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चारधाम यात्रा 2026: ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू, 19 अप्रैल से शुरू होगी यात्रा

नई दिल्ली ।उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा 2026 के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब श्रद्धालु घर बैठे मोबाइल कंप्यूटर ऐप या वॉट्सएप के माध्यम से यात्रा के लिए पंजीकरण कर सकते हैं। यात्रा में शामिल होने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है ताकि प्रशासन संख्या सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन बेहतर ढंग से संभाल सके। इस साल चारधाम यात्रा की शुरुआत 19 अप्रैल से होगी। यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट इसी दिन श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल और बद्रीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल 2026 को खुलेंगे। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के तीन तरीके हैं: वेबसाइट से रजिस्ट्रेशन:उत्तराखंड सरकार की वेबसाइट registrationandtouristcare.uk.gov.in पर अकाउंट बनाकर यात्रा की तारीख धाम और यात्रियों की जानकारी भरनी होगी। प्रक्रिया पूरी होने पर रजिस्ट्रेशन स्लिप डाउनलोड की जा सकती है। मोबाइल ऐप से रजिस्ट्रेशन: Tourist Care Uttarakhand मोबाइल ऐप डाउनलोड कर अकाउंट बनाने के बाद यात्रा संबंधी जानकारी भरें और पास डाउनलोड करें। वॉट्सएप से रजिस्ट्रेशन:8394833833 नंबर पर Yatra मैसेज भेजकर चैटबॉट के जरिए रजिस्ट्रेशन पूरा कर सकते हैं। सरकार ने 0135-1364 हेल्पलाइन नंबर जारी किया है जिससे ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन या यात्रा संबंधित जानकारी ली जा सकती है। केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल 2026 को सुबह 8 बजे खुलेंगे। यह महाशिवरात्रि 15 फरवरी 2026 के पंचांग गणना के अनुसार तय किया गया है। बद्रीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल 2026 को सुबह 6:15 बजे खुलेंगे। यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया पर भक्तों के लिए खोल दिए जाएंगे। पिछली यात्रा के दौरान 2025 में केदारनाथ धाम के कपाट 2 मई को और बद्रीनाथ के 25 नवंबर को बंद किए गए थे। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट 22 और 23 अक्टूबर 2025 को बंद हुए थे।श्रद्धालु ध्यान दें कि ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन 17 अप्रैल से शुरू होगा और हरिद्वार ऋषिकेश समेत कई प्रमुख स्थानों पर बायोमेट्रिक रजिस्ट्रेशन काउंटर लगाए जाएंगे।

मार्च में सूर्य के 4 गोचर, इन राशियों पर होगी खास कृपा, करियर, पैसा और तरक्की के योग

नई दिल्ली। मार्च 2026 में सूर्य ग्रह कुल चार बार गोचर करेंगे और द्रिक पंचांग के अनुसार इनकी टाइमिंग खास है। सबसे पहले 5 मार्च की देर रात 1 बजे सूर्य पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। इसके बाद 15 मार्च को देर रात 1 बजकर 8 मिनट पर सूर्य मीन राशि में गोचर करेंगे। फिर 18 मार्च की सुबह 9 बजकर 27 मिनट पर सूर्य उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में गोचर करेंगे। अंत में 31 मार्च की शाम 8 बजकर 16 मिनट पर सूर्य रेवती नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। इस बार के गोचर मुख्य रूप से पांच राशियों के लिए विशेष फलदायी होंगे, जिससे करियर, आत्मविश्वास, यश और आर्थिक उन्नति में मदद मिलेगी। मिथुन राशिमिथुन राशि वालों के लिए मार्च का महीना नेटवर्किंग और करियर दोनों के लिहाज से शुभ रहेगा। नौकरी और व्यवसाय में तरक्की के अवसर मिलेंगे। आपकी पर्सनालिटी और बातचीत का तरीका लोगों को आकर्षित करेगा। एक से अधिक स्रोतों से धन लाभ होने की संभावना है और कोई बड़ा अवसर हाथ लग सकता है। सिंह राशिसिंह राशि के स्वामी सूर्य हैं और इस बार के मल्टीपल गोचर इस राशि वालों की लीडरशिप क्षमताओं को निखारेंगे। खासतौर पर सरकार और प्रशासन से जुड़े लोग फायदा उठा सकते हैं। कामकाज का विस्तार होगा और नई संपत्ति खरीदने के योग बन सकते हैं। तुला राशितुला राशि वालों के करियर में रफ्तार बढ़ेगी। अचानक बड़ा लाभ मिलने की संभावना है। पार्टनरशिप में काम करने वालों के लिए समय शुभ रहेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, निवेश करने के अवसर मिल सकते हैं और संबंधों में प्रेम बढ़ेगा। अटका हुआ काम पूरा होने से राहत महसूस होगी। धनु राशिधनु राशि वालों को भाग्य का साथ मिलेगा। नई नौकरी मिल सकती है और विशेष रूप से छात्रों के लिए समय अनुकूल रहेगा। पढ़ाई, परीक्षाओं या इंटरव्यू में सफलता मिल सकती है। कुछ लोग धार्मिक यात्रा पर जा सकते हैं या घर में धार्मिक आयोजन हो सकता है। मकर राशिमकर राशि वाले मेहनत का फल पाने वाले हैं। बेरोजगारों को रोजगार मिल सकता है और नई नौकरी या प्रमोशन के प्रयास सफल होंगे। आर्थिक मजबूती आएगी और परिवार से सहयोग मिलेगा। सूर्य के उपायसूर्य देव आत्मविश्वास, यश, सफलता, सेहत और पिता के कारक हैं। सूर्य की कृपा पाने के लिए रोजाना तांबे के पात्र में जल अर्पित करें। यदि सूर्य कमजोर होने के कारण करियर में बाधा आ रही है, तो सुबह आदित्य हृदय स्त्रोत का पाठ करने से जल्दी लाभ मिलने की संभावना है। (Disclaimer: यह जानकारी केवल जागरूकता के उद्देश्य से साझा की गई है। हम इसकी पुष्टि नहीं करते हैं।)

