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चांद मिशन में नई टेक्नोलॉजी NASA ट्रैक करेगा एस्ट्रोनॉट्स की हेल्थ और बिहेवियर

नई दिल्ली:  अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में लगातार नए प्रयोग कर रहा NASA अब अपने आने वाले Artemis II मिशन को और भी खास बनाने जा रहा है। यह मिशन केवल चांद की यात्रा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें अंतरिक्ष यात्रियों की सेहत और व्यवहार को समझने के लिए एक महत्वपूर्ण रिसर्च भी शामिल की गई है। Artemis II mission को 2 अप्रैल 2026 को लॉन्च करने की तैयारी है और यह Apollo मिशनों के बाद पहली बार होगा जब इंसान लो-अर्थ ऑर्बिट से बाहर डीप स्पेस में जाएगा। इस मिशन में चार अंतरिक्ष यात्री Orion कैप्सूल के जरिए चांद के आसपास की यात्रा करेंगे और करीब 10 दिनों तक अंतरिक्ष में रहेंगे। यह मिशन भविष्य में इंसानों की चांद पर वापसी की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इस मिशन की सबसे खास बात है “Archer” स्टडी, जिसका पूरा नाम Artemis Research for Crew Health and Readiness है। इसके तहत सभी अंतरिक्ष यात्रियों को एक खास रिस्टबैंड पहनाया जाएगा। यह बैंड उनकी नींद, स्ट्रेस लेवल, मूवमेंट और व्यवहार से जुड़ा डेटा रियल-टाइम में रिकॉर्ड करेगा। इस डेटा के जरिए वैज्ञानिक यह समझने की कोशिश करेंगे कि डीप स्पेस का वातावरण इंसानों के दिमाग और शरीर पर किस तरह असर डालता है। मिशन में शामिल अंतरिक्ष यात्रियों में Reid Wiseman, Victor Glover, Christina Koch और Jeremy Hansen शामिल हैं। इन सभी के डेटा को मिशन से पहले, मिशन के दौरान और मिशन के बाद इकट्ठा किया जाएगा, जिससे उनके काग्निटिव परफॉर्मेंस, टीमवर्क और बिहेवियर को बेहतर तरीके से समझा जा सके। डीप स्पेस मिशन लो-अर्थ ऑर्बिट मिशनों की तुलना में ज्यादा चुनौतीपूर्ण होते हैं। लंबे समय तक पृथ्वी से दूर रहना, सीमित संसाधन और अलग-थलग वातावरण अंतरिक्ष यात्रियों पर मानसिक और शारीरिक दबाव डाल सकता है। ऐसे में यह स्टडी भविष्य के मिशनों, खासकर Mars मिशन के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। NASA के Human Research Program के तहत जुटाया गया यह डेटा आने वाले समय में नई टेक्नोलॉजी और बेहतर सेफ्टी प्रोटोकॉल तैयार करने में मदद करेगा। इससे अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षा और उनकी कार्यक्षमता दोनों को बेहतर बनाया जा सकेगा। NASA की साइकोलॉजिस्ट Suzanne Bell के अनुसार यह रिसर्च यह समझने में मदद करेगी कि अंतरिक्ष यात्री टीम के रूप में कैसे काम करते हैं और मिशन कंट्रोल के साथ उनका तालमेल कैसा रहता है।Artemis II मिशन सिर्फ एक अंतरिक्ष यात्रा नहीं, बल्कि इंसानी क्षमता और व्यवहार को समझने की दिशा में एक बड़ा वैज्ञानिक कदम है, जो भविष्य में लंबी अंतरिक्ष यात्राओं को सुरक्षित और सफल बनाने में अहम भूमिका निभा सकता है

