आज का राशिफल 20 जून 2026: मकर राशि वालों को मिलेगी बड़ी सफलता, जानें सभी 12 राशियों का भविष्यफल

नई दिल्ली। 20 जून 2026, शनिवार का दिन ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति के अनुसार कई राशियों के लिए नई संभावनाएं और अवसर लेकर आया है। कुछ जातकों को कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी तो कुछ को आर्थिक मामलों में सतर्क रहने की जरूरत होगी। आइए जानते हैं सभी 12 राशियों का दैनिक राशिफल। मेष राशआज का दिन उत्साह और ऊर्जा से भरपूर रहेगा। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। वृषभ राशिधन संबंधी मामलों में लाभ के संकेत हैं। लंबे समय से अटके कार्य पूरे हो सकते हैं। किसी पुराने मित्र से मुलाकात मन को प्रसन्न करेगी। स्वास्थ्य पर ध्यान दें। मिथुन राशिनौकरी और व्यापार में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। किसी महत्वपूर्ण निर्णय में जल्दबाजी से बचें। परिवार का सहयोग मिलेगा और आत्मविश्वास बढ़ेगा। कर्क राशिआज भावनात्मक संतुलन बनाए रखने की जरूरत है। कार्यक्षेत्र में चुनौतियां आ सकती हैं, लेकिन धैर्य से समाधान मिलेगा। खर्चों पर नियंत्रण रखें। सिंह राशिकरियर में प्रगति के संकेत हैं। वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। निवेश संबंधी मामलों में लाभ हो सकता है। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। कन्या राशिआज का दिन मेहनत का फल दिलाने वाला रहेगा। नई योजनाओं पर काम शुरू कर सकते हैं। विद्यार्थियों के लिए समय अनुकूल है। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। तुला राशिपरिवार और रिश्तों में मधुरता बनी रहेगी। आर्थिक मामलों में सोच-समझकर निर्णय लें। यात्रा के योग बन सकते हैं। मन में सकारात्मकता बनी रहेगी। वृश्चिक राशिव्यापार में लाभ मिलने की संभावना है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना होगी। किसी पुराने विवाद का समाधान निकल सकता है। धनु राशिआज का दिन मिश्रित परिणाम देने वाला रहेगा। किसी महत्वपूर्ण कार्य में देरी हो सकती है। धैर्य और संयम से काम लें। परिवार का सहयोग मिलेगा। मकर राशिमकर राशि के जातकों के लिए दिन बेहद शुभ रहने वाला है। लंबे समय से रुका हुआ कोई बड़ा काम पूरा हो सकता है। करियर और व्यवसाय में सफलता के संकेत हैं। आर्थिक लाभ मिलने की भी संभावना है। आत्मविश्वास बढ़ेगा और सम्मान में वृद्धि होगी। कुंभ राशिनई योजनाओं पर काम करने के लिए अच्छा समय है। नौकरीपेशा लोगों को लाभ मिल सकता है। मित्रों और सहयोगियों का सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। मीन राशिरचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी। परिवार के साथ सुखद समय व्यतीत होगा। आर्थिक मामलों में संतुलन बनाए रखें। किसी शुभ समाचार की प्राप्ति हो सकती है।
होयसल राजवंश कालीन 1000 वर्ष पुराने मंदिर का रहस्य विज्ञान के लिए भी पहेली, दीपावली पर कपाट खुलने के बाद उमड़ती है लाखों श्रद्धालुओं की भारी भीड़

नई दिल्ली । भारत के प्राचीन और ऐतिहासिक देवस्थलों में छिपे रहस्य अक्सर आधुनिक विज्ञान और पुरातत्वविदों को हैरत में डाल देते हैं। ऐसा ही एक अविश्वसनीय और बेहद रहस्यमयी मामला दक्षिण भारत के कर्नाटक राज्य से सामने आया है, जहां हासन शहर में स्थित करीब 1000 साल पुराना ‘हसनंबा मंदिर’ अपने अनोखे चमत्कारों के लिए पूरी दुनिया में कौतूहल का विषय बना हुआ है। यह मंदिर आम धार्मिक स्थलों की तरह प्रतिदिन श्रद्धालुओं के लिए नहीं खुलता है, बल्कि इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसे वर्ष में केवल एक बार, दीपावली के पावन त्योहार के दौरान मात्र 10 से 12 दिनों के लिए ही खोला जाता है। शेष पूरे वर्ष इस मंदिर के भारी कपाट पूरी तरह से बंद और सील रहते हैं। इस प्राचीन मंदिर का इतिहास बेहद गौरवशाली है और इसका सीधा