आज आपके सितारे क्या कहते हैं, यह जानने के लिए पढ़ें आज शुक्रवार का भविष्यफल

युगाब्ध-5126, विक्रम संवत 2082, राष्ट्रीय शक संवत-1947, सूर्योदय 06.44, सूर्यास्त 06.04, ऋतु – ग्रीष्मचैत्र कृष्ण पक्ष तृतीया, , 06 मार्च 2026 का दिन आपके लिए कैसा रहेगा। आज आपके जीवन में क्या-क्या परिवर्तन हो सकता है, आज आपके सितारे क्या कहते हैं, यह जानने के लिए पढ़ें आज का भविष्यफल। मेष राशि :- जीवनसाथी का परामर्श लाभदायक रहेगा। समय नकारात्मक परिणाम देने वाला बन रहा है। कल का परिश्रम आज लाभ देगा। कामकाज में आ रही बाधा दूर होगी। बाहरी और अंदरूनी सहयोग मिलता चला जाएगा। पर प्रपंच में ना पड़कर अपने काम पर ध्यान दीजिए। आत्मीय श्रेष्ठता बनेगी। शुभांक-2-5-6 वृष राशि :- हित के काम में आ रही बाधा मध्याह्न पश्चात् दूर हो जाएगी। मानसिक एवं शारीरिक शिथिलता पैदा होगी। श्रेष्ठजनों की सहानुभूतियां होगी। अपने हितैषी समझे जाने वाले ही पीठ पीछे नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेंगे। अपने काम आसानी से बनते चले जाएंगे। शुभांक-3-6-7 मिथुन राशि :- कहीं रुका हुआ पैसा वसूलने में मदद मिल जाएगी। व्यर्थ प्रपंच में समय नहीं गंवाकर अपने काम पर ध्यान दीजिए। कार्यक्षेत्र में आगे बढऩे में रुकावट का एहसास होगा। विरोधियों के सक्रिय होने की संभावना है। दैनिक सुख-सुविधा में वृद्घि होगी। ज्ञानार्जन का वातावरण बनेगा। शुभांक-3-5-7 कर्क राशि :- किसी से कहा सुनी न हो यही ध्यान रहें। शुभ कार्यों की प्रवृत्ति बनेगी और शुभ समाचार मिलेंगे। कुछ एकाग्रता की प्रवृत्ति बनेगी। लाभकारी गतिविधियों में सक्रियता रहेगी। कामकाज की व्यस्तता से सुख-आराम प्रभावित होगा। धर्म-कर्म के प्रति रुचि जागृत होगी। मनोरथ सिद्घि का योग है। शुभांक-4-7-8 सिंह राशि :– अपने हितैषी समझे जाने वाले ही पीठ पीछे नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेंगे। अपना काम दूसरों के सहयोग से पूरा होगा। ले देकर की जा रही काम की कोशिश ठीक नहीं। समय नकारात्मक परिणाम देने वाला बन रहा है। जरा-सी लापरवाही आपको परेशानी में डाल सकती हैं। शुभांक-3-5-7 कन्या राशि :- संयमित भाषा का इस्तेमाल करें। कुछ कार्यक्रम बदलने होंगे। सब्र का फल मीठा होता है अत:धैर्य रखें व अच्छे समय इन्तजार करें। कर्म प्रधान विचार धारा बनाये रखें। शैक्षणिक कार्य आसानी से पूरे होते रहेंगे। काम में लगे रहें लाभ होगा। राजकीय कार्यों से लाभ। शत्रु से सावधान रहें। शुभांक-1-3-5 तुला राशि :- महत्त्वपूर्ण कार्य को समय पर बना लें तो अच्छा ही होगा। आय-व्यय की स्थिति समान रहेगी। कामकाज में आ रही बाधा दूर होगी। बाहरी और अंदरूनी सहयोग मिलता चला जाएगा। लेन-देन में आ रही बाधा को दूर करने के प्रयास सफल होंगे। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। शुभांक-2-4-6 वृश्चिक राशि :- स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। परिश्रम प्रयास से काम बनाने की कोशिश लाभ देगी। व्यापार व व्यवसाय में ध्यान देने से सफलता मिलेगी। बुरी संगति से बचें। नौकरी में सावधानीपूर्वक कार्य करें। अपनों का सहयोग प्राप्त होगा। पत्नी व संतान पक्ष से थोड़ी ङ्क्षचता रहेगी। शारीरिक सुख के लिए व्यसनों का त्याग करें। शुभांक-3-4-5 धनु राशि :- पठन-पाठन में स्थिति कमजोर रहेगी। अपने अधीनस्त लोगों से कम सहयोग मिलेगा। संतान पक्ष की समस्या समाप्त होगी। खान-पान में सावधानी रखें। व्यापार में प्रगति होगी। भ्रातृपक्ष में विरोध होने की संभावना है। शिक्षा में आशानुकूल कार्य होने में संदेह है। पत्नी का परामर्श लाभदायक रहेगा। शुभांक-2-4-7 मकर राशि :- व्यापार व नौकरी में स्थिति अच्छी रहेगी। आलस्य का त्याग करें। सच्चाई का सहारा लें कार्यसिद्घि होगी। आर्थिक लाभ उत्तम रहेगा। शैक्षणिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। परिवार में किसी मांगलिक कार्य पर वार्ता होगी। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। लेन-देन में अस्पष्टता ठीक नहीं। समय आपके पक्ष का बना रहेगा। शुभांक-3-5-7 कुम्भ राशि :- जो चल रहा हैं उसे सावधानीपूर्वक संभालें। कार्यक्षेत्र में आगे बढऩे में रुकावट का एहसास होगा। ले देकर की जा रही काम की कोशिश ठीक नहीं। समय नकारात्मक परिणाम देने वाला बन रहा है। कार्यक्षेत्र में आगे बढऩे में रुकावट का एहसास होगा। विरोधियों के सक्रिय होने की संभावना है। शुभांक-2-4-6 मीन राशि :- मध्याह्न से ही आशाएं बलवती होंगी। महत्त्वपूर्ण कार्यों को आज ही निबटा लें उसके बाद समय व्ययकारी सिद्घ होगा। भ्रातृपक्ष में विरोध होने की संभावना है। व्यापार व व्यवसाय में ध्यान देने से सफलता मिलेगी। संतोष रखने से सफलता मिलेगी। नौकरी में स्थिति सामान्य ही रहेगी। शुभांक-1-3-5