Vivo X300s के फीचर्स लीक दमदार कैमरा और बड़ी बैटरी के साथ आएगा नया फोन

नई दिल्ली:  स्मार्टफोन मार्केट में लगातार नए और एडवांस फीचर्स के साथ कंपनियां अपने डिवाइसेज पेश कर रही हैं और इसी कड़ी में Vivo अपना नया स्मार्टफोन Vivo X300s लॉन्च करने की तैयारी में है। यह फोन कंपनी की X सीरीज का हिस्सा होगा और इसमें कई हाई-एंड स्पेसिफिकेशंस देखने को मिल सकते हैं, जो इसे प्रीमियम कैटेगरी में मजबूती से खड़ा करते हैं लीक्स और रिपोर्ट्स के अनुसार इस फोन में 200 मेगापिक्सल का दमदार रियर कैमरा दिया जा सकता है, जो फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए एक बड़ा आकर्षण होगा। इसके अलावा 50 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा भी मिलने की संभावना है, जिससे सेल्फी और वीडियो कॉलिंग का अनुभव और बेहतर हो जाएगा। कैमरा सेगमेंट में यह फोन काफी पावरफुल साबित हो सकता है और यह हाई-क्वालिटी इमेज और वीडियो कैप्चर करने में सक्षम हो सकता है Vivo X300s की एक और बड़ी खासियत इसकी 7,100mAh की विशाल बैटरी है, जो लंबे समय तक बैकअप देने का दावा करती है। इसके साथ 90W फास्ट चार्जिंग और 40W वायरलेस चार्जिंग का सपोर्ट भी मिल सकता है, जिससे फोन को जल्दी चार्ज किया जा सकेगा। यह फीचर खासकर उन यूजर्स के लिए उपयोगी होगा जो दिनभर फोन का अधिक उपयोग करते हैं डिस्प्ले की बात करें तो इसमें 6.78 इंच की बड़ी स्क्रीन मिलने की उम्मीद है, जो 144Hz रिफ्रेश रेट के साथ आएगी। इसका मतलब है कि यूजर्स को बेहद स्मूद स्क्रॉलिंग और बेहतर गेमिंग एक्सपीरियंस मिलेगा। साथ ही 1.5K रेजोल्यूशन वाली BOE Q10+ फ्लैट स्क्रीन इसे और भी प्रीमियम बनाती है सुरक्षा के लिहाज से भी यह फोन काफी एडवांस होगा, जिसमें 3D अल्ट्रासोनिक फिंगरप्रिंट 2.0 तकनीक दी जा सकती है। इसके अलावा फोन को IP68 और IP69 रेटिंग मिल सकती है, जिससे यह धूल और पानी से सुरक्षित रहेगा परफॉर्मेंस और अन्य फीचर्स की बात करें तो इसमें USB 3.2 पोर्ट, 1511 सिमेट्रिकल ड्यूल स्पीकर और 751440 X-एक्सिस मोटर जैसे फीचर्स भी शामिल हो सकते हैं, जो यूजर्स को एक प्रीमियम और इमर्सिव अनुभव देंगे फोन के लॉन्च की बात करें तो इसे चीन में 30 मार्च को पेश किए जाने की उम्मीद है, जहां यह Vivo X300 Ultra और Vivo Pad 6 Pro के साथ लॉन्च हो सकता है। यह फोन कई स्टोरेज और RAM वेरिएंट्स में उपलब्ध हो सकता है, जिससे यूजर्स अपनी जरूरत के अनुसार विकल्प चुन सकेंगे  Vivo X300s एक पावरफुल और फीचर-रिच स्मार्टफोन साबित हो सकता है, जो कैमरा, बैटरी और परफॉर्मेंस के मामले में यूजर्स को बेहतरीन अनुभव देने का वादा करता है