संबंध ऐतिहासिक होयसल राजवंश से जुड़ता है। मशहूर ऐतिहासिक दस्तावेजों के साथ-साथ मैसूर गजेटियर जैसी प्रामाणिक सरकारी किताबों में इस मंदिर के महात्म्य और राजाओं की अगाध श्रद्धा का विस्तृत विवरण मिलता है। होयसल शासकों के काल में निर्मित इस मंदिर की अद्भुत वास्तुकला और स्थापत्य शैली को देखकर आज भी पुरातत्व विभाग के विशेषज्ञ दांतों तले उंगली दबा लेते हैं। प्रामाणिक ऐतिहासिक कड़ियों और सरकारी गजेटियर में दर्ज होने के कारण इस मंदिर की साख और इसका ऐतिहासिक महत्व शोधकर्ताओं के बीच और अधिक बढ़ जाता है। मंदिर से जुड़ा सबसे बड़ा वैज्ञानिक सस्पेंस इसके गर्भगृह के भीतर घटित होने वाली वह घटना है, जो भौतिक विज्ञान के नियमों को सीधी चुनौती देती नजर आती है। दीपावली के उत्सव की समाप्ति के बाद जब इस मंदिर को आगामी एक वर्ष के लिए बंद किया जाता है, तब मुख्य पुजारी द्वारा गर्भगृह के भीतर एक विशेष अनुष्ठान संपन्न किया जाता है। मंदिर को अंतिम रूप से बंद करने से ठीक पहले माता हसनंबा की दिव्य मूर्ति के समक्ष घी का एक दीया प्रज्वलित करके रख दिया जाता है। इसके साथ ही देवी मां को ताजे पके हुए चावलों का नैवेद्य अर्पित किया जाता है और कुछ बेहद सुंदर ताजे फूल भी चरणों में चढ़ाए जाते हैं। इन सभी सामग्रियों को गर्भगृह के भीतर यथास्थान सजाकर मंदिर के मुख्य विशाल द्वारों को बंद कर दिया जाता है और प्रशासन व पुजारियों की मौजूदगी में उन्हें पूरी तरह सील कर दिया जाता है। इसके बाद ठीक एक साल बाद जब अगले वर्ष दीपावली के तय समय पर इस मंदिर को दोबारा खोला जाता है, तो भीतर का नजारा पुजारियों और वहां मौजूद अधिकारियों को स्तब्ध कर देता है। जब सील तोड़कर गर्भगृह का भारी दरवाजा खोला जाता है, तो वह दीया बिना किसी अतिरिक्त ईंधन या मानवीय सहायता के ठीक उसी प्रकार जलता हुआ प्राप्त होता है, जैसा उसे एक वर्ष पूर्व छोड़ कर जाया गया था। इस पूरी प्रक्रिया में सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि मां को चढ़ाया गया पके हुए चावल का प्रसाद भीषण गर्मी और मौसम के बदलावों के बाद भी एक साल तक बिल्कुल ताजा बना रहता है। इस भोजन में से न तो किसी प्रकार की दुर्गंध आती है और न ही यह दूषित होता है। यही नहीं, माता के चरणों में अर्पित किए गए फूल भी एक वर्ष तक बिना पानी और हवा के वैसे ही खिले, महकते और ताजे दिखाई देते हैं। स्थानीय समाज और देश भर से आने वाले श्रद्धालु इसे हसनंबा देवी का साक्षात दिव्य चमत्कार मानते हैं। यही कारण है कि वर्ष के उन चुनिंदा 10-12 दिनों में इस अलौकिक दृश्य और माता के दर्शन के लिए देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ता है।
राजस्थान का रहस्यमयी बुलेट बाबा मंदिर: जहां भगवान नहीं, 350 CC की बुलेट को मानते हैं चमत्कारी देवता

नई दिल्ली । भारत आस्था, परंपरा और रहस्यों का देश है। यहां ऐसे कई मंदिर हैं जो अपनी अनोखी मान्यताओं के कारण दुनियाभर में प्रसिद्ध हैं। राजस्थान के पाली जिले में स्थित बुलेट बाबा मंदिर भी ऐसी ही एक रहस्यमयी जगह है, जहां भगवान की मूर्ति नहीं बल्कि एक रॉयल एनफील्ड बुलेट बाइक श्रद्धा का केंद्र बनी हुई है। हर दिन हजारों श्रद्धालु और मुसाफिर यहां पहुंचकर सुरक्षित यात्रा की कामना करते हैं। यह अनोखा मंदिर ओम बन्ना धाम के नाम से भी जाना जाता है। यह जोधपुर से करीब 50 किलोमीटर दूर पाली जिले के चोटिला गांव के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस मंदिर की कहानी करीब तीन दशक पुरानी है और एक दर्दनाक सड़क हादसे से जुड़ी हुई है। कहा जाता है कि ठाकुर जोग सिंह राठौड़ के पुत्र ओम सिंह राठौड़ की इसी स्थान पर सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। हादसे के बाद पुलिस ने उनकी रॉयल एनफील्ड बुलेट बाइक को जब्त कर थाने में खड़ा कर दिया। लेकिन अगले दिन बाइक रहस्यमयी तरीके से थाने से गायब मिली। खोजबीन