AI ALERT: AI से इंसानों की 99% नौकरियों पर संकट, बेरोज़गारी का स्तर होगा अभूतपूर्व: एक्सपर्ट की चेतावनी..

AI ALERT: नई दिल्ली । आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब सिर्फ तकनीक नहीं, बल्कि इंसानी जीवन का अहम हिस्सा बन चुका है। पढ़ाई, नौकरी, बिजनेस, हेल्थकेयर और रोजमर्रा के कामों में AI की मौजूदगी लगातार बढ़ रही है। लेकिन इसी तेजी के बीच अब AI को लेकर एक ऐसी चेतावनी सामने आई है, जिसने पूरी दुनिया में चिंता बढ़ा दी है। मशहूर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रिसर्चर और कंप्यूटर साइंटिस्ट डॉ. रोमन याम्पोल्स्की ने दावा किया है कि आने वाले महज एक साल के भीतर AI इंसानों की करीब 99 फीसदी नौकरियों को खत्म कर सकता है। डॉ. याम्पोल्स्की का कहना है कि AI अब सिर्फ इंसानों की मदद करने वाला टूल नहीं रहेगा, बल्कि वह तेजी से इंसानों को रिप्लेस करने की दिशा में बढ़ रहा है। उनके मुताबिक ऐसा कोई भी इंसानी काम नजर नहीं आता, जिसे पूरी तरह ऑटोमेट न किया जा सके। जिस रफ्तार से AI विकसित हो रहा है, वह नौकरी बाजार में अभूतपूर्व उथल-पुथल ला सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि आईटी, कस्टमर सपोर्ट, डेटा एनालिसिस, कंटेंट क्रिएशन, अकाउंटिंग और यहां तक कि रिसर्च जैसे सेक्टर्स भी AI के प्रभाव से अछूते नहीं रहेंगे। आने वाले समय में इन क्षेत्रों में इंसानी भूमिका तेजी से कम हो सकती है। डॉ. याम्पोल्स्की के अनुसार, वर्ष 2045 तक दुनिया एक ऐसे टेक्नोलॉजिकल मोड़ पर पहुंच सकती है, जहां से वापस लौटना संभव नहीं होगा। आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस, ऑटोमेशन और AI के दीर्घकालिक प्रभावों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि आने वाले बदलाव पिछले सभी इंडस्ट्रियल रिवोल्यूशन से बिल्कुल अलग और कहीं ज्यादा गहरे होंगे। AI सिर्फ नौकरियों को नहीं बदलेगा, बल्कि समाज की पूरी संरचना को प्रभावित करेगा। उन्होंने यह भी आगाह किया कि तकनीक जिस तेजी से आगे बढ़ रही है, वह रोजगार, अर्थव्यवस्था और इंसानी नियंत्रण को लेकर बड़े सवाल खड़े कर सकती है। डॉ. याम्पोल्स्की ने इसे ऐसा दौर बताया, जहां तकनीकी फैसले इंसानी फैसलों से कहीं आगे निकल सकते हैं। उल्लेखनीय है कि डॉ. याम्पोल्स्की लातविया के मूल निवासी हैं और वर्तमान में अमेरिका की लुइसविले यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं। AI सेफ्टी और संभावित जोखिमों पर वे दुनिया के अग्रणी विशेषज्ञों में शामिल हैं और इस विषय पर 100 से ज्यादा रिसर्च पेपर प्रकाशित कर चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि अगले पांच वर्षों में लगभग हर तरह के फिजिकल लेबर को ऑटोमेट किया जा सकता है। उनके मुताबिक हम एक ऐसी दुनिया की ओर बढ़ रहे हैं, जहां बेरोज़गारी का स्तर पहले कभी नहीं देखा गया होगा। यह सिर्फ 10 या 20 फीसदी बेरोज़गारी की बात नहीं, बल्कि 99 फीसदी तक पहुंचने की आशंका है। हालांकि डॉ. याम्पोल्स्की ने यह भी बताया कि भविष्य में कुछ नौकरियां बच सकती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे काम जहां इंसानी मौजूदगी जरूरी मानी जाती है, वे पूरी तरह खत्म नहीं होंगे। उदाहरण के तौर पर, कुछ लोग व्यक्तिगत भरोसे या पसंद के कारण इंसानी अकाउंटेंट या सलाहकार रखना चाहेंगे। इसके अलावा हाथ से बनाए गए उत्पादों और कारीगरी का एक सीमित लेकिन खास बाजार बना रहेगा।उन्होंने यह भी कहा कि AI की निगरानी और रेगुलेशन से जुड़ी नौकरियां भविष्य में बनी रह सकती हैं, हालांकि लंबे समय में AI को पूरी तरह नियंत्रित कर पाना बेहद मुश्किल होगा।
