गुरु गोचर से चमकेगी इन 3 राशियों की किस्मत, अक्टूबर तक धन, सम्मान और सफलता के योग

नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र में देवगुरु बृहस्पति को ज्ञान, धन, सुख, सौभाग्य और धर्म का कारक ग्रह माना जाता है। नवग्रहों में गुरु को सबसे शुभ और कल्याणकारी ग्रहों में शामिल किया जाता है। माना जाता है कि बृहस्पति की कृपा सभी राशियों पर रहती है, लेकिन कुछ राशियां ऐसी हैं जिन पर देवगुरु विशेष रूप से मेहरबान रहते हैं। ज्योतिषीय गणना के अनुसार 2 जून को बृहस्पति अपनी उच्च राशि कर्क में प्रवेश कर रहे हैं। गुरु का यह गोचर बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है और इसका प्रभाव कई राशियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। विशेष रूप से तीन राशियों के लिए यह समय धन लाभ, मान-सम्मान और तरक्की के नए अवसर लेकर आ सकता है। कर्क राशि: उच्च राशि में गुरु का विशेष प्रभावबृहस्पति का गोचर कर्क राशि में ही हो रहा है और ज्योतिष के अनुसार कर्क गुरु की उच्च राशि मानी जाती है। ऐसे में इस राशि के जातकों को इसका विशेष लाभ मिलने की संभावना है। लंबे समय से अटके कार्य पूरे हो सकते हैं, सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ सकती है और व्यक्तित्व में सकारात्मक निखार देखने को मिलेगा। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार कर्क राशि के जातक संवेदनशील और बुद्धिमान माने जाते हैं। गुरु के प्रभाव से उन्हें भूमि, भवन, वाहन और अन्य भौतिक सुख-सुविधाओं की प्राप्ति के अवसर मिल सकते हैं। करियर और आर्थिक मामलों में भी अनुकूल परिस्थितियां बन सकती हैं। धनु राशि: स्वामी ग्रह का मिलेगा भरपूर सहयोधनु राशि के स्वामी स्वयं देवगुरु बृहस्पति हैं, इसलिए इस राशि पर गुरु का प्रभाव विशेष रूप से शुभ माना जाता है। गोचर के दौरान धन लाभ के नए स्रोत बन सकते हैं और करियर में उन्नति के अवसर प्राप्त हो सकते हैं। भाग्य का सहयोग मिलने से कई महत्वपूर्ण कार्य आसानी से पूरे होने की संभावना है। धनु राशि के लोग आमतौर पर आशावादी, ज्ञानप्रिय और धार्मिक स्वभाव के होते हैं। शिक्षा, सलाहकार सेवाओं और नेतृत्व से जुड़े क्षेत्रों में इन्हें विशेष सफलता मिल सकती है। कठिन परिस्थितियों में भी ये अपनी समझदारी से रास्ता निकालने में सक्षम रहते हैं। मीन राशि: तरक्की और आर्थिक लाभ के संकेतमीन राशि भी बृहस्पति के स्वामित्व वाली राशि है। ऐसे में गुरु का गोचर इस राशि के जातकों के लिए भी शुभ परिणाम देने वाला माना जा रहा है। संतान, शिक्षा, प्रेम संबंध और करियर से जुड़े मामलों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। नई योजनाओं में सफलता मिलने के योग बन रहे हैं। ज्योतिषीय दृष्टि से मीन राशि के जातक शांत, भावुक और आध्यात्मिक प्रवृत्ति के होते हैं। गुरु के प्रभाव से उनकी अंतर्ज्ञान शक्ति मजबूत रहती है, जिससे वे महत्वपूर्ण निर्णय लेने में सफल होते हैं। आर्थिक मामलों में भी स्थिरता और प्रगति के संकेत मिल सकते हैं।
2 जून का राशिफल: राजयोग से बदलेगा भाग्य, कई राशियों को बड़ा फायदा

नई दिल्ली । 2 जून 2026 का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इस दिन ग्रहों की विशेष स्थिति कई शुभ योगों का निर्माण कर रही है। मंगलवार के दिन चंद्रमा का गोचर धनु राशि में होगा, जबकि इसी दिन धनु राशि के स्वामी गुरु का प्रवेश कर्क राशि में होगा। इस विशेष ग्रह स्थिति के कारण हंस नामक पंचमहापुरुष राजयोग का निर्माण हो रहा है, जो कई राशियों के लिए अत्यंत शुभ फलदायी माना जाता है। इसके साथ ही मंगल ग्रह का अपनी स्वराशि मेष में स्थित होना भी एक शक्तिशाली राजयोग का संकेत दे रहा है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार यह संयोजन विशेष रूप से मेष, मिथुन, कर्क सहित कई राशियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लेकर आएगा। इस दिन बनने वाले योग न केवल करियर बल्कि आर्थिक और पारिवारिक जीवन में भी