करने पर वह बाइक उसी स्थान पर खड़ी मिली, जहां दुर्घटना हुई थी। पुलिस ने बाइक को दोबारा थाने लाकर इस बार जंजीरों से बांध दिया, लेकिन स्थानीय मान्यताओं के अनुसार अगले दिन फिर वही चमत्कार हुआ। बाइक एक बार फिर दुर्घटना स्थल पर पहुंच गई। बताया जाता है कि कई बार ऐसा होने के बाद पुलिस और स्थानीय लोग भी हैरान रह गए। इस घटना को दैवीय संकेत मानते हुए ओम सिंह राठौड़ के पिता ने दुर्घटना स्थल पर मंदिर का निर्माण करवाया। आज मंदिर के गर्भगृह में वही 350 CC रॉयल एनफील्ड बुलेट सुरक्षित रखी गई है। श्रद्धालु इस बाइक को फूल-मालाएं चढ़ाते हैं, नारियल अर्पित करते हैं और सुरक्षित यात्रा की प्रार्थना करते हैं। खास बात यह है कि इस हाईवे से गुजरने वाले कई वाहन चालक यहां रुककर माथा टेकना शुभ मानते हैं। स्थानीय लोगों का विश्वास है कि बुलेट बाबा का आशीर्वाद लेने से सड़क दुर्घटनाओं का खतरा कम होता है और यात्रा सुरक्षित रहती है। यही कारण है कि यह मंदिर सिर्फ राजस्थान ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लोगों के लिए आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से इस घटना की अलग-अलग व्याख्याएं हो सकती हैं, लेकिन श्रद्धालुओं के लिए यह स्थान अटूट विश्वास और चमत्कार का प्रतीक है। इतिहास, रहस्य और जनआस्था का यह अनूठा संगम हर साल लाखों लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है।
Aaj Ka Rashifal 19 June 2026: कुंभ राशि वालों को मिलेगी खुशखबरी, कन्या राशि के लोग खर्चों पर रखें नियंत्रण

नई दिल्ली । 19 जून 2026 का दिन ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति के अनुसार कई राशियों के लिए सकारात्मक संकेत लेकर आया है। कुछ जातकों को करियर और कारोबार में नई उपलब्धियां मिल सकती हैं, जबकि कुछ को आर्थिक मामलों में सतर्क रहने की आवश्यकता होगी। पारिवारिक जीवन, स्वास्थ्य, शिक्षा और नौकरी के क्षेत्र में भी कई राशियों को लाभ मिलने के योग बन रहे हैं। आइए जानते हैं सभी 12 राशियों का विस्तृत राशिफल। मेष राशि के जातकों के लिए दिन नई शुरुआत और आत्मविश्वास से भरा रहेगा। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना होगी और वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। परिवार में सुखद वातावरण रहेगा तथा नई खरीदारी के योग बन सकते हैं। वृष राशि वालों के लिए लंबित कार्यों को पूरा करने का समय है। अनुभवी लोगों की सलाह लाभकारी साबित होगी। आर्थिक मामलों में जल्दबाजी से बचना बेहतर रहेगा। कार्य संबंधी यात्राएं सफलता दिला सकती हैं। मिथुन राशि के जातकों को पेशेवर और निजी जीवन में संतुलन बनाए रखने का अवसर मिलेगा। नई जिम्मेदारियां सफलता के साथ निभाएंगे। सामाजिक दायरा बढ़ेगा और महत्वपूर्ण लोगों से मुलाकात हो सकती है। कर्क राशि के लिए दिन शुभ संकेत लेकर आया है। घर में मांगलिक कार्यों की योजना बन सकती है। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और धन लाभ के अच्छे अवसर प्राप्त होंगे। करियर में भी नई संभावनाएं सामने आएंगी। सिंह राशि वालों का प्रभाव और सम्मान बढ़ेगा। नेतृत्व क्षमता के कारण कार्यस्थल पर विशेष पहचान मिलेगी। रचनात्मक कार्यों में सफलता प्राप्त होगी और आर्थिक लाभ के योग बने रहेंगे। कन्या राशि के जातकों को खर्चों पर नियंत्रण रखने की सलाह दी गई है। बजट से अधिक खर्च आर्थिक दबाव बढ़ा सकता है। विदेश, कानून या लंबी दूरी से जुड़े मामलों में अतिरिक्त सतर्कता की जरूरत होगी। धैर्य और समझदारी से काम लें। तुला राशि वालों के लिए करियर और व्यापार में उन्नति के संकेत हैं। आत्मविश्वास से लिए गए फैसले लाभदायक साबित होंगे। रिश्तों में मधुरता बढ़ेगी और लंबे समय से अटके काम पूरे हो सकते हैं। वृश्चिक राशि के लोगों को पद, प्रतिष्ठा और सम्मान में वृद्धि मिलने के योग हैं। प्रभावशाली लोगों से संपर्क भविष्य में लाभ पहुंचा सकता है। आर्थिक स्थिति मजबूत बनी रहेगी। धनु राशि के लिए दिन भाग्यवृद्धि का संकेत दे रहा है। धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी। धन संबंधी शुभ समाचार मिलने की संभावना है और परिवार का सहयोग प्राप्त होगा। मकर राशि वालों को नियम और अनुशासन के साथ आगे बढ़ने की आवश्यकता है। जोखिम भरे निवेश या बड़े फैसलों से फिलहाल दूरी बनाए रखें। स्वास्थ्य और खानपान पर विशेष ध्यान दें। कुंभ राशि के जातकों के लिए दिन काफी अनुकूल रहेगा। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा और दांपत्य जीवन में मधुरता बढ़ेगी। कार्यक्षेत्र में आपकी उपलब्धियों की सराहना होगी। हालांकि आर्थिक लेनदेन में हड़बड़ी से बचें और सोच-समझकर निर्णय लें। मीन राशि वालों को मेहनत और सतर्कता के साथ आगे बढ़ना होगा। किसी भी दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने से पहले पूरी जांच-पड़ताल करें। वाणी में संयम रखें और सहयोगात्मक रवैया अपनाएं। इससे सफलता के नए रास्ते खुलेंगे। कुल मिलाकर 19 जून का दिन अधिकांश राशियों के लिए प्रगति और अवसर लेकर आएगा। सही निर्णय, धैर्य और सकारात्मक सोच आपके लिए सफलता के द्वार खोल सकती है।
गायत्री जयंती 2026: सुख-समृद्धि और पुण्य फल के लिए 25 जून को जरूर करें ये 5 विशेष धार्मिक उपाय

नई दिल्ली। सनातन धर्म में देवमाता, वेदमाता और विश्वमाता के रूप में पूजनीय मां गायत्री का अवतरण दिवस यानी गायत्री जयंती इस वर्ष 25 जून 2026, दिन गुरुवार को बेहद श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। हिंदू धार्मिक ग्रंथों और मान्यताओं के अनुसार, ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को ही ममतामयी मां गायत्री का प्राकट्य हुआ था। ज्योतिषविदों और आध्यात्मिक गुरुओं का मानना है कि इस पावन तिथि पर यदि कुछ विशेष और बेहद सरल धार्मिक उपाय व नियम अपनाए जाएं, तो जातक के जीवन में सुख, समृद्धि और सकारात्मकता का संचार होता है और उसे अक्षय पुण्य फलों की प्राप्ति होती है। मध्य प्रदेश और देश के तमाम हिस्सों में इस दिन मां गायत्री की विशेष आराधना की जाती है, क्योंकि उन्हें बुद्धि, विवेक और ज्ञान की अधिष्ठात्री देवी माना गया है। गायत्री जयंती के शुभ अवसर पर सबसे पहला और प्रभावी उपाय तय संख्या में गायत्री मंत्र का शुद्ध उच्चारण के साथ जाप करना है। शांत और स्वच्छ वातावरण में बैठकर कमल गट्टे या तुलसी की माला से 108 या 1008 बार गायत्री मंत्र का जाप करने से न केवल मानसिक तनाव दूर होता है, बल्कि व्यक्ति की एकाग्रता और बौद्धिक क्षमता में भी अभूतपूर्व विकास होता है। इस पावन दिवस पर घर या देवस्थान में गायत्री यज्ञ अथवा हवन का आयोजन करना अत्यंत कल्याणकारी माना गया है। इसके लिए शुद्ध देसी घी, जौ, काले तिल, कपूर और गुड़ जैसी मांगलिक सामग्रियों को मिलाकर हवन कुंड तैयार किया जाता है। यज्ञ की प्रत्येक आहुति के साथ गायत्री मंत्र का सामूहिक या व्यक्तिगत उच्चारण करने से घर-परिवार और आसपास के संपूर्ण वातावरण का शुद्धिकरण होता है। डॉक्टरों और पर्यावरणविदों का भी मानना है कि इस प्रकार के वैदिक हवन से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और सकारात्मक तरंगों का प्रवाह बढ़ता है। चूंकि मां गायत्री को ज्ञान की सर्वोच्च देवी माना गया है, इसलिए इस दिन दान-पुण्य करने का विशेष महत्व है। ज्योतिषीय परामर्श के अनुसार, गायत्री जयंती पर जरूरतमंद, निर्धन और अनाथ विद्यार्थियों को शिक्षा से संबंधित सामग्रियां जैसे पुस्तकें, कॉपियां और पेन दान करने से विद्या और करियर में अपार सफलता मिलती है। इसके साथ ही योग्य ब्राह्मणों को आदरपूर्वक अन्न, वस्त्र और जलपात्र का दान करने से पितृ दोषों से मुक्ति मिलती है और समाज में यश व कीर्ति की प्राप्ति होती है। आध्यात्मिक चेतना और आत्मिक शुद्धि के लिए इस दिन व्रत रखने और पूर्णतः सात्त्विक दिनचर्या का पालन करने की सलाह दी जाती है। यदि स्वास्थ्य कारणों से निराहार या फलाहार व्रत रखना संभव न हो, तो व्यक्ति को लहसुन, प्याज और तामसिक भोजन से पूरी तरह दूरी बनाकर केवल सात्त्विक आहार ही ग्रहण करना चाहिए। इसके अतिरिक्त, शाम के समय मां गायत्री की कपूर से आरती करने के बाद गायत्री चालीसा का श्रद्धापूर्वक पाठ करने से पारिवारिक कलह समाप्त होते हैं और घर के सदस्यों के बीच आपसी प्रेम, तालमेल और विश्वास की भावना सुदृढ़ होती है।
