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मंगलवार के 5 महाउपाय: बजरंगबली की कृपा से दूर होंगे हर संकट और बाधाएं

नई दिल्ली।मंगलवार का दिन हनुमान जी की पूजा के लिए बेहद शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन किए गए कुछ विशेष उपाय जीवन के संकट दूर कर सुख-समृद्धि और सफलता दिलाते हैं। जानिए हनुमान जी को प्रसन्न करने वाले 5 सरल और प्रभावी उपाय। मंगलवार को क्यों खास माना जाता है?सनातन धर्म में मंगलवार का दिन भगवान हनुमान को समर्पित माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सच्चे मन से की गई हनुमत साधना व्यक्ति के भय, संकट और दुखों को दूर करती है। बजरंगबली को शक्ति, साहस और भक्ति का प्रतीक माना जाता है, इसलिए उनकी पूजा जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और आत्मविश्वास बढ़ाने वाली मानी जाती है। 1. हनुमान चालीसा का करें पाठहनुमान जी की कृपा पाने का सबसे सरल उपाय हनुमान चालीसा का पाठ माना गया है। मंगलवार के दिन स्नान-ध्यान के बाद लाल रंग के आसन पर बैठकर कम से कम 7 बार हनुमान चालीसा का पाठ करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं और मन को शांति मिलती है। 2. श्रीराम नाम का जाप जरूर करेंहनुमान जी भगवान श्रीराम के परम भक्त हैं। इसलिए उनकी पूजा तब तक पूर्ण नहीं मानी जाती जब तक श्रीराम के नाम का स्मरण न किया जाए। मंगलवार को “श्रीराम” मंत्र का जाप करने से हनुमान जी शीघ्र प्रसन्न होते हैं और साधक को विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है। 3. सिंदूर का चोला चढ़ाएंधार्मिक मान्यताओं के अनुसार हनुमान जी को सिंदूर अत्यंत प्रिय है। मंगलवार के दिन बजरंगबली को सिंदूर का चोला चढ़ाने और उनके चरणों का सिंदूर माथे पर लगाने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और सौभाग्य में वृद्धि होती है। 4. मंदिर में केसरिया ध्वज चढ़ाएंमंगलवार को हनुमान मंदिर में केसरिया ध्वज चढ़ाना बेहद शुभ माना गया है। मान्यता है कि ऐसा करने से व्यक्ति की मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन में सफलता के मार्ग खुलते हैं। 5. दीपदान से मिलता है शुभ फलहनुमान जी की पूजा में दीपदान का विशेष महत्व बताया गया है। उड़द या गेहूं के आटे से बने दीपक में शुद्ध घी या सरसों का तेल डालकर दीप जलाना शुभ माना जाता है। लाल कलावे की बाती से दीपदान करने पर सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का आशीर्वाद मिलता है। मंगलवार को श्रद्धा और नियमपूर्वक किए गए ये सरल उपाय व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बजरंगबली अपने भक्तों के सभी संकट हरकर उन्हें सुख, शक्ति और सफलता का आशीर्वाद प्रदान करते हैं।

मंगलवार को क्या नहीं करना चाहिए? (हनुमान जी के दिन के जरूरी नियम)

नई दिल्ली।  मंगलवार का दिन भगवान हनुमान को समर्पित माना जाता है। इस दिन कुछ कामों से बचना जरूरी माना गया है, वरना व्रत और पूजा का फल कम हो सकता है।  मंगलवार को ये काम भूलकर भी न करें- 1. नमक का सेवन न करेअगर आप व्रत रखते हैं तो इस दिन साधारण नमक का उपयोग नहीं करना चाहिए। यह व्रत की शुद्धता को प्रभावित करता है।  2. प्याज-लहसुन और तामसिक भोजन से बचेमांस, मदिरा, प्याज और लहसुन जैसे तामसिक भोजन का सेवन मंगलवार को अशुभ माना जाता है।  3. क्रोध और झगड़े से दूर रहेंइस दिन गुस्सा करना या किसी से विवाद करना नकारात्मक ऊर्जा बढ़ा सकता है और पूजा का प्रभाव कम करता है।  4. बाल और नाखून काटने से बचेधार्मिक मान्यता के अनुसार मंगलवार को बाल और नाखून काटना शुभ नहीं माना जाता।  5. उधार देना या लेना टालेंइस दिन पैसों का लेन-देन सावधानी से करें। उधार देने या लेने से आर्थिक असंतुलन बढ़ सकता है।  6. आलस्य और देर तक सोना न करेमंगलवार को देर तक सोना या दिन की शुरुआत देर से करना अशुभ माना जाता है। सुबह जल्दी उठकर पूजा करना शुभ होता है। मंगलवार संयम, भक्ति और अनुशासन का दिन माना जाता है। अगर इस दिन नियमों का पालन किया जाए और गलत आदतों से बचा जाए, तो भगवान हनुमान की कृपा जल्दी प्राप्त होती है और जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं।

