मां अम्बे की कृपा से जीवन की हर बाधा होगी दूर, बस सही तरीके से करें इन मंत्रों का जाप

नई दिल्ली । मां अम्बे के मंत्रों का सही जाप आपके जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, साहस और बाधाओं से मुक्ति लाने का एक शक्तिशाली माध्यम माना जाता है। आइए इसे आसान और प्रभावी तरीके से समझते हैं मंत्रों की शक्ति समझें मंत्र सिर्फ शब्द नहीं हैं, बल्कि ऊर्जा के स्रोत हैं। जब आप उन्हें विश्वास, श्रद्धा और ध्यान के साथ जपते हैं, तो यह मन, शरीर और वातावरण पर सकारात्मक प्रभाव डालते हैं। शक्तिशाली मंत्र उदाहरण: ऊं ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे – साहस और सुरक्षा देने वालासर्वाबाधा विनिर्मुक्तो… – सभी बाधाओं को दूर करने वालारोगानशेषानपहंसि… – स्वास्थ्य और इच्छाओं की पूर्ति के लिएऊं दुं दुर्गायै नमः – नकारात्मक ऊर्जा दूर करने वाला सरल मंत्र जप की तैयारी शांत और स्वच्छ स्थान चुनें।सात्विक भोजन करें और मन को शांत रखें।जप से पहले छोटा संकल्प लें कि आप किस उद्देश्य के लिए यह जाप कर रहे हैं। समय और नियमितता सुबह का ब्रह्म मुहूर्त (4-6 बजे) सबसे श्रेष्ठ माना जाता है।यदि संभव न हो, तो दिन का कोई भी शांत समय चुनें।नियमित जप करना आवश्यक है; लगातार अभ्यास से प्रभाव अधिक होता है। जप की संख्या कम से कम 108 बार (एक माला) जप करें।उन्नत साधना में सवा लाख जाप तक भी किया जाता है।जप की संख्या पर ध्यान दें; इससे आपकी एकाग्रता और शक्ति बढ़ती है। ध्यान और मन की शुद्धि जप करते समय मन केवल मां अम्बे पर केन्द्रित रहे।किसी के प्रति बुरा भाव या नकारात्मक सोच न रखें।शुद्ध मन और विश्वास से ही मंत्र का पूरा प्रभाव दिखता है। नियमित अभ्यास का लाभ धीरे-धीरे जीवन में बाधाएं कम होती हैं।आत्मविश्वास और साहस बढ़ता है।नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सुख-समृद्धि आती है।
हथेली में छिपा, हर्षल पर्वत सफलता विज्ञान और भाग्य का अद्भुत संकेत

नई दिल्ली । हस्तरेखा शास्त्र में हथेली के विभिन्न पर्वतों का विशेष महत्व माना जाता है और इन्हीं में से एक है हर्षल पर्वत जो अपनी अनोखी स्थिति और प्रभाव के कारण काफी रहस्यमयी माना जाता है यह पर्वत हथेली में हृदय रेखा और मस्तिष्क रेखा के बीच स्थित होता है और इसका स्थान कनिष्ठा उंगली के नीचे तथा बुध पर्वत के ठीक नीचे माना जाता है इस पर्वत का संबंध मस्तिष्क और हृदय दोनों से जोड़ा जाता है इसलिए यह व्यक्ति की सोच भावनाओं और जीवन के महत्वपूर्ण निर्णयों पर गहरा प्रभाव डालता है हर्षल पर्वत को अन्य पर्वतों की तुलना में अधिक शक्तिशाली माना गया है कहा जाता है कि जिन लोगों की हथेली पर यह पर्वत संतुलित और स्पष्ट रूप से उभरा हुआ होता है वे जीवन में बड़े और असाधारण कार्य करने की क्षमता रखते हैं ऐसे व्यक्ति अक्सर विज्ञान गणित या रिसर्च जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ते हैं और अपनी मेहनत के दम पर विशेष पहचान बनाते हैं इनकी सोच सामान्य लोगों से अलग होती है और ये नई खोज या नए विचारों के प्रति आकर्षित रहते हैं यदि इस पर्वत पर त्रिकोण या चतुर्भुज जैसे शुभ चिह्न दिखाई देते हैं तो इसे अत्यंत शुभ संकेत माना जाता है ऐसे जातक जीवन में तेजी से उन्नति करते हैं और उन्हें अचानक सफलता मिलने की संभावना रहती है ये लोग अपने कार्यक्षेत्र में विश्वस्तरीय पहचान बना सकते हैं और सम्मान प्राप्त करते हैं इनके जीवन में अवसर तेजी से आते हैं और ये उनका सही उपयोग करने में सक्षम