Netflix का नया “Clips” फीचर लॉन्च: अब रील्स की तरह देख सकेंगे फिल्मों-वेब सीरीज के शॉर्ट ट्रेलर

नई दिल्ली। Netflix ने अपने प्लेटफॉर्म पर यूजर्स के एक्सपीरियंस को और आसान और तेज बनाने के लिए एक नया और दमदार फीचर लॉन्च किया है, जिसका नाम है “Clips”। यह फीचर 1 मई 2026 को जारी किया गया है और इसे सबसे पहले भारत समेत अमेरिका, यूके, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, मलेशिया, पाकिस्तान, फिलीपींस और दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों में रोलआउट किया गया है। इस नए फीचर के जरिए अब यूजर्स को फिल्मों और वेब सीरीज के छोटे-छोटे शॉर्ट क्लिप्स एक वर्टिकल फीड में देखने को मिलेंगे, ठीक वैसे ही जैसे Instagram Reels या TikTok पर वीडियो स्क्रॉल किए जाते हैं। कैसे काम करेगा Netflix का “Clips” फीचर?Netflix का यह फीचर पूरी तरह से पर्सनलाइज्ड हाइलाइट रील की तरह काम करेगा। इसमें यूजर्स को उनकी पसंद और देखने के इतिहास के आधार पर शॉर्ट वीडियो क्लिप्स दिखाए जाएंगे। यूजर बस स्क्रीन पर ऊपर-नीचे स्क्रॉल करके अलग-अलग मूवी और सीरीज के छोटे हिस्से देख सकता है। अगर कोई क्लिप पसंद आती है तो उसी समय उसे: अपनी Watchlist में जोड़ सकता है दोस्तों के साथ शेयर कर सकता है या तुरंत उस कंटेंट को देखना शुरू कर सकता है इससे सबसे बड़ी समस्या खत्म हो जाएगी कि “क्या देखें?” और “क्या चुनें?” Netflix का नया फोकस: तेज डिस्कवरी और कम समय में फैसलाNetflix का कहना है कि आज के समय में यूजर्स कंटेंट देखने से ज्यादा समय यह तय करने में खर्च कर देते हैं कि क्या देखें। “Clips” फीचर इसी समस्या का समाधान है। कंपनी का मानना है कि यह फीचर यूजर्स को तेजी से कंटेंट डिस्कवर करने में मदद करेगा और उनका देखने का अनुभव और भी आसान बनाएगा। आगे और भी बड़ा बदलाव संभवNetflix ने संकेत दिया है कि आने वाले समय में यह फीचर सिर्फ फिल्मों और सीरीज तक सीमित नहीं रहेगा। इसे आगे चलकर: पॉडकास्ट लाइव शो और जॉनर-बेस्ड कलेक्शन (कॉमेडी, रोमांस आदि) के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है। अगर फीचर नहीं दिख रहा तो क्या करें?अगर आपके Netflix ऐप में यह नया फीचर अभी दिखाई नहीं दे रहा है, तो: ऐप को लेटेस्ट वर्जन में अपडेट करें फिर भी न मिले तो कुछ दिन इंतजार करें क्योंकि इसे धीरे-धीरे सभी यूजर्स तक पहुंचाया जा रहा है।
iPhone हो सकता है महंगा: टिम कुक ने दिए बड़े संकेत, मेमोरी चिप की बढ़ती कीमत से बढ़ेगा Apple का दबाव

नई दिल्ली। iPhone की कीमतों में जल्द बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि Apple के CEO टिम कुक ने हालिया Q2 2026 अर्निंग्स कॉल में कंप्यूटर मेमोरी की बढ़ती लागत को कंपनी के मुनाफे पर दबाव डालने वाला बताया है। उन्होंने संकेत दिया कि इस लागत का असर अब पहले से ज्यादा महसूस किया जा रहा है और आने वाले महीनों में यह और बढ़ सकता है। टिम कुक के मुताबिक, पिछले साल तक मेमोरी की कीमतों का