आज का राशिफल: सिंह राशि के लिए शुभ संकेत, वृश्चिक राशि वालों की पूरी होगी बड़ी इच्छा

नई दिल्ली। 12 मई 2026 मंगलवार का दिन कई राशियों के लिए शुभ संकेत लेकर आ रहा है। सिंह राशि के अविवाहितों के लिए विवाह योग बन रहे हैं, वहीं वृश्चिक राशि वालों को भूमि और वाहन सुख मिलने के संकेत हैं। जानिए सभी 12 राशियों का विस्तृत राशिफल। मेष राशि (Aries)मेष राशि वालों के लिए मंगलवार आर्थिक मजबूती लेकर आएगा। रुका हुआ धन वापस मिल सकता है और आय के नए रास्ते खुलेंगे। व्यापार में प्रगति होगी और यात्राओं से लाभ मिलने के योग हैं। संतान पक्ष से खुशखबरी मिल सकती है।शुभ रंग: लाल -शुभ अंक: 9 वृषभ राशि (Taurus)व्यापार और करियर के लिहाज से दिन शानदार रहेगा। स्वास्थ्य में सुधार महसूस होगा और प्रेम संबंधों में मधुरता बढ़ेगी। प्रोफेशनल लाइफ में नई उपलब्धियां मिल सकती हैं।शुभ रंग: सफेद | शुभ अंक: 2 मिथुन राशि (Gemini)भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। रुके हुए काम पूरे होंगे और यात्राएं लाभदायक साबित होंगी। प्रेम जीवन में नजदीकियां बढ़ेंगी।शुभ रंग: हरा | शुभ अंक: 5 कर्क राशि (Cancer)कर्क राशि वालों को थोड़ा संभलकर रहने की जरूरत है। चोट या परेशानी की आशंका बन सकती है। स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें और जल्दबाजी से बचें।शुभ रंग: दूधिया सफेद -शुभ अंक: 7 सिंह राशि (Leo)सिंह राशि वालों के लिए मंगलवार बेहद खास साबित हो सकता है। अविवाहित लोगों के विवाह तय होने के प्रबल योग बन रहे हैं। व्यापार में लाभ मिलेगा और प्रेम संबंध मजबूत होंगे।शुभ रंग: सुनहरा -शुभ अंक: 1 कन्या राशि (Virgo)पुराने रुके कामों में तेजी आएगी। विरोधी भी मित्रवत व्यवहार कर सकते हैं। परिवार और बुजुर्गों का सहयोग मिलेगा।शुभ रंग: गहरा हरा -शुभ अंक: 6 तुला राशि (Libra)विद्यार्थियों, लेखकों और कला से जुड़े लोगों के लिए दिन बेहद शुभ रहेगा। मन प्रसन्न रहेगा और प्रेम संबंधों में मजबूती आएगी।शुभ रंग: हल्का नीला -शुभ अंक: 8 वृश्चिक राशि (Scorpio)वृश्चिक राशि वालों के लिए सुख-सुविधाओं में वृद्धि के योग हैं। भूमि, भवन या वाहन खरीदने का सपना पूरा हो सकता है। घर में मांगलिक कार्य होने की संभावना है।शुभ रंग: मैरून -शुभ अंक: 3 धनु राशि (Sagittarius)पराक्रम और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। भाइयों और दोस्तों का सहयोग मिलेगा। रोजगार और व्यापार में लाभ के संकेत हैं।शुभ रंग: पीला -शुभ अंक: 4 मकर राशि (Capricorn)धन लाभ के अच्छे अवसर मिल सकते हैं। परिवार में सामंजस्य बढ़ेगा और प्रेम जीवन सुखद रहेगा। हालांकि स्वास्थ्य को लेकर थोड़ी सावधानी रखें।शुभ रंग: काला -शुभ अंक: 10 कुंभ राशि (Aquarius)सामाजिक सम्मान और प्रतिष्ठा बढ़ेगी। व्यापार में लाभ होगा और स्वास्थ्य में सुधार महसूस करेंगे। जरूरत की चीजें आसानी से उपलब्ध होंगी।शुभ रंग: नीला -शुभ अंक: 11 मीन राशि (Pisces)मीन राशि वालों को मानसिक और शारीरिक थकान महसूस हो सकती है। निवेश में सावधानी बरतें और अनावश्यक तनाव से बचें।शुभ रंग: केसरिया -शुभ अंक: 12 आज का विशेष ज्योतिषीय संयोग12 मई 2026 को दोपहर 2:55 बजे तक दशमी तिथि रहेगी, इसके बाद एकादशी प्रारंभ होगी। पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र और वैधृति योग का प्रभाव कई राशियों के लिए शुभ फल देने वाला माना जा रहा है।