होते हैं वहीं यदि हर्षल पर्वत का उभार कम होता है तो इसका अर्थ यह नहीं कि व्यक्ति असफल होगा बल्कि ऐसे लोग तकनीकी और मशीनरी से जुड़े कार्यों में अधिक रुचि रखते हैं ये व्यावहारिक सोच वाले होते हैं और अपने करियर में स्थिरता को प्राथमिकता देते हैं ये लोग मेहनती होते हैं और धीरे धीरे सफलता प्राप्त करते हैं हर्षल पर्वत से जुड़ी कुछ विशेष स्थितियां भी व्यक्ति के जीवन पर असर डालती हैं जैसे यदि इस पर्वत से कोई रेखा निकलकर अनामिका उंगली की ओर जाती है तो यह संकेत देता है कि व्यक्ति अपने प्रयासों से ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है और समाज में प्रसिद्धि प्राप्त कर सकता है यह एक सकारात्मक संकेत माना जाता है इसके विपरीत यदि हर्षल पर्वत का झुकाव बुध पर्वत की ओर होता है तो यह स्थिति थोड़ी चुनौतीपूर्ण मानी जाती है ऐसे लोगों को सम्मान और सफलता पाने के लिए अधिक संघर्ष करना पड़ता है उन्हें अपने लक्ष्य तक पहुंचने में अतिरिक्त प्रयास करने पड़ते हैं यदि यह पर्वत नेपच्यून की दिशा में झुका हुआ हो तो जीवन में उतार चढ़ाव बने रह सकते हैं विशेष रूप से वैवाहिक जीवन में संतुलन बनाए रखने के लिए प्रयास करना पड़ता है साथ ही ऐसे लोगों को अपने हृदय स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी जाती है इस प्रकार हर्षल पर्वत केवल एक सामान्य रेखा या उभार नहीं बल्कि व्यक्ति के व्यक्तित्व उसकी सोच और उसके भविष्य की दिशा का महत्वपूर्ण संकेतक है इसे समझकर जीवन के कई पहलुओं को बेहतर तरीके से जाना जा सकता है
हनुमान जयंती पर ग्वालियर में मंदिरों में उमड़े भक्त, रोकड़िया सरकार को लगाया 5100 लड्डुओं का भोग

ग्वालियर । ग्वालियर में हनुमान जयंती के अवसर पर श्रद्धा और भक्ति का माहौल देखने को मिल रहा है। शहर के प्रमुख मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। श्रद्धालु भगवान हनुमान के दर्शन कर पूजा-अर्चना के माध्यम से आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं। सिंधिया रियासत कालीन छतरी मैदान स्थित रोकड़िया हनुमान मंदिर में विशेष आयोजन किए जा रहे हैं। यहां तड़के 4 बजे से अभिषेक और पूजन की शुरुआत हुई, जिसके बाद भगवान को चोला चढ़ाकर भव्य श्रृंगार किया गया और मंदिर के पट खोले गए। मंदिर में सुंदरकांड पाठ जारी है और भगवान को 5100 लड्डुओं का भोग अर्पित किया गया, जिसे प्रसाद के रूप में श्रद्धालुओं में वितरित किया जा रहा है। साथ ही फूल बंगला और छप्पन भोग जैसी आकर्षक व्यवस्थाएं भी की गई हैं। शहर के मंशापूर्ण हनुमान मंदिर, जो करीब 300 वर्ष पुराना माना जाता है, वहां भी सुबह से भारी भीड़ देखी जा रही है। श्रद्धालु दूर-दूर तक कतारों में लगकर बाबा के दर्शन कर रहे हैं। हनुमान जयंती पर शहर से करीब 45 किलोमीटर दूर घाटीगांव स्थित धुआं वाले हनुमान मंदिर में मेले का आयोजन किया गया है, जहां बड़ी संख्या में भक्त पहुंच रहे हैं। इसी तरह जौरासी घाटी में स्थित जौरासी हनुमान मंदिर पर भी सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। वहीं बहोड़ापुर धाम मंदिर में बुधवार से अखंड रामायण पाठ जारी है, जिसका समापन गुरुवार शाम को होगा। यहां बाबा को परंपरा के अनुसार सोने के वर्क वाला चोला अर्पित किया गया है, जिससे मंदिर में भक्ति का विशेष वातावरण बना हुआ है।
हनुमान जन्मोत्सव: आज की पूजा में इन गलतियों से रहें दूर, जीवन में बढ़ेगी सकारात्मकता