OPPO Reno 15c: मिड-प्रीमियम सेगमेंट का नया किंग? 5 साल के अपडेट और एडवांस AI टूल्स के साथ हुई एंट्री"

नई दिल्ली :स्मार्टफोन निर्माता कंपनी ओप्पो OPPO ने अपनी लोकप्रिय रेनो सीरीज का विस्तार करते हुए OPPO Reno 15c को भारतीय बाजार में पेश कर दिया है। यह डिवाइस उन यूजर्स को ध्यान में रखकर बनाया गया है जो स्टाइल के साथ-साथ परफॉर्मेंस और लंबी सॉफ्टवेयर सपोर्ट की तलाश में रहते हैं। कंपनी ने इस बार “डिज़ाइन और ड्यूरेबिलिटी” पर विशेष ध्यान दिया है, जिसके चलते फोन को ‘ऑल-राउंड आर्मर बॉडी’ और IP66, IP68 एवं IP69 जैसी उच्चतम रेटिंग्स दी गई हैं, जो इसे पानी और धूल से पूरी तरह सुरक्षित बनाती हैं। परफॉर्मेंस की बात करें तो इसमें Qualcomm Snapdragon 6 Gen 1 प्रोसेसर दिया गया है, जो ColorOS 16 पर आधारित Trinity Engine के साथ मिलकर फोन को एक सुपर-स्मूथ अनुभव प्रदान करता है। ओप्पो ने इस बार सॉफ्टवेयर अपडेट के मामले में बड़ा दांव खेला है। कंपनी इस फोन के लिए 5 साल के ओएस OS अपडेट और 6 साल के सुरक्षा अपडेट का वादा कर रही है, जो इस बजट में एक दुर्लभ उपलब्धि है। इस स्मार्टफोन की सबसे बड़ी यूएसपी USP इसमें दी गई 7,000mAh की विशाल बैटरी है। इतनी बड़ी बैटरी होने के बावजूद फोन की मोटाई सिर्फ 8.14mm है। 80W की सुपरवूक SUPERVOOC फास्ट चार्जिंग की मदद से यह फोन मात्र 64 मिनट में शून्य से सौ प्रतिशत तक चार्ज हो जाता है। फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए इसके रियर में 50MP का मेन कैमरा और फ्रंट में 50MP का अल्ट्रा-वाइड सेल्फी कैमरा दिया गया है। यह फ्रंट कैमरा 100 डिग्री फील्ड ऑफ व्यू और 4K HDR वीडियो रिकॉर्डिंग को सपोर्ट करता है, जो कंटेंट क्रिएटर्स के लिए बेहतरीन है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस दौर में OPPO Reno 15c में ‘AI Mind Space’, ‘AI Recording Summary’ और ‘AI Writer’ जैसे टूल्स दिए गए हैं। साथ ही, Google Gemini इंटीग्रेशन की मदद से आप सिर्फ अपनी आवाज से कैलेंडर सेट करने या सेटिंग्स बदलने जैसे काम कर सकते हैं। 8GB+256GB वेरिएंट की कीमत 34,999 रुपये और 12GB+256GB वेरिएंट की कीमत 37,999 रुपये रखी गई है। लॉन्च ऑफर्स के तहत बैंकों के क्रेडिट कार्ड पर 10% तक का कैशबैक और एक्सचेंज बोनस की सुविधा भी उपलब्ध है।
Galaxy F70e 5G भारत में लॉन्च प्रीमियम डिजाइन और लंबी बैटरी लाइफ के साथ Flipkart और Samsung स्टोर पर बिक्री

नई दिल्ली :Samsung ने भारत में अपना नया स्मार्टफोन Galaxy F70e 5G लॉन्च कर दिया है। यह फोन कंपनी की नई Galaxy F70 सीरीज का पहला मॉडल है और मिड रेंज यूजर्स को टारगेट करेगा। फोन की बिक्री Flipkart और Samsung India online store के जरिए की जाएगी। लॉन्च से पहले कंपनी ने फोन के डिजाइन, डिस्प्ले, कैमरा, बैटरी और सॉफ्टवेयर सपोर्ट से जुड़ी कई अहम जानकारियां साझा की हैं। लीक्स और अनुमान के अनुसार इसकी कीमत 10000 से 15000 रुपये के बीच हो सकती है। Galaxy F70e 5G को Limelight Green और Spotlight Blue कलर ऑप्शन में पेश किया गया है। फोन का बैक vegan leather फिनिश के साथ आता है जो प्रीमियम लुक देता है। फोन की मोटाई 8.2 एमएम है और वजन 199 ग्राम रखा गया है। फ्लैट साइड डिजाइन से फोन हाथ में मजबूत