Solar Eclipse 2027: आसमान में दिखेगा अद्भुत नजारा, वैज्ञानिक क्यों बता रहे इसे खास घटना

नई दिल्ली। 2026 और 2027 में लगने वाले सूर्य ग्रहण खगोल विज्ञान की दुनिया में बेहद खास माने जा रहे हैं। खासकर 2 अगस्त 2027 का सूर्य ग्रहण अपनी असाधारण अवधि और दृश्यता के कारण “सदी का सबसे शानदार खगोलीय नजारा” कहा जा रहा है। खगोल वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्ष 2026 और 2027 में लगातार दो बड़े सूर्य ग्रहण लगेंगे, जो धरती के अलग-अलग हिस्सों से दिखाई देंगे। इनमें 2026 का सूर्य ग्रहण भी महत्वपूर्ण रहेगा, लेकिन असली चर्चा का केंद्र 2027 का पूर्ण सूर्य ग्रहण है, जिसे आने वाले कई दशकों में सबसे प्रभावशाली माना जा रहा है। 1. 2027 का सूर्य ग्रहण क्यों है इतना खास?2 अगस्त 2027 को लगने वाला पूर्ण सूर्य ग्रहण (Total Solar Eclipse) अपनी असाधारण अवधि के कारण बेहद दुर्लभ होगा। वैज्ञानिकों के अनुसार, यह ग्रहण लगभग 6 मिनट से अधिक समय तक पूर्णता (Totality) की स्थिति में रहेगा, जो इसे 21वीं सदी के सबसे लंबे सूर्य ग्रहणों में से एक बनाता है। इतनी लंबी अवधि का पूर्ण अंधकार खगोल विज्ञान में अत्यंत दुर्लभ माना जाता है, क्योंकि अधिकांश सूर्य ग्रहण कुछ ही मिनटों में समाप्त हो जाते हैं।  2. किन देशों में दिखेगा यह नजारा?यह सूर्य ग्रहण मुख्य रूप से उत्तरी अफ्रीका, यूरोप और मध्य पूर्व के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा। विशेष रूप से मिस्र, सऊदी अरब, सूडान और स्पेन जैसे देशों में लोग इसे पूर्ण रूप में देख पाएंगे। इन क्षेत्रों में दिन के समय कुछ मिनटों के लिए पूरी तरह अंधेरा छा जाएगा। 3. क्या होगा जब दिन में छा जाएगा अंधेरा?पूर्ण सूर्य ग्रहण के दौरान सूर्य पूरी तरह चंद्रमा द्वारा ढक लिया जाता है। इस दौरान: आसमान में अचानक अंधेरा छा जाता हैतापमान में गिरावट महसूस होती हैपक्षी और जानवर रात जैसा व्यवहार करने लगते हैंसूर्य के बाहरी वातावरण (Corona) को देखा जा सकता हैयह दृश्य वैज्ञानिकों और आम लोगों दोनों के लिए बेहद रोमांचक होता है।  4. 2026 का सूर्य ग्रहण भी रहेगा खास2026 में भी एक महत्वपूर्ण सूर्य ग्रहण लगेगा, जो आंशिक और कुछ क्षेत्रों में पूर्ण रूप में दिखाई देगा। यह ग्रहण यूरोप और उत्तरी क्षेत्रों में अधिक स्पष्ट रहेगा। हालांकि इसकी अवधि और प्रभाव 2027 जितना प्रभावशाली नहीं होगा।  5. क्यों कहा जा रहा है “सदी का सबसे खास नजारा”? 2027 का सूर्य ग्रहण तीन वजहों से खास माना जा रहा है:-इसकी असाधारण लंबी अवधिव्यापक भौगोलिक दृश्यतावैज्ञानिक अध्ययन के लिए दुर्लभ अवसरइसी कारण इसे “सदी के सबसे शानदार खगोलीय दृश्यों में से एक” कहा जा रहा है। 2026 और 2027 के सूर्य ग्रहण खगोल प्रेमियों के लिए ऐतिहासिक घटनाएं साबित होने वाली हैं। खासकर 2027 का ग्रहण एक ऐसा दुर्लभ खगोलीय अवसर होगा, जिसे देखने के लिए पूरी दुनिया उत्सुक है। यह नजारा विज्ञान और प्रकृति के अद्भुत मेल को दर्शाएगा।