पुष्य नक्षत्र में गुरु का प्रवेश आज, इन राशि वालों को रहना होगा सावधान, बढ़ सकती हैं

नई दिल्ली। आज देवगुरु बृहस्पति पुष्य नक्षत्र में प्रवेश करने जा रहे हैं। ज्योतिष शास्त्र में गुरु और पुष्य नक्षत्र के इस संयोग को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। पुष्य नक्षत्र को नक्षत्रों का राजा कहा जाता है, जबकि इसके स्वामी शनि ग्रह हैं। वहीं गुरु इस नक्षत्र में विशेष प्रभावशाली माने जाते हैं और शुभ-अशुभ दोनों प्रकार के फल दे सकते हैं। हालांकि यह गोचर सभी राशियों के लिए समान रूप से अनुकूल नहीं माना जा रहा है। कुछ राशियों पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, जिससे आर्थिक, मानसिक और स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियां बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। मेष राशिमेष राशि के जातकों के लिए यह समय मिश्रित परिणाम देने वाला हो सकता है। खर्चों में अचानक वृद्धि से बजट प्रभावित हो सकता है। कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों के साथ मतभेद की स्थिति बन सकती है। इस दौरान निवेश और उधार देने से बचने की सलाह दी जाती है। मिथुन राशिमिथुन राशि वालों के लिए यह गोचर मानसिक तनाव बढ़ा सकता है। साझेदारी वाले व्यवसाय में नुकसान की संभावना बनी रह सकती है। वाणी पर नियंत्रण न रहने से रिश्तों में तनाव आ सकता है। स्वास्थ्य के प्रति सावधानी बरतना जरूरी है, विशेषकर पेट से जुड़ी समस्याओं को लेकर। सिंह राशि सिंह राशि के जातकों के लिए भाग्य का साथ कुछ कमजोर रह सकता है, जिससे कार्यों में रुकावटें आ सकती हैं। नौकरीपेशा लोगों पर काम का दबाव बढ़ सकता है, जिससे मानसिक थकान महसूस होगी। बड़े आर्थिक फैसलों से फिलहाल बचने की सलाह दी जाती है। वृश्चिक राशवृश्चिक राशि वालों के लिए यह समय चुनौतीपूर्ण रह सकता है। गुप्त शत्रुओं के कारण कार्यक्षेत्र में बाधाएं आ सकती हैं। धन हानि की आशंका के चलते वित्तीय लेन-देन में सतर्कता जरूरी है। यात्रा के दौरान सावधानी और स्वास्थ्य का ध्यान रखने की सलाह दी गई है।
गुरुवार के वास्तु टिप्स: इन आसान उपायों से बढ़ेगी सुख-समृद्धि, मिलेगा गुरु ग्रह का शुभ प्रभाव

नई दिल्ली । वास्तु शास्त्र में सप्ताह के प्रत्येक दिन का अपना विशेष महत्व बताया गया है। गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति को समर्पित माना जाता है। ज्योतिष और वास्तु दोनों ही शास्त्रों में गुरु ग्रह को ज्ञान, समृद्धि, वैवाहिक सुख, संतान और आध्यात्मिक उन्नति का कारक माना गया है। ऐसे में गुरुवार के दिन किए गए कुछ सरल वास्तु उपाय जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं और घर-परिवार में खुशहाली बढ़ा सकते हैं। वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार गुरुवार की सुबह घर की अच्छी तरह सफाई करनी चाहिए। विशेष रूप से पूजा स्थल और उत्तर-पूर्व दिशा यानी ईशान कोण को साफ-सुथरा रखना अत्यंत शुभ माना जाता है। यह दिशा देवताओं की दिशा मानी जाती है और यहां स्वच्छता बनाए रखने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। गुरुवार के दिन घर के मंदिर में भगवान विष्णु की पूजा करें और पीले फूल अर्पित करें। पूजा के दौरान घी का दीपक जलाना शुभ माना जाता है। पीला रंग गुरु ग्रह का प्रतीक है, इसलिए इस दिन पीले वस्त्र