सिम और इलेक्ट्रॉनिक कचरे से निकाला लाखों का सोना, वायरल हुआ वीडियो

वीजिंग। दक्षिण पूर्वी चीन के हुइझोउ में रहने वाले कियाओ ने मोबाइल सिम कार्ड और इलेक्ट्रॉनिक कचरे से करीब 191 ग्राम सोना निकाला, जिसकी कीमत लगभग 2 लाख युआन (27 लाख रुपये) आंकी गई है। कियाओ ने इस प्रक्रिया का पूरा वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसे अब तक 50 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है। कैसे किया सोना निकाला वीडियो में कियाओ ने पुराने सिम कार्ड्स और इलेक्ट्रॉनिक स्क्रैप को रासायनिक और भौतिक प्रक्रियाओं से प्रोसेस करते हुए दिखाया। इसमें जंग हटाना, गर्म करना, छानना और रिफाइनिंग शामिल था। उन्होंने बताया कि सिम कार्ड में सोने की मात्रा बेहद कम होती है—एक सामान्य सिम कार्ड में लगभग 0.001 ग्राम सोना होता है। इसके अलावा, फेंके गए बैंक कार्ड चिप्स और कम्युनिकेशन डिवाइस के कॉन्टैक्ट्स से भी कीमती धातुएं निकाली जा सकती हैं। कियाओ के अनुसार, उनके पास लगभग दो टन इलेक्ट्रॉनिक कचरा था, जिसे प्रोसेस करके उन्होंने यह सोना प्राप्त किया। उन्होंने दर्शकों को चेतावनी भी दी कि यदि किसी को पूरी प्रक्रिया की जानकारी नहीं है, तो इसे अपनाना जोखिम भरा हो सकता है। सोशल मीडिया पर धमाल और असर कियाओ का वीडियो वायरल होते ही लोग उनकी प्रक्रिया सीखने के लिए उत्सुक हो गए। कई यूजर्स ने उन्हें “अलकेमिस्ट” यानी रसायनविद तक कह दिया। इस वायरल वीडियो का असर ऑनलाइन मार्केटप्लेस पर भी दिखा—रीसेल प्लेटफॉर्म्स पर लोग पुराने सिम कार्ड और इलेक्ट्रॉनिक चिप्स के बंडल बेचने लगे। कुछ लोग सोना निकालने के औजार और ट्रेनिंग पैकेज भी बेच रहे हैं, जिसमें से एक पैकेज की लगभग 2,000 यूनिट बिकने की खबर है। निष्कर्ष कियाओ की इस उपलब्धि ने न सिर्फ इलेक्ट्रॉनिक वेस्ट की कीमत दिखा दी, बल्कि सोशल मीडिया और ऑनलाइन मार्केट्स में नए बिजनेस अवसर भी पैदा कर दिए हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्रक्रिया जोखिम भरी है और इसके लिए रासायनिक और सुरक्षा ज्ञान बेहद जरूरी है।
डिजिटल भुगतान में नया इतिहास: जनवरी में UPI से रोजाना ₹91,403 करोड़ का लेनदेन

नई दिल्ली। भारत में डिजिटल भुगतान प्रणाली यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी UPI ने जनवरी 2026 में इतिहास रच दिया है। भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम के ताजा आंकड़ों के मुताबिक जनवरी महीने में UPI के जरिए कुल ₹28.33 लाख करोड़ का लेनदेन हुआ, जबकि ट्रांजैक्शन की संख्या 21.7 अरब तक पहुंच गई। यह आंकड़ा मासिक और औसत दैनिक दोनों ही स्तर पर अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। आंकड़ों के अनुसार जनवरी 2026 में रोजाना औसतन 70 करोड़ से अधिक UPI ट्रांजैक्शन किए गए, जिनका औसत दैनिक मूल्य ₹91,403 करोड़ रहा। इसकी तुलना में दिसंबर 2025 में औसत दैनिक लेनदेन ₹90,217 करोड़ और ट्रांजैक्शन की संख्या करीब 69.8 करोड़ थी। यानी