Ravi 🥹 pic.twitter.com/y4Xiibm64T — Kolly Censor (@KollyCensor) May 16, 2026 ‘फिल्मों से लूंगा ब्रेक, तलाक के बाद वापसी करूंगा’अभिनेता ने यह भी ऐलान किया कि वह फिलहाल फिल्मों से ब्रेक ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब तक उनका निजी जीवन और तलाक का मामला पूरी तरह सुलझ नहीं जाता, तब तक वह अभिनय नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि वह पहले अपनी जिंदगी को ठीक करेंगे और फिर ही इंडस्ट्री में वापसी करेंगे। 2009 में हुई थी शादी, 2024 से अलग रह रहे हैंरवि मोहन और आरती की शादी साल 2009 में हुई थी और उनके दो बेटे हैं। दोनों साल 2024 से अलग रह रहे हैं। पिछले कुछ समय से उनके तलाक को लेकर कानूनी प्रक्रिया भी चल रही है। इस बीच उनका नाम सिंगर केनिशा फ्रांसिस के साथ भी जोड़ा गया था, हालांकि उन्होंने इससे इनकार किया था। निजी जीवन में बढ़ा तनावपहले दिए गए इंटरव्यू में रवि मोहन ने कहा था कि उन्हें शादी में घुटन महसूस होने लगी थी और उनके पास अलग होने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था। उन्होंने कहा था कि वह अपने फैसले पर अडिग हैं और अब केवल आगे बढ़ना चाहते हैं।

अगले हफ्ते भारत में लॉन्च होंगे 4 नए स्मार्टफोन, Realme 16T 5G से Moto G37 Power तक दमदार बैटरी और फीचर्स की भरमार

नई दिल्ली। रियलमी, मोटोरोला और एचएमडी अगले हफ्ते भारतीय बाजार में अपने नए स्मार्टफोन्स लॉन्च करने जा रहे हैं। इनमें बड़ी बैटरी, हाई रिफ्रेश रेट डिस्प्ले और AI कैमरा जैसे फीचर्स देखने को मिलेंगे। सबसे पहले Moto G37 और Moto G37 Power 19 मई को लॉन्च होंगे। दोनों फोन्स में MediaTek Dimensity 6400 प्रोसेसर, 120Hz डिस्प्ले और 50MP कैमरा मिलेगा। Moto G37 Power में खास तौर पर 7000mAh की बड़ी बैटरी दी जाएगी, जिसे लेकर कंपनी 3 दिन तक बैकअप का दावा कर रही है। इसके बाद HMD Vibe 2 5G 21 मई को लॉन्च होगा। इस फोन में 6000mAh बैटरी, 50MP AI कैमरा, 120Hz डिस्प्ले और 8MP फ्रंट कैमरा मिलने की पुष्टि हुई है। वहीं, Realme 16T 5G 22 मई को लॉन्च किया जाएगा। यह फोन 8000mAh की विशाल बैटरी के साथ आएगा। कंपनी का दावा है कि इसकी बैटरी 3 दिन तक चल सकती है और 7 साल तक बैटरी हेल्थ बेहतर बनी रहेगी। इसमें 45W फास्ट चार्जिंग और रिवर्स चार्जिंग सपोर्ट भी मिलेगा। चारों स्मार्टफोन Flipkart और कंपनियों की आधिकारिक वेबसाइट पर बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे। टेक मार्केट में इन लॉन्च को मिड-रेंज और बैटरी-केंद्रित स्मार्टफोन सेगमेंट के लिए बड़ा कदम माना जा रहा है। अगले हफ्ते भारत में Realme, Motorola और HMD के चार नए स्मार्टफोन लॉन्च होंगे, जिनमें बड़ी बैटरी और 120Hz डिस्प्ले जैसे फीचर्स मिलेंगे।Realme 16T 5G में 8000mAh बैटरी, जबकि Moto G37 Power में 7000mAh बैटरी जैसी दमदार खूबियां देखने को मिलेंगी।