शुभ परिणाम देने वाले माने जा रहे हैं। मेष राशि के जातकों के लिए यह दिन अत्यंत लाभकारी रहेगा। प्रेम संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी और परिवार का सहयोग मिलेगा। साहसिक निर्णयों से लाभ के संकेत हैं तथा दिन के दूसरे भाग में अप्रत्याशित आर्थिक लाभ मिलने की संभावना है। वृषभ राशि वालों के लिए कार्यक्षेत्र में स्थिरता और सरकारी कार्यों में सफलता का योग बन रहा है। आय में वृद्धि के साथ व्यापार में अच्छी डील मिलने की संभावना है, जिससे आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। मिथुन राशि के जातकों के लिए करियर में आगे बढ़ने का सुनहरा अवसर रहेगा। विरोधियों का व्यवहार सकारात्मक रहेगा और पुराने लेनदेन निपटाने में सफलता मिलेगी। आय में वृद्धि के योग भी बन रहे हैं। कर्क राशि के लिए यह दिन विशेष रूप से शुभ है क्योंकि गुरु का गोचर इस राशि में हो रहा है। नौकरी में सम्मान और प्रभाव बढ़ेगा तथा लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे होने के संकेत हैं। पारिवारिक जीवन में भी सुख और सामंजस्य रहेगा। सिंह राशि के लिए दिन मिश्रित फल देने वाला रहेगा। खर्चों में वृद्धि हो सकती है लेकिन यह शुभ कार्यों में होगा। यात्रा और बदलाव के योग भी बन रहे हैं, जो भविष्य में लाभकारी सिद्ध होंगे। अन्य राशियों जैसे कन्या, तुला और वृश्चिक के लिए भी यह दिन आर्थिक और व्यावसायिक दृष्टि से अनुकूल रहेगा। कन्या राशि को कार्ययोजना के लिए सराहना मिलेगी, जबकि तुला राशि को अप्रत्याशित लाभ और खुशखबरी मिल सकती है। वृश्चिक राशि के जातकों को कई स्रोतों से लाभ प्राप्त होगा। धनु, मकर, कुंभ और मीन राशियों के लिए भी ग्रहों की स्थिति मिश्रित लेकिन सकारात्मक परिणाम देने वाली रहेगी। कुछ राशियों को मानसिक तनाव का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन समग्र रूप से भाग्य का साथ बना रहेगा। कुल मिलाकर 2 जून का दिन ग्रहों के शक्तिशाली योगों के कारण कई राशियों के लिए प्रगति, लाभ और सफलता का संकेत दे रहा है। यह दिन विशेष रूप से उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण रहेगा जो नए कार्य की शुरुआत या बड़े निर्णय लेने की योजना बना रहे हैं।
ज्येष्ठ मास में आठ साल बाद बना महासंयोग, 'ब्लू मून' और 'माइक्रोमून' के दुर्लभ मिलन से खुला सौभाग्य का द्वार

नई दिल्ली । भारतीय सनातन परंपरा और खगोल विज्ञान के दृष्टिकोण से वर्ष का एक अत्यंत दुर्लभ और महत्वपूर्ण संयोग सामने आया है, जहां ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा तिथि पर कई अद्भुत ग्रह-नक्षत्रों की जुगलबंदी देखने को मिली है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, इस बार की ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा पूरे आठ वर्षों के लंबे अंतराल के बाद आई है। यद्यपि हिंदू पंचांग में अधिकमास की आवृत्ति अमूमन हर तीन वर्ष में हो जाती है, परंतु इसका विशेष रूप से ज्येष्ठ के महीने में आना एक विरल घटना मानी जाती है, जो इससे पूर्व वर्ष 2018 में देखी गई थी। इस बार इस धार्मिक तिथि के साथ कुछ विशेष खगोलीय घटनाएं भी जुड़ गई हैं, जिन्होंने इसके महत्व को कई गुना बढ़ा दिया है। मई के महीने में ही दो पूर्णिमा तिथियों के आने के कारण इस चांद को विज्ञान की भाषा में ‘ब्लू मून’ का नाम दिया गया है, जो एक अनूठी प्राकृतिक घटना है। इसके अतिरिक्त, इस समय चंद्रमा पृथ्वी से अपनी अधिकतम दूरी पर स्थित है, जिसके कारण आकार में यह सामान्य से थोड़ा छोटा दिखाई दे रहा है और वैज्ञानिक शब्दावली में इसे ‘माइक्रोमून’ की संज्ञा दी जा रही है। इस प्रकार धार्मिक आस्था और आधुनिक विज्ञान का यह अनूठा संगम जनमानस के लिए विशेष कौतूहल और कल्याणकारी प्रभाव लेकर आया है। पंचांगीय गणना के अनुसार यह विशेष तिथि शनिवार सुबह ग्यारह बजकर अट्ठावन मिनट से प्रारंभ होकर रविवार दोपहर दो बजकर चौदह मिनट तक प्रभावी रही, जिसके चलते उदयातिथि की महत्ता को देखते हुए