नए साल की शुरुआत के साथ ही डिजिटल भुगतान की रफ्तार में और तेजी देखने को मिली है। NPCI के अनुसार दिसंबर 2025 में UPI लेनदेन का कुल मूल्य ₹27.97 लाख करोड़ था, जबकि जनवरी में इसमें करीब 21 प्रतिशत की मासिक वृद्धि दर्ज की गई। वहीं सालाना आधार पर ट्रांजैक्शन की संख्या में लगभग 28 से 29 प्रतिशत और कुल लेनदेन राशि में करीब 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। यह साफ संकेत देता है कि UPI अब केवल शहरी भुगतान का साधन नहीं रहा, बल्कि देशभर में रोजमर्रा की जरूरतों का अहम हिस्सा बन चुका है। डिजिटल भुगतान के विस्तार में UPI QR कोड की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण रही है। हालिया रिपोर्ट के मुताबिक भारत में अब 70.9 करोड़ से ज्यादा एक्टिव UPI QR कोड मौजूद हैं, जो जुलाई 2024 की तुलना में करीब 21 प्रतिशत अधिक हैं। किराना दुकानों, मेडिकल स्टोर, ट्रांसपोर्ट हब और ग्रामीण बाजारों तक QR कोड की पहुंच ने स्कैन और पे को आम जनता के लिए सबसे आसान और भरोसेमंद भुगतान विकल्प बना दिया है। UPI के साथ-साथ अन्य डिजिटल भुगतान माध्यमों में भी मजबूत प्रदर्शन देखने को मिला है। दिसंबर 2025 में IMPS के जरिए ₹6.62 लाख करोड़ का लेनदेन हुआ, जो सालाना आधार पर 10 प्रतिशत की बढ़त को दर्शाता है। इससे यह स्पष्ट होता है कि भारत लगातार कैशलेस इकोनॉमी की दिशा में आगे बढ़ रहा है।विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में UPI लेनदेन में और तेजी देखने को मिल सकती है। सरकारी प्रोत्साहन, छोटे व्यापारियों की बढ़ती भागीदारी और ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल साक्षरता बढ़ने से UPI भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को और मजबूत आधार प्रदान करेगा।
नया आधार मोबाइल ऐप लॉन्च: डिजिटल पहचान अब हुई और भी आसान और भी सुविधाजनक

नई दिल्ली । सरकार ने नया आधार मोबाइल ऐप लॉन्च किया है, जिसका मकसद पहचान सत्यापन को तेज, सुरक्षित और उपयोगकर्ता के लिए सरल बनाना है। इस ऐप की मदद से यूजर अपने मोबाइल में ही डिजिटल पहचान रख सकते हैं और जरूरत पड़ने पर साझा कर सकते हैं। अब आधार कार्ड की हार्ड कॉपी दिखाने या फोटोकॉपी देने की जरूरत नहीं है, और यूजर केवल वही जानकारी साझा कर सकेगा, जो किसी खास कार्य के लिए आवश्यक हो। तेज और सुरक्षित पहचान जांच इस ऐप में क्यूआर कोड के जरिए ऑफलाइन आधार वेरिफिकेशन की सुविधा दी गई है। उदाहरण के तौर पर होटल में चेक-इन, अस्पताल में विजिटर एंट्री या अलग-अलग सेवा प्लेटफॉर्म पर पहचान जांच अब तेजी से हो सकेगी। ऐप में फेस वेरिफिकेशन और उम्र प्रमाणन (एज वेरिफिकेशन) जैसी सुविधाएं भी शामिल हैं। उपयोगकर्ता के लिए विशेष फीचर्स यूजर अपने आधार बायोमेट्रिक डेटा को एक क्लिक में लॉक या अनलॉक कर सकता है। ऐप में ‘वन फैमिली-वन ऐप’ फीचर के तहत एक ही मोबाइल में पांच आधार प्रोफाइल तक मैनेज करना संभव है। इसके अलावा, मोबाइल नंबर अपडेट जैसी सुविधाएं भी