असर सीमित था, लेकिन मार्च तिमाही में इसमें बढ़ोतरी शुरू हो गई थी, जिसे कंपनी ने अपने मौजूदा स्टॉक और इन्वेंट्री के जरिए कुछ हद तक संभाल लिया। अब यह “बफर” खत्म होने की कगार पर है, जिससे वास्तविक लागत दबाव सामने आ सकता है। कुक ने साफ कहा कि जून तिमाही में मेमोरी की लागत में और तेज बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। हालांकि Apple फिलहाल इस असर को पूरी तरह ग्राहकों पर नहीं डाल रहा है, लेकिन कंपनी के पास मौजूद पुरानी इन्वेंट्री का फायदा अब धीरे-धीरे खत्म हो रहा है। इसी कारण बाजार में यह अटकलें तेज हो गई हैं कि जून के बाद या आने वाले महीनों में iPhone की कीमतें बढ़ सकती हैं। हालांकि Apple ने अभी तक किसी भी आधिकारिक कीमत वृद्धि की घोषणा नहीं की है, लेकिन टिम कुक ने यह जरूर संकेत दिया कि कंपनी लगातार कई विकल्पों पर विचार कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मेमोरी और कंपोनेंट्स की वैश्विक कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो Apple को भी अपने अन्य प्रतिस्पर्धियों की तरह प्रोडक्ट की कीमतों में बदलाव करना पड़ सकता है। फिलहाल iPhone मौजूदा कीमतों पर ही बिक रहे हैं, लेकिन आने वाला समय महंगा पड़ सकता है।
ऑस्ट्रेलिया का सख्त कदम: Google और Meta को अब न्यूज के लिए देना होगा भुगतान, मीडिया को मिला बड़ा अधिकार

नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया सरकार ने एक नया और कड़ा कानून पेश किया है, जिसका नाम ‘न्यूज बार्गेनिंग इन्सेंटिव’ रखा गया है। इस नियम के तहत अब दुनिया की बड़ी टेक कंपनियां जैसे Google और Meta (Facebook) न्यूज कंटेंट का उपयोग मुफ्त में नहीं कर सकेंगी। चाहे वे न्यूज दिखाएं या उसे ब्लॉक करें, उन्हें मीडिया संस्थानों और पत्रकारों को भुगतान करना ही होगा। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य पत्रकारों और मीडिया हाउसेस को उनका उचित हक दिलाना है, क्योंकि वही असली कंटेंट तैयार करते हैं, जबकि टेक प्लेटफॉर्म उस पर भारी मुनाफा कमाते हैं। पहले का कानून और टकराव की शुरुआतइस पूरी बहस की शुरुआत पुराने ‘News Media Bargaining Code’ से हुई थी। उस समय सरकार ने माना था कि टेक कंपनियों और मीडिया के बीच शक्ति का संतुलन बिगड़ चुका है। Google और Facebook को न्यूज कंटेंट चाहिए था ताकि यूजर्स प्लेटफॉर्म पर बने रहें लेकिन मीडिया कंपनियों को अपनी पहुंच के लिए इन प्लेटफॉर्म्स पर निर्भर रहना पड़ता था जब पहली बार कानून आया तो मामला काफी गरमा गया था। Google ने सेवाएं बंद करने की धमकी दी, जबकि Meta ने अपने प्लेटफॉर्म से न्यूज कंटेंट ही हटा दिया था। बाद में हुआ समझौतातनाव बढ़ने के बाद दोनों पक्षों के बीच समझौता हुआ। सरकार ने कंपनियों को स्वतंत्र रूप से मीडिया हाउसेस के साथ डील करने की छूट दी। इस मॉडल का असर भी सकारात्मक रहा:5 साल में मीडिया कंपनियों को 1 अरब डॉलर से ज्यादा भुगतान मिला छोटे और बड़े दोनों मीडिया संस्थानों को फायदा हुआ Meta के इनकार से फिर बढ़ी समस्यातीन साल बाद स्थिति फिर बदल गई जब Meta ने पुरानी डील्स रिन्यू करने से इनकार कर दिया। कंपनी का कहना था कि उसे न्यूज की जरूरत नहीं है। यही घटना सरकार के लिए चेतावनी बन गई कि पुराने कानून में खामियां थीं, जिनका फायदा टेक कंपनियां उठा सकती हैं। नया कानून क्यों है खास?