पकड़ महसूस कराता है। यह डिजाइन लंबे समय तक इस्तेमाल के लिए तैयार किया गया है। डिस्प्ले की बात करें तो फोन में 120Hz रिफ्रेश रेट वाला स्क्रीन दिया गया है। इसकी पीक ब्राइटनेस 800 निट्स तक पहुंचती है, जिससे धूप में भी स्क्रीन साफ दिखती है। लेदर पैटर्न फिनिश ग्रिप बेहतर बनाने में मदद करता है। बड़ी स्क्रीन वीडियो देखने, गेम खेलने और रोजमर्रा के कामों के लिए आदर्श है। कैमरा सेटअप में Galaxy F70e 5G में ड्यूल रियर कैमरा मिलेगा। प्राइमरी कैमरा 50MP का है और दूसरा डेप्थ सेंसर 2MP का है। सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए 8MP का फ्रंट कैमरा वाटरड्रॉप नॉच डिजाइन में दिया गया है। यह सेटअप सामान्य फोटोग्राफी और वीडियो कॉल जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। फोन में 6000mAh की बड़ी बैटरी दी गई है। कंपनी का दावा है कि यह फोन एक बार चार्ज करने पर दिन और रात तक चल सकता है। इसमें 25W वायर्ड चार्जिंग का सपोर्ट भी है। बड़ी बैटरी और लंबे बैकअप की वजह से हेवी यूजर्स को बार-बार चार्ज करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। परफॉर्मेंस के लिए Galaxy F70e 5G में MediaTek Dimensity 6300 प्रोसेसर दिया गया है। अनुमानित AnTuTu स्कोर करीब 623000 है। फोन 8GB तक RAM और 128GB तक स्टोरेज सपोर्ट करता है। सॉफ्टवेयर के मामले में यह Android 16 पर आधारित One UI 8 पर काम करेगा। सैमसंग ने 6 साल तक Android और सिक्योरिटी अपडेट देने की पुष्टि की है। कंपनी ने इस फोन के जरिए मिड रेंज में प्रीमियम लुक, लंबी बैटरी लाइफ और स्मूद परफॉर्मेंस देने पर फोकस किया है। 120Hz डिस्प्ले और बड़ी बैटरी के साथ Galaxy F70e 5G एंटरटेनमेंट और रोजमर्रा के काम दोनों के लिए उपयुक्त साबित होगा। फ्लिपकार्ट और Samsung ऑनलाइन स्टोर के जरिए फोन उपलब्ध होगा। कीमत और लॉन्च ऑफर की पूरी जानकारी लॉन्च वाले दिन सामने आएगी। Galaxy F70e 5G मिड रेंज स्मार्टफोन मार्केट में सैमसंग का एक मजबूत विकल्प बनने के लिए तैयार है।
तमिलनाडु में टाटा मोटर्स के नए प्लांट में 'रेंज रोवर इवोक' बनी यहाँ पहली गाड़ी
पनापक्कम! भारत की अग्रणी कार और एसयूवी निर्माता, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड (TMPV) और उसकी सहयोगी कंपनी जगुआर लैंड रोवर ऑटोमोटिव पीएलसी (जेएलआर/JLR), ने आज तमिलनाडु के रानीपेट जिले के पनापक्कम में अपनी नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के संचालन की घोषणा की। यह सुविधा टाटामोटर्सपैसेंजरव्हीकल्सलिमिटेड(टीएमपीवी)और जेएलआर दोनों ब्रांडों के लिए अगली पीढ़ी के वाहनों (इलेक्ट्रिक वाहनों सहित) के उत्पादन हेतु विकसित किए जा रहे एक ‘ग्रीनफील्ड प्लांट‘ के पहले चरण को दर्शाती है। इस प्लांट से बाहर निकलने वाला पहला वाहन जेएलआर की स्थानीय स्तर पर निर्मित ‘रेंज रोवर इवोक‘ है, जो अपनी आधुनिक लग्जरी और बेहतरीन कारीगरी के लिए दुनिया भर में मशहूर है। इस प्लांट का औपचारिक उद्घाटन तमिलनाडु के माननीय मुख्यमंत्री थिरू एम.के. स्टालिन और टाटा संस व टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स के चेयरमैन श्री एन. चंद्रशेखरन ने किया। इस अवसर पर कई गणमान्य मंत्री, जन प्रतिनिधि, वरिष्ठ नौकरशाह, सरकारी अधिकारी और टाटामोटर्सपैसेंजरव्हीकल्स, जेएलआर व टाटा समूह के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे। टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स–जेएलआर संयंत्र का उद्घाटन करते हुएतमिलनाडु के माननीय मुख्यमंत्री थिरू एम.