रविवार को स्नान और दान की पूर्णिमा के रूप में पूर्ण विधि-विधान से मनाया गया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस विशेष कालखंड में पवित्र नदियों में स्नान करने और पूरी श्रद्धा के साथ भगवान विष्णु तथा माता लक्ष्मी की आराधना करने से मनुष्य के जीवन में व्याप्त सभी प्रकार के आर्थिक संकटों का समूल नाश होता है और बंद किस्मत के दरवाजे पूरी तरह से खुल जाते हैं। देश के विभिन्न हिस्सों में सुबह से ही पवित्र घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई, जहां लोगों ने आस्था की डुबकी लगाकर सूर्य देव को अर्घ्य दिया और अपने परिवार की सुख-शांति के लिए प्रार्थना की। इस पावन अवसर पर किए जाने वाले कुछ विशेष उपायों और दान-पुण्य को सीधे तौर पर व्यक्ति की आय में वृद्धि और भाग्य्योदय से जोड़कर देखा जा रहा है। इस महासंयोग के दौरान जरूरतमंदों, निर्धनों और ब्राह्मणों को अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान देना अक्षय पुण्य फल प्रदाता माना गया है। चूंकि ज्येष्ठ का महीना भीषण गर्मी और तपन के लिए जाना जाता है, इसलिए इस समय ठंडी और शीतलता प्रदान करने वाली वस्तुओं का दान ग्रहों के दोष को शांत करने में सहायक होता है। इस दिन आम, खरबूज और तरबूज जैसे रसीले फलों का दान करने से कुंडली में सूर्य और मंगल ग्रह से जुड़े तमाम विकार दूर होते हैं और व्यक्ति के तेज में वृद्धि होती है। इसके अलावा, इस तपन भरे मौसम में जल का दान महादान की श्रेणी में रखा गया है, जिसके अंतर्गत राहगीरों के लिए प्याऊ लगवाना, मिट्टी के घड़ों का वितरण करना, शीतल शरबत पिलाना और बेजुबान पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था करना सर्वोत्तम परोपकार माना गया है। मौसम की तीव्रता को देखते हुए समाज के वंचित वर्गों को जूते, चप्पल और छाते जैसी आवश्यक सामग्रियां भेंट करना भी आने वाले समय में समृद्धि के मार्ग प्रशस्त करता है। ज्योतिषविदों का मानना है कि इस दुर्लभ संयोग में श्रद्धापूर्वक किया गया अन्न और वस्त्र का दान माता लक्ष्मी को अत्यंत प्रसन्न करता है, जिससे न केवल आर्थिक तंगी से मुक्ति मिलती है बल्कि व्यापार और नौकरी में भी उन्नति के नए अवसर प्राप्त होते हैं।
सोमवार का भविष्यफल: धनु राशि वालों को खर्च में बरतनी होगी सावधानी, कई राशियों के लिए बन रहे सफलता के योग

नई दिल्ली । जून महीने की शुरुआत कई राशियों के लिए महत्वपूर्ण बदलाव और नए अवसरों के संकेत लेकर आ रही है। ग्रहों और नक्षत्रों की स्थिति के अनुसार 1 जून 2026 का दिन आर्थिक मामलों, करियर, पारिवारिक संबंधों और स्वास्थ्य के लिहाज से विशेष माना जा रहा है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार कुछ राशियों को लंबे समय से रुके कार्यों में सफलता मिल सकती है, जबकि कुछ लोगों को निर्णय लेते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी। दिनभर की गतिविधियों पर ग्रहों का प्रभाव दिखाई देगा और कई लोगों के लिए यह समय आत्ममंथन और भविष्य की योजनाओं को मजबूत करने का अवसर बन सकता है। मेष राशि के जातकों को कार्यक्षेत्र में सकारात्मक परिणाम मिलने के संकेत हैं। आत्मविश्वास बढ़ेगा और नई जिम्मेदारियां मिलने की संभावना बन सकती है। वृषभ राशि वालों को आर्थिक मामलों में संतुलन बनाए रखना होगा। निवेश संबंधी निर्णय सोच-समझकर लेने की सलाह दी जा रही है। मिथुन राशि के लोगों के लिए सामाजिक और व्यावसायिक संबंध मजबूत हो सकते हैं। नई मुलाकातें भविष्य में लाभदायक साबित हो सकती हैं। कर्क राशि के जातकों को पारिवारिक मामलों में संयम और समझदारी से काम लेने की जरूरत होगी। सिंह राशि वालों के लिए दिन ऊर्जा और उत्साह से भरा रह सकता है। करियर से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों में सफलता मिलने के संकेत दिखाई दे रहे हैं। कन्या राशि के लोगों को कार्यों में अपेक्षित परिणाम पाने के लिए अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ सकती है। हालांकि