नई दिल्ली । आज 2 अप्रैल 2026 को पूरे भारत में हनुमान जयंती का भव्य पर्व मनाया जा रहा है। यह दिन हर साल चैत्र महीने की पूर्णिमा के दिन आता है और इसे भगवान हनुमान के जन्मोत्सव के रूप में श्रद्धा भाव से मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इसी दिन भगवान राम के अनन्य भक्त, संकटमोचन हनुमान जी का जन्म हुआ था। इस पावन अवसर पर भक्तजन बड़े श्रद्धा और भक्ति भाव से मंदिरों में हनुमान जी की पूजा करते हैं और प्रसाद चढ़ाकर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। हनुमान जयंती का आध्यात्मिक महत्व अत्यंत बड़ा माना जाता है। कहा जाता है कि सच्चे मन से की गई पूजा से जीवन में डर, बाधाएं और परेशानियां कम होती हैं और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। लेकिन ज्योतिषियों और धर्मशास्त्रों के अनुसार इस दिन कुछ सामान्य गलतियों से बचना बेहद जरूरी है। इन गलतियों से बजरंगबली रुष्ट हो सकते हैं और पूजा का फल प्रभावित हो सकता है। तामसिक चीजों का सेवन न करें हनुमान जयंती के दिन खान-पान में शुद्धता का विशेष ध्यान रखें। मांस, मछली, अंडा, प्याज, लहसुन जैसी तामसिक चीजों का सेवन बिल्कुल न करें। केवल सात्विक भोजन ही पूजा और व्रत के लिए उचित माना जाता है। काले कपड़े न पहनें हिन्दू लोक मान्यता और शास्त्रों के अनुसार पूजा के दौरान काले कपड़े पहनना अशुभ माना जाता है। खासकर हनुमान जयंती के दिन भूलकर भी काले कपड़े पहनने से बचें। सफेद रंग के कपड़े भी कुछ ग्रंथों में अनुकूल नहीं बताए गए हैं। हमेशा लाल, पीला या नारंगी जैसे शुभ रंगों का चयन करें। महिलाओं को हनुमान जी की प्रतिमा नहीं छूनी चाहिए धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हनुमान जी बाल ब्रह्मचारी हैं। इसलिए महिलाओं को इस दिन हनुमान जी की मूर्ति या तस्वीर को छूने से परहेज करना चाहिए। केवल श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा में भाग लें। अगर आप हनुमान जयंती के दिन व्रत रख रहे हैं तो भूलकर भी नमक का सेवन न करें। इस दिन व्रत तोड़ने के लिए मीठे व्यंजन का सेवन करना शुभ माना गया है। किसी को परेशान न करें हनुमान जयंती के दिन किसी भी जानवर या वानर को परेशान करना वर्जित है। ऐसा करने से हनुमान जी की नाराजगी होती है और घर में अशांति आ सकती है। भगवान राम का अपमान न करें हनुमान जी के अनन्य भक्त होने के कारण, हनुमान जयंती पर भगवान राम का सम्मान करना भी उतना ही आवश्यक है। अगर इस दिन श्रीराम का अपमान या अनदेखी की जाती है, तो माना जाता है कि हनुमान जी रुष्ट हो सकते हैं। इस हनुमान जयंती पर श्रद्धा, भक्ति और सावधानी के साथ पूजा-अर्चना करने से न केवल हनुमान जी की कृपा प्राप्त होती है बल्कि जीवन में सकारात्मकता, भय और संकटों से मुक्ति भी मिलती है। इसलिए आज के दिन उपरोक्त गलतियों से बचें और सच्चे मन से हनुमान जी की आराधना करें।
हनुमान जन्मोत्सव और चैत्र पूर्णिमा: घर में आएगी समृद्धि, अपनाएं ये सरल उपाय

नई दिल्ली । आज यानी 2 अप्रैल 2026 को पूरे देश में चैत्र पूर्णिमा और हनुमान जन्मोत्सव का पावन पर्व मनाया जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह दिन अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस वर्ष चैत्र पूर्णिमा और हनुमान जन्मोत्सव का महासंयोग बन रहा है जिससे पूजा-अर्चना और उपायों का महत्व और बढ़ गया है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार इस दिन भगवान हनुमान का जन्म हुआ था। इसलिए इसे हनुमान जन्मोत्सव के रूप में भी मनाया जाता है। साथ ही भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करने अन्न-धन और अन्य वस्तुओं का दान करने का विशेष विधान है। ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि और धन-धान्य की कमी नहीं होती। इस पावन अवसर पर कुछ आसान और असरदार उपाय किए जा सकते हैं जो धन की देवी मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के साथ-साथ आर्थिक तंगी से मुक्ति दिलाते हैं। घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाएं ज्योतिषियों का मानना है कि चैत्र पूर्णिमा के दिन घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाना अत्यंत शुभ होता है। ऐसा करने से घर में मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है और नकारात्मक ऊर्जा दूर रहती है। दीपक की ज्योति सकारात्मकता का संचार करती है और घर में समृद्धि और सुख-शांति बनी रहती है। रसोई घर में दीपक जलाना सिर्फ मुख्य द्वार पर ही नहीं बल्कि घर की रसोई में भी दीपक जलाना अत्यंत फलदायी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार रसोई घर में मां अन्नपूर्णा का वास होता है। चैत्र पूर्णिमा के दिन रसोई में दीपक जलाने से अन्नपूर्णा की असीम कृपा बनी रहती है जिससे घर में कभी भी अन्न और धन की कमी नहीं होती और परिवार में समृद्धि बनी रहती है। तुलसी की पूजा करें शास्त्रों के अनुसार चैत्र पूर्णिमा की शाम को तुलसी का पूजन करना अत्यंत शुभ होता है। तुलसी के पौधे में श्री हरि और मां लक्ष्मी का वास माना गया है। तुलसी की पूजा करने से घर में मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है धन-धान्य की कमी नहीं होती और आर्थिक तंगी से छुटकारा मिलता है। यह उपाय सरल होते हुए भी अत्यंत प्रभावी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन उपायों को श्रद्धा और भक्ति भाव से करने से घर में सुख शांति समृद्धि और खुशहाली बनी रहती है। इस चैत्र पूर्णिमा पर इन उपायों को अपनाकर न केवल माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं बल्कि परिवार में सकारात्मक ऊर्जा और आनंद भी बढ़ता है। तो इस पावन दिन दीपक जलाएं तुलसी की पूजा करें और दान-पुण्य में भाग लें। यह न केवल धार्मिक नियमों का पालन है बल्कि आपके घर में आर्थिक और मानसिक समृद्धि भी सुनिश्चित करता है।
HANUMAN JAYANTI 2026 : हुनमान जयंती पर मंदिरों में लगा श्रद्धालुओं का तातां; रोकड़िया मंदिर पर 5100 लड्डुओं का भोग, ग्वालियर में जगह-जगह भंडारे!

HIGHLIGHTS: सुबह 4 बजे से मंदिरों में पूजा शुरू रोकड़िया मंदिर में 5100 लड्डुओं का भोग शहरभर में भंडारे और विशेष आयोजन प्राचीन मंदिरों में लंबी कतारें धुआं वाले हनुमान मंदिर पर मेला HANUMAN JAYANTI 2026 : मध्यप्रदेश। ग्वालियर में हनुमान जयंती का पर्व पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। बता दें कि शहर के प्रमुख मंदिरों में सुबह 4 बजे से ही अभिषेक और पूजा-अर्चना शुरू हो गई। भगवान को चोला चढ़ाकर भव्य श्रृंगार किया गया और इसके बाद दर्शन के लिए पट खोले गए, जिसके बाद से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। JIWAJI PAPER LEAK : जीवाजी विश्वविद्यालय में परीक्षा से पहले ही पेपर लीक, 20 हजार छात्रों की मेहनत पर बना संकट! रोकड़िया सरकार पर 5100 लड्डुओं का भोग छतरी मैदान स्थित रोकड़िया हनुमान मंदिर में सुंदरकांड पाठ के साथ विशेष आयोजन किए जा रहे हैं। यहां भगवान को 5100 लड्डुओं का भोग लगाया गया, जिसे बाद में भक्तों के बीच प्रसाद के रूप में