शनि देव की कृपा से चमकेगी इन राशियों की किस्मत, बढ़ सकती है सैलेरी

नई दिल्ली। शनिवार, 16 मई 2026 को शनि जयंती और ज्येष्ठ अमावस्या का विशेष संयोग बन रहा है। ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति कई राशियों के लिए शुभ संकेत दे रही है। जानिए मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का करियर, पैसा, प्रेम, स्वास्थ्य, शुभ रंग, शुभ अंक और उपाय। मेष राशिआज आत्मविश्वास बढ़ा रहेगा। नौकरी और व्यापार में नए अवसर मिल सकते हैं। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा और प्रेम संबंध मजबूत होंगे। आर्थिक लाभ के योग बन रहे हैं।शुभ रंग: नीलाशुभ अंक: 8उपाय: शनिदेव को सरसों का तेल चढ़ाएं। वृषभ राशिपारिवारिक मामलों में धैर्य रखने की जरूरत होगी। कार्यक्षेत्र में जल्दबाजी नुकसान दे सकती है। प्रेम संबंधों में संवाद बनाए रखें। खर्चों पर नियंत्रण जरूरी रहेगा।शुभ रंग: सफेदशुभ अंक: 6उपाय: पीपल के नीचे दीपक जलाएं। मिथुन राशिआज का दिन करियर और व्यापार के लिए बेहद शुभ रहेगा। आपकी बातचीत और बुद्धिमत्ता से लाभ मिलेगा। प्रेम जीवन में मिठास बढ़ेगी और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।शुभ रंग: हराशुभ अंक: 5उपाय: काले तिल का दान करें। कर्क राशिमानसिक तनाव थोड़ा परेशान कर सकता है, लेकिन परिवार का सहयोग मिलेगा। नौकरी में धैर्य बनाए रखें। रिश्तों में पारदर्शिता जरूरी होगी।शुभ रंग: सिल्वरशुभ अंक: 2उपाय: चंद्रमा को जल अर्पित करें। सिंह राशिछोटी बातों पर विवाद से बचें। करियर में सामान्य स्थिति रहेगी लेकिन समझदारी से काम लेने पर लाभ होगा। प्रेम जीवन में संयम जरूरी रहेगा।शुभ रंग: लालशुभ अंक: 9उपाय: हनुमान चालीसा का पाठ करें। कन्या राशिआज सफलता के अच्छे संकेत मिल रहे हैं। नौकरी और व्यापार में प्रशंसा मिलेगी। प्रेम जीवन में विश्वास और नजदीकियां बढ़ेंगी। स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा।शुभ रंग: हराशुभ अंक: 5उपाय: हरी मूंग का दान करें। तुला राशिपारिवारिक जीवन में सामंजस्य रहेगा। नए कार्यों में सफलता मिलने के योग हैं। प्रेम संबंध मजबूत होंगे और मानसिक शांति बनी रहेगी।शुभ रंग: सफेदशुभ अंक: 6उपाय: माता लक्ष्मी को सफेद फूल चढ़ाएं। वृश्चिक राशिआज बातचीत में संयम रखना जरूरी होगा। कार्यक्षेत्र में धीरे-धीरे प्रगति होगी। प्रेम संबंधों में खुलकर संवाद करें। तनाव से बचें।शुभ रंग: नीलाशुभ अंक: 7उपाय: शनिवार को सरसों के तेल का दीपक जलाएं। धनु राशिभावनात्मक उतार-चढ़ाव रह सकते हैं। किसी भी निर्णय में जल्दबाजी न करें। प्रेम संबंधों में विश्वास बनाए रखना जरूरी होगा।शुभ रंग: ग्रेशुभ अंक: 4उपाय: पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाएं। मकर राशिआज आत्मविश्वास और मानसिक शांति बनी रहेगी। करियर में नए अवसर मिल सकते हैं। परिवार और प्रेम जीवन दोनों में खुशियां रहेंगी।शुभ रंग: नीलाशुभ अंक: 8उपाय: काले कपड़े का दान करें।  कुंभ राशिनई पहचान और सम्मान मिलने के संकेत हैं। व्यापार और नौकरी में लाभ मिलेगा। प्रेम संबंधों में ईमानदारी रिश्तों को मजबूत करेगी।शुभ रंग: नीलाशुभ अंक: 4उपाय: “ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें। मीन राशिभावनात्मक मामलों में धैर्य रखें। नौकरी और व्यापार में सोच-समझकर फैसले लें। स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न करें।शुभ रंग: हल्का नीलाशुभ अंक: 7उपाय: भगवान विष्णु को पीले फूल अर्पित करें। किन राशियों पर रहेगी शनि देव की विशेष कृपा?आज मेष, मिथुन, कन्या, तुला, मकर और कुंभ राशि वालों के लिए शनि जयंती बेहद शुभ मानी जा रही है। इन राशियों के लोगों को करियर, धन और सम्मान के मामलों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं।