सीधे ऐप में उपलब्ध हैं, जिससे छोटे बदलावों के लिए बैंक या आधार केंद्र जाने की जरूरत कम होगी। डेटा सुरक्षा और गोपनीयता सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऐप के जरिए साझा की गई जानकारी में आधार नंबर को स्टोर नहीं किया जाएगा। केवल डिजिटल रूप से साइन और वेरिफाइड डेटा ही साझा होगा। इससे गलत इस्तेमाल का खतरा कम होगा और यह डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) कानून के अनुरूप है। लॉन्च और अधिकारियों की टिप्पणियां इस ऐप को भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने विकसित किया है और इसे वाणिज्य एवं उद्योग तथा इलेक्ट्रॉनिक्स व आईटी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने लॉन्च किया। इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने कहा कि यह ऐप डेटा साझा करने में कम से कम जानकारी के सिद्धांत को बढ़ावा देगा और यूजर अपनी जानकारी सुरक्षित तरीके से साझा कर सकेंगे। UIDAI के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि यह ऐप पूरी तरह डिजिटल सिस्टम की दिशा में एक बड़ा कदम है और कस्टमाइज्ड क्यूआर कोड के जरिए केवल आवश्यक जानकारी साझा की जा सकती है। एप्लिकेशन की व्यापक उपयोगिता अब एयरपोर्ट, होटल, अस्पताल, सिनेमा और गिग वर्कर्स जैसी सेवाओं में पहचान जांच आसान और तेज होगी। यूजर अपने आधार ऑथेंटिकेशन की पूरी हिस्ट्री देख सकते हैं और जरूरत के हिसाब से डेटा साझा कर सकते हैं। यह ऐप डिजिटल पहचान की दुनिया में एक नया और सुरक्षित मील का पत्थर साबित होगा।
आ गया नया Aadhaar App: मोबाइल नंबर से लेकर पता बदलने तक, एक ऐप में मिलेंगी कई सुविधाएं

नई दिल्ली। UIDAI ने भारत में नया Aadhaar App आधिकारिक रूप से लॉन्च कर दिया है। इस ऐप का फुल वर्जन एक खास इवेंट के दौरान अनवील किया गया, जहां UIDAI के अधिकारियों ने इसके नए फीचर्स की जानकारी दी। नया आधार ऐप आधार होल्डर्स को एक ही मोबाइल ऐप में कई जरूरी सेवाएं उपलब्ध कराएगा। पर्सनल डिटेल्स पर यूजर को मिलेगा पूरा कंट्रोलनए Aadhaar App की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें यूजर्स को अपनी पर्सनल डिटेल्स पर पूरा नियंत्रण दिया गया है। ऐप की मदद से यूजर्स फोटो, नाम, डेट ऑफ बर्थ, जेंडर, मोबाइल नंबर और अन्य जानकारियों को हाइड या शो कर सकते हैं। UIDAI ने ऐप को इस तरह डिजाइन किया है कि आधार होल्डर खुद तय कर सके कि कौन-सी जानकारी शेयर करनी है और कौन-सी नहीं। QR कोड और ऑफलाइन वेरिफिकेशन से बढ़ेगी सुरक्षाUIDAI के मुताबिक, नए आधार ऐप में ऑफलाइन वेरिफिकेशन फीचर भी शामिल किया गया है। इसका मतलब यह नहीं है कि ऐप बिना इंटरनेट के काम करेगा, बल्कि इसका अर्थ यह है कि वेरिफिकेशन के लिए सेंट्रल डेटाबेस को एक्सेस करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे डेटा सिक्योरिटी और प्राइवेसी दोनों मजबूत होंगी। सिक्योरिटी चेक, ऑफिस एंट्री और अटेंडेंस भी आसानन्यू Aadhaar App की मदद