AI डेवलपमेंट पर रोक की मांग Stop the AI Raceप्रोटेस्ट ने छेड़ी बड़ी बहस

नई दिल्ली:आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के तेजी से बढ़ते प्रभाव के बीच अब इसके खिलाफ विरोध की आवाजें भी तेज होती जा रही हैं। हाल ही में अमेरिका के San Francisco में Stop the AI Raceनाम के एक समूह ने बड़ा प्रदर्शन किया, जहां दर्जनों लोगों ने प्रमुख AI कंपनियों के दफ्तरों के बाहर अपनी मांगों को लेकर विरोध जताया। इस प्रदर्शन में Anthropic, OpenAI और xAI जैसी कंपनियों के खिलाफ आवाज उठाई गई और इनके मुख्यालयों के बाहर मार्च भी किया गया प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग यह थी कि एडवांस्ड या फ्रंटियर AI सिस्टम्स के विकास पर अस्थायी रूप से रोक लगाई जाए। उनका मानना है कि इस तरह की तकनीक तेजी से विकसित हो रही है और इसके संभावित खतरों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। समूह के लीडर Michael Trazzi के अनुसार उनका उद्देश्य कंपनियों को एक कंडीशनल पॉजपर सहमत कराना है, जिससे AI के विकास को कुछ समय के लिए रोका जा सके और इसके प्रभावों का बेहतर आकलन किया जा सके प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अत्याधुनिक AI सिस्टम्स भविष्य में ऐसे स्तर तक पहुंच सकते हैं जहां वे खुद को सुधारने और AI रिसर्च को ऑटोमेट करने में सक्षम होंगे। यह स्थिति इंसानों के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकती है। उनका दावा है कि यह चिंता केवल एक्टिविस्ट्स तक सीमित नहीं है, बल्कि कई AI विशेषज्ञ और इंडस्ट्री के लीडर्स भी इन जोखिमों को लेकर चेतावनी दे चुके हैं यह प्रदर्शन ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका में AI के लिए पॉलिसी और रेगुलेशन पर व्यापक चर्चा चल रही है। हाल ही में व्हाइट हाउस ने AI को लेकर एक नया फ्रेमवर्क प्रस्तावित किया है, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय स्तर पर एक समान नीति तैयार करना है। इस फ्रेमवर्क में बच्चों की सुरक्षा और कंपनियों की जिम्मेदारी जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल किया गया है टेक एक्सपर्ट Ahmed Banafa ने इस मुद्दे की तुलना सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के पुराने रेगुलेशन से की, जहां पहले कंपनियों को काफी छूट दी गई थी और अब उसके परिणाम सामने आ रहे हैं। उनका कहना है कि अगर AI के मामले में समय रहते सही कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में गंभीर परिणाम देखने को मिल सकते हैं वहीं California के स्टेट सीनेटर Scott Wiener ने इस तरह के दृष्टिकोण की आलोचना करते हुए कहा कि AI जैसे संवेदनशील क्षेत्र में संतुलित नीति की जरूरत है। उनका मानना है कि इनोवेशन को रोकना समाधान नहीं है, बल्कि मजबूत और जिम्मेदार रेगुलेशन के जरिए इसे सुरक्षित बनाया जा सकता है इससे पहले अमेरिकी प्रशासन ने एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर जारी किया था, जिसमें राज्यों को अपने अलग-अलग AI कानून बनाने से रोका गया और राष्ट्रीय स्तर पर एक समान नियम बनाने पर जोर दिया गया था। इससे यह स्पष्ट होता है कि AI को लेकर सरकार और समाज दोनों स्तरों पर गंभीर चर्चा चल रही हैStop the AI Raceप्रोटेस्ट यह संकेत देता है कि AI अब केवल टेक्नोलॉजी का विषय नहीं रह गया है, बल्कि यह एक सामाजिक, नैतिक और पॉलिसी से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन चुका है, जिस पर दुनिया भर में बहस तेज होती जा रही है

Xiaomi का नया Air Fryer Pro 6.5L कैपेसिटी और स्मार्ट फीचर्स के साथ आया बाजार में

नई दिल्ली:टेक्नोलॉजी और स्मार्ट होम अप्लायंसेज के क्षेत्र में लगातार इनोवेशन कर रही Xiaomi ने एक और नया प्रोडक्ट पेश किया है Mijia Smart Air Fryer Pro Steam & Bake Edition 6.5L, जिसे कंपनी ने अपने Youpin प्लेटफॉर्म पर लॉन्च किया है। यह नया एयर फ्रायर आधुनिक कुकिंग को और भी आसान और हेल्दी बनाने के उद्देश्य से डिजाइन किया गया है, जिससे घर पर बिना गैस और कम तेल में स्वादिष्ट भोजन तैयार किया जा सकता है इस स्मार्ट एयर फ्रायर की सबसे बड़ी खासियत इसकी 6.5 लीटर की बड़ी कैपेसिटी है, जिससे एक बार में पूरे परिवार के लिए खाना तैयार किया जा सकता है। Xiaomi ने इसे इस तरह डिजाइन किया है कि इसमें एक साथ कई डिश तैयार की जा सकती हैं। इसके ड्यूल लेयर रैक के जरिए यूजर्स एक साथ अलग-अलग चीजें कुक कर सकते हैं, जिससे समय की बचत होती है और कुकिंग प्रक्रिया ज्यादा सुविधाजनक बन जाती है डिवाइस में 900W का स्टीम जनरेटर दिया गया है जो 130°C तक तापमान पर काम कर सकता है, जिससे खाना जल्दी और समान रूप से पकता है। इसमें स्टीम, स्टीम-फ्राई और लो टेम्परेचर कुकिंग जैसे 11 अलग-अलग मोड दिए गए हैं, जो यूजर्स को कई तरह की रेसिपी आजमाने की सुविधा देते हैं। इसके अलावा 31 प्रीसेट रेसिपी और Mi Home ऐप के जरिए 100 से ज्यादा क्लाउड बेस्ड रेसिपी का सपोर्ट भी मिलता है, जिससे नए-नए व्यंजन बनाना बेहद आसान हो जाता है Xiaomi ने इस एयर फ्रायर को मजबूत और सुरक्षित बनाने के लिए 304 स्टेनलेस स्टील की इनर कैविटी का इस्तेमाल किया है, जो ड्यूरेबिलिटी के साथ-साथ हाइजीन को भी सुनिश्चित करता है। इसमें फ्लोरीन-फ्री नॉन-स्टिक कोटिंग दी गई है, जिससे खाना चिपकता नहीं है और सफाई करना भी आसान हो जाता है। साथ ही इसमें 1.5 लीटर का वाटर टैंक है, जिससे लंबे समय तक स्टीम कुकिंग की जा सकती है और बिना बार-बार पानी डाले कई डिश तैयार की जा सकती हैं इस एयर फ्रायर में 360-डिग्री हॉट एयर सर्कुलेशन सिस्टम और डायनामिक स्टीम इंजेक्शन तकनीक का उपयोग किया गया है, जिससे खाना बाहर से क्रिस्पी और अंदर से सॉफ्ट और जूसी बनता है। इसका टेम्परेचर 30°C से 230°C तक कंट्रोल किया जा सकता है, जिससे हर तरह के फूड को सही तरीके से पकाया जा सकता है यूजर्स इसे रोटरी नॉब या Mi Home ऐप के जरिए आसानी से कंट्रोल कर सकते हैं। यह डिवाइस HyperOS Connect और XiaoAI वॉयस असिस्टेंट के साथ भी काम करता है, जिससे इसे वॉयस कमांड से भी ऑपरेट किया जा सकता है। इसके अलावा इसमें विजिबल कुकिंग विंडो, ऑटोमैटिक पावर ऑफ, ड्राइंग मोड, डिओडोराइजेशन और 30 मिनट तक फूड को गर्म रखने जैसी कई स्मार्ट सुविधाएं भी शामिल हैं कीमत की बात करें तो Xiaomi Mijia Smart Air Fryer Pro की कीमत 559 युआन है, जो भारतीय मुद्रा में लगभग 7,500 रुपये के आसपास बैठती है। इस कीमत पर यह एक किफायती और फीचर से भरपूर स्मार्ट किचन डिवाइस साबित हो सकता हैXiaomi का यह नया एयर फ्रायर आधुनिक तकनीक और हेल्दी कुकिंग का बेहतरीन कॉम्बिनेशन है, जो आज के समय में स्मार्ट किचन की जरूरतों को पूरा करने में सक्षम है