के. स्टालिनने कहा, “टाटा समूह ने राष्ट्र निर्माण में हमेशा महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और तमिलनाडु के साथ इसकी गहरी ऐतिहासिक साझेदारी रही है। पनापक्कम (रानीपेट) में इस नई मैन्युफैक्चरिंग सुविधा की शुरुआत और पहली रेंज रोवर इवोक के रोल–आउट के साथ, राज्य को विश्व स्तरीय ऑटोमोटिव निर्माण के विस्तार का साक्षी बनने पर गर्व है। तमिलनाडु इस महत्वपूर्ण उपलब्धि का स्वागत करता है और उन उद्योगों को निरंतर समर्थन देने के लिए प्रतिबद्ध है जो रोजगार पैदा करते हैं, नवाचार को बढ़ावा देते हैं और मैन्युफैक्चरिंग व मोबिलिटी के अग्रणी केंद्र के रूप में हमारी स्थिति को मजबूत करते हैं।” इस अवसर परटाटा संस और टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड के चेयरमैन श्री एन. चंद्रशेखरनने कहा, “पनापक्कम प्लांट का उद्घाटन टिकाऊ और भविष्य के लिए तैयार मैन्युफैक्चरिंग में भारत के नेतृत्व को गति देने की टाटा समूह की यात्रा में एक अहम पड़ाव है। हमें तमिलनाडु के साथ अपनी पुरानी साझेदारी को और गहरा करने पर गर्व है, जो एक ऐसा राज्य है जो औद्योगिक उत्कृष्टता, नवाचार और समावेशी विकास को लगातार आगे बढ़ा रहा है। इस सुविधा के माध्यम से हम भारत और दुनिया भर के ग्राहकों के लिए असाधारण गुणवत्ता, कारीगरी और तकनीक वाले वाहन तैयार करने के लिए तत्पर हैं।” पनापक्कम प्लांट के बारे में टाटामोटर्सपैसेंजरव्हीकल्सका पनापक्कम प्लांट विश्व स्तरीय वाहन बनाने के लिए उन्नत मैन्युफैक्चरिंग तकनीकों और कुशल कार्यबल को एक साथ लाता है। इस प्लांट का संचालन पूरे तमिलनाडु के शॉपफ्लोर तकनीशियनों की एक विविध टीम द्वारा किया जा रहा है। ये कर्मचारी टाटा मोटर्स के ‘लक्ष्य‘ कार्यक्रम का हिस्सा हैं, जो एक “कमाई के साथ पढ़ाई” पहल है। यह कार्यक्रम तकनीशियनों को शॉपफ्लोर से इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट की भूमिकाओं तक पहुँचने में मदद करता है। इन युवाओं को पॉलिटेक्निक स्नातकों के राज्य–व्यापी कड़े मूल्यांकन के माध्यम से चुना गया था, जिसके बाद उन्होंने जेएलआर की यूनिट्स में पांच महीने का गहन व्यावहारिक प्रशिक्षण पूरा किया, जिससे उन्हें विश्व स्तरीय परिचालन और तकनीकी दक्षता हासिल हुई। काम के दौरान एक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय से कंपनी–प्रायोजित बी.टेक डिग्री हासिल करने के अवसर के साथ, ये युवा अपने परिवार की देखभाल करते हुए अपनी व्यक्तिगत और व्यावसायिक उन्नति कर सकते हैं। इनकी यह यात्रा दर्शाती है कि कैसे केंद्रित कौशल विकास और स्थानीय प्रतिभा को बढ़ावा देने से आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग को गति मिल सकती है और स्थायी आर्थिक व सामाजिक प्रभाव पैदा किया जा सकता है। कामकाज शुरू होने के साथ ही वाहनों का उत्पादन चरणबद्ध तरीके से बढ़ाया जाएगा। अगले 5-7 वर्षों में यह प्लांट अपनी पूरी क्षमता यानी सालाना 2,50,000 वाहनों के उत्पादन तक पहुँच जाएगा, जो भारतीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों की जरूरतों को पूरा करेगा। टाटामोटर्सपैसेंजरव्हीकल्सअपनी दीर्घकालिक विकास योजनाओं के समर्थन में इस आधुनिक प्लांट को तैयार करने के लिए लगभग 9,000 करोड़ रुपये का निवेश करने का इरादा रखती है। इस प्लांट में 5,000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा करने की क्षमता है, साथ ही यह कौशल वृद्धि और एक मजबूत सहायक इकोसिस्टम के विकास को बढ़ावा देगा। पनापक्कम प्लांट टाटामोटर्सपैसेंजरव्हीकल्सके ‘सस्टेनेबिलिटी–फर्स्ट‘ दर्शन का भी उदाहरण है, जिसमें हर स्तर पर पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार कामकाज को शामिल किया गया है। यह प्लांट पूरी तरह से नवीकरणीय ऊर्जा (रीन्यूएबल एनर्जी) पर संचालित होने और ‘वॉटर पॉजिटिव‘ बनने के लिए डिजाइन किया गया है, जो ऑटोमोटिव क्षेत्र में ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग के लिए एक नया मानक स्थापित करेगा। इसे दक्षता बढ़ाने, उत्सर्जन को न्यूनतम करने और कड़े वैश्विक पर्यावरणीय मानदंडों के पालन के लिए तैयार किया गया है।
आर्टेमिस मिशन में नया अध्याय: नासा पहली बार चंद्रमा पर भेजेगा iPhone

नई दिल्ली। अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में नासा एक और ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहा है। आर्टेमिस प्रोग्राम के तहत इस महीने चंद्रमा की यात्रा पर जाने वाले वैज्ञानिक पहली बार अपने साथ iPhone लेकर जाएंगे। इन स्मार्टफोन्स की मदद से अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा की तस्वीरें लेंगे, वीडियो रिकॉर्ड करेंगे और वहां बिताए गए पलों को दस्तावेज़ करेंगे। नासा की ओर से वैज्ञानिकों को ये iPhone उपलब्ध कराए जाएंगे। इस फैसले की जानकारी नासा के प्रशासक जैरेड आइज़ैकमैन ने सोशल मीडिया के जरिए दी। उन्होंने बताया कि क्रू मेंबर्स को एक ऐसा विशेष टूल दिया जा रहा है, जिससे वे अपने ऐतिहासिक अनुभवों को न सिर्फ सुरक्षित रख सकें, बल्कि अपने परिवार और दुनिया भर के लोगों के साथ साझा भी कर सकें। अब तक नहीं थी अनुमति अब तक नासा के अंतरिक्ष यानों में किसी भी प्रकार के मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं थी। हालांकि, नासा ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल यह सुविधा सिर्फ मून मिशन के लिए दी जा रही है, लेकिन भविष्य में अन्य डिवाइसों को भी मंजूरी मिल सकती है। नासा की प्रवक्ता बेथनी स्टीवेन्स ने गुरुवार को कहा कि यह एजेंसी के लिए पहली बार है जब किसी मिशन में स्मार्टफोन को आधिकारिक रूप से शामिल किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले करीब दस वर्षों से कमर्शियल स्पेस फ्लाइट्स में सुरक्षित रूप से स्मार्टफोन का उपयोग किया जा रहा है। पहले भी तोड़ी जा चुकी हैं परंपराएं गौरतलब है कि जैरेड आइज़ैकमैन 2024 में एक कमर्शियल स्पेस फ्लाइट के दौरान स्मार्टफोन अपने साथ ले जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि नासा ने लंबे समय से चली आ रही प्रक्रियाओं को चुनौती देते हुए आधुनिक हार्डवेयर को कम समय में अंतरिक्ष उड़ान के लिए योग्य बनाया है। अंतरिक्ष में कमर्शियल उत्पादों का दुर्लभ उपयोग अंतरिक्ष मिशनों में आमतौर पर कमर्शियल उत्पादों का इस्तेमाल बेहद कम होता है, क्योंकि वहां उपयोग होने वाले उपकरणों के लिए परीक्षण मानक बेहद सख्त होते हैं। इससे पहले ओमेगा स्पीडमास्टर प्रोफेशनल घड़ी को अपोलो मिशनों में इस्तेमाल किया गया था, जो चंद्रमा पर पहनी गई पहली घड़ी बनी। आज यह घड़ी स्मिथसोनियन के नेशनल एयर एंड स्पेस म्यूजियम में प्रदर्शित है और इसका व्यावसायिक संस्करण करीब 7,500 डॉलर में उपलब्ध है।
गूगल ला रहा सस्ता AI फोन Pixel 10a, 18 फरवरी को होगा लॉन्च..