वितरित किया गया। मंदिर को फूलों से सजाया गया और छप्पन भोग का आयोजन भी किया गया हनुमान जन्मोत्सव विशेष : अष्ट सिद्धि और नव निधि के दाता, संकट मोचन हनुमान प्राचीन मंदिरों में लंबी कतारें रेलवे ओवरब्रिज के नीचे स्थित करीब 300 साल पुराने मंशापूर्ण हनुमान मंदिर में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। जहां श्रद्धालु दूर-दूर से पहुंचकर भगवान के दर्शन कर रहे हैं। धुआं वाले हनुमान मंदिर पर मेला शहर से 45 किलोमीटर दूर घाटीगांव स्थित धुआं वाले हनुमान मंदिर पर भी भव्य मेले का आयोजन किया गया। वहीं ग्वालियर-झांसी मार्ग पर जौरासी घाटी के हनुमान मंदिर में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु नज़र आए। महिलाओं के लिए त्वचा की बड़ी समस्या: झाइयां और उनके आसान समाधान बहोड़ापुर धाम में अखंड रामायण बहोड़ापुर धाम मंदिर में बुधवार से अखंड रामायण का पाठ जारी है, जिसका समापन गुरुवार शाम को होगा। साथ ही यहां भगवान को सोने के वर्क वाला चोला भी चढ़ाया गया है।
2 अप्रैल का राशिफल: जानें कैसा रहेगा आपका दिन, क्या कहती है हनुमान जयंती पर ग्रहों की चाल

नई दिल्ली। वैदिक ज्योतिष के अनुसार 12 राशियों का दैनिक राशिफल ग्रहों और नक्षत्रों की चाल पर आधारित होता है। आज 2 अप्रैल 2026 को हनुमान जयंती है, इस अवसर पर भगवान हनुमान की विशेष पूजा की जाती है। जानें इस दिन आपकी राशि के अनुसार दिन कैसा बीतेगा और किन क्षेत्रों में रहना चाहिए सतर्क। मेषमेष राशि वालों का दिन संतुलित रहेगा। काम में शुरुआत धीमी हो सकती है, लेकिन धीरे-धीरे परिस्थितियां आपके पक्ष में होंगी। ऑफिस में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जिन्हें समय पर पूरा करना लाभदायक रहेगा। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी, बेवजह खर्च से बचें। परिवार का सहयोग मिलेगा। छोटी बातों पर ध्यान न दें।वृषभवृषभ राशि वालों का दिन शांत और स्थिर रहेगा। काम में स्थिरता रहेगी, लेकिन ध्यान भटक सकता है। कार्यस्थल पर किसी की बात से मन प्रभावित हो सकता है। पैसों का संतुलन बना रहेगा। परिवार के साथ समय बिताना अच्छा रहेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। मिथुनमिथुन राशि वालों के लिए दिन सकारात्मक रहेगा। काम पूरे होने से संतोष मिलेगा। ऑफिस में आपकी मेहनत को सराहना मिल सकती है। धन संबंधी कोई अच्छी खबर मिल सकती है। परिवार और दोस्तों के साथ संवाद मन को हल्का करेगा। कर्ककर्क राशि वालों को काम में थोड़ा दबाव महसूस होगा। जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचें। आर्थिक मामलों में सतर्क रहें। परिवार में किसी बात को लेकर चिंता हो सकती है, लेकिन समय के साथ स्थिति सुधर जाएगी। स्वास्थ्य का ध्यान रखें।सिंहसिंह राशि वालों के लिए दिन अच्छे संकेत दे रहा है। काम में सफलता मिलने की संभावना है। ऑफिस में आपके प्रयासों की प्रशंसा होगी। आर्थिक स्थिति में सुधार दिखेगा। परिवार में खुशी का माहौल रहेगा। आत्मविश्वास बनाए रखें।तुलातुला राशि वालों के लिए दिन राहत भरा रहेगा। रुके हुए काम पूरे होने के संकेत हैं। ऑफिस में सहयोगी माहौल मिलेगा। पैसों की स्थिति बेहतर रहेगी। परिवार के साथ तालमेल अच्छा रहेगा। मन शांत रहेगा। धनुधनु राशि वालों का दिन सामान्य रहेगा। काम धीरे-धीरे आगे बढ़ेगा। पैसों की स्थिति स्थिर रहेगी। परिवार का सहयोग मिलेगा। पुराने अधूरे काम पूरे करने का अवसर मिल सकता है। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। मकरमकर राशि वालों पर काम का दबाव बढ़ सकता है। समय का सही प्रबंधन आवश्यक है। आर्थिक मामलों में संतुलन बनाए रखें। परिवार में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन समझदारी से हल निकल सकता है। कुम्भकुम्भ राशि वालों के लिए दिन अच्छा रहेगा। काम में सफलता मिल सकती है। ऑफिस में नई संभावनाएं बनेंगी। आर्थिक स्थिति बेहतर रहेगी। परिवार और दोस्तों का सहयोग मिलेगा।कन्याकन्या राशि वालों को योजनाओं में बदलाव करना पड़ सकता है। काम उम्मीद के अनुसार नहीं हो सकता, जिससे मन थोड़ा परेशान रहेगा। ऑफिस में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। खर्च पर नियंत्रण रखें। परिवार के साथ संवाद से स्थिति सुधरेगी। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। वृश्चिकवृश्चिक राशि वालों को मेहनत अधिक करनी पड़ेगी। काम में समय लग सकता है, लेकिन धैर्य रखें। आर्थिक मामलों में समझदारी जरूरी है। परिवार में किसी बात पर चर्चा हो सकती है। रिश्तों में संतुलन बनाए रखें।मीनमीन राशि वालों के लिए दिन मिश्रित परिणाम वाला रहेगा। कुछ काम पूरे होंगे, कुछ में देरी हो सकती है। आर्थिक मामलों में सतर्क रहें। परिवार में सामान्य माहौल रहेगा। खुद को शांत रखें।
हनुमान जन्मोत्सव विशेष : अष्ट सिद्धि और नव निधि के दाता, संकट मोचन हनुमान

नई दिल्ली । चैत्र पूर्णिमा यानी गुरुवार 2 अप्रैल को पूरे देश में भगवान श्रीराम के परम भक्त हनुमान का जन्मोत्सव मनाया जा रहा है हनुमान जी त्रेतायुग में वानरराज केसरी और माता अंजना के घर अवतरित हुए थे धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हनुमान जी चिरंजीवी हैं और उनकी कृपा कलियुग में भी भक्तों पर बनी रहती है गोस्वामी तुलसीदास रचित ‘हनुमान चालीसा’ हनुमान जी की भक्ति का सबसे सरल और प्रभावशाली माध्यम है इसमें कहा गया है “अष्ट सिद्धि नव निधि के दाता, अस वर दीन जानकी माता” अर्थात माता सीता ने हनुमान जी को आठ दिव्य शक्तियां और नौ प्रकार की संपत्तियों का वरदान दिया था हनुमान जी में इन शक्तियों का अद्भुत प्रयोग करने का सामर्थ्य था यही कारण है कि वे किसी भी रूप में प्रकट हो सकते थे पल में किसी भी स्थान पर पहुंच सकते थे और असंभव कार्यों को भी संभव कर सकते थे हनुमान चालीसा के नियमित पाठ से भक्तों को इन दिव्य शक्तियों का आशीर्वाद प्राप्त होता है संकट मोचन की कृपा से सभी कष्ट दूर होते हैं साहस बढ़ता है और जीवन में सफलता मिलती है आइए जानते हैं हनुमान जी की अष्ट सिद्धियां और नव निधियां :अष्ट सिद्धियां – आठ दिव्य शक्तियां हैं अणिमा : बहुत सूक्ष्म रूप धारण करने की शक्ति महिमा : इच्छानुसार बहुत बड़ा रूप धारण करने की शक्ति गरिमा : शरीर को अत्यंत भारी बनाने की शक्ति लघिमा : शरीर को अत्यंत हल्का बनाने की शक्ति प्राप्ति : किसी भी वस्तु को तुरंत प्राप्त करने की शक्ति प्राकाम्य : इच्छानुसार किसी भी जगह पहुंचने, जल या आकाश में रहने की शक्ति ईशित्व : दैवीय शक्तियों का नियंत्रण वशित्व : इंद्रियों और मन पर पूर्ण नियंत्रण नव निधियां – नौ प्रकार की दिव्य संपत्तियां हैं पद्म निधि : स्वर्ण-चांदी का संग्रह और दान करने वाला सात्विक स्वभाव महापद्म निधि : धार्मिक कार्यों में धन लगाने वाला स्वभाव नील निधि : तीन पीढ़ियों तक चलने वाली संपत्ति मुकुंद निधि : राज्य और सत्ता से संबंधित संपत्ति नंद निधि : कुल का आधार बनने वाली संपत्ति मकर निधि : अस्त्र-शस्त्रों का संग्रह कच्छप निधि : स्वयं उपभोग करने योग्य संपत्ति शंख निधि : एक पीढ़ी तक रहने वाली संपत्ति खर्व निधि : मिश्रित फलों वाली संपत्ति हनुमान जन्मोत्सव के दिन इन दिव्य शक्तियों और संपत्तियों का स्मरण भक्तों के जीवन में आध्यात्मिक शक्ति साहस और सफलता का मार्ग प्रशस्त करता है यह पर्व हमें भक्ति और निष्ठा की महत्ता भी याद दिलाता है