दिन के अंत तक परिस्थितियां अनुकूल होने लगेंगी। तुला राशि के जातकों के लिए आर्थिक दृष्टि से दिन संतोषजनक रह सकता है। लंबे समय से चल रही किसी चिंता का समाधान मिलने की संभावना है। वृश्चिक राशि वालों को अपने व्यवहार और वाणी पर नियंत्रण रखने की सलाह दी जा रही है, क्योंकि छोटी बात विवाद का कारण बन सकती है। वहीं धनु राशि के जातकों के लिए खर्चों में वृद्धि के संकेत दिखाई दे रहे हैं। अनावश्यक खर्चों से बचना और बजट के अनुसार चलना अधिक लाभदायक रहेगा। आर्थिक निर्णयों में जल्दबाजी नुकसान पहुंचा सकती है। मकर राशि के लोगों को करियर और व्यवसाय में नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं। वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलने से महत्वपूर्ण कार्य पूरे होने की संभावना है। कुंभ राशि के जातकों को स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की जरूरत होगी। काम का दबाव मानसिक थकान बढ़ा सकता है, इसलिए आराम और संतुलित दिनचर्या पर ध्यान देना आवश्यक रहेगा। मीन राशि वालों के लिए दिन रचनात्मक गतिविधियों और नए विचारों के लिहाज से अनुकूल माना जा रहा है। परिवार और मित्रों का सहयोग मनोबल बढ़ाएगा। ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार जून महीने का पहला दिन कई लोगों के लिए नई योजनाओं की शुरुआत का संकेत दे सकता है। हालांकि ग्रहों की स्थिति यह भी बताती है कि किसी भी बड़े निर्णय से पहले परिस्थितियों का सही आकलन करना आवश्यक होगा। आर्थिक मामलों में सतर्कता, रिश्तों में संतुलन और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बनाए रखने से दिन अधिक सकारात्मक और लाभकारी बन सकता है। आने वाले दिनों में ग्रहों की बदलती चाल कई राशियों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल सकती है।
31 मई की रात बनेगी यादगार, चांद दिखेगा छोटा और कम चमकीला; जानिए क्या है ब्लू माइक्रोमून

नई दिल्ली। खगोल विज्ञान और अंतरिक्षीय घटनाओं में रुचि रखने वाले लोगों के लिए 31 मई 2026 की रात एक यादगार अनुभव लेकर आ रही है। आज रात आसमान में एक ऐसा दुर्लभ खगोलीय संयोग देखने को मिलेगा, जिसे वैज्ञानिक और खगोल प्रेमी समान रूप से विशेष मानते हैं। इस अवसर पर ‘ब्लू मून’ और ‘माइक्रोमून’ एक साथ दिखाई देंगे। यही वजह है कि इसे ‘ब्लू माइक्रोमून’ कहा जा रहा है। खास बात यह है कि यह वर्ष 2026 का सबसे छोटा पूर्णिमा का चंद्रमा भी होगा। नेशनल अवॉर्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू के अनुसार ‘ब्लू मून’ शब्द को लेकर लोगों में अक्सर भ्रम रहता है। नाम में ब्लू यानी नीला शब्द होने के बावजूद चंद्रमा का रंग नीला नहीं होगा। खगोलीय परिभाषा के अनुसार जब किसी एक अंग्रेजी महीने में दो बार पूर्णिमा पड़ती है, तब दूसरी पूर्णिमा को ‘ब्लू मून’ कहा जाता है। मई 2026 में पहली पूर्णिमा 1 मई को हुई थी, जबकि दूसरी पूर्णिमा 31 मई को पड़ रही है। इसी कारण आज का पूर्ण चंद्रमा ब्लू मून कहलाएगा। इस दुर्लभ घटना को और भी खास बनाता है माइक्रोमून का संयोग। दरअसल आज चंद्रमा पृथ्वी से अपनी अधिकतम दूरी यानी एपोजी के आसपास रहेगा। इस दौरान पृथ्वी और चंद्रमा के बीच की दूरी लगभग 4 लाख 6 हजार किलोमीटर तक पहुंच जाएगी। अधिक दूरी होने के कारण चंद्रमा सामान्य पूर्णिमा की तुलना में लगभग 5 से 7 प्रतिशत छोटा और करीब 10 प्रतिशत कम चमकीला दिखाई देगा। इसी स्थिति को खगोल विज्ञान में माइक्रोमून कहा जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि मंथली ब्लू मून और माइक्रोमून का एक साथ दिखाई देना बेहद दुर्लभ खगोलीय घटना है। यही कारण है कि दुनियाभर के खगोल प्रेमियों की नजरें आज रात के आसमान पर टिकी हुई हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार आज अधिकमास की ज्येष्ठ पूर्णिमा है और चंद्रमा वृश्चिक राशि में स्थित रहेगा। इसी वजह से इसे ‘स्कार्पियो ब्लू मून’ भी कहा जा रहा है। आज रात का एक और आकर्षण वृश्चिक तारामंडल का