5 मार्च का प्रेम राशिफल: इन राशियों के लिए आज प्यार का इजहार जरूरी, संवाद और विश्वास से सुलझेंगे रिश्तों के उलझे धागे

नई दिल्ली :आज का दिन प्रेम संबंधों के लिहाज से मिलाजुला रहने वाला है। कई राशियों के जीवन में रोमांस और खुशियों की नई शुरुआत हो सकती है तो कुछ लोगों को रिश्तों में छोटी गलतफहमियों और अहंकार से बचने की जरूरत होगी। ग्रहों की स्थिति संकेत दे रही है कि आज संवाद और समझदारी से रिश्तों को मजबूत किया जा सकता है। जो लोग अपने प्रेम संबंधों में दूरी महसूस कर रहे हैं उन्हें आज खुलकर दिल की बात कहनी चाहिए। प्रेम में विश्वास और धैर्य सबसे बड़ी ताकत साबित होगा। मेष राशि के लोगों के लिए आज का दिन थोड़ा सावधानी भरा हो सकता है। किसी छोटी बात को लेकर प्रेम साथी के साथ असहमति हो सकती है। हालांकि बाद में आपको अपनी गलती का एहसास भी हो सकता है इसलिए बेहतर होगा कि अहंकार को छोड़कर रिश्ते को बचाने के लिए खुद पहल करें और जरूरत पड़े तो माफी मांगने में भी देर न करें। वृषभ राशि के जातकों के लिए आज का दिन सुखद रहने के संकेत दे रहा है। आपका प्रियजन आपको कहीं घूमने चलने का प्रस्ताव दे सकता है। यह समय रिश्ते को और मजबूत बनाने का है। साथ बिताया गया समय आप दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ाएगा और प्रेम में मिठास भी घोलेगा। मिथुन राशि के लोगों का प्रेम जीवन आज बेहद रोमांटिक रह सकता है। आपका साथी रोमांटिक मूड में रहेगा और साथ में कहीं बाहर जाने का प्लान भी बन सकता है। मौसम और माहौल दोनों आपके पक्ष में रहेंगे जिससे आप दोनों के बीच प्यार और स्नेह बढ़ेगा। कर्क राशि के लोगों को प्रेम जीवन में खुशखबरी मिल सकती है। जिन लोगों की जिंदगी में अभी तक कोई खास नहीं था उनके जीवन में नए प्रेम संबंध की शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। प्रेम साथी के साथ लॉन्ग ड्राइव या रोमांटिक पल बिताने का अवसर मिल सकता है। भविष्य को लेकर भी कुछ महत्वपूर्ण योजनाएं बन सकती हैं। सिंह राशि के लोगों को अपने लव पार्टनर से कोई अच्छी खबर मिल सकती है। दिन प्रकृति के बीच समय बिताने और यादगार पल बनाने का हो सकता है। रिश्ते में उत्साह और नई ऊर्जा का अनुभव होगा। कन्या राशि के लोगों के लिए आज का दिन थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है। प्रेम साथी की अपेक्षाएं अधिक हो सकती हैं और संवाद की कमी के कारण गलतफहमी पैदा हो सकती है। ऐसे में शांत मन से बातचीत करना ही सबसे अच्छा समाधान होगा। तुला राशि के लोगों को आज प्रेम साथी के व्यवहार में थोड़ा बदलाव महसूस हो सकता है। ऐसा लग सकता है कि वे कुछ बातें छिपा रहे हैं लेकिन जल्दबाजी में कोई फैसला लेने से बचें। धैर्य और शांति के साथ बातचीत करने से स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। वृश्चिक राशि के लिए आज का दिन प्रेम संबंधों के लिहाज से काफी अच्छा रहेगा। आप अपने दिल की बात खुलकर कह सकते हैं। अपने प्रेम का इजहार करने का यह सही समय है। इससे रिश्ता और मजबूत होगा। धनु राशि के लोगों को आज रिश्तों में तीसरे व्यक्ति के हस्तक्षेप से सावधान रहना होगा। किसी की बातों में आकर अपने रिश्ते को नुकसान पहुंचाने से बचें। बेहतर होगा कि आप दोनों मिलकर शांतिपूर्वक समाधान निकालें। मकर राशि के लोगों के लिए आज का दिन प्यार से भरा रहेगा। आपका साथी दिल खोलकर अपने प्रेम का इजहार कर सकता है और कोई छोटा सा तोहफा भी दे सकता है। दिन को खास बनाने का अवसर मिलेगा। कुंभ राशि के लोगों के लिए आज का दिन भावनात्मक रूप से महत्वपूर्ण हो सकता है। प्रेम साथी अपने दिल की बात कह सकता है और रिश्ते को आगे बढ़ाने या विवाह जैसे गंभीर विषयों पर चर्चा भी हो सकती है। मीन राशि के लोगों के लिए आज का दिन प्रेम और मिठास से भरा रहेगा। एक छोटा सा उपहार या सरप्राइज रिश्ते में नई खुशियां ला सकता है। पुराने मनमुटाव खत्म होंगे और प्रेम संबंध और मजबूत होंगे।