कल मनाई जाएगी हनुमान जयंती, जानें पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

नई दिल्ली। हनुमान जयंती का पावन पर्व हर वर्ष चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि को श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इसी दिन भगवान हनुमान का जन्म हुआ था। हालांकि देश के कुछ क्षेत्रों में कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को भी हनुमान जयंती मनाने की परंपरा है, लेकिन अधिकांश स्थानों पर चैत्र पूर्णिमा को ही यह पर्व मनाया जाता है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, भगवान हनुमान को भगवान शिव का रुद्रावतार माना जाता है। उन्होंने वानर रूप में जन्म लेकर अपना संपूर्ण जीवन भगवान श्रीराम की सेवा में समर्पित किया, इसलिए उन्हें राम भक्तों में सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। इस वर्ष हनुमान जयंती 2 अप्रैल 2026 को मनाई जाएगी। तिथि का समय पंचांग के अनुसार, चैत्र पूर्णिमा तिथि 1 अप्रैल को सुबह 7 बजकर 6 मिनट से शुरू होकर 2 अप्रैल को सुबह 7 बजकर 41 मिनट तक रहेगी। पूजन के शुभ मुहूर्त हनुमान जयंती पर इस बार पूजा के लिए दो विशेष मुहूर्त मिल रहे हैं। पहला मुहूर्त सुबह 6:10 बजे से 7:44 बजे तक रहेगा, जबकि दूसरा मुहूर्त शाम 6:39 बजे से रात 8:06 बजे तक है। इसके अलावा, अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:00 बजे से 12:50 बजे तक रहेगा, जिसे पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। शुभ योग का संयोग इस बार हनुमान जयंती पर ध्रुव योग और हस्त नक्षत्र का विशेष संयोग बन रहा है। ध्रुव योग सूर्योदय से दोपहर 2:20 बजे तक रहेगा, इसके बाद व्याघात योग प्रारंभ होगा। वहीं हस्त नक्षत्र शाम 5:38 बजे तक प्रभावी रहेगा, जिसके बाद चित्रा नक्षत्र शुरू हो जाएगा। पूजा विधि हनुमान जयंती के दिन प्रातः स्नान के बाद घर के मंदिर में हनुमान जी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। चौकी पर लाल वस्त्र बिछाकर उन्हें विराजमान करें और गंगाजल से स्नान कराकर तिलक व अक्षत अर्पित करें। हनुमान जी को सिंदूर और घी चढ़ाना विशेष फलदायी माना जाता है। इसके साथ लाल फूल, जनेऊ और माला अर्पित करें। भोग में गुड़-चना और मौसमी फल जैसे केला, सेब या अंगूर चढ़ाएं। इसके बाद हनुमान चालीसा का पाठ करें और संभव हो तो सुंदरकांड का पाठ भी करें। अंत में आरती कर प्रसाद वितरित करें।हनुमान जयंती मंत्र हनुमान जयंती के दिन पूजा और मंत्र जाप से भक्तों के कष्ट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। एक प्रसिद्ध मंत्र है “मनोजवं मारुत तुल्यवेगं, जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम्।वातात्मजं वानरयूथमुख्यं, श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये॥” इस मंत्र में हनुमान जी के तेज, बल, बुद्धि और श्रीराम के प्रति उनकी भक्ति का वर्णन किया गया है। मान्यता है कि कलियुग में भी हनुमान जी का अस्तित्व बना हुआ है और जहां राम कथा होती है, वहां उनकी उपस्थिति अवश्य रहती है।
आज का राशिफल 1 अप्रैल 2026: नए महीने की शुरुआत आपके लिए शुभ या चुनौतीपूर्ण?