Apple WWDC 2026 डेट फाइनल iOS 27 और नए AI फीचर्स पर रहेगा फोकस..

नई दिल्ली:  टेक्नोलॉजी की दुनिया में सबसे चर्चित इवेंट्स में से एक Apple का Worldwide Developers Conference यानी WWDC 2026 अब आधिकारिक रूप से घोषित हो चुका है। यह आयोजन 8 जून से 12 जून तक चलेगा और इसकी शुरुआत 8 जून को होने वाले कीनोट से होगी। हर साल की तरह इस बार भी Apple अपने नए सॉफ्टवेयर और टेक्नोलॉजी इनोवेशन को दुनिया के सामने पेश करेगा, जिससे डेवलपर्स और टेक प्रेमियों में खास उत्साह देखने को मिल रहा है। पिछले कुछ वर्षों में WWDC का फोकस हार्डवेयर से हटकर सॉफ्टवेयर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर ज्यादा केंद्रित हो गया है। इस बार भी यही ट्रेंड जारी रहने की संभावना है, जहां Apple अपने ऑपरेटिंग सिस्टम्स के नए वर्जन जैसे iOS 27, macOS 27, iPadOS 27, watchOS 27, visionOS 27 और tvOS 27 को पेश कर सकता है। इन अपडेट्स के जरिए यूजर्स को बेहतर परफॉर्मेंस, नए फीचर्स और अधिक स्मूद एक्सपीरियंस मिलने की उम्मीद है। WWDC 2026 में सबसे ज्यादा चर्चा का विषय Apple का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI रहने वाला है। कंपनी अपने लंबे समय से इंतजार किए जा रहे Siri अपग्रेड को पेश कर सकती है, जिसमें स्मार्ट और ज्यादा एडवांस फीचर्स शामिल होंगे। इसके साथ ही Apple Intelligence को और मजबूत बनाने की दिशा में भी कई बड़े ऐलान हो सकते हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, इन नए AI फीचर्स में Google के Gemini AI का भी सपोर्ट देखने को मिल सकता है, जिससे Apple का इकोसिस्टम और भी पावरफुल बन सकता है। इवेंट के तुरंत बाद डेवलपर्स को नए सॉफ्टवेयर के शुरुआती बीटा वर्जन उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे वे अपने ऐप्स को नए सिस्टम के अनुसार तैयार कर सकें। यह प्रक्रिया हर साल Apple के डेवलपर कम्युनिटी को नई टेक्नोलॉजी के साथ अपडेट रहने का अवसर देती है। आम यूजर्स के लिए ये सभी अपडेट्स साल के अंत तक रिलीज किए जाने की संभावना रहती है, जिससे वे नए फीचर्स का फायदा उठा सकें। Apple की वाइस प्रेसिडेंट Susan Prescott ने कहा कि WWDC कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है, जहां दुनिया भर के डेवलपर्स एक साथ आकर इनोवेशन और टेक्नोलॉजी को आगे बढ़ाते हैं। यह इवेंट न केवल नए प्रोडक्ट्स का प्रदर्शन है, बल्कि एक ग्लोबल कम्युनिटी को जोड़ने का भी माध्यम है। इसके अलावा Apple अपने Swift Student Challenge के जरिए छात्रों को भी प्रोत्साहित करता है, जिसमें विजेताओं को Apple Park में खास अनुभव दिया जाता है। इस पहल का उद्देश्य युवा डेवलपर्स को प्रेरित करना और उन्हें भविष्य की टेक्नोलॉजी से जोड़ना है।