Chaitra Navratri 2026: चैत्र माह की शुरुआत पूरे महीने रहेंगी धार्मिक पर्वों की धूम नवरात्रि रामनवमी हनुमान जयंती की तिथियां नोट करें

   Chaitra Navratri 2026:  नई दिल्ली:होली के पर्व के साथ हिंदू पंचांग के पहले महीने चैत्र मास की शुरुआत हो गई है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस माह का विशेष महत्व माना जाता है क्योंकि इसी समय से हिंदू नववर्ष का आरंभ भी माना जाता है। मान्यता है कि चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से ही सृष्टि की रचना की शुरुआत हुई थी। इसी कारण यह महीना धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद पवित्र माना जाता है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार सृष्टि के रचयिता Brahma ने इसी तिथि से सृष्टि निर्माण का कार्य शुरू किया था। इस कारण चैत्र मास को नई शुरुआत और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक भी माना जाता है। पूरे महीने में कई महत्वपूर्ण व्रत और त्योहार आते हैं जिनका हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। चैत्र मास के प्रारंभिक दिनों में कई प्रमुख व्रत मनाए जाएंगे। इस क्रम में 6 मार्च को संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखा जाएगा। इसके बाद 8 मार्च को रंग पंचमी का पर्व मनाया जाएगा। 11 मार्च को शीतला अष्टमी का व्रत आएगा जो विशेष रूप से Sheetala Mata की पूजा के लिए जाना जाता है। इसके बाद 15 मार्च को पाप मोचिनी एकादशी का व्रत रखा जाएगा। 16 मार्च को प्रदोष व्रत और 17 मार्च को मासिक Shiva रात्रि यानी मासिक शिवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा। इसके बाद 18 मार्च को चैत्र अमावस्या होगी। चैत्र मास के सबसे महत्वपूर्ण पर्वों की शुरुआत 19 मार्च से होगी जब चैत्र नवरात्रि का शुभारंभ होगा। इसी दिन Gudi Padwa और Ugadi के साथ हिंदू नववर्ष का भी आरंभ माना जाता है। इस दौरान नौ दिनों तक Durga के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है और देशभर में मंदिरों और घरों में विशेष धार्मिक आयोजन होते हैं। इसके बाद 21 मार्च को गणगौर पूजा का पर्व मनाया जाएगा जो खास तौर पर महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। 24 मार्च को चैती छठ और यमुना छठ का पर्व आएगा। 26 मार्च को भगवान Rama के जन्मोत्सव के रूप में राम नवमी का पर्व मनाया जाएगा। इसके अगले दिन 27 मार्च को चैत्र नवरात्रि व्रत का पारण किया जाएगा। महीने के अंतिम दिनों में भी कई महत्वपूर्ण धार्मिक पर्व आएंगे। 29 मार्च को कामदा एकादशी का व्रत रखा जाएगा जबकि 31 मार्च को Mahavira जयंती मनाई जाएगी। इसके बाद 2 अप्रैल को Hanuman जयंती और चैत्र पूर्णिमा का पर्व आएगा जो भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चैत्र माह में कुछ विशेष धार्मिक कार्य करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। इस महीने में रोज सुबह सूर्य देव को जल अर्पित करना शुभ माना जाता है। इसके साथ ही जरूरतमंद लोगों को पंखा घड़ा सूती वस्त्र और अन्य आवश्यक वस्तुओं का दान करना भी फलदायी माना जाता है। इसके अलावा चैत्र मास में देवी उपासना का विशेष महत्व बताया गया है। इस दौरान Durga Saptashati का पाठ करना और देवी की आराधना करना अत्यंत शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि ऐसा करने से घर में सुख शांति और समृद्धि का वास होता है।