सबसे चमकीला लाल तारा ‘एंटारेस’ होगा। चंद्रमा इस तारे के बेहद करीब दिखाई देगा, जिससे आसमान का दृश्य और अधिक मनमोहक बन जाएगा। अच्छी बात यह है कि इस अद्भुत नजारे को देखने के लिए किसी टेलिस्कोप या बाइनाकुलर की आवश्यकता नहीं होगी। साफ मौसम में यह दृश्य पूरी रात सामान्य आंखों से देखा जा सकेगा। खगोल वैज्ञानिकों के अनुसार ब्लू मून की अगली प्रमुख घटनाएं 20 मई 2027 को सीजनल ब्लू मून, 31 दिसंबर 2028 को पूर्ण चंद्रग्रहण के साथ मंथली ब्लू मून और 24 अगस्त 2029 को सीजनल ब्लू मून के रूप में देखने को मिलेंगी। ऐसे में 31 मई 2026 की यह रात खगोल प्रेमियों के लिए किसी उत्सव से कम नहीं है। आसमान में सजा यह दुर्लभ महासंयोग विज्ञान और प्रकृति के अद्भुत मेल का शानदार उदाहरण बनेगा।
राहु का नक्षत्र परिवर्तन: 2 अगस्त तक 3 राशियों की चमकेगी किस्मत, 2 राशियों को बरतनी होगी सावधानी

नई दिल्ली। वैदिक ज्योतिष में राहु को रहस्यमयी, अप्रत्याशित और अचानक परिणाम देने वाला ग्रह माना जाता है। 31 मई 2026 को राहु ने अपनी चाल बदलते हुए शतभिषा नक्षत्र के प्रथम चरण में प्रवेश कर लिया है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार राहु 2 अगस्त 2026 तक इसी चरण में रहेंगे। चूंकि शतभिषा नक्षत्र का स्वामी स्वयं राहु है, इसलिए यह गोचर विशेष प्रभावशाली माना जा रहा है। ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार राहु का यह परिवर्तन सभी 12 राशियों को प्रभावित करेगा। हालांकि कुछ राशियों के लिए यह समय आर्थिक उन्नति, करियर ग्रोथ और नए अवसर लेकर आ सकता है, जबकि कुछ राशि वालों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। इन 3 राशियों को मिलेगा विशेष लाभ मिथुन राशिराहु का यह परिवर्तन मिथुन राशि के जातकों के लिए सकारात्मक परिणाम दे सकता है। कार्यक्षेत्र में वरिष्ठ अधिकारी आपके काम की सराहना करेंगे और पदोन्नति के अवसर बन सकते हैं। आय के नए स्रोत खुलने की संभावना है, वहीं लंबे समय से अटका धन वापस मिल सकता है। व्यापार में नए समझौते लाभकारी साबित हो सकते हैं। परिवार में चल रहे मतभेद भी धीरे-धीरे समाप्त होने के संकेत हैं। मकर राशिमकर राशि के लोगों को अचानक धन लाभ मिलने के योग बन रहे हैं। पैतृक संपत्ति, पुराने निवेश या किसी अप्रत्याशित स्रोत से आर्थिक फायदा हो सकता है। रियल एस्टेट, सोना-चांदी और डिजिटल फाइनेंस से जुड़े कारोबारियों के लिए समय अनुकूल माना जा रहा है। व्यापार विस्तार की योजनाएं गति पकड़ सकती हैं। स्वास्थ्य और मानसिक तनाव से भी राहत मिलने की संभावना है। मीन राशिमीन राशि के जातकों के लिए विदेशी अवसरों के द्वार खुल सकते हैं। विदेश में नौकरी, शिक्षा या व्यापार से जुड़े प्रयास सफल होने की संभावना है। कार्यस्थल पर आपकी रचनात्मकता की सराहना होगी और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। करियर और निवेश से जुड़े फैसलों में सफलता मिलने के संकेत हैं। इन 2 राशियों को रहना होगा सतर्क मेष राशमेष राशि वालों को आर्थिक मामलों में सावधानी बरतने की जरूरत है। अचानक खर्च बढ़ सकते हैं, जिससे बजट प्रभावित हो सकता है। जोखिम वाले निवेश, सट्टा या कर्ज लेने जैसे फैसलों से बचना बेहतर रहेगा। सिंह राशसिंह राशि के जातकों को व्यवसाय और नौकरी में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। साझेदारी और कार्यस्थल पर गलतफहमियां बढ़ने से आर्थिक नुकसान की आशंका है। वित्तीय मामलों में किसी पर आंख मूंदकर भरोसा करने से बचने की सलाह दी गई है। राहु के अशुभ प्रभाव को कम करने के उपाय– नियमित रूप से या बुधवार और शनिवार को काले कुत्ते को सरसों के तेल लगी रोटी खिलाएं।– भगवान शिव की पूजा-अर्चना करें।– प्रतिदिन ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करें।– शिव चालीसा का पाठ लाभकारी माना जाता है।– पक्षियों को सात प्रकार के अनाज (सप्तधान्य) खिलाना शुभ फलदायी हो सकता है।
गुरु-पुष्य योग में करें ये छोटे उपाय, बढ़ सकते हैं धन और सौभाग्य के योग