पहनना और घर में पीले रंग की वस्तुओं का उपयोग करना लाभकारी माना जाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार गुरुवार को घर के मुख्य द्वार के आसपास साफ-सफाई रखने पर विशेष ध्यान देना चाहिए। मुख्य प्रवेश द्वार पर गंदगी या अव्यवस्था होने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह प्रभावित हो सकता है। यदि संभव हो तो द्वार पर शुभ प्रतीक या रंगोली बनाकर घर के वातावरण को सकारात्मक बनाया जा सकता है। आर्थिक उन्नति के लिए गुरुवार के दिन हल्दी का विशेष महत्व माना गया है। घर के मंदिर में हल्दी अर्पित करना तथा पीली वस्तुओं का दान करना शुभ फलदायी माना जाता है। जरूरतमंदों को चने की दाल, पीले वस्त्र या केले का दान करने से गुरु ग्रह मजबूत होता है और जीवन में शुभ परिणाम मिलने की मान्यता है। वास्तु के अनुसार गुरुवार को घर के उत्तर-पूर्व दिशा में भारी सामान रखने से बचना चाहिए। इस दिशा को खुला और साफ रखना बेहतर माना जाता है। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहता है और मानसिक शांति प्राप्त होती है। साथ ही परिवार के सदस्यों के बीच सामंजस्य भी बढ़ता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन तुलसी के पौधे के पास दीपक जलाना और जल अर्पित करना भी शुभ माना जाता है। तुलसी का पौधा घर में सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक वातावरण बनाए रखने में सहायक माना जाता है। हालांकि तुलसी के पत्ते तोड़ने से पहले स्थानीय परंपराओं और धार्मिक मान्यताओं का ध्यान रखना चाहिए। गुरुवार के दिन अनावश्यक विवाद, कटु वचन और नकारात्मक विचारों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार घर का वातावरण जितना शांत और सकारात्मक होगा, उतनी ही शुभ ऊर्जा घर में बनी रहेगी। इन सरल वास्तु उपायों को अपनाकर व्यक्ति अपने जीवन में सकारात्मकता, आर्थिक स्थिरता और पारिवारिक सुख-शांति को बढ़ा सकता है। गुरुवार का दिन आध्यात्मिक और मानसिक उन्नति के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, इसलिए इस दिन अच्छे कार्यों और सकारात्मक सोच को प्राथमिकता देना लाभकारी हो सकता है।
गुरुवार पूजा विधि: भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की कृपा पाने के लिए ऐसे करें पूजा

नई दिल्ली । हिंदू धर्म में सप्ताह का प्रत्येक दिन किसी न किसी देवी-देवता को समर्पित होता है। गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और देवताओं के गुरु बृहस्पति को समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने पर जीवन में सुख, समृद्धि, वैभव और सफलता का आगमन होता है। साथ ही गुरु ग्रह की कृपा प्राप्त होने से शिक्षा, करियर, विवाह और संतान संबंधी बाधाएं भी दूर होती हैं। गुरुवार के दिन प्रातःकाल जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ पीले रंग के वस्त्र धारण करें। पूजा स्थल की सफाई कर भगवान विष्णु की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। यदि घर में बृहस्पति देव का चित्र या प्रतीक मौजूद हो तो उसकी भी पूजा की जा सकती है। पूजा के दौरान भगवान विष्णु को पीले फूल, हल्दी, चने की दाल, पीले फल और केसर अर्पित करना शुभ माना जाता है। पूजा प्रारंभ करने से पहले दीपक जलाएं और भगवान विष्णु का ध्यान करें। इसके बाद उन्हें अक्षत, चंदन, तुलसी दल और पीले पुष्प अर्पित करें। तुलसी भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय मानी जाती है, इसलिए पूजा में इसका विशेष महत्व होता है। इसके बाद विष्णु सहस्रनाम, श्रीहरि स्तोत्र, विष्णु चालीसा अथवा ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जप करें। बृहस्पति देव की कृपा प्राप्त करने के लिए ‘ॐ बृं बृहस्पतये नमः’ मंत्र का जाप भी किया जा सकता है। गुरुवार के व्रत का विशेष महत्व बताया गया है। व्रत रखने वाले श्रद्धालु दिन में एक समय