13 मार्च को शनि होंगे अस्त, साढ़ेसाती के कठोर प्रभाव से मिलेगी राहत, इन राशियों को होगा फायदा

नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र में शनि को कर्मों का फल देने वाला ग्रह माना जाता है। यह ग्रह सबसे धीमी गति से चलता है और एक राशि में लगभग ढाई साल तक ठहरता है, जिससे इसका प्रभाव लंबे समय तक रहता है। इस समय शनि मीन राशि में हैं और 2 जून 2027 तक यहीं रहेंगे। इस दौरान शनि मार्गी, वक्री और अस्त-उदय की अवस्थाओं में रहेंगे। शनि अस्त का समयद्रिक पंचांग के अनुसार, 13 मार्च 2026, शुक्रवार को शाम 7:13 बजे शनि मीन राशि में अस्त हो जाएंगे। वे लगभग 40 दिनों तक अस्त रहेंगे और 22 अप्रैल 2026, बुधवार को सुबह 4:49 बजे दोबारा उदित होंगे। ज्योतिषियों के अनुसार, शनि के अस्त होने से उनके कठोर प्रभाव कुछ हद तक कम हो जाते हैं और कुछ राशियों को राहत और लाभ मिल सकते हैं। मेष राशिमेष राशि वालों के लिए शनि का अस्त होना राहत देने वाला साबित हो सकता है। शनि आपके बारहवें भाव में अस्त होंगे, जहां पहले से साढ़ेसाती का पहला चरण चल रहा है। इस दौरान खर्चों पर नियंत्रण आ सकता है, आर्थिक स्थिति सुधर सकती है और स्वास्थ्य में राहत मिल सकती है। विदेश से जुड़े कामों में सफलता और लंबे समय से अटके कामों में प्रगति देखने को मिल सकती है। कार्यस्थल पर विवादों से दूर रहना आवश्यक है। वृश्चिक राशिवृश्चिक राशि वालों के लिए शनि का अस्त कई मामलों में फायदेमंद रहेगा। शनि आपके पांचवें भाव में अस्त होंगे, जिससे आत्मविश्वास बढ़ेगा और रुके हुए काम फिर से शुरू हो सकते हैं। नौकरी और व्यापार में तरक्की के अवसर मिल सकते हैं, प्रमोशन या नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। व्यापारियों को नए ऑर्डर या डील मिल सकती हैं। हालांकि, पढ़ाई और संतान से जुड़ी चिंताओं पर ध्यान देना आवश्यक है, और खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा। कुंभ राशिकुंभ राशि वालों के लिए शनि का अस्त मिलाजुला असर देगा, लेकिन कुल मिलाकर लाभ के संकेत हैं। शनि आपके दूसरे भाव में अस्त होंगे और साढ़ेसाती का अंतिम चरण चल रहा है। इस दौरान आमदनी के नए रास्ते खुल सकते हैं और मेहनत का फल मिल सकता है। नौकरी में सराहना मिलेगी और संपत्ति से लाभ हो सकता है। हालांकि बोलचाल में सख्ती और खर्चों पर नियंत्रण बनाए रखना आवश्यक है, ताकि रिश्तों में तनाव न बढ़े।

Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि का 3 शुभ योगों में होगा शुभारंभ, जानें तारीख और घटस्थापना का समय

 Chaitra Navratri 2026: नई दिल्ली। चैत्र नवरात्रि हर साल चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू होती है। ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार, यह नवरात्रि मार्च या अप्रैल में आती है। इस साल चैत्र नवरात्रि मार्च में पड़ रही है, इसलिए इसे लोग “मार्च की नवरात्रि” कह रहे हैं। होली के समापन के बाद यह बड़ा धार्मिक पर्व आता है, जिसमें कलश स्थापना और मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की पूजा होती है। पहले दिन माता शैलपुत्री की पूजा की जाती है। चैत्र नवरात्रि 2026 की शुरुआत हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल चैत्र नवरात्रि 19 मार्च, गुरुवार को सुबह 6:52 बजे से शुरू हो रही है। यह प्रतिपदा तिथि अगले दिन 20 मार्च, शुक्रवार को सुबह 4:52 बजे तक रहेगी। व्रत के लिए इस तिथि की उदयातिथि को शुभ माना गया है। 19 मार्च को कलश स्थापना के साथ पहला व्रत रखा जाएगा। 3 शुभ योग बन रहे हैं चैत्र नवरात्रि 2026 पर तीन शुभ योग शुक्ल, ब्रह्म और सर्वार्थ सिद्धि बन रहे हैं। ये सभी योग विशेष रूप से फलदायी माने जाते हैं। कलश स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, 19 मार्च को कलश स्थापना के लिए दो शुभ मुहूर्त हैं: सुबह का मुहूर्त: 6:52 बजे से 7:43 बजे तक (50 मिनट) दोपहर का मुहूर्त: 12:05 बजे से 12:53 बजे तक (48 मिनट) सुबह के मुहूर्त में कलश स्थापना करना उत्तम माना जाता है। यदि सुबह यह समय न मिले तो दोपहर के अभिजीत मुहूर्त का उपयोग कर सकते हैं। पहले दिन के अन्य शुभ मुहूर्त ब्रह्म मुहूर्त: 4:51 बजे – 5:39 बजे प्रातः संध्या मुहूर्त: 5:15 बजे – 6:26 बजे विजय मुहूर्त: 2:30 बजे दोपहर – 3:18 बजे गोधूलि मुहूर्त: 6:29 बजे शाम – 6:53 बजे शाम सायाह्न संध्या: 6:32 बजे – 7:43 बजे अमृत काल: 11:32 बजे रात – 1:03 बजे निशिता मुहूर्त: 12:05 बजे रात – 12:52 बजे इस प्रकार, इस साल चैत्र नवरात्रि 2026 का शुभारंभ अत्यंत शुभ समय में हो रहा है और कलश स्थापना के लिए सुबह या दोपहर दोनों समय उपयोगी हैं।