Adhik Maas 2026: पूजा-पाठ और दान का बढ़ेगा महत्व, मिलेगा विशेष फल

नई दिल्ली।  हिंदू पंचांग के अनुसार इस वर्ष ज्येष्ठ माह में अधिकमास का संयोग बन रहा है। अधिकमास, जिसे पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है, 17 मई 2026 से शुरू होकर 15 जून 2026 तक रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस महीने के स्वामी भगवान विष्णु माने जाते हैं। स्कंद पुराण और पद्म पुराण में अधिकमास को अत्यंत पुण्यदायी बताया गया है। इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन और अन्य मांगलिक कार्यों से परहेज किया जाता है। क्यों खास माना जाता है पुरुषोत्तम मास?मान्यता है कि अधिकमास में जप, तप, दान, कथा, गीता पाठ, भजन-कीर्तन और तीर्थ यात्रा करने से सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक पुण्य फल प्राप्त होता है। इसी वजह से इस महीने आने वाले व्रत और त्योहारों का महत्व भी काफी बढ़ जाता है। भक्त पूरे महीने भगवान विष्णु की विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। अधिकमास 2026 व्रत-त्योहार कैलेंडर17 मई – अधिकमास प्रारंभ19 मई – बड़ा मंगल20 मई – वरदा चतुर्थी21 मई – अधिक स्कंद षष्ठी, गुरु पुष्य नक्षत्र23 मई – अधिक मासिक दुर्गाष्टमी25 मई – गंगा दशहरा26 मई – बड़ा मंगल27 मई – अधिक रामलक्ष्मण द्वादशी, पद्मिनी एकादशी28 मई – गुरु प्रदोष व्रत31 मई – अधिकमास पूर्णिमा व्रत3 जून – विभुवन संकष्टी चतुर्थी6 जून – मृत्यु पंचक8 जून – अधिक कालाष्टमी11 जून – परम एकादशी12 जून – शुक्र प्रदोष व्रत13 जून – अधिक मासिक शिवरात्रि15 जून – ज्येष्ठ अधिकमास अमावस्या, मिथुन संक्रांति, अधिकमास समाप्त अधिकमास में तीर्थ यात्रा का विशेष महत्वधार्मिक ग्रंथों के अनुसार अधिकमास आत्मचिंतन, साधना और भक्ति का समय माना जाता है। इस दौरान सांसारिक कार्यों से दूरी बनाकर ईश्वर भक्ति में मन लगाने की सलाह दी जाती है। पद्म पुराण के अनुसार इस महीने बद्रीनाथ, जगन्नाथ पुरी, द्वारका, वृंदावन, हरिद्वार और प्रयागराज जैसे तीर्थों की यात्रा करने से भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है। इन दिनों करें भगवान विष्णु की पूजाअधिकमास में प्रतिदिन भगवान विष्णु की पूजा करना शुभ माना गया है। यदि प्रतिदिन संभव न हो, तो पद्मिनी एकादशी, परम एकादशी, गुरु प्रदोष, पूर्णिमा और अमावस्या के दिन श्रीहरि की विशेष आराधना करनी चाहिए।

EPFO पेंशनर्स अब घर बैठे चेक कर सकेंगे PPO और पेंशन पेमेंट डिटेल, सिर्फ 5 स्टेप्स में मिलेगा पूरा हिसाब

नई दिल्ली। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी EPFO ने पेंशनर्स के लिए ऑनलाइन PPO Inquiry और Payment Inquiry सुविधा उपलब्ध कराई है, जिसके जरिए कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) के तहत पेंशन पाने वाले लोग अपनी पेंशन से जुड़ी पूरी जानकारी घर बैठे चेक कर सकते हैं। इस सुविधा का इस्तेमाल करने के लिए पेंशनर के पास PPO यानी Pension Payment Order नंबर होना जरूरी है। यह 12 अंकों का यूनिक नंबर होता है, जो रिटायरमेंट के बाद EPFO द्वारा जारी किया जाता है और पेंशनर की आधिकारिक पहचान के तौर पर काम करता है। EPFO पोर्टल पर लॉग इन करके पेंशनर यह देख सकते हैं कि उनकी पेंशन जारी हुई है या नहीं, किसी महीने भुगतान में देरी क्यों हुई, जीवन प्रमाण पत्र कब तक वैध है और बैंक डिटेल्स सही हैं या नहीं। 5 आसान स्टेप्स में ऐसे चेक करें PPO/Payment Inquiry:EPFO की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। Pensioner सेक्शन में जाकर लॉग इन करें। PPO Enquiry/Payment Enquiry ऑप्शन चुनें। PPO नंबर, ऑफिस ID, जन्मतिथि और कैप्चा भरें। Submit करते ही PPO और पेमेंट से जुड़ी पूरी जानकारी स्क्रीन पर दिख जाएगी। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह सुविधा पेंशनर्स को बैंक या EPFO कार्यालय के चक्कर लगाने से बचाएगी और पेंशन संबंधी समस्याओं का पता लगाने में मदद करेगी।EPFO पेंशनर्स अब ऑनलाइन PPO Inquiry और Payment Inquiry के जरिए अपनी पेंशन और भुगतान की पूरी जानकारी घर बैठे देख सकते हैं।सिर्फ PPO नंबर और कुछ जरूरी डिटेल्स भरकर पेंशन स्टेटस, जीवन प्रमाण पत्र और पेमेंट रिकॉर्ड चेक किया जा सकता है।