नई दिल्ली । गूगल ने अपने किफायती AI स्मार्टफोन Pixel 10a की लॉन्चिंग की आधिकारिक घोषणा कर दी है कंपनी ने टीजर वीडियो के जरिए बताया कि यह फोन 18 फरवरी 2026 को पेश किया जाएगा Pixel 10a गूगल की Pixel 10 सीरीज का सबसे सस्ता मॉडल होगा जिसे कम कीमत में प्रीमियम AI अनुभव देने के लिए डिजाइन किया गया है यह लॉन्चिंग ऐसे समय हो रही है जब एपल और सैमसंग भी अपने नए स्मार्टफोन्स की तैयारी में हैं Pixel 10a गूगल की लोकप्रिय A-सीरीज का नया फोन है जो खास तौर पर मिड-रेंज यूजर्स को ध्यान में रखकर लाया गया है कंपनी ने स्पष्ट किया है कि इस डिवाइस में वही लेटेस्ट AI फीचर्स मिलेंगे जो फ्लैगशिप मॉडल्स में दिए जाते हैं A-सीरीज को पहले भी सॉफ्टवेयर और कैमरा परफॉर्मेंस के लिए जाना जाता रहा है टीजर वीडियो में Pixel 10a के डिजाइन की पहली झलक दिखाई गई है सबसे बड़ा बदलाव इसके रियर कैमरा डिजाइन में होगा इस बार फोन के पीछे कैमरा मॉड्यूल पूरी तरह फ्लैट रहेगा पिछली Pixel 9a की तरह उभरा कैमरा बंप नहीं मिलेगा गूगल का यह नया फ्लैट डिजाइन फोन को ज्यादा स्लीक और सिंपल लुक देता है Pixel 10a में गूगल के लेटेस्ट Gemini AI फीचर्स का सपोर्ट मिलेगा Gemini Live के जरिए यूजर्स फोन से रियल-टाइम बातचीत कर सकेंगे इसके अलावा Circle to Search फीचर भी मिलेगा जिससे किसी भी फोटो या वीडियो पर गोला बनाकर तुरंत सर्च किया जा सकेगा टेक इंडस्ट्री में इन फीचर्स को एपल के Apple Intelligence से ज्यादा एडवांस माना जा रहा है गूगल ने लॉन्चिंग फरवरी में रखी है जबकि एपल मार्च में किफायती iPhone 17e पेश कर सकता है वहीं सैमसंग भी अपनी फ्लैगशिप Galaxy S26 सीरीज पर काम कर रहा है गूगल की रणनीति है कि इन बड़े लॉन्च से पहले भारत अमेरिका और जापान जैसे अहम बाजारों में अपनी मौजूदगी मजबूत की जाए कीमत का खुलासा अभी नहीं हुआ है लेकिन टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि RAM और हार्डवेयर की बढ़ती लागत से कीमत में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है फिर भी A-सीरीज की पहचान किफायती प्रीमियम फोन की रही है गूगल हर साल फ्लैगशिप Pixel के कुछ महीनों बाद A-सीरीज लॉन्च करता है इसमें प्रोसेसर और सॉफ्टवेयर फ्लैगशिप जैसे ही होते हैं जबकि बॉडी मटेरियल और कुछ हार्डवेयर फीचर्स में कटौती कर कीमत कम रखी जाती है
JLR के साइबर अटैक और चीन की सुस्ती से सालाना रेवेन्यू में 26 प्रतिशत की गिरावट

नई दिल्ली । मुंबई टाटा मोटर्स को वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में बड़ा झटका लगा कंपनी को अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में 3,486 करोड़ रुपए का कॉन्सोलिडेटेड घाटा हुआ जबकि पिछले साल इसी तिमाही में मुनाफा 5,406 करोड़ था कमजोर नतीजों का मुख्य कारण कंपनी की लग्जरी कार यूनिट जगुआर लैंड रोवर पर साइबर अटैक और चीन के बाजार में आई सुस्ती रही कंपनी का कुल रेवेन्यू सालाना आधार पर 26 प्रतिशत घटकर 70,108 करोड़ रुपए रह गया पिछले साल इसी तिमाही में यह आंकड़ा 94,738 करोड़ था JLR के संचालन पर साइबर हमले का सीधा असर पड़ा जिससे प्रोडक्शन सप्लाई चेन और बिक्री प्रभावित हुई JLR का प्रदर्शन सबसे कमजोर रहा इस तिमाही में इसका रेवेन्यू सालाना आधार पर 39 प्रतिशत गिरकर करीब 55,000 करोड़ रुपए रह गया टैक्स से पहले JLR को लगभग 3,800 करोड़ का घाटा हुआ साइबर अटैक के कारण कुछ समय के लिए डिजिटल सिस्टम बाधित रहे जिससे ऑर्डर प्रोसेसिंग और डिलीवरी प्रभावित हुई चीन में सुस्ती और पुराने मॉडल्स का चरणबद्ध बंद होना बिक्री वॉल्यूम पर दबाव डाल रहा है अमेरिका में बढ़े हुए आयात शुल्क ने भी लागत और मुनाफे पर असर डाला घरेलू कारोबार ने कंपनी को राहत दी भारतीय पैसेंजर और इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट में बिक्री 22 प्रतिशत बढ़कर 1.71 लाख यूनिट रही GST दरों में कटौती नए मॉडल्स की लॉन्चिंग और EV सेगमेंट में बढ़ती मांग ने घरेलू बाजार को मजबूत कियाCFO धीमन गुप्ता ने कहा कि यह तिमाही अपेक्षाकृत चुनौतीपूर्ण रही जैसा कि साइबर अटैक के कारण अनुमान था घरेलू बिजनेस में सुधार के संकेत मिले हैं और चौथी तिमाही में JLR के ऑपरेशंस सामान्य होने से प्रदर्शन बेहतर होने की उम्मीद है कंपनी ने स्पष्ट किया कि यह घाटा कॉन्सोलिडेटेड आधार पर है जिसमें 100 से अधिक सब्सिडियरी और एसोसिएट कंपनियों के नतीजे शामिल हैं JLR जैसे अंतरराष्ट्रीय बिजनेस का प्रदर्शन सीधे समेकित नतीजों को प्रभावित करता हैविशेषज्ञों का मानना है कि साइबर सुरक्षा को मजबूत करना और चीन जैसे प्रमुख बाजारों में मांग को पटरी पर लाना टाटा मोटर्स के लिए आने वाली तिमाहियों में अहम चुनौती रहेगा
दुनियाभर के 40% स्मार्टफोन पर मंडरा रहा खतरा, Google ने दी चेतावनी, पुराने Android यूजर्स सतर्क रहें

applr नई दिल्ली। गूगल ने स्मार्टफोन यूजर्स को चेतावनी दी है कि दुनिया भर में करीब 40% स्मार्टफोन मैलवेयर और स्पाईवेयर के जोखिम में हैं। यह खतरा मुख्य रूप से पुराने एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम (OS) वर्जन्स के कारण है जो अब सिक्योरिटी अपडेट्स प्राप्त नहीं कर रहे। फॉर्ब्स की रिपोर्ट के अनुसार एंड्रॉयड 13 या उससे पुराने वर्जन्स वाले स्मार्टफोन सबसे अधिक जोखिम में हैं। ऐसे यूजर्स की संख्या 1 अरब से अधिक है और ये साइबर अटैक्स के शिकार हो सकते हैं। Android वर्जन्स की स्थिति:Android 16: 7.5% स्मार्टफोनAndroid 15: 19.3%Android 14: 17.9%Android 13: 13.9% रिपोर्ट बताती है कि 58% स्मार्टफोन अभी भी सिक्योरिटी सपोर्ट में हैं जबकि 40% स्मार्टफोन अब सिक्योरिटी अपडेट्स प्राप्त नहीं कर रहे। ऐसे यूजर्स संभावित साइबर खतरों का सामना कर सकते हैं। पुराने एंड्रॉयड यूजर्स के लिए गूगल की सलाह:गूगल ने पुराने Android OS वाले स्मार्टफोन यूजर्स को चेतावनी दी है कि वे लेटेस्ट OS में अपडेट करें और सिक्योरिटी पैच नियमित रूप से इंस्टॉल करते रहें। यह कदम मैलवेयर और स्पाईवेयर से सुरक्षा के लिए जरूरी है। iPhone यूजर्स को राहत:iPhone यूजर्स को समय पर सिक्योरिटी अपडेट मिलते हैं, इसलिए उन्हें इस खतरे का सामना नहीं करना पड़ता। यदि किसी एंड्रॉयड डिवाइस का सपोर्ट बंद हो गया है, तो नया स्मार्टफोन खरीदना सुरक्षित विकल्प है। स्मार्टफोन कंपनियों की नीति:अधिकतर कंपनियां 4–5 साल तक सिक्योरिटी अपडेट देती हैं। Samsung और Google Pixel ने अब 7 साल से अधिक के अपडेट देने की पहल की है, जिससे यूजर्स को अतिरिक्त सुरक्षा मिल रही है। सिक्योरिटी अपडेट का महत्व:सिक्योरिटी अपडेट स्मार्टफोन की कमजोरियों और बग्स को ठीक करने के लिए जारी किए जाते हैं। इन कमजोरियों का फायदा हैकर्स उठा सकते हैं और डेटा चोरी कर सकते हैं। इसलिए नियमित अपडेट्स आवश्यक हैं। Android OS का उपयोग कई कंपनियों जैसे Samsung, Realme, Redmi, Oppo और OnePlus में होता है। वहीं iOS केवल Apple स्मार्टफोन्स में उपलब्ध है, जिसकी संख्या सीमित है।
फोटोग्राफी का एक्सपीरियंस होगा और शानदार, Canon ने पेश किए EOS R के नए अल्ट्रा-वाइड लेंस