नया News Bargaining Incentive पहले से ज्यादा सख्त और प्रभावी है: टेक कंपनियों को न्यूज ब्लॉक करने पर भी भुगतान करना होगा अब अलग-अलग मीडिया हाउसेस से डील की जरूरत नहीं, सिर्फ 4 मुख्य समझौते पर्याप्त नियम तोड़ने पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा अगर कंपनियां नियम नहीं मानतीं, तो उन्हें संभावित डील वैल्यू का 50% अतिरिक्त जुर्माना देना होगा। मीडिया और लोकतंत्र के लिए बड़ा कदमसरकार का मानना है कि यह कानून सिर्फ आर्थिक नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक संतुलन के लिए भी जरूरी है। इससे: पत्रकारों को उनकी मेहनत का सही मूल्य मिलेगा छोटे मीडिया संस्थानों को भी फायदा होगा और टेक कंपनियों की मनमानी पर रोक लगेगी
स्मार्टफोन खरीदना हुआ महंगा: Nothing, Realme और OnePlus ने बढ़ाए दाम, जानें नई कीमतें

नई दिल्ली। स्मार्टफोन खरीदने की सोच रहे ग्राहकों के लिए यह खबर जेब ढीली करने वाली है। हाल ही में सामने आई रिपोर्ट्स और टिप्स्टर्स के मुताबिक, Nothing, Realme और OnePlus ने अपने कई मॉडल्स की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। इस बदलाव के बाद मिड-रेंज से लेकर प्रीमियम सेगमेंट तक के फोन अब पहले से ज्यादा महंगे हो गए हैं। टिप्स्टर के अनुसार, कीमतों में यह बदलाव तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है। खास बात यह है कि Nothing के CEO कार्ल पेई ने पहले ही संकेत दिया था कि आने वाले समय में प्राइसिंग में बदलाव देखने को मिल सकता है। Nothing Phones की नई कीमतेंNothing के कुछ मॉडल्स में बड़ी बढ़ोतरी देखी गई है: Nothing Phone (3a) Liteपहले: ₹24,999 → अब: ₹27,999256GB वेरिएंट: ₹29,999 तक पहुंचा Nothing Phone (4a)बेस मॉडल: ₹31,999 → अब ₹34,999टॉप वेरिएंट ₹40,999 तक पहुंचा https://x.com/yabhishekhd/status/2050075175668900236?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E2050075175668900236%7Ctwgr%5Ee699978096dbda8fb5d72842bb046a67b0983665%7Ctwcon%5Es1_&ref_url=https%3A%2F%2Fwww.tv9hindi.com%2Ftechnology%2Fnothing-realme-oneplus-smartphones-price-increased-says-tipster-check-out-new-price-3770965.html Nothing Phone (4a Pro)अब कीमत ₹44,999 से शुरू होकर ₹50,999 तक जा रही है Realme Phones में भी बढ़ोतरीRealme ने अपने बजट और मिड-रेंज दोनों सेगमेंट के फोन्स महंगे कर दिए हैं: Realme C71 4G: ₹10,999 → ₹11,999 Realme 15T, 15x, C85, 16 Pro सीरीज: ₹1000 तक की बढ़ोतरी https://twitter.com/yabhishekhd/status/2050086310988366101 OnePlus