जीएसटी पोर्टल गाइड टैक्स रिफंड रिटर्न और शिकायत का पूरा समाधान..

नई दिल्ली:  भारत में जीएसटी एक एकीकृत कर प्रणाली है जिसने कई प्रकार के केंद्रीय और राज्य करों को समाप्त कर एक सिंगल टैक्स सिस्टम की व्यवस्था बनाई है यह प्रणाली 2017 में लागू की गई थी और इसके बाद से टैक्स से जुड़ी प्रक्रियाएं काफी आसान और पारदर्शी हो गई हैं जीएसटी पोर्टल इस पूरे सिस्टम का डिजिटल माध्यम है जहां से टैक्स से जुड़ी लगभग सभी सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं जीएसटी पोर्टल का उद्देश्य टैक्सपेयर्स को एक ऐसा मंच प्रदान करना है जहां वे बिना किसी कागजी प्रक्रिया के अपने टैक्स संबंधित कार्य ऑनलाइन कर सकें इस पोर्टल के माध्यम से रिटर्न फाइल करना टैक्स का भुगतान करना रिफंड के लिए आवेदन करना और किसी भी तरह की शिकायत दर्ज करना बहुत आसान हो गया है यह पोर्टल व्यवसायियों प्रोफेशनल्स और आम टैक्सपेयर्स के लिए एक सिंगल विंडो की तरह कार्य करता है यदि आप जीएसटी पोर्टल में लॉगिन करना चाहते हैं तो सबसे पहले आपको इसकी आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा इसके बाद होमपेज पर आपको लॉगिन का विकल्प दिखाई देगा जिस पर क्लिक करने के बाद आपको अपना यूजरनेम और पासवर्ड दर्ज करना होगा इसके साथ ही एक कैप्चा कोड भी भरना आवश्यक होता है सही जानकारी दर्ज करने के बाद लॉगिन पर क्लिक करते ही आप अपने जीएसटी डैशबोर्ड में पहुंच जाते हैं पहली बार उपयोग करने वाले यूजर्स को रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी करनी होती है इसके लिए उन्हें पोर्टल पर रजिस्टर विकल्प का चयन करना होता है और अपनी आवश्यक जानकारी भरनी होती है रजिस्ट्रेशन के बाद आपको एक अस्थायी यूजरनेम और पासवर्ड प्राप्त होता है जिसे उपयोग करके आप पहली बार लॉगिन कर सकते हैं पहली बार लॉगिन करते समय सिस्टम आपसे पासवर्ड बदलने के लिए कहता है जिससे आपके अकाउंट की सुरक्षा सुनिश्चित होती है अगर किसी कारणवश आप अपना यूजरनेम या पासवर्ड भूल जाते हैं तो चिंता करने की जरूरत नहीं है पोर्टल पर फॉर्गेट यूजरनेम और फॉर्गेट पासवर्ड का विकल्प दिया गया है इसके माध्यम से आप अपने GSTIN या अन्य पहचान विवरण दर्ज करके ओटीपी वेरिफिकेशन के जरिए अपनी लॉगिन जानकारी को पुनः प्राप्त कर सकते हैं यह सुविधा उपयोगकर्ताओं को बिना किसी बाधा के अपने अकाउंट तक पहुंचने में मदद करती है जीएसटी पोर्टल केवल लॉगिन तक ही सीमित नहीं है बल्कि यह टैक्स से जुड़े सभी कार्यों को एक ही जगह पर पूरा करने की सुविधा देता है आप यहां से अपने टैक्स की गणना कर सकते हैं रिटर्न फाइल कर सकते हैं और भुगतान भी कर सकते हैं इसके अलावा रिफंड के लिए आवेदन करना और उसकी स्थिति को ट्रैक करना भी आसान है अगर आपको किसी प्रकार की समस्या होती है तो जीएसटी पोर्टल पर शिकायत दर्ज करने की सुविधा भी उपलब्ध है जिससे आप सीधे संबंधित अधिकारियों तक अपनी बात पहुंचा सकते हैं डिजिटल प्रणाली होने के कारण यह प्रक्रिया तेज और पारदर्शी होती है इस प्रकार जीएसटी पोर्टल ने टैक्स सिस्टम को सरल और सुविधाजनक बना दिया है जिससे न केवल समय की बचत होती है बल्कि गलतियों की संभावना भी कम हो जाती है यह एक आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म है जो भारत के टैक्स ढांचे को मजबूत और अधिक प्रभावी बनाता है

200MP कैमरे वाला Samsung Galaxy S25 Ultra हुआ सस्ता, Flipkart पर मिल रहा तगड़ा डिस्काउंट, जानिए कितनी होगी बचत?