नई दिल्ली। सनातन धर्म में गुरु-पुष्य योग को सबसे शुभ और मंगलकारी योगों में गिना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जब गुरुवार के दिन पुष्य नक्षत्र का संयोग बनता है तब गुरु-पुष्य योग का निर्माण होता है। इसे गुरुपुष्यामृत योग भी कहा जाता है। ज्योतिष शास्त्र में इस योग को खरीदारी, निवेश, नए कार्यों की शुरुआत और समृद्धि प्राप्ति के लिए अत्यंत फलदायी माना गया है। वर्ष 2026 में यह विशेष संयोग 18 जून, गुरुवार को बन रहा है। पंचांग के अनुसार यह योग सुबह 5 बजकर 23 मिनट से 11 बजकर 23 मिनट तक प्रभावी रहेगा। पुष्य नक्षत्र को 27 नक्षत्रों का राजा कहा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इसी नक्षत्र में धन और वैभव की अधिष्ठात्री देवी मां लक्ष्मी का प्राकट्य हुआ था। यही कारण है कि इस दिन की गई खरीदारी को अक्षय फल देने वाली माना जाता है। आमतौर पर लोग इस शुभ अवसर पर सोना, चांदी और अन्य कीमती वस्तुएं खरीदते हैं, लेकिन ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कुछ साधारण और कम कीमत वाली वस्तुएं भी घर में सुख-समृद्धि का आगमन कर सकती हैं। गुरु-पुष्य योग में पीतल का हाथी खरीदना बेहद शुभ माना जाता है। वास्तु और ज्योतिष शास्त्र में हाथी को ऐश्वर्य, शक्ति और समृद्धि का प्रतीक माना गया है। मान्यता है कि इस दिन घर में पीतल का हाथी स्थापित करने से आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और परिवार में खुशहाली बनी रहती है। महालक्ष्मी यंत्र भी इस दिन खरीदने और स्थापित करने के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। धार्मिक विश्वास है कि गुरु-पुष्य योग में महालक्ष्मी यंत्र की स्थापना करने से धन संबंधी परेशानियां दूर होती हैं और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इसे घर के पूजा स्थल या व्यापारिक प्रतिष्ठान में स्थापित किया जा सकता है। पीली कौड़ी को भी मां लक्ष्मी की प्रिय वस्तुओं में शामिल किया जाता है। मान्यता है कि गुरु-पुष्य योग के दिन सात पीली कौड़ियां खरीदकर लक्ष्मी पूजन करने के बाद तिजोरी या धन रखने के स्थान पर रखने से आर्थिक उन्नति के योग बनते हैं और धन संचय में वृद्धि होती है। शंखपुष्पी की जड़ को भी विशेष महत्व दिया गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसे गुरु-पुष्य योग में घर लाकर विधिवत पूजन कर धन स्थान पर रखने से घर में समृद्धि और सकारात्मकता बनी रहती है। इसे मां लक्ष्मी के स्थायी आशीर्वाद का प्रतीक माना जाता है। इसके अलावा एकाक्षी नारियल भी इस शुभ योग में खरीदने योग्य माना गया है। इसे मां लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है। मान्यता है कि गुरु-पुष्य योग में एकाक्षी नारियल घर लाकर पूजा स्थल में स्थापित करने और विधिपूर्वक पूजन करने से परिवार में सुख, शांति और आर्थिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है। धार्मिक दृष्टि से गुरु-पुष्य योग केवल खरीदारी का शुभ मुहूर्त नहीं बल्कि नए कार्यों की शुरुआत, निवेश, व्यापार विस्तार और शुभ संकल्पों को पूरा करने का भी श्रेष्ठ अवसर माना जाता है। हालांकि इन मान्यताओं का आधार धार्मिक विश्वास और परंपराएं हैं। श्रद्धालु अपनी आस्था के अनुसार इन उपायों को अपनाते हैं और मां लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त करने की कामना करते हैं।
Rashifal 31 May 2026: फुल मून इम्पैक्ट से बदल सकता है मूड, जानिए मेष से मीन तक का हाल