मंगलवार के आसान वास्तु उपाय: मेहनत के बाद भी असफलता हो रही है तो बदल जाएगी किस्मत

नई दिल्ली। अगर लगातार मेहनत के बावजूद काम में सफलता नहीं मिल रही है, तो Vastu Shastra के कुछ सरल उपाय अपनाकर जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। सफलता के लिए आसान वास्तु उपायकई बार मेहनत करने के बाद भी परिणाम नहीं मिलते। ऐसे में माना जाता है कि घर या कार्यस्थल में वास्तु दोष इसकी वजह हो सकता है। कुछ छोटे-छोटे बदलाव करके सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाई जा सकती है।  1. सुबह घर का मुख्य द्वार साफ रखेंघर का मुख्य द्वार ऊर्जा का प्रवेश द्वार माना जाता है। इसे रोज साफ रखें और वहां गंदगी या टूटे सामान न रखें। इससे सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है।  2. हनुमान जी या ईष्ट देव का स्थान साफ रखेंपूजा स्थान को हमेशा स्वच्छ और व्यवस्थित रखें। रोज दीपक जलाने से मानसिक शांति और आत्मविश्वास बढ़ता है।  3. उत्तर-पूर्व दिशा को हल्का और साफ रखेंयह दिशा ज्ञान और अवसर की मानी जाती है। यहां भारी सामान रखने से बचें और इसे हमेशा साफ-सुथरा रखें।  4. प्रेरणादायक तस्वीरें लगाएंघर या ऑफिस में सकारात्मक सोच वाली तस्वीरें जैसे उगता सूरज, पहाड़ या प्रेरक विचार लगाना लाभकारी माना जाता है।  5. टूटे-फूटे सामान तुरंत हटाएंटूटी घड़ी, खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान या बंद पड़ी चीजें नकारात्मक ऊर्जा बढ़ाती हैं, इन्हें तुरंत हटा देना चाहिए।  6. हर दिन थोड़ा समय शांति में बिताएंध्यान, प्रार्थना या कुछ समय शांति में बैठना मानसिक ऊर्जा को मजबूत करता है और निर्णय लेने की क्षमता बढ़ाता है। अगर मेहनत के बाद भी सफलता नहीं मिल रही है, तो इन सरल वास्तु उपायों को अपनाकर जीवन में सकारात्मक बदलाव और नई ऊर्जा लाई जा सकती है।