Phones हुए और महंगेOnePlus ने अपने प्रीमियम मॉडल्स की कीमतों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी की है: OnePlus 15₹72,999 → ₹77,999 (12/256GB)टॉप वेरिएंट ₹85,999 तक OnePlus 15Rकीमत में ₹2,500 तक की बढ़ोतरीअब ₹52,999 से शुरू ग्राहकों पर असरलगातार बढ़ती कीमतों ने स्मार्टफोन बाजार में दबाव बढ़ा दिया है। खासकर मिड-रेंज सेगमेंट में खरीदारी करने वाले यूजर्स को अब पहले से ज्यादा खर्च करना होगा। एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले समय में और कंपनियां भी कीमतों में बदलाव कर सकती हैं।
Parag Agrawal की नई AI कंपनी Parallel: ट्विटर के बाद 19020 करोड़ का डिजिटल साम्राज्य

नई दिल्ली। ट्विटर के (अब X) के पूर्व सीईओ पराग अग्रवाल एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह कोई विवाद नहीं बल्कि उनकी नई कामयाबी है। एलन मस्क द्वारा ट्विटर अधिग्रहण के बाद कंपनी से बाहर किए गए अग्रवाल ने अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में एक मजबूत पहचान बना ली है। उन्होंने Parallel Web Systems नाम की AI स्टार्टअप की स्थापना की है, जिसने हाल ही में 100 मिलियन डॉलर (लगभग ₹835 करोड़) की फंडिंग जुटाई है। इस फंडिंग के बाद कंपनी की कुल वैल्यूएशन लगभग 2 बिलियन डॉलर यानी करीब ₹19,020 करोड़ पहुंच गई है। यह आंकड़ा इसे तेजी से उभरते AI स्टार्टअप्स में शामिल करता है। क्या करती है Parag Agrawal की कंपनी?Parallel Web Systems कोई साधारण टेक कंपनी नहीं है। यह AI एजेंट्स के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करती है, यानी ऐसे सिस्टम जो इंसानों की तरह खुद निर्णय लेकर ऑनलाइन काम कर सकते हैं। ये AI एजेंट्स केवल पहले से मौजूद डेटा पर निर्भर नहीं रहते, बल्कि: लाइव इंटरनेट से जानकारी खोजते हैं रियल-टाइम डेटा प्रोसेस करते हैं और जटिल डिजिटल कामों को ऑटोमेट करते हैं कंपनी ऐसे API टूल्स देती है जिनकी मदद से AI सिस्टम वेबसाइट्स से डेटा निकाल सकते हैं, रिसर्च कर सकते हैं और अलग-अलग ऑनलाइन वर्कफ्लो को पूरा कर सकते हैं। किन क्षेत्रों में हो रहा है इस्तेमाल?Parallel की टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल अब कई अहम सेक्टर्स में हो रहा है: निवेश (Investment) रिसर्च इंश्योरेंस क्लेम प्रोसेसिंग लीगल एनालिसिस सरकारी कॉन्ट्रैक्ट मैनेजमेंटइसका मतलब है कि AI अब सिर्फ चैटबॉट तक सीमित नहीं, बल्कि असली दुनिया के बड़े और जटिल कामों को भी संभालने लगा है। ट्विटर से AI तक का सफरपराग अग्रवाल 2021-22 तक ट्विटर के CEO रहे। एलन मस्क के 44 बिलियन डॉलर के अधिग्रहण के बाद उन्हें कंपनी से बाहर कर दिया गया था। लेकिन इसके बाद उन्होंने हार नहीं मानी और AI सेक्टर में अपनी नई शुरुआत की।आज उनकी नई कंपनी तेजी से बढ़ते AI बाजार में एक मजबूत खिलाड़ी बनती जा रही है
Samsung India में बड़ा बदलाव: 18 साल बाद राजू पुल्लन ने दिया इस्तीफा, मोबाइल बिजनेस की कमान किसके हाथ?