नई दिल्ली।अगर आप नया फ्लैगशिप स्मार्टफोन खरीदने की सोच रहे हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है। Samsung Galaxy S25 Ultra इस समय भारी छूट के साथ उपलब्ध है। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Flipkart पर इस फोन की कीमत में बड़ी कटौती की गई है, जिससे ग्राहकों को 25,000 रुपये तक की बचत हो सकती है। कितनी कम हुई कीमत?Flipkart पर Galaxy S25 Ultra (12GB RAM + 256GB स्टोरेज वेरिएंट) की कीमत में बड़ा बदलाव किया गया है। पहले यह फोन ₹1,29,999 में मिल रहा था, लेकिन अब इसकी कीमत घटकर ₹1,08,948 हो गई है। इसके अलावा, बैंक ऑफर्स के जरिए ₹5,000 तक का अतिरिक्त डिस्काउंट भी मिल सकता है। इस तरह कुल कीमत करीब ₹1,03,948 तक आ जाती है। दमदार परफॉर्मेंस और बड़ी डिस्प्लेइस स्मार्टफोन में लेटेस्ट प्रोसेसर दिया गया है, जो इसे तेज और स्मूथ बनाता है। Snapdragon 8 Elite प्रोसेस 6.9 इंच Dynamic AMOLED 2X डिस्प्ले 120Hz रिफ्रेश रेट 2600 निट्स ब्राइटनेस इससे यूजर्स को गेमिंग और वीडियो देखने का शानदार अनुभव मिलता है। कैमरा क्वालिटी में भी नंबर वनSamsung Galaxy S25 Ultra का कैमरा इसकी सबसे बड़ी खासियत है। फोन में 200MP का प्राइमरी कैमरा दिया गया है, जो शानदार फोटो और वीडियो कैप्चर करता है। इसके अलावा 50MP अल्ट्रा-वाइड और टेलीफोटो कैमरे भी दिए गए हैं। सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए इसमें 12MP का फ्रंट कैमरा मौजूद है। बैटरी और अपडेट सपोर्टफोन में 5000mAh की बैटरी दी गई है, जो पूरे दिन आसानी से चलती है। साथ ही इसमें 45W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट मिलता है। खास बात यह है कि कंपनी इस फोन को 7 साल तक सॉफ्टवेयर और सिक्योरिटी अपडेट देती है। Samsung Galaxy S25 Ultra पर मिल रहा यह ऑफर उन लोगों के लिए बेहतरीन मौका है, जो कम कीमत में प्रीमियम स्मार्टफोन खरीदना चाहते हैं। भारी डिस्काउंट, दमदार फीचर्स और लंबे समय तक मिलने वाले अपडेट इसे एक शानदार डील बनाते हैं।

बारिश से लेकर तापमान तक-कैसे काम करता है Meteorological Measurement System?