मंगलवार के वास्तु टिप्स: घर में बढ़ेगी सकारात्मक ऊर्जा और दूर होंगे संकट

नई दिल्ली।  मंगलवार के दिन किए गए कुछ आसान वास्तु उपाय घर में ऊर्जा बढ़ाते हैं और नकारात्मक प्रभाव को कम करते हैं। हनुमान जी की कृपा पाने के लिए यह दिन खास माना जाता है। मंगलवार के वास्तु से जुड़े महत्वपूर्ण उपायमंगलवार का दिन ऊर्जा, साहस और शक्ति का प्रतीक माना जाता है। इस दिन अगर कुछ सरल वास्तु उपाय अपनाए जाएं तो घर में सुख-शांति और सकारात्मकता बढ़ती है। 1. घर की साफ-सफाई और लाल रंग का प्रयोगमंगलवार के दिन घर की अच्छी तरह सफाई करना शुभ माना जाता है। खासकर घर के दक्षिण दिशा वाले हिस्से को साफ और व्यवस्थित रखें। इस दिन लाल रंग के कपड़े, पर्दे या सजावट का उपयोग करने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।  2. हनुमान जी के सामने दीपक जलाएंघर के पूजा स्थान में हनुमान जी की तस्वीर या मूर्ति के सामने घी का दीपक जलाना बहुत शुभ माना जाता है। इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और मानसिक शांति मिलती है।  3. दक्षिण दिशा को रखें साफ और सक्रियवास्तु के अनुसार दक्षिण दिशा मंगल ग्रह और शक्ति का प्रतिनिधित्व करती है। इस दिशा में भारी सामान या गंदगी नहीं रखनी चाहिए। इसे साफ और व्यवस्थित रखना लाभकारी होता है।  4. तुलसी और पवित्र पौधों का ध्यान रखेंमंगलवार के दिन तुलसी और अन्य पवित्र पौधों की देखभाल करें। सूखे पत्ते हटा दें और पौधों में जल अर्पित करें। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।  5. नकारात्मक चीजों से बचेंइस दिन घर में टूटे-फूटे सामान, बंद घड़ी या खराब इलेक्ट्रॉनिक वस्तुएं नहीं रखनी चाहिए। इन्हें तुरंत ठीक करवा लें या हटा दें।  6. हनुमान चालीसा का पाठ करेंमंगलवार को घर में हनुमान चालीसा का पाठ करने से वातावरण शुद्ध होता है और वास्तु दोष का प्रभाव कम माना जाता है। मंगलवार के वास्तु उपाय बहुत सरल हैं लेकिन प्रभावशाली माने जाते हैं। अगर इन्हें नियमित रूप से अपनाया जाए तो घर में शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।

रोग पंचक 2026: 13 मई से शुरू होगा ‘अशुभ काल’, 5 दिन रहें विशेष सावधान

नई दिल्ली। रोग पंचक 2026 को लेकर 13 मई से शुरू होने वाली यह अवधि ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हिंदू पंचांग के अनुसार जब चंद्रमा कुंभ और मीन राशि में पांच विशेष नक्षत्रों से होकर गुजरता है तब पंचक की स्थिति बनती है और इन्हीं में से एक रोग पंचक माना जाता है जिसे परंपरागत रूप से स्वास्थ्य और मानसिक तनाव से जुड़ा संवेदनशील समय कहा जाता है वर्ष 2026 में यह रोग पंचक 13 मई से शुरू होकर लगभग पांच दिनों तक प्रभावी रहेगा इस दौरान ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार व्यक्ति को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है क्योंकि यह समय शारीरिक कमजोरी मानसिक अशांति और दुर्घटनाओं की संभावना से जोड़ा जाता है हालांकि यह पूरी तरह परंपरा और ज्योतिष पर आधारित है और इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है इस अवधि में कई कार्यों को टालने की सलाह दी जाती है जैसे कि नए निर्माण कार्य की शुरुआत लकड़ी से जुड़े बड़े काम जैसे फर्नीचर या छत निर्माण विवाह या गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्य और लंबी अनावश्यक यात्राएं इसके साथ ही जोखिम वाले कार्यों में भी अतिरिक्त सावधानी रखने की बात कही जाती है परंपरागत मान्यताओं में इस समय दक्षिण दिशा की यात्रा को विशेष रूप से अशुभ माना गया है क्योंकि ऐसा माना जाता है कि इससे दुर्घटना या बाधाओं की संभावना बढ़ सकती है हालांकि विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि रोग पंचक को डर के रूप में नहीं देखना चाहिए बल्कि इसे एक सावधानीपूर्ण परंपरा के रूप में समझना चाहिए सामान्य जीवन में संयम सतर्कता और सोच समझकर निर्णय लेना हमेशा लाभकारी होता है चाहे कोई भी समय हो इस अवधि में स्वास्थ्य का ध्यान रखना सकारात्मक सोच बनाए रखना अनावश्यक यात्राओं से बचना और ध्यान पूजा या मानसिक शांति से जुड़े कार्य करना बेहतर माना जाता है कहा जाए तो 13 मई 2026 से शुरू होने वाला रोग पंचक एक ज्योतिषीय मान्यता पर आधारित संवेदनशील काल है जिसे लेकर लोगों में सावधानी बरतने की परंपरा रही है इसे अंधविश्वास की तरह देखने के बजाय एक सतर्कता के संकेत के रूप में अपनाया जाए तो यह अवधि सामान्य रूप से सुरक्षित और संतुलित तरीके से बिताई जा सकती है