नई दिल्ली। सैमसंग इंडिया के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और मोबाइल एक्सपीरियंस डिवीजन के प्रमुख राजू एंटनी पुल्लन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने खुद लिंक्डइन पर इसकी जानकारी साझा की, जिससे टेक इंडस्ट्री में हलचल मच गई। करीब दो दशक तक सैमसंग के साथ जुड़े रहने के बाद उनका यह फैसला कंपनी के लिए एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। पुल्लन ने साल 2008 में सैमसंग इंडिया जॉइन किया था और धीरे-धीरे कंपनी में कई अहम पदों पर काम किया। उन्होंने सेल्स, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल बिजनेस जैसे कई क्षेत्रों में नेतृत्व संभाला। जनवरी 2022 से वे मोबाइल एक्सपीरियंस डिवीजन के प्रमुख के तौर पर काम कर रहे थे, जहां उन्होंने भारत में गैलेक्सी स्मार्टफोन्स की पहुंच को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई। अब कौन संभालेगा मोबाइल बिजनेस?रिपोर्ट्स के मुताबिक, आदित्य बब्बर को सैमसंग इंडिया के मोबाइल बिजनेस की नई जिम्मेदारी मिल सकती है। हालांकि कंपनी की तरफ से अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। आदित्य बब्बर फिलहाल सैमसंग इंडिया में वाइस प्रेसिडेंट और प्रोडक्ट मार्केटिंग व ई-कॉमर्स हेड के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पिछले कुछ वर्षों में कंपनी के स्मार्टफोन पोर्टफोलियो और ऑनलाइन सेल्स नेटवर्क को मजबूत करने में अहम योगदान दिया है। भारत में सैमसंग के लिए क्यों अहम है यह बदलाव?भारत दुनिया के सबसे बड़े स्मार्टफोन बाजारों में से एक है और सैमसंग यहां दूसरी सबसे बड़ी मोबाइल कंपनी बनी हुई है। ऐसे में मोबाइल डिवीजन के शीर्ष नेतृत्व में बदलाव कंपनी की भविष्य की रणनीति पर बड़ा असर डाल सकता है। राजू पुल्लन के नेतृत्व में सैमसंग ने भारतीय बाजार में अपनी पकड़ को और मजबूत किया था। अब देखना होगा कि नया नेतृत्व कंपनी को किस दिशा में आगे ले जाता है।
iQOO Neo 10 का नया अवतार लॉन्च, 7000mAh बैटरी और 120W चार्जिंग से मचा देगा बाजार में धमाल

नई दिल्ली। स्मार्टफोन मार्केट में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है क्योंकि iQOO ने अपने पॉपुलर फोन Neo 10 को नए अवतार में पेश कर दिया है। कंपनी ने इस बार फोन को न सिर्फ नए आकर्षक रंगों में लॉन्च किया है, बल्कि इसकी परफॉर्मेंस और बैटरी फीचर्स को भी और ज्यादा पावरफुल बना दिया है। नया iQOO Neo 10 अब गेमर्स और हेवी यूजर्स के लिए एक दमदार विकल्प बनकर सामने आया है, जो फ्लैगशिप लेवल परफॉर्मेंस को मिड-रेंज कीमत में देने का दावा करता है। कंपनी ने iQOO Neo 10 को अब दो नए कलर ऑप्शन एल्पाइन व्हाइट और एस्फाल्ट ब्लैक में पेश किया है। ये दोनों नए रंग पहले से मौजूद इंफर्नो रेड और टाइटेनियम क्रोम वेरिएंट के साथ उपलब्ध होंगे। नए वेरिएंट की बिक्री 5 मई से दोपहर 12 बजे शुरू होगी और इसे ग्राहक Amazon और iQOO की आधिकारिक वेबसाइट से खरीद सकेंगे। कीमत की बात करें तो iQOO Neo 10 का 8GB रैम और 256GB स्टोरेज वेरिएंट 37,999 रुपये में उपलब्ध है, जबकि 12GB रैम और 256GB स्टोरेज मॉडल की कीमत 42,999 रुपये रखी गई है। लॉन्च