नई दिल्ली । 31 मई 2026 का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से खास माना जा रहा है क्योंकि इस दिन ज्येष्ठ पूर्णिमा और सिद्ध योग का प्रभाव देखने को मिलेगा। चंद्रमा का गोचर वृश्चिक राशि में होने से कई राशियों के लिए भावनात्मक उतार-चढ़ाव, करियर से जुड़े अहम फैसले और धन संबंधी मामलों में महत्वपूर्ण परिवर्तन के संकेत मिल रहे हैं। कुछ राशियों के लिए यह दिन लाभकारी साबित हो सकता है, जबकि कुछ लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। मौसम और ग्रह-नक्षत्रों के अनुसार इस दिन शुभ कार्यों के लिए लाभ-अमृत और शुभ चौघड़िया का समय विशेष रूप से अनुकूल माना गया है। वहीं राहुकाल के दौरान नए कार्यों की शुरुआत से बचने की सलाह दी गई है। मेष राशिमेष राशि वालों के लिए दिन बदलावों से भरा रह सकता है। कार्यस्थल पर जिम्मेदारियों का मूल्यांकन संभव है और पुराने आर्थिक मामलों में राहत मिल सकती है। हालांकि खर्च बढ़ने की संभावना भी रहेगी, इसलिए निवेश में सावधानी जरूरी है। वृषभ राशिवृषभ जातकों के लिए साझेदारी के कार्यों में सतर्कता जरूरी है। नौकरी और निवेश के मामलों में अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। लव लाइफ में सकारात्मकता बढ़ने के संकेत हैं। मिथुन राशिमिथुन राशि वालों के लिए अचानक धन लाभ के योग बन रहे हैं। हालांकि किसी पुराने राज के उजागर होने की संभावना भी है, जिससे मानसिक दबाव बढ़ सकता है। कर्क राशिकर्क राशि के लिए दिन अनुकूल रहेगा। नए प्रोजेक्ट में सफलता मिल सकती है और रुका हुआ पैसा वापस मिलने की संभावना है। सिंह राशिसिंह राशि वालों को प्रॉपर्टी और निवेश में जल्दबाजी से बचना चाहिए। खर्च बढ़ने की आशंका है। कन्या राशिकन्या राशि के लिए आर्थिक स्थिति मजबूत रहने के संकेत हैं। कार्यस्थल पर सकारात्मक बदलाव संभव हैं, लेकिन गुस्से पर नियंत्रण जरूरी है। तुला राशितुला राशि वालों के लिए दिन व्यस्त रहेगा। जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं और मानसिक थकान महसूस हो सकती है। वृश्चिक राशिचंद्रमा आपकी ही राशि में गोचर कर रहा है, जिससे भावनाएं अधिक प्रभावी होंगी। महत्वपूर्ण निर्णय सोच-समझकर लें। धनु राशिधनु राशि वालों को अनैतिक गतिविधियों से बचना चाहिए। विदेश से जुड़े कार्यों में सफलता मिल सकती है। मकर राशिमकर जातकों के लिए कार्यभार अधिक रह सकता है। व्यापार में लाभ के संकेत हैं। कुंभ राशिकुंभ राशि वालों के लिए दिन प्रगतिशील रहेगा। नए अवसर और आय के स्रोत बन सकते हैं। मीन राशिमीन राशि के लिए करियर में उन्नति और रुका हुआ धन मिलने के योग हैं। विरोधियों से सतर्क रहें। 31 मई का दिन ग्रहों की चाल के अनुसार मिश्रित परिणाम लेकर आ सकता है। जहां कुछ राशियों के लिए यह दिन आर्थिक और करियर में लाभकारी रहेगा, वहीं कुछ को भावनात्मक निर्णयों से बचने की सलाह दी जा रही है।
Vastu Shastra Tips: घर की इन दिशाओं में करें बदलाव, जीवन में आ सकती है खुशहाली

नई दिल्ली । वास्तु शास्त्र को भारतीय परंपरा में जीवन और घर-परिवार की ऊर्जा को संतुलित करने का महत्वपूर्ण माध्यम माना जाता है। माना जाता है कि सही दिशा और सही व्यवस्था से घर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है, जबकि गलत दिशा में रखी वस्तुएं जीवन में बाधाएं पैदा कर सकती हैं। ऐसे में कुछ सरल वास्तु उपाय अपनाकर घर के वातावरण को बेहतर बनाया जा सकता है और जीवन में तरक्की के अवसर बढ़ सकते हैं। वास्तु के अनुसार, घर में धन और समृद्धि से जुड़ी वस्तुओं की दिशा का विशेष महत्व होता है। कहा जाता है कि धन रखने के लिए दक्षिण-पश्चिम दिशा सबसे उपयुक्त मानी जाती है। इस दिशा में तिजोरी, अलमारी या कीमती वस्तुएं रखने से आर्थिक स्थिरता और समृद्धि बढ़ने की संभावना बताई जाती है। वहीं धन को पश्चिम या दक्षिण दिशा में रखने से बचने की सलाह दी जाती है, क्योंकि इसे असंतुलन का कारण माना जाता है। इसके अलावा, घर में सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने के लिए कुछ प्रतीकों और वस्तुओं का भी महत्व बताया गया है। वास्तु मान्यताओं के अनुसार, उत्तर दिशा में कुबेर का प्रतीक रखने से आर्थिक स्थिति मजबूत होती है, जबकि दक्षिण दिशा में लाल घोड़े की जोड़ी को शक्ति और सफलता का प्रतीक माना जाता है। ये उपाय विशेष रूप से करियर और व्यापार में प्रगति के संकेत से जोड़े जाते हैं। वास्तु शास्त्र में रंगों का भी महत्वपूर्ण स्थान बताया गया