गुरु प्रदोष व्रत 2026: 14 मई को बन रहा शुभ योग, शिव कृपा से पूरी होंगी मनोकामनाएं, जानें मुहूर्त और पूजा विधि

नई दिल्ली। मई 2026 का पहला प्रदोष व्रत 14 मई, गुरुवार को रखा जाएगा, जिसे गुरु प्रदोष व्रत कहा जाता है। यह व्रत ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को पड़ रहा है और इसका विशेष महत्व इसलिए भी माना जाता है क्योंकि यह भगवान शिव को समर्पित होता है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा से व्रत और पूजा करने पर जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। पंचांग के अनुसार त्रयोदशी तिथि 14 मई को दिन में लगभग 11:21 बजे शुरू होकर 15 मई सुबह 8:32 बजे तक रहेगी। लेकिन प्रदोष काल (संध्या समय) में तिथि होने के कारण व्रत 14 मई को ही रखा जाएगा। इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:22 बजे से 7:04 बजे तक रहेगा, जो शिव आराधना के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गुरु प्रदोष व्रत करने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है और व्यक्ति को शत्रुओं पर विजय, मानसिक शांति और जीवन में स्थिरता मिलती है। इसके साथ ही जिन लोगों की कुंडली में गुरु ग्रह कमजोर होता है, उनके लिए यह व्रत विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है। व्रत की शुरुआत ब्रह्म मुहूर्त में स्नान और स्वच्छ वस्त्र धारण करने से होती है। इसके बाद घर के पूजा स्थान पर घी का दीपक जलाकर भगवान शिव का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लिया जाता है। दिनभर शिव नाम का जप और सात्त्विक विचार रखने की सलाह दी जाती है। शाम के समय शिव मंदिर में जाकर पंचामृत से अभिषेक, बेलपत्र अर्पण, चंदन और दीपदान करना अत्यंत शुभ माना गया है। पूजा के अंत में गुरु प्रदोष व्रत कथा का पाठ और आरती की जाती है। प्रसाद का वितरण परिवार में करने के बाद व्रत का पारण किया जाता है। मान्यता है कि इस व्रत से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है।

राहु का महागोचर 2026! राजनीति से टेक्नोलॉजी तक दिखेगा असर, कई राशियों को मिलेगा बड़ा लाभ तो कुछ की बढ़ेगी परेशानी

नई दिल्ली। वैदिक ज्योतिष में राहु को रहस्य, भ्रम, अचानक घटनाओं और अप्रत्याशित बदलावों का ग्रह माना जाता है। यही वजह है कि जब भी राहु राशि परिवर्तन करते हैं तो उसका प्रभाव केवल व्यक्ति के जीवन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि देश-दुनिया, राजनीति, अर्थव्यवस्था और तकनीकी क्षेत्रों तक दिखाई देता है। साल 2026 में राहु पूरे समय कुंभ राशि में प्रभाव बनाए रखेंगे और फिर 5 दिसंबर 2026 को शनि की राशि मकर में प्रवेश करेंगे। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार यह गोचर आने वाले समय में कई बड़े बदलावों का संकेत दे रहा है। माना जा रहा है कि राहु के मकर राशि में प्रवेश करते ही शासन-प्रशासन, आर्थिक नीतियों और वैश्विक राजनीति में हलचल तेज हो सकती है। कई देशों में सत्ता परिवर्तन, नीतिगत फेरबदल और प्रशासनिक स्तर पर बड़े फैसले देखने को मिल सकते हैं। वहीं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल टेक्नोलॉजी और साइबर सेक्टर में अचानक तेजी आने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि राहु भ्रम और अस्थिरता का भी कारक माना जाता है, इसलिए फेक न्यूज, डिजिटल धोखाधड़ी और अफवाहों जैसी स्थितियां भी बढ़ सकती हैं। मेष राशि वालों के लिए यह समय करियर में बदलाव और नई जिम्मेदारियां लेकर आ सकता है। अचानक यात्राओं के योग बनेंगे, लेकिन जल्दबाजी में लिया गया फैसला नुकसान पहुंचा सकता है। वृषभ राशि वालों को मानसिक तनाव और उलझनों का सामना करना पड़ सकता है, हालांकि विदेश, शिक्षा और लंबी यात्राओं से जुड़े मामलों में लाभ मिलने के संकेत हैं। मिथुन राशि वालों के करियर में नई चुनौतियां आ सकती हैं, इसलिए आर्थिक मामलों और साझेदारी में सतर्क रहने की सलाह दी गई है। कर्क राशि वालों को लाभ के अवसर मिलेंगे, लेकिन रिश्तों और दांपत्य जीवन में उतार-चढ़ाव महसूस हो सकता है। सिंह राशि वालों पर काम का दबाव बढ़ सकता है, जबकि कन्या राशि के लोगों को मेहनत का सकारात्मक परिणाम और आय में वृद्धि मिलने के योग हैं। तुला राशि वालों के लिए विवाह योग और शुभ समाचार के संकेत हैं, वहीं वृश्चिक राशि के लोगों को नए संपर्कों से लाभ मिल सकता है। धनु राशि वालों के लिए धन कमाने के नए रास्ते खुल सकते हैं, लेकिन खर्चों में भी तेजी आ सकती है। सबसे ज्यादा असर मकर राशि वालों पर देखने को मिलेगा, क्योंकि राहु इसी राशि में प्रवेश करेंगे। करियर, सोच और जीवनशैली में बड़ा बदलाव महसूस हो सकता है। कुंभ राशि वालों को मानसिक दबाव और भ्रम की स्थिति का सामना करना पड़ सकता है, जबकि मीन राशि वालों के लिए करियर और सामाजिक जीवन में विस्तार के योग बन रहे हैं। ज्योतिष विशेषज्ञों का मानना है कि राहु का यह गोचर कई लोगों के लिए अचानक सफलता, नई पहचान और बड़े अवसर लेकर आएगा, वहीं कुछ राशियों को धैर्य और समझदारी के साथ फैसले लेने की जरूरत होगी।