Vat Savitri Vrat 2026: पूजा में बांस के पंखे का धार्मिक महत्व जानिए

नई दिल्ली। ज्येष्ठ अमावस्या के दिन मनाया जाने वाला वट सावित्री व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। इस दिन महिलाएं पति की लंबी आयु और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना से व्रत रखती हैं और वट वृक्ष की पूजा करती हैं। इस पूजा में कई प्रकार की सामग्री का उपयोग किया जाता है, लेकिन बांस से बना पारंपरिक हाथ पंखा, जिसे कई जगह ‘बेना’ कहा जाता है, विशेष महत्व रखता है। सत्यवान-सावित्री कथा से जुड़ा है संबंधधार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जब सावित्री अपने पति सत्यवान के प्राण वापस लाने के लिए यमराज के पीछे-पीछे जा रही थीं, तब ज्येष्ठ महीने की भीषण गर्मी में सत्यवान का शरीर निढाल हो गया था। कथा के अनुसार, सावित्री ने बांस के हाथ पंखे से उन्हें हवा देकर राहत पहुंचाई थी। तभी से वट सावित्री व्रत में बांस के पंखे का उपयोग परंपरा का हिस्सा बन गया। पूजा में क्यों खरीदे जाते हैं दो पंखे?मान्यता है कि वट सावित्री व्रत के दौरान महिलाएं दो बांस के पंखे खरीदती हैं। पूजा के बाद इन पंखों को दान किया जाता है। धार्मिक विश्वास है कि इससे अखंड सौभाग्य, सुख-समृद्धि और परिवार में खुशहाली बनी रहती है। पूजा के दौरान पंखे को सेवा, समर्पण और पति-पत्नी के अटूट प्रेम का प्रतीक भी माना जाता है। पंखा दान को माना गया है महादानशास्त्रों में ज्येष्ठ माह की तपती गर्मी में पंखा दान करना बेहद पुण्यकारी बताया गया है। विशेष रूप से बांस का पंखा दान करने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है और जरूरतमंदों को राहत मिलती है। इसी वजह से वट सावित्री व्रत की पूजा के बाद महिलाएं पंखा दान करने की परंपरा निभाती हैं। बांस को माना जाता है वंश वृद्धि का प्रतीकहिंदू धर्म में बांस को शुभ और वंश वृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इसलिए बांस से बने पंखे का उपयोग केवल धार्मिक परंपरा नहीं बल्कि परिवार की खुशहाली, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा से भी जुड़ा माना जाता है।

Vat Savitri Vrat 2026: घर के पास वट वृक्ष नहीं? जानिए आसान पूजा विधि

नई दिल्ली। वट सावित्री व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता है कि देवी सावित्री ने अपने पति सत्यवान के प्राण वट वृक्ष के नीचे ही यमराज से वापस प्राप्त किए थे। इसी कारण ज्येष्ठ अमावस्या के दिन बरगद यानी वट वृक्ष की पूजा विशेष रूप से की जाती है। इस वर्ष वट सावित्री व्रत 16 मई 2026 को मनाया जा रहा है। इस दिन महिलाएं पति की लंबी आयु और सुख-समृद्धि की कामना से व्रत रखती हैं। घर के पास बरगद का पेड़ न हो तो क्या करें?आजकल शहरों और हाईराइज सोसायटियों में बरगद के पेड़ आसानी से नहीं मिलते। ऐसे में महिलाएं पूजा को लेकर परेशान हो जाती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यदि आसपास वट वृक्ष न हो तो व्रत से एक दिन पहले बरगद की छोटी टहनी लाकर उसे गमले में स्थापित किया जा सकता है। इसके बाद उसी टहनी के पास देवी सावित्री, सत्यवान और यमराज की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित कर विधिपूर्वक पूजा की जा सकती है। मान्यता है कि श्रद्धा और नियमपूर्वक की गई पूजा का पूरा फल प्राप्त होता है। ऐसे करें वट सावित्री पूजापूजा के दौरान सबसे पहले वट वृक्ष या उसकी टहनी को जल और दूध अर्पित करें। इसके बाद रोली, हल्दी, अक्षत और फूल चढ़ाएं। फिर कच्चा सूत लेकर वट वृक्ष की सात बार परिक्रमा करें और पति की लंबी आयु की कामना करें। पूजा के बाद वट सावित्री व्रत कथा सुनना भी शुभ माना जाता है। पूजा के समय जरूर बोलें यह मंत्रबरगद की पूजा करते समय इस मंत्र का जाप करना शुभ माना गया है-“मम सौभाग्यं देहि, आयुष्यम् आरोग्यं देहि मे।पतिसुखं च देहि त्वं, वटवृक्ष नमोऽस्तु ते॥” मान्यता है कि इस मंत्र के जाप से वैवाहिक जीवन में सुख-शांति बनी रहती है और अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है।