है। माना जाता है कि यदि घर की दक्षिण-पूर्व दिशा में नीले रंग का अधिक उपयोग हो रहा है, तो यह आर्थिक प्रवाह को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में हल्के नारंगी या गुलाबी रंग का उपयोग सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने में सहायक माना जाता है। इसके अलावा, घर में पौधों का भी विशेष महत्व बताया गया है। तुलसी के पौधे को अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि जिस घर में तुलसी का पौधा होता है, वहां सकारात्मकता और खुशहाली बनी रहती है। रोज शाम के समय तुलसी के पास दीपक जलाना भी शुभ माना जाता है, जिससे घर में शांति और समृद्धि का वातावरण बना रहता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार ये उपाय जीवन में छोटे लेकिन प्रभावी बदलाव ला सकते हैं। हालांकि, इन्हें आस्था और परंपरा के रूप में देखा जाता है, और किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय में व्यक्तिगत विवेक और व्यावहारिकता का ध्यान रखना जरूरी होता है।
पुराने कपड़ों से पोछा लगाना क्यों माना जाता है अशुभ? वास्तु शास्त्र में बताए गए महत्वपूर्ण संकेत

नई दिल्ली । वास्तु शास्त्र के मुताबिक, जिस घर में साफ-सफाई का पूरा ख्याल रखा जाता है वहां पर धन की देवी मां लक्ष्मी वास करती हैं. जबकि, जिन घरों में लोग स्वच्छता का खास ख्याल नहीं रखते वहां पर दरिद्रता निवास करने लगती है. इन्हीं बातों को ध्यान में रखकर महिलाएं नियमित तौर पर घर में पोछा लगाती हैं. पोछा लगाने में अक्सर लोग पुरान कपड़ों का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन, क्या आप जानते हैं कि घर में पोछा लगाने के लिए इस्तेमाल किए गए कपड़े भी दुर्भाग्य और दरिद्रता का करण बनते हैं. दरअसल, वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में पोछा लगाने के लिए कुछ कपड़ों को भूलकर भी इस्माल में नहीं लाना चाहिए. आइए, वास्तु शास्त्र के नियम के मुताबिक समझते हैं. पोछा के लिए किन कपड़ों का ना करें इस्तेमालवास्तु शास्त्र के अनुसार, पोछा लगाने के लिए इस्तेमाल किए हुए अंडरवियर, फटे कपड़े या टी-शर्ट और शर्ट इत्यादि को प्रयोग में लाना बेहद अशुभ है. वास्तु शास्त्र के जानकार बताते हैं कि ऐसा करने से घर की पॉजिटिव एनर्जी भी नष्ट हो जाती है. यह आदत घर की सुख-समृद्धि को भी नष्ट करने लगती है. इतना ही नहीं, सफाई से जुड़ी यह गलती धन-दौलत में भी बरकत नहीं होने देती. शुक्र ग्रह होने लगता है खराब ज्योतिष और वास्तु शास्त्र में कपड़ों को शुक्र ग्रह से जोड़कर देखा गया है. खासतौर पर सफेद कपड़ा शुक्र ग्रह का प्रतिनिधित्व करता है. शुक्र ग्रह को धन, ऐश्वर्य, विलासिता और सुख का कारक माना गया है. यही वजह है कि पुराने या इस्तेमाल किए गए कपड़ों से पोछा लगाने पर कुंडली का शुक्र ग्रह बिगड़ जाता है. शुक्र ग्रह के नकारात्मक प्रभाव के परिणामस्वरूप धन हानि और कर्ज जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है. पुरानी शर्ट या अंडरवियर से क्यो नहीं लगाना चाहिए पोछावास्तु शास्त्र के मुताबिक, कपड़ों से इंसान की ऊर्जा और भावनाएं जुड़ी होती हैं. ऐसे में जब इन्हीं कपड़ों से घर में पोछा लगाया जाता है, तो सकारात्मक ऊर्जा नष्ट होने लगती है. इसके अलावा घर का माहौल भी अशांत होने लगता है, जिसके परिणामस्वरूप परिवार के सदस्यों की मानसिक स्थिति बिगड़ने लगती है. यह आदत आर्थिक स्थिति को भी बुरी तरह से प्रभावित करती है. जमा किया हुआ धन भी नष्ट होने लगता है. घर में पोछा लगाने के वास्तु नियमवास्तु शास्त्र के अनुसार, पोछा लगाने के लिए हमेशा साफ और नए कपड़ों का ही इस्तेमाल करना चाहिए. साथ ही इसके लिए हमेशा सफेद रंग के कपड़ों का ही इस्तेमाल करना चाहिए. ऐसा इसलिए सफेद रंग के कपड़ों पर शुक्र ग्रह का सबसे अधिक प्रभाव रहता है. इसके अलावा सफेद रंग के कपड़ों से पोछा लगाने से शुक्र ग्रह की शुभता प्राप्त होती है, जिसके परिणामस्वरूप आर्थिक स्थिति अच्छी रहती है.