नई दिल्ली। मेटियोर मेटल्स मेजरमेंट सिस्टम (एमएमएस) एक वैकल्पिक तकनीकी प्रणाली है, जिसका उपयोग करके प्लाज्मा की वास्तविक समय (रियल-टाइम) स्थिति को पूरी तरह से समेकित किया जाता है। इस दस्तावेज़ में मौसम के दौरान उड़ान और उड़ान के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है। मौसम विज्ञान (मौसम विज्ञान) से जुड़े बैलगाड़ी और सब्जियों के लिए यह प्रणाली बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे उच्च-परिणाम डेटा प्राप्त होता है जो मौसम विज्ञान को बेहतर बनाने में मदद करता है। एमएमएस कैसे काम करता है?एमएमएस विमान पर कई उन्नत सेंसर के माध्यम से काम करता है। जब हवाई जहाज उड़ान भरता है, तब ये सेंसर लगातार वातावरण से डेटा इकट्ठा करते हैं। इस सिस्टम के प्रमुख भाग: पिटोट-स्टैटिक प्रोब (पिटोट-स्टैटिक जांच): हवा की गति और दबाव मापता हैतापमान सेंसर: वातावरण का तापमान रिकॉर्ड करता हैजीपीएस और एयरलाइन नेविगेशन सिस्टम: विमान की स्थिति, दिशा और गति बताता है3डी विंड सेंसर: हवा की दिशा और प्रवाह को तीन आयामों में मापा जाता है ये सभी उपकरण प्रति सेकंड लगभग 20 बार (20 हर्ट्ज) डेटा रिकॉर्ड करते हैं, जिससे बेहद अनौपचारिक जानकारी मिलती है। एमएमएस किन-किन एनिमिया की माप है?इस सिस्टम में कई प्रमुख सामार्जिक पदार्थों की माप होती है, जैसे:वायुदाब (वायुमंडलीय दबाव)तापमान (तापमान)हवा की गति और दिशा (हवा की गति और दिशा)टर्बुलेंस (अशांति)ट्रू एयर स्टेकपोटेंशियल टेंपरेचररेनॉल्ड्स नंबर और टर्बुलेंस डिसिप्लिन रेटइस डेटा को विमान में लगाए गए कंप्यूटर तुरंत अपलोड कर देते हैं और दस्तावेज़ को ठीक करके विशेषज्ञ परिणाम देते हैं। एमएमएस इतना महत्वपूर्ण क्यों है?एमएमएस से मिलने वाला डेटा कई जिलों में बेहद उपयोगी है:मौसम पूर्वानुमान (Weather Forecasting) को अधिक अनुकूल बनानापरिवर्तन (जलवायु अध्ययन) जलवायु अध्ययन परएलोवेरा की सुरक्षा लाभतूफ़ान, बादल और टर्बुलेंस सबसे अच्छे हैंइस तकनीक पर NASA ने भी विस्तृत अध्ययन किया है और इसे वैज्ञानिक शोध में अहम माना है। 🇮🇳 भारत में एमएमएस और सीज़न पर्यवेक्षकभारत में इसरो और अन्य वैज्ञानिक संस्थान इस तरह की तकनीकों का उपयोग कर रहे हैं।इसरो ने यूनेस्को में 1158 तूफान वेदर का नेटवर्क तैयार किया है, जो तापमान, हवा, दबाव और बारिश जैसी जानकारी खुद रिकॉर्ड करता है। इसके अलावा, उन्नत इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम और वैज्ञानिक प्रयोगशालाओं के माध्यम से 24 घंटे के क्लस्टर की निगरानी की जाती है, जिससे सीज़न की भविष्यवाणी की संभावना संभावित हो सकती है। मेट्रो इलेक्ट्रॉनिक्स मैजमेंट सिस्टम आधुनिक विज्ञान मौसम के संस्थापक बन गए हैं। यह केवल मौसम को समझने में मदद नहीं करता है, बल्कि भविष्य की प्राकृतिक आपदाओं से बचाव और सुरक्षित हवाई यात्रा के लिए भी बेहद जरूरी तकनीक है।

अब आपके स्मार्टफोन और गैजेट्स भी हो सकते हैं महंगे, मिडिल ईस्ट संघर्ष का पड़ेगा असर!

नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में इजराइल, ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष का असर अब दुनिया भर में महसूस होने लगा है। पहले लोगों की चिंता पेट्रोल और गैस की बढ़ती कीमतों को लेकर थी, लेकिन अब स्मार्टफोन, लैपटॉप और कारों की कीमतें भी बढ़ सकती हैं। पर्दे के पीछे: हीलियम और ब्रोमीन स्मार्टफोन और अन्य गैजेट्स में इस्तेमाल होने वाली सेमीकंडक्टर चिप्स के निर्माण में कच्चा माल महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। चिप बनाने में हीलियम का उपयोग कूलिंग और लेजर सिस्टम के लिए किया जाता है। दुनिया की एक-तिहाई हीलियम सप्लाई अकेले कतर से आती है। इसके अलावा, चिप की पैकेजिंग के लिए ब्रोमीन जरूरी है, जो डेड सी क्षेत्र इजराइल और जॉर्डन से आता है। चिप की सफाई में प्रयुक्त सल्फ्यूरिक एसिड का लगभग 40% हिस्सा भी इसी क्षेत्र से ता है। युद्ध के कारण इन सामग्रियों की सप्लाई प्रभावित हो सकती है। स्मार्टफोन और गैजेट्स की कीमतें बढ़ने का खतरा चिप्स बनाने में बिजली का ज्यादा इस्तेमाल होता है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों, महंगी ढुलाई और इंश्योरेंस प्रीमियम की वजह से चिप की लागत 20-30% तक बढ़ सकती है। अगर युद्ध 8 हफ्ते से ज्यादा चलता है, तो अमेरिका की दिग्गज चिप कंपनी Nvidia की AI चिप सप्लाई और ऑटोमोबाइल सेक्टर प्रभावित होंगे। इसका सीधा असर स्मार्टफोन और अन्य गैजेट्स की कीमतों पर पड़ सकता है। भारत पर क्या होगा असर भारत अभी अपनी सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री खड़ी कर रहा है। कच्चे माल की बढ़ती कीमतें नए प्रोजेक्ट्स के बजट पर दबाव डाल सकती हैं। वहीं विशेषज्ञों का मानना है कि यह भारत के लिए अवसर भी है। अब भारत को केवल चिप बनाने पर नहीं बल्कि चिप में इस्तेमाल होने वाले केमिकल्स और गैसेस के घरेलू उत्पादन पर भी ध्यान देना होगा।