रोग पंचक 2026 का खतरे वाला दौर शुरू! 5 दिन तक इन कामों से रहें दूर, दक्षिण दिशा की यात्रा मानी गई अशुभ

नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार 10 मई 2026 से शुरू हुआ रोग पंचक 14 मई की रात 10 बजकर 34 मिनट तक प्रभावी रहेगा। इस दौरान चंद्रमा कुंभ और मीन राशि में भ्रमण करते हुए धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद और रेवती नक्षत्र से गुजरता है। रविवार से शुरू होने के कारण इसे ‘रोग पंचक’ कहा जाता है, जिसे स्वास्थ्य, मानसिक तनाव और बाधाओं से जोड़कर देखा जाता है। ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि इन पांच दिनों में सावधानी बरतना बेहद जरूरी होता है, क्योंकि छोटी लापरवाही भी परेशानी का कारण बन सकती है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक पंचक के दौरान नए मकान का निर्माण, नींव भरना, छत डालना या किसी स्थायी निर्माण कार्य की शुरुआत करना अशुभ माना जाता है। लकड़ी से जुड़े काम जैसे पलंग, मेज, कुर्सी या फर्नीचर बनवाने से भी बचने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि पंचक में शुरू किए गए कामों में रुकावट, नुकसान या मानसिक तनाव बढ़ सकता है। यही वजह है कि शुभ और स्थायी कार्यों को इन दिनों टालने की परंपरा चली आ रही है। ज्योतिष शास्त्र में पंचक के दौरान दक्षिण दिशा की यात्रा को भी अशुभ बताया गया है। दक्षिण दिशा को यम की दिशा माना जाता है, इसलिए इन पांच दिनों तक इस ओर यात्रा करने से बचने की सलाह दी जाती है। खासकर रोग पंचक में स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ने की आशंका मानी जाती है। यदि यात्रा बहुत जरूरी हो तो पूजा-पाठ और शुभ उपाय करने के बाद ही निकलना बेहतर माना जाता है। पंचक के प्रकारों की बात करें तो रविवार का पंचक रोग पंचक, सोमवार का राज पंचक, मंगलवार का अग्नि पंचक, शुक्रवार का चोर पंचक और शनिवार का मृत्यु पंचक कहलाता है। इनमें राज पंचक को छोड़कर बाकी पंचकों को विशेष सावधानी वाला समय माना गया है। धार्मिक परंपराओं के अनुसार यदि पंचक के दौरान किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाए तो अंतिम संस्कार रोका नहीं जाता। अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए कुश से बने पुतले का भी दाह संस्कार किया जाता है। मान्यता है कि ऐसा करने से परिवार पर आने वाले संकट और पंचक दोष का प्रभाव कम हो जाता है।