ऑफर के तहत यह फोन क्रमशः 34,999 रुपये और 40,999 रुपये की प्रभावी कीमत पर खरीदा जा सकता है, जो इसे और भी आकर्षक बनाता है। फोन का सबसे बड़ा आकर्षण इसकी 6.78 इंच की 1.5K AMOLED डिस्प्ले है, जो 144Hz रिफ्रेश रेट और 5500 निट्स तक की ब्राइटनेस सपोर्ट करती है। यह डिस्प्ले गेमिंग और वीडियो स्ट्रीमिंग के अनुभव को बेहद स्मूद और विजुअली रिच बनाती है। परफॉर्मेंस के लिए इसमें लेटेस्ट Snapdragon 8s Gen 4 प्रोसेसर दिया गया है, जो हाई-एंड गेमिंग और मल्टीटास्किंग के लिए बेहतरीन माना जा रहा है। कैमरा सेटअप की बात करें तो iQOO Neo 10 में डुअल रियर कैमरा सिस्टम मिलता है, जिसमें 50MP Sony IMX882 प्राइमरी सेंसर और 8MP अल्ट्रा-वाइड लेंस शामिल है। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए 32MP का फ्रंट कैमरा दिया गया है, जो क्लियर और डिटेल्ड आउटपुट देने में सक्षम है। बैटरी इस फोन की सबसे बड़ी ताकत है। इसमें 7000mAh की विशाल बैटरी दी गई है, जो लंबे समय तक बैकअप देने में सक्षम है। इसके साथ 120W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट मिलता है, जिससे फोन कुछ ही मिनटों में चार्ज हो सकता है। गेमिंग एक्सपीरियंस को बेहतर बनाने के लिए इसमें Q1 गेमिंग चिप और 7000mm² का वेपर कूलिंग सिस्टम भी दिया गया है, जो हीटिंग की समस्या को कम करता है। फोन Android 16 आधारित OriginOS 6 पर चलता है और IP65 रेटिंग के साथ आता है, जो इसे डस्ट और स्प्लैश रेसिस्टेंट बनाता है। कुल मिलाकर, iQOO Neo 10 अपने नए लुक, पावरफुल बैटरी और फ्लैगशिप लेवल परफॉर्मेंस के साथ मिड-रेंज स्मार्टफोन सेगमेंट में एक बड़ा गेमचेंजर साबित हो सकता है।
Netflix ने लॉन्च किया नया ‘Clips’ फीचर: अब रील्स जैसा मिलेगा शॉर्ट वीडियो एक्सपीरियंस

नई दिल्ली। स्ट्रीमिंग दिग्गज Netflix ने अपने यूजर्स के लिए एक नया और दिलचस्प फीचर पेश किया है। इस फीचर का नाम ‘Clips’ रखा गया है, जिसके जरिए अब मोबाइल यूजर्स को छोटे और वर्टिकल वीडियो देखने का अनुभव मिलेगा। यह बिल्कुल Instagram Reels और TikTok की तरह काम करेगा, जहां लगातार स्क्रॉल करके नया कंटेंट देखा जा सकेगा। कंपनी का यह कदम खासतौर पर मोबाइल यूजर एक्सपीरियंस को और बेहतर बनाने के लिए उठाया गया है। फिलहाल इसे कई देशों में रोलआउट किया जा रहा है, जिनमें भारत, अमेरिका, यूके, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, मलेशिया, पाकिस्तान, फिलीपींस और साउथ अफ्रीका शामिल हैं। आने वाले समय में इसे और देशों में भी लॉन्च किया जाएगा। क्या है Netflix का ‘Clips’ फीचर?Netflix का यह नया फीचर शॉर्ट वीडियो ट्रेंड को ध्यान में रखकर बनाया गया है, लेकिन इसमें एक खास फर्क है। यहां यूजर जनरेटेड कंटेंट नहीं होगा, बल्कि Netflix की ही फिल्मों और वेब सीरीज से निकाले गए छोटे-छोटे क्लिप्स दिखाए जाएंगे। इसका उद्देश्य यूजर्स को यह तय करने में मदद करना है कि कौन-सा शो या फिल्म देखनी है। यानी अब लंबे समय तक सर्च करने की जरूरत नहीं पड़ेगी, बल्कि एक छोटी क्लिप देखकर ही आइडिया मिल जाएगा। Netflix ऐप में इसके लिए एक अलग टैब जोड़ा गया है, जहां यूजर्स आसानी से शॉर्ट वीडियो स्क्रॉल कर सकेंगे। साथ ही, किसी भी क्लिप को सीधे सोशल मीडिया पर शेयर करने या दोस्तों को भेजने का विकल्प भी मिलेगा। यूजर्स को क्या फायदा होगा?