Today’s Horoscope: आज आपके सितारे क्या कहते हैं, यह जानने के लिए पढ़ें आज गुरुवार का राशिफल

Today’s Horoscope: युगाब्ध-5126, विक्रम संवत 2082, राष्ट्रीय शक संवत-1947, सूर्योदय 06.44, सूर्यास्त 06.04, ऋतु – शीतचैत्र कृष्ण पक्ष द्वितीया, गुरुवार, 05 मार्च 2026 का दिन आपके लिए कैसा रहेगा। आज आपके जीवन में क्या-क्या परिवर्तन हो सकता है, आज आपके सितारे क्या कहते हैं, यह जानने के लिए पढ़ें आज का भविष्यफल।मेष राशि :- धार्मिक आस्थाएं फलीभूत होंगी। सुख-आनंद कारक समय है। लाभदायक कार्यों की चेष्टाएं प्रबल होंगी। बुद्घितत्व की सक्रियता से अल्प लाभ का हर्ष होगा। कुछ महत्वपूर्ण कार्य बनाने के लिए भाग-दौड़ रहेगी। सुखद समय की अनुभूतियां प्रबल होगी। कार्यक्षेत्र में स्थिति सामान्य ही रहेगी। शुभांक-2-4-6वृष राशि :– घर के सदस्य मदद करेंगे और साथ ही आर्थिक बदहाली से भी मुक्ति मिलने लगेगी। बढ़ते घाटे से कुछ राहत मिलने लगेगी। हाथ में आने वाला धन भी किसी अवरोध का शिकार हो जाएगा। व्यापार में स्थिति उत्तम रहेगी। नौकरी में पदोन्नति की संभावना है। धार्मिक यात्रा का योग है। शुभांक-5-7-9मिथुन राशि :- चापलूस मित्रों से सावधानी रखें तो ज्यादा उत्तम है। व्यापार में स्थिति नरम रहेगी। शत्रुभय, ङ्क्षचता, संतान को कष्ट, अपव्यय के कारण बनेंगे। संतोष रखने से सफलता मिलेगी। नौकरी में स्थिति सामान्य ही रहेगी। सब्र का फल मीठा होता है अत:धैर्य रखें व अच्छे समय इन्तजार करें। शुभांक-4-6-8कर्क राशि :- थोड़े प्रयास से कार्य सिद्घ होंगे। घर-परिवार में मांगलिक कार्य सम्पन्न होने से वातावरण आनन्द देने वाला बना रहेगा। बाहरी और अंदरूनी सहयोग मिलता चला जाएगा। सुबह-सुबह की महत्त्वपूूर्ण सिद्घि के बाद दिन-भर उत्साह बना रहेगा। शुभ कार्यों का तत्काल फल मिलेगा। शुभांक-5-7-8सिंह राशि :- पारिवारिक परेशानी बढ़ेगी। कुछ प्रतिकूल गोचर का क्षोभ दिन-भर रहेगा। माहौल आडंबरपूर्ण और व्ययकारी होगा। वरिष्ठ लोगों से कहासुनी वातावरण में तनाव पैदा करेंगे। संयमित भाषा का इस्तेमाल करें। आवेग में आकर किये गए कार्यों का म्लान, अवसाद रहेगा। अपने काम को प्राथमिकता से करें। शुभांक-6-8-9कन्या राशि :- प्रतिष्ठा बढ़ाने के लिए कुछ सामाजिक कार्य संपन्न होंगे। कई प्रकार के हर्ष उल्लास के बीच अप्रत्याशित लाभ होंगे। आमोद-प्रमोद का दिन होगा और व्यावसायिक प्रगति भी होगी। स्वास्थ्य और जीवन स्तर में सुधार की अपेक्षा रहेगी। ज्ञान-विज्ञान की वृद्घि होगी और सज्जनों का साथ भी रहेगा। शुभांक-7-8-9तुला राशि :- कहीं रुका हुआ पैसा वसूलने में मदद मिल जाएगी। व्यर्थ प्रपंच में समय नहीं गंवाकर अपने काम पर ध्यान दीजिए। अपने हित के काम सुबह-सवेरे निपटा लें। पूर्व नियोजित कार्यक्रम सरलता से संपन्न हो जाएंगे। व्यापार व व्यवसाय में स्थिति उत्तम रहेगी। माता-पिता के स्वास्थ्य की चिन्ता रहेगी। शुभांक-5-8-9वृश्चिक राशि :- पत्नी व संतान पक्ष से थोड़ी चिंता रहेगी। व्यापार व व्यवसाय में ध्यान देने से सफलता मिलेगी। बुरी संगति से बचें। अपनों का सहयोग प्राप्त होगा। शिक्षा में आशानुकूल कार्य होने में संदेह है। व्यवसाय में स्थिति उत्तम रहेगी। नौकरी में पदोन्नति की संभावना। मित्रों से सावधानी रखें तो ज्यादा उत्तम है। शुभांक-1-3-5धनु राशि :- शारीरिक सुख के लिए व्यसनों का त्याग करें। संतान पक्ष की समस्या समाप्त होगी। पठन-पाठन में स्थिति कमजोर रहेगी। खान-पान में सावधानी रख। कामकाज में आ रहा अवरोध दूर होकर प्रगति का रास्ता मिल जाएगा। मान-सम्मान में वृद्घि होगी। अच्छे कार्य के लिए रास्ते बना लेंगे। शुभांक-2-4-6मकर राशि :- रुपये-पैसों की सुविधा नहीं मिल पाएगी। कामकाज सीमित तौर पर ही बन पाएंगे। स्वास्थ्य का पाया भी कमजोर बना रहेगा। यात्रा प्रवास का सार्थक परिणाम मिलेगा। मेल-मिलाप से काम बनाने की कोशिश लाभ देगी। अपने काम में सुविधा मिल जाने से प्रगति होगी। राजकीय कार्यों से लाभ। शुभांक-3-5-7कुम्भ राशि :- आगे बढऩे के अवसर लाभकारी सिद्घ हो रहे है। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। नवीन जिम्मेदारी बढऩे के आसार रहेंगे। यात्रा शुभ रहेगी। अपने काम को प्राथमिकता से करें। आशा और उत्साह के कारण सक्रियता बढ़ेगी। कुछ आर्थिक संकोच पैदा हो सकते है। भाई-बहनों का प्रेम बढ़ेगा। शुभांक-4-7-9मीन राशि :- महत्वपूर्ण कार्य को समय पर बना लें तो अच्छा ही होगा। आशा और उत्साह के कारण सक्रियता बढ़ेगी। आगे बढऩे के अवसर लाभकारी सिद्घ हो रहे है। कुछ आर्थिक संकोच पैदा हो सकते है। कोई प्रिय वस्तु अथवा नवीन वस्त्राभूषण प्राप्त होंगे। सभा-गोष्ठियों में मान-सम्मान बढ़ेगा। शुभांक-4-8-9