पीले रंग के भोजन का सेवन करते हैं। भोजन में चने की दाल, बेसन से बनी वस्तुएं या पीले रंग के फल शामिल किए जा सकते हैं। इस दिन नमक का सेवन न करने की परंपरा भी कई स्थानों पर प्रचलित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गुरुवार को दान-पुण्य करना अत्यंत शुभ माना जाता है। पीले वस्त्र, हल्दी, चने की दाल, केला, केसर अथवा धार्मिक पुस्तकों का दान करने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है। जरूरतमंदों की सहायता करने और गौ सेवा करने का भी विशेष महत्व बताया गया है। गुरुवार के दिन कुछ कार्यों से बचने की सलाह भी दी जाती है। मान्यता है कि इस दिन बाल कटवाना, दाढ़ी बनवाना, नाखून काटना तथा घर में अनावश्यक विवाद करना शुभ नहीं माना जाता। इसके अलावा घर की महिलाओं को बाल धोने से भी परहेज करने की सलाह दी जाती है, हालांकि यह धार्मिक परंपराओं और स्थानीय मान्यताओं पर आधारित है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जिन लोगों की कुंडली में गुरु ग्रह कमजोर होता है, उन्हें गुरुवार का व्रत और पूजा विशेष लाभ प्रदान करती है। इससे गुरु ग्रह मजबूत होता है और जीवन में सकारात्मक बदलाव आने लगते हैं। श्रद्धा, संयम और विश्वास के साथ की गई पूजा व्यक्ति के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करती है। इस प्रकार गुरुवार के दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की पूजा करने से न केवल आध्यात्मिक उन्नति होती है, बल्कि परिवार, करियर और आर्थिक जीवन में भी शुभ परिणाम प्राप्त होने की मान्यता है।
आज का राशिफल 18 जून 2026: मकर राशि वालों को साझेदारी में सफलता, जानें सभी 12 राशियों का भविष्यफल

नई दिल्ली । वैदिक ज्योतिष के अनुसार 18 जून 2026, गुरुवार का दिन ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति के कारण कई राशियों के लिए महत्वपूर्ण रहने वाला है। आज कुछ लोगों को करियर में नई उपलब्धियां मिल सकती हैं, तो कुछ को पारिवारिक और आर्थिक मामलों में सतर्क रहना होगा। मकर राशि वालों के लिए विशेष रूप से साझेदारी और व्यापार से जुड़े कार्य लाभदायक रह सकते हैं। आइए जानते हैं सभी 12 राशियों का विस्तृत राशिफल। मेष राशि:आज का दिन उत्साह और ऊर्जा से भरा रहेगा। कार्यक्षेत्र में आपके प्रयासों की सराहना होगी। किसी पुराने मित्र से मुलाकात हो सकती है। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। परिवार में सुखद वातावरण बना रहेगा। वृषभ राशि:धन संबंधी मामलों में सावधानी बरतने की आवश्यकता है। अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखें। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न करें। मिथुन राशि:आज आपके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। व्यापार में लाभ के संकेत हैं। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के अवसर मिल सकते हैं। पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा। कर्क राशि:भावनाओं में बहकर कोई बड़ा निर्णय लेने से बचें। कार्यक्षेत्र में धैर्य बनाए रखें। आर्थिक मामलों में सोच-समझकर कदम उठाएं। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। सिंह राशि:करियर में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग प्राप्त होगा। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। निवेश से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना उचित रहेगा। कन्या राशि:आज का दिन मेहनत और जिम्मेदारियों से भरा रह सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी कार्यशैली की सराहना होगी। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा। तुला राशि:नए कार्यों की शुरुआत के लिए दिन अनुकूल है। आर्थिक लाभ के योग बन रहे हैं। किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति से मुलाकात भविष्य में लाभदायक साबित हो सकती है। वृश्चिक राशि:धैर्य और संयम बनाए रखना आवश्यक होगा। कार्यक्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है। स्वास्थ्य का ध्यान रखें और तनाव से दूर रहने का प्रयास करें। धनु राशि:यात्रा के योग बन सकते हैं। नौकरी और व्यवसाय में सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। परिवार के साथ अच्छा समय व्यतीत होगा। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। मकर राशि:आज का दिन विशेष रूप से लाभकारी रह सकता है। साझेदारी में किए जा रहे कार्यों में सफलता मिलने के संकेत हैं। व्यापार विस्तार की योजनाएं आगे बढ़ सकती हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं। कुंभ राशि:कार्यक्षेत्र में नई चुनौतियां सामने आ सकती हैं, लेकिन आपकी समझदारी से उनका समाधान निकल जाएगा। मित्रों और सहयोगियों का साथ मिलेगा। धन संबंधी मामलों में सतर्क रहें। मीन राशि:रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी। परिवार का सहयोग प्राप्त होगा। करियर में सकारात्मक बदलाव के संकेत हैं। मानसिक शांति और आत्मविश्वास बना रहेगा। कुल मिलाकर 18 जून 2026 का दिन अधिकांश राशियों के लिए संतुलित और सकारात्मक रहने वाला है। मकर राशि वालों को विशेष लाभ मिलने की संभावना है, जबकि अन्य राशियों को भी अपने प्रयासों के अनुरूप परिणाम प्राप्त हो सकते हैं।
बुधवार पूजा विधि: गणपति और बुध ग्रह की कृपा पाने के लिए करें ये सरल उपाय

नई दिल्ली -हिंदू धर्म में भगवान गणेश को प्रथम पूज्य देवता का स्थान प्राप्त है। मान्यता है कि किसी भी शुभ कार्य, पूजा, यज्ञ, विवाह या नए कार्य की शुरुआत से पहले गणेश जी का स्मरण और पूजन करने से सभी बाधाएं दूर होती हैं और कार्य सफल होता है। इसलिए गणेश जी की पूजा में सही सामग्री और विधि का विशेष महत्व माना गया है। गणेश जी की पूजा के लिए सबसे पहले उनकी प्रतिमा या चित्र होना आवश्यक है। पूजा स्थान को स्वच्छ करके लाल या पीला वस्त्र बिछाएं और उस पर गणेश जी की स्थापना करें। इसके बाद गंगाजल या शुद्ध जल से पूजा स्थल को पवित्र करें। गणेश पूजा में दूर्वा घास का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान गणेश को दूर्वा अत्यंत प्रिय है। पूजा के दौरान 21 दूर्वा अर्पित करने से गणपति प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। इसके साथ ही लाल या पीले फूल भी अर्पित किए जाते हैं। भगवान गणेश को मोदक और लड्डू विशेष रूप से प्रिय हैं। इसलिए पूजा में मोदक, बेसन के लड्डू या बूंदी के लड्डू का भोग लगाना शुभ माना जाता है। इसके अलावा फल, नारियल, सुपारी, पान के पत्ते और अक्षत (चावल) भी पूजा सामग्री में शामिल किए जाते हैं। पूजा के समय दीपक और धूप अवश्य जलाएं। घी का दीपक जलाकर गणेश जी की आरती करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। रोली, कुमकुम, हल्दी, चंदन और मौली भी पूजा में उपयोग की जाती हैं। चंदन का तिलक लगाने से पूजा का महत्व और बढ़ जाता है। गणेश पूजा के दौरान “ॐ गं गणपतये नमः” मंत्र का जाप विशेष फलदायी माना गया है। इस मंत्र का 21, 51 या 108 बार जाप करने से बुद्धि, ज्ञान और सफलता की प्राप्ति होती है। गणेश चालीसा, गणेश अथर्वशीर्ष या संकटनाशन स्तोत्र का पाठ भी किया जा सकता है। धार्मिक मान्यता है कि गणेश जी की पूजा में श्रद्धा और भक्ति सबसे महत्वपूर्ण होती है। यदि सभी सामग्री उपलब्ध न हो, तब भी सच्चे मन और विश्वास से की गई पूजा भगवान तक पहुंचती है। इसलिए पूजा करते समय मन को शांत रखें और पूर्ण श्रद्धा के साथ गणपति बप्पा का स्मरण करें। नियमित रूप से गणेश जी की आराधना करने से जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं, कार्यों में सफलता मिलती है और घर-परिवार में सुख, शांति तथा समृद्धि का वास होता है। यही कारण है कि गणेश जी को विघ्नहर्ता और मंगलकारी देवता कहा जाता है।