इस फीचर का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यूजर्स को पहले ही फिल्म या वेब सीरीज की झलक मिल जाएगी। अगर कोई क्लिप पसंद आती है, तो सीधे उस कंटेंट को देखने का विकल्प मिलेगा या उसे वॉचलिस्ट में जोड़ा जा सकेगा। भविष्य में Netflix इस फीचर को और भी मजबूत बना सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इसमें आगे चलकर पॉडकास्ट, लाइव शो और कलेक्शन जैसी सुविधाएं भी जोड़ी जा सकती हैं, जिससे यूजर्स को शॉर्ट और लॉन्ग फॉर्म कंटेंट के बीच आसान स्विचिंग मिलेगी। पहले भी कर चुका है प्रयोगNetflix के लिए यह पहला ऐसा कदम नहीं है। कंपनी ने इससे पहले भी कई बार शॉर्ट वीडियो फॉर्मेट पर प्रयोग किए हैं: 2018 में 30 सेकंड का वर्टिकल प्रीव्यू फीचर 2021 में ‘Fast Laughs’ फीचर और अब 2026 में ‘Clips’ का नया वर्जन इन सभी कोशिशों का मकसद यूजर्स को कंटेंट डिस्कवरी आसान और तेज बनाना है।
Google Gemini: Google Gemini में जल्द आएंगे विज्ञापन: AI चैटिंग का अनुभव बदलने की तैयारी में Google, यूजर्स की चिंता बढ़ी

Google Gemini: नई दिल्ली। Google अपने AI प्लेटफॉर्म Gemini को जल्द ही एक बड़े बदलाव की ओर ले जाने की तैयारी कर रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी इस ऐप में विज्ञापन और स्पॉन्सर्ड रिजल्ट जोड़ने पर गंभीरता से विचार कर रही है। अगर यह बदलाव लागू होता है, तो AI चैटिंग का अनुभव पहले जैसा नहीं रहेगा और बातचीत के बीच में विज्ञापन दिखाई दे सकते हैं। Gemini में विज्ञापनों की एंट्री की तैयारी हाल ही में Google की तिमाही आय कॉल के दौरान संकेत दिए गए कि Gemini AI ऐप में जल्द ही विज्ञापन मॉडल जोड़ा जा सकता है। कंपनी के चीफ बिजनेस ऑफिसर फिलिप शिंडलर ने बताया कि Google पहले से ही अपने AI Overview और AI Mode में विज्ञापन दिखा रहा है और इनका प्रदर्शन अच्छा रहा है। इसी अनुभव के आधार पर अब Gemini ऐप को भी Monetization (कमाई) मॉडल में शामिल करने की योजना बनाई जा रही है। इसका मतलब है कि आने वाले समय में यूजर्स को चैट के दौरान स्पॉन्सर्ड सुझाव और कमर्शियल कंटेंट दिख सकते हैं। सर्च से चैट तक पहुंचेगा Ads मॉडल Google पहले से ही सर्च रिजल्ट्स में यूजर की क्वेरी के आधार पर विज्ञापन दिखाता है। इसमें टेक्स्ट और शॉपिंग Ads शामिल होते हैं, जो भारत, अमेरिका, कनाडा और अन्य देशों में सक्रिय हैं। अब कंपनी इसी मॉडल को AI चैटिंग में लागू करने की तैयारी कर रही है। यानी यूजर जब Gemini से सवाल पूछेंगे, तो जवाब के बीच में विज्ञापन या स्पॉन्सर्ड सुझाव दिख सकते हैं। AI की दुनिया में बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा Google का यह कदम सीधे तौर पर OpenAI को टक्कर देने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। OpenAI ने पहले ही ChatGPT में फ्री यूजर्स के लिए कुछ रैंक्ड विज्ञापन मॉडल टेस्ट किए हैं। हालांकि OpenAI का दावा है कि विज्ञापन चैट के जवाबों को प्रभावित नहीं करेंगे, लेकिन AI प्लेटफॉर्म्स के बढ़ते कमर्शियलाइजेशन पर सवाल जरूर