4 मार्च का पंचांग: बुधवार से चैत्र मास की शुरुआत, जानें दिनभर के शुभ-अशुभ मुहूर्त

नई दिल्ली। सनातन धर्म में पंचांग का विशेष महत्व माना गया है। तिथि, नक्षत्र, योग और वार के आधार पर दिन की शुभ-अशुभ घड़ियां तय की जाती हैं। 4 मार्च, बुधवार से चैत्र मास के कृष्ण पक्ष का प्रारंभ हो रहा है। धार्मिक दृष्टि से यह दिन विशेष माना जा रहा है, क्योंकि नए मास की शुरुआत साधना, संकल्प और पूजा के लिए शुभ मानी जाती है। तिथि और नक्षत्र का संयोगदृक पंचांग के अनुसार बुधवार को कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि शाम 4 बजकर 48 मिनट तक रहेगी। इसके बाद द्वितीया तिथि आरंभ होगी। हालांकि उदयातिथि के अनुसार पूरे दिन प्रतिपदा का ही मान रहेगा। नक्षत्र की बात करें तो पूर्वाफाल्गुनी सुबह 7 बजकर 39 मिनट तक रहेगा, इसके बाद उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र का प्रभाव शुरू होगा। योग धृति सुबह 8 बजकर 52 मिनट तक प्रभावी रहेगा। सूर्योदय सुबह 6 बजकर 43 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 6 बजकर 23 मिनट पर होगा। दिन की कुल अवधि धार्मिक कार्यों के लिए संतुलित मानी जा रही है। दिन के प्रमुख शुभ मुहूर्त4 मार्च को ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 4 मिनट से 5 बजकर 54 मिनट तक रहेगा। यह समय ध्यान, जप, साधना और पूजा-पाठ के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 16 मिनट तक रहेगा। नए कार्य की शुरुआत, यात्रा या महत्वपूर्ण निर्णय लेने के लिए यह समय अनुकूल है। गोधूलि मुहूर्त शाम 6 बजकर 20 मिनट से 6 बजकर 45 मिनट तक है। यह संध्या पूजन और विशेष अनुष्ठान के लिए शुभ माना जाता है। अमृत काल देर रात 12 बजकर 54 मिनट से 2 बजकर 32 मिनट तक रहेगा। इसके अलावा निशिता मुहूर्त रात 12 बजकर 8 मिनट से 12 बजकर 57 मिनट तक प्रभावी रहेगा। इन मुहूर्तों में पूजा-पाठ या कोई मांगलिक कार्य करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। अशुभ समय का रखें ध्यानपंचांग के अनुसार राहुकाल दोपहर 12 बजकर 33 मिनट से 2 बजे तक रहेगा। इस दौरान कोई नया या शुभ कार्य आरंभ करने से बचना चाहिए। यमगंड सुबह 8 बजकर 11 मिनट से 9 बजकर 38 मिनट तक और गुलिक काल सुबह 11 बजकर 6 मिनट से दोपहर 12 बजकर 33 मिनट तक रहेगा। दुर्मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 10 मिनट से 12 बजकर 56 मिनट तक, वर्ज्य दोपहर 3 बजकर 2 मिनट से 4 बजकर 41 मिनट तक प्रभावी रहेगा। साथ ही आडल योग सुबह 7 बजकर 39 मिनट से देर रात 12 बजकर 59 मिनट तक रहेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इन अशुभ कालों में विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, यात्रा या अन्य मांगलिक कार्य करने से परहेज करना चाहिए। बुधवार का धार्मिक महत्वबुधवार का दिन विघ्न विनाशक भगवान गणपति और बुध ग्रह को समर्पित है। इस दिन विधि-विधान से गणेश पूजा करने और हरे वस्त्र या मूंग का दान करने से बुध ग्रह शांत होते हैं और बुद्धि, व्यापार व संचार से जुड़े कार्यों में सफलता मिलती है। चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा से नए मास की शुरुआत होने के कारण यह दिन आध्यात्मिक साधना और आत्मचिंतन के लिए भी उत्तम माना गया है।