नई दिल्ली अप्रैल का महीना ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इस महीने सूर्य अपनी उच्च राशि मेष में प्रवेश करता है, जिसे मेष संक्रांति कहते हैं। साथ ही, ग्रहों की कुछ विशेष युति नए व्यापार, स्टार्टअप और निवेश के लिए शुभ संकेत दे रही है। ज्योतिषाचार्य डॉ. अनीष व्यास के अनुसार, ग्रहों की चाल का असर सभी 12 राशियों पर अलग-अलग देखने को मिलेगा। आइए जानें आज 1 अप्रैल का राशिफल। मेष राशिआज का दिन उतार-चढ़ाव भरा रहेगा। सुबह से लंबित कार्यों में व्यस्त रहेंगे, जिससे भाग-दौड़ बढ़ेगी। कार्यक्षेत्र में धन की अच्छी प्राप्ति होगी। हालांकि, अनावश्यक चिंताओं से ध्यान भटक सकता है। घर से दूर किसी काम के लिए जाना पड़ सकता है और गुस्से के कारण परिवार में बहस हो सकती है। वृषभ राशिरुका हुआ पैसा मिलने से खुशी होगी। आज किसी अजनबी से मुलाकात फायदेमंद साबित हो सकती है। लव लाइफ में नए काम की शुरुआत होगी। वरिष्ठ सदस्य काम में सहयोग करेंगे। शाम का समय परिवार के साथ बिताएँगे। मिथुन राशिकामकाज के लिहाज से दिन अच्छा रहेगा। संपत्ति विवाद में जीत मिल सकती है। नौकरी पेशा जातकों को दूसरी कंपनी से बेहतर ऑफर मिल सकता है। दोस्तों की मदद से जरूरी काम पूरा होगा। जीवनसाथी के साथ पुरानी अनबन खत्म होगी। शाम धार्मिक कार्यों में व्यतीत होगी। कर्क राशिजीवनसाथी के स्वास्थ्य में गिरावट चिंता का कारण बनेगी। समारोह में सोच-समझकर बोलें। कार्य और व्यापार सामान्य रहेंगे। नए स्रोतों से आय प्राप्त होगी। मित्र द्वारा उपहार मिल सकता है। सिंह राशिकरियर में उन्नति और प्रमोशन की संभावना। आयात-निर्यात व्यापारियों के लिए बड़ी डील संभव। छात्रों की एकाग्रता बढ़ेगी। परिवार के साथ तीर्थ यात्रा की योजना बनेगी। शाम बच्चों के साथ समय व्यतीत होगा। कन्या राशिअनावश्यक खर्चे परेशानी दे सकते हैं। कार्यक्षेत्र में शत्रुओं की चाल समझें। आर्थिक स्थिति बेहतर होगी। संतान से वादा निभाएँ। निवेश में सावधानी बरतें। शाम जीवनसाथी के साथ जरूरी बातचीत होगी। तुला राशिखुशियों और तरक्की का दिन। धन प्राप्ति के नए मार्ग बनेंगे। वरिष्ठों को प्रसन्न करेंगे। रचनात्मक कार्य में नाम कमाएंगे। प्रभावशाली लोगों से मुलाकात होगी। स्वास्थ्य समस्याओं में राहत मिलेगी। शाम धार्मिक स्थल पर व्यतीत होगी। वृश्चिक राशिअटके कार्यों को पूरा करेंगे। परिवार के साथ मन की इच्छा साझा होगी। काम में ढिलाई परेशानी ला सकती है। नए काम में हाथ आजमा सकते हैं। जीवनसाथी के साथ बहस मानसिक तनाव ला सकती है। धनु राशिकुछ खर्चे बढ़ेंगे लेकिन आमदनी अच्छी रहेगी। मांगलिक कार्यक्रम में परिवार खुश होगा। भाई-बहन से अनबन दूर होगी। कार्यक्षेत्र में गलती सुधारने का अवसर। शाम दोस्तों के साथ मौज मस्ती होगी। मकर राशिसामाजिक कार्यक्रम में नाम कमाने का मौका। सहकर्मियों के साथ समय बिताएँगे। घरेलू जीवन में झगड़ा संभव। परिजनों का सहयोग मिलेगा। शाम देव दर्शन का लाभ मिलेगा। कुंभ राशिखुशियों और लाभ का दिन। दोस्त से अच्छी खबर मिलेगी। संपत्ति खरीद में सावधानी। धार्मिक कार्यों में मन लगेगा। नौकरी पेशा जातक इंटरव्यू दे सकते हैं। अटके धन की प्राप्ति और निवेश लाभकारी। परिवार में प्रेम बना रहेगा। मीन राशिव्यापारियों को मानसिक तनाव हो सकता है। वाहन सावधानीपूर्वक चलाएँ। ऑफिस में विवाद से दूर रहें। लव लाइफ में संवाद से समाधान। संतान से शुभ समाचार। शाम स्वास्थ्य का ध्यान रखें।