नई दिल्ली। कैमरा और इमेजिंग टेक्नोलॉजी की दिग्गज कंपनी Canon ने EOS R सिस्टम कैमरों के लिए दो क्रांतिकारी अल्ट्रा-वाइड एंगल RF माउंट L-सीरीज़ लेंस पेश किए हैं। इनमें RF7-14mm f/2.8-3.5L Fisheye STM और RF14mm f/1.4L VCM शामिल हैं। ये दोनों लेंस न केवल तकनीकी रूप से उन्नत हैं, बल्कि प्रोफेशनल फोटोग्राफर्स और वीडियोग्राफर्स को रचनात्मकता के बिल्कुल नए आयाम देने में सक्षम हैं।190° व्यू वाला दुनिया का पहला फिशआई ज़ूम Canon का RF7-14mm f/2.8-3.5L Fisheye STM दुनिया का पहला ऐसा लेंस है, जो 190 डिग्री का सर्कुलर एंगल ऑफ व्यू देता है। यह Canon का पहला नेटिव RF माउंट फिशआई ज़ूम लेंस भी है। फुल-फ्रेम कैमरे के साथ 7mm पर यह लेंस पारंपरिक EF8-15mm फिशआई की तुलना में 10 डिग्री ज्यादा कवरेज देता है, जिससे “ग्लास बॉल” जैसा अनोखा इफेक्ट मिलता है। यह लेंस आर्किटेक्चर, स्टेडियम और बड़े लैंडस्केप शॉट्स के लिए बेहद प्रभावी है। इसका f/2.8 से f/3.5 का ब्राइट अपर्चर लो-लाइट फोटोग्राफी और बेहतर बोकेह की सुविधा देता है। वजन में करीब 12% हल्का (लगभग 476 ग्राम) होने के बावजूद इसकी इमेज क्वालिटी पहले से बेहतर है। Canon के EOS VR Utility सॉफ्टवेयर की मदद से इससे 2D 180° VR और हेमीस्फेरिकल पैनोरमा इमेज भी बनाई जा सकती हैं।RF14mm f/1.4L VCM: सबसे वाइड और फास्ट प्राइम दूसरा लेंस RF14mm f/1.4L VCM Canon का अब तक का सबसे वाइड और सबसे तेज नॉन-फिशआई प्रोफेशनल प्राइम लेंस है। यह खासतौर पर नाइट स्काई, मिल्की वे और लो-लाइट लैंडस्केप शूट करने वालों के लिए डिजाइन किया गया है। लगभग 578 ग्राम वजन के साथ यह अपने EF वर्जन से 10% हल्का है, लेकिन f/1.4 अपर्चर के कारण चार गुना ज्यादा रोशनी कैप्चर करता है। इस लेंस में वीडियो-फ्रेंडली VCM मोटर, स्मूद अपर्चर कंट्रोल के लिए आइरिस रिंग और फोकस ब्रीदिंग को कम करने वाली ऑप्टिकल डिजाइन दी गई है। इसमें GMo एस्फेरिकल लेंस, फ्लोराइट और BR ऑप्टिकल एलिमेंट्स का इस्तेमाल किया गया है, जिससे कलर ब्लीडिंग और कोमा फ्लेयर कम होता है। प्रोफेशनल L-सीरीज़ की मजबूती दोनों ही लेंस Canon की L-सीरीज़ का हिस्सा हैं, जिनमें डस्ट और ड्रिप रेसिस्टेंट बॉडी, फ्रंट एलिमेंट पर फ्लोरिन कोटिंग और फ्लेयर-घोस्टिंग कम करने वाली एडवांस कोटिंग दी गई है। Canon का यह लॉन्च प्रोफेशनल इमेजिंग की दुनिया में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जो फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी दोनों में नई संभावनाओं के द्वार खोलता है।
भारत बना रैमजेट मिसाइल क्लब का सदस्य, लंबी दूरी की मिसाइलों की सटीकता बढ़ी

नई दिल्ली। भारत अब हवाई हमले के मोर्चे पर और भी ताकतवर होने जा रहा है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने मंगलवार को रैमजेट (SDFR) तकनीक का सफल परीक्षण किया। इससे लंबी दूरी की मिसाइलें और भी सटीक निशाना साध सकेंगी। यह परीक्षण ओडिशा के चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज (ITR) में किया गया। रैमजेट क्या है?रैमजेट एक एयर-ब्रीदिंग जेट इंजन है, जो मिसाइल की आगे की गति का इस्तेमाल कर आने वाली हवा को दबाता है। इस तकनीक के चलते मिसाइल को जेट इंजन के घूमने वाले पार्ट्स पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। सॉलिड फ्यूल डक्टेड रैमजेट में ईंधन नियंत्रित तरीके से जलता है, जबकि हवा इंजन के अंदर से गुजरती रहती है। इसका फायदा यह होता है कि मिसाइल लंबे समय तक तेज गति बनाए रख सकती है और आखिरी चरण में दुश्मन के लिए बचना मुश्किल हो जाता है। वैश्विक सूची में शामिल भारतरक्षा मंत्रालय ने कहा कि इस सफल परीक्षण के बाद भारत उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो गया है, जिनके पास लंबी दूरी की एयर-टू-एयर मिसाइल विकसित करने की रैमजेट तकनीक है। इसमें नोजल-लेस बूस्टर, SFDR मोटर और ईंधन प्रवाह नियंत्रक जैसी सभी प्रणालियों ने उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन किया। परीक्षण की निगरानी DRDO की विभिन्न प्रयोगशालाओं के वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने की, जिनमें रक्षा अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशाला, उच्च ऊर्जा सामग्री अनुसंधान प्रयोगशाला, अनुसंधान केंद्र इमारत और ITR शामिल हैं।