उज्जैन में चंद्र ग्रहण के कारण मंदिरों के पट बंद, श्रद्धालु करेंगे बाहर से पूजा; महाकाल मंदिर में रहेगी विशेष व्यवस्था!

 उज्जैन। उज्जैन में मंगलवार को चंद्र ग्रहण के चलते शहर के कई प्रमुख मंदिरों के पट बंद कर दिए गए। सुबह 6:47 बजे शुरू हुए सूतक काल के दौरान महाकालेश्वर मंदिर के अलावा अन्य मंदिरों में दर्शन वर्जित रहे। सूतक शाम 6:47 बजे तक रहेगा, जिसके बाद मंदिरों में शुद्धिकरण और संध्या आरती के बाद दर्शन फिर से शुरू होंगे। महाकाल मंदिर के पट खुले रहने के बावजूद गर्भगृह में पुजारियों ने मंत्रोच्चार किया। श्रद्धालु मंदिर परिसर के बाहर से ही भगवान के दर्शन कर रहे थे। इस दौरान मंदिर में केवल मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठान चल रहे थे। शहर के अन्य प्रमुख मंदिर जैसे सांदीपनि आश्रम, मंगलनाथ मंदिर, अंगारेश्वर मंदिर और गोपाल मंदिर में सुबह 5 बजे तक नियमित पूजा हुई, उसके बाद सूतक लगते ही पट बंद कर दिए गए। सूतक के दौरान भक्तों ने मंदिर के बाहर ही भगवान के दर्शन किए। मंगलनाथ मंदिर में भी पट बंद रहने के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। अंगारेश्वर, गोपाल, चिंताहरण हनुमान और सिद्धेश्वर मंदिर सहित हजारों मंदिरों में दर्शन रोक दिए गए थे। मंदिर प्रशासन ने कहा कि शाम को सूतक समाप्त होने के बाद सभी मंदिरों की सफाई और शुद्धिकरण के बाद भगवान का स्नान, श्रृंगार और संध्या आरती की जाएगी। ज्योतिषाचारियों के अनुसार सूतक काल में पूजा, भोग और मूर्ति के स्पर्श वर्जित होते हैं। यही कारण है कि अधिकांश मंदिरों में यह व्यवस्था लागू की गई। हालांकि महाकाल मंदिर में भक्त दर्शन कर सकते हैं, लेकिन गर्भगृह में पुजारियों ने ही मंत्रोच्चार और अनुष्ठान जारी रखा। सूतक से पहले होली का उत्सव भी मंदिरों में पारंपरिक रूप से मनाया गया। भक्तों ने भगवान श्रीकृष्ण के साथ हर्बल गुलाल और फूलों से होली खेली। इसके बाद विधि-विधान से मंदिरों के पट बंद कर दिए गए और दर्शन वर्जित कर दिए गए। मंदिर प्रशासन ने भक्तों से अपील की कि वे सूतक के दौरान मंदिर परिसर में प्रवेश न करें और बाहर से ही पूजा करें। संध्या में पट खुलने के बाद सभी मंदिरों में धार्मिक गतिविधियां सामान्य रूप से शुरू हो जाएंगी। इस तरह, चंद्र ग्रहण के दौरान उज्जैन के मंदिरों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और धार्मिक परंपरा दोनों का ध्यान रखा गया। भक्तों ने मंदिरों के बाहर भी पूजा कर अपनी आस्था व्यक्त की। सूतक समाप्ति के बाद मंदिरों में संपूर्ण शुद्धिकरण और भव्य संध्या आरती के साथ दर्शन शुरू होंगे, जिससे शहर में धार्मिक माहौल पूरी तरह लौट आएगा।