उठने लगे हैं। यूजर्स के अनुभव पर असर AI चैटबॉट्स का सबसे बड़ा आकर्षण उनकी साफ और बिना बाधा वाली बातचीत होती है। लेकिन अगर बीच में विज्ञापन जुड़ते हैं, तो यूजर एक्सपीरियंस प्रभावित हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर विज्ञापन को स्मार्ट तरीके से इंटीग्रेट किया गया तो यह Google के लिए नया रेवेन्यू मॉडल बन सकता है, लेकिन गलत तरीके से लागू होने पर यूजर्स की नाराजगी भी बढ़ सकती है। आने वाला समय: AI + Ads का नया दौर AI इंडस्ट्री तेजी से व्यावसायिक (commercial) होती जा रही है। Google और OpenAI जैसे दिग्गज अब इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं जहां AI सिर्फ जानकारी नहीं देगा, बल्कि विज्ञापनों के जरिए कमाई का भी बड़ा प्लेटफॉर्म बनेगा।
Samsung Galaxy F17e 5G: Samsung का बजट 5G धमाका: सिर्फ ₹13,774 में मिल रहा 6000mAh बैटरी और 50MP कैमरा वाला फोन, ऑफर्स ने घटाई कीमत

Samsung Galaxy F17e 5G: नई दिल्ली। फ्लिपकार्ट पर Samsung ने बजट सेगमेंट में बढ़ाई हलचल,स्मार्टफोन बाजार में Samsung ने एक और किफायती 5G डिवाइस के साथ ग्राहकों का ध्यान खींचा है। कंपनी का नया Samsung Galaxy F17e 5G फ्लिपकार्ट पर बेहद आकर्षक ऑफर के साथ उपलब्ध है, जिसकी प्रभावी कीमत बैंक डिस्काउंट और एक्सचेंज ऑफर के बाद मात्र ₹13,774 तक पहुंच जाती है। यह फोन खास तौर पर उन यूजर्स को ध्यान में रखकर पेश किया गया है जो कम बजट में 5G कनेक्टिविटी, दमदार बैटरी और अच्छा कैमरा चाहते हैं। बजट में 5G अनुभव Samsung Galaxy F17e 5G को एंट्री और मिड-रेंज यूजर्स के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें 5G सपोर्ट के साथ बेहतर नेटवर्क स्पीड और स्मूद परफॉर्मेंस देने का दावा किया गया है। इस प्राइस सेगमेंट में 5G फोन मिलना इसे और भी खास बनाता है। दमदार बैटरी और कैमरा इस डिवाइस की सबसे बड़ी खासियत इसकी 6000mAh की बड़ी बैटरी है, जो लंबे समय तक बैकअप देने में सक्षम है। यानी सामान्य उपयोग में यह फोन आसानी से एक से डेढ़ दिन तक चल सकता है। कैमरे की बात करें तो इसमें 50 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा दिया गया है, जो इस रेंज में अच्छी फोटोग्राफी क्षमता प्रदान करता है। यह फीचर इसे बजट सेगमेंट में मजबूत दावेदार बनाता है। ऑफर्स ने घटाई कीमत फ्लिपकार्ट पर यह फोन पहले से ही किफायती कीमत पर लिस्टेड है, लेकिन बैंक ऑफर्स और एक्सचेंज डील के कारण इसकी कीमत और कम हो जाती है। यही वजह है कि ग्राहक इसे ₹13,774 जैसे प्रभावी दाम में खरीद सकते हैं। बजट सेगमेंट में बढ़ी प्रतिस्पर्धा भारतीय स्मार्टफोन बाजार में इस तरह के ऑफर्स से बजट 5G सेगमेंट में प्रतिस्पर्धा और तेज हो गई है। Samsung का यह कदम सीधे तौर पर उन ब्रांड्स को चुनौती देता है जो इसी प्राइस रेंज में डिवाइस पेश कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के फोन ग्रामीण और टियर-2 शहरों में 5G अपनाने की रफ्तार को और बढ़ा सकते हैं। ग्राहकों के लिए फायदा कम कीमत में 5G, बड़ी बैटरी और अच्छा कैमरा मिलने से यह फोन उन यूजर्स के लिए आकर्षक विकल्प बन सकता है जो कम बजट में भरोसेमंद ब्रांड की तलाश कर रहे हैं।