2033 तक भारत के ऊर्जा सेक्टर में बड़ा बदलाव, भंडारण क्षमता में होगा जबरदस्त इज़ाफा

नई दिल्ली भारत का स्थिर ऊर्जा भंडारण सेक्टर (स्थिर ऊर्जा भंडारण) तेजी से उभर रहा है। औद्योगिक रिपोर्ट के अनुसार, बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (बीईएसएस) प्रोजेक्ट्स की कुल पाइपलाइन क्षमता 92 गीगावाट-घंटा (जीडब्ल्यूएच) के रिकॉर्ड स्तर पर उपलब्ध है। अभी जहां स्थापित क्षमता 1 गीगावॉट से भी कम है, वहीं 2033 तक यह क्षमता 346 गीगावॉट तक पहुंच सकती है। विशेषज्ञ का मानना ​​है कि अगर सरकार की सहायक नीतियाँ जारी हैं, तो यह पात्र 544 GWh तक भी पहुँच सकता है। ## बीएसएस सेक्टर में तेजीपिछले एक साल में BESS सेक्टर में जबरदस्त गति देखने को मिली। 69 नए टेंडर जारी किए गए, आर्किटेक्चर कुल क्षमता 102 GWh है, जो 2024 की तुलना में 35 प्रतिशत अधिक है। यह निवेशक है कि व्यापारी और उद्योग दोनों ही इस क्षेत्र में बढ़ते अवसरों को पहचान रहे हैं। ## पंपल्ड ऑटोमोबाइल स्टोरेज का विस्तारकेवल बैटरियों तक ही नहीं, बल्कि पंपल्ड सिलिकॉन एनर्जी स्टोरेज में भी बड़ा विस्तार होगा। अनुमान है कि इसकी क्षमता 2025 में 7 GW से बढ़कर 2033 तक 107 GW तक पहुंच जाएगी। इस बिजली से बिजली की मांग में उछाल- बिजली की आपूर्ति को बढ़ावा देना आसान होगा और बिजली की स्थिरता मजबूत होगी। ## लागत में कमी और नीति का समर्थनबेरोजगार इंडिया के सुपरस्टार और एमडी, एस. सी. सक्सेना के अनुसार, बिजली की मांग में बदलाव के लिए बड़े पैमाने पर ऊर्जा भंडार की अत्यंत आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि बैटरी और पंपल्ड स्टोरेज की लागत में लगातार कमी और सरकार की सहायक कंपनियों के कारण इसका इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। ## गैर-जीवाश्मा जीवला लक्ष्य में सहायकएआईएसए के अध्यक्ष देबमाल्य सेन ने कहा कि यह भारत को 2030 से 500 गीगावॉट गैर-जीवाश्म ईंधन (गैर-जीवाश्म ईंधन) क्षमता हासिल करने के लक्ष्य को पूरा करने में मदद करेगा। ऊर्जा भंडारण इस लक्ष्य को हासिल करने में अहम भूमिका निभाएगा। ##सरकारी निगम का योगदानइस सेक्टर की बिक्री में कई सरकारी अहम भूमिका निभा रही हैं। इनमें एनर्जी स्टोरेज ऑब्लिगेशन, वायबिलिटी गैप फंडिंग, और लाइब्रेरी चार्ज में छूट जैसी सुविधाएं शामिल हैं। औद्योगिक निवेश आकर्षित हुआ है और सेक्टर में तेजी से विस्तार का अवसर मिला है। ## 2026 में नई क्षमता का उद्घाटनरिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 2026 में करीब 5 GWh नई क्षमता शुरू होने की उम्मीद है। इससे भारत के ऊर्जा भंडारण सेक्टर का तेजी से विस्तार होगा और देश को वैश्विक ऊर्जा भंडारण बाजार में मजबूत खिलाड़ी बनाया जाएगा। भारत का ऊर्जा सेक्टर सेक्टर अब विकास की ऊंचाइयों की ओर है। अगले दशक में प्रौद्योगिकी, सरकारी उद्यमों और उपभोक्ताओं के समर्थन से यह क्षेत्र देश के ऊर्जा लक्ष्य में अहम भूमिका निभाएगा और वैश्विक स्तर पर भारत को बढ़त मिलेगी।