से आने वाले समय में सिक्योरिटी चेक, ऑफिस और बिल्डिंग एंट्री, विजिटर वेरिफिकेशन और अटेंडेंस सिस्टम जैसे काम आसान हो जाएंगे। UIDAI ने भरोसा दिलाया है कि इस पूरी प्रक्रिया में यूजर्स का डेटा सुरक्षित रहेगा और बिना अनुमति किसी भी जानकारी को शेयर नहीं किया जाएगा। डिटेल्स हाइड करने का तरीकाऐप में डिटेल्स हाइड करने के लिए यूजर्स को चेकबॉक्स ऑप्शन दिया गया है, जहां वे अपनी जरूरत के अनुसार जानकारी को ऑन या ऑफ कर सकते हैं। ऐप ओपन करते ही यूजर्स को केवल एक QR कोड दिखाई देगा, जबकि आधार नंबर पूरी तरह हाइड रहेगा। यूजर के क्लिक करने पर ही आधार की बाकी जानकारी स्क्रीन पर दिखेगी। Android और iOS दोनों के लिए उपलब्धनया Aadhaar App Android और iOS दोनों प्लेटफॉर्म्स के लिए जारी किया गया है। जिन यूजर्स के फोन में पहले से आधार ऐप मौजूद है, उन्हें नया वर्जन इस्तेमाल करने के लिए ऐप अपडेट करना होगा।UIDAI का कहना है कि यह नया आधार ऐप डिजिटल इंडिया की दिशा में एक बड़ा कदम है, जिससे आधार सेवाएं पहले से ज्यादा सुरक्षित, आसान और यूजर-फ्रेंडली बनेंगी।
यूरोपीय संघ के बीच व्यापार समझौता, मर्सिडीज जैसी कारों पर भारत 40% तक घटाएगा टैरिफ

मुंबई। अगर आप लग्जरी कार खरीदने का सपना देख रहे हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है. भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच एक बड़ा व्यापार समझौता (Free Trade Deal) होने जा रहा है. सूत्रों के अनुसार, भारत यूरोप से आने वाली कारों पर लगने वाले भारी-भरकम इंपोर्ट ड्यूटी को 110% से घटाकर सीधे 40% करने की तैयारी में है. यह देश के बड़े बाजार को खोलने की अब तक की सबसे बड़ी पहल हो सकती है, क्योंकि दोनों देशों के बीच मंगलवार तक फ्री ट्रेड समझौता होने की उम्मीद है. क्या हैं डील की अहम बातें? अभी भारत विदेशी कारों पर 110% तक टैक्स लेता है, जिसे घटाकर 40% किया जा सकता है. यह छूट उन कारों पर मिलेगी जिनकी कीमत 15,000 यूरो (करीब 13-14 लाख रुपये) से ज्यादा होगी. यानी इसका बड़ा फायदा लग्जरी कारों को मिलेगा. टैक्स सिर्फ 40% पर नहीं रुकेगा. आने वाले समय में इसे धीरे-धीरे घटाकर 10% तक लाने की योजना है. इस फैसले से फॉक्सवैगन, मर्सिडीज और बीएमडब्ल्यू जैसी दिग्गज कंपनियों की कारें भारतीय बाजार में काफी सस्ती हो जाएंगी. आम आदमी के लिए इसका क्या मतलब है? अभी तक विदेशों में बनी कारें भारत आते-आते अपनी असली कीमत से दोगुनी महंगी हो जाती थीं. टैक्स कम होने से इन प्रीमियम कारों की कीमतों में भारी गिरावट आएगी, जिससे भारतीय ग्राहकों के पास ज्यादा ऑप्शन होंगे. वहीं दूसरी तरफ विदेशी कंपनियों के लिए भारत में अपना बाजार बढ़ाना आसान होगा. भारत के लिए क्यों अहम है यह FTA? यह भारत के लिए अब तक का सबसे बड़ा व्यापारिक समझौता होगा. 27 देशों के यूरोपीय ब्लॉक के साथ सर्विस और सामानों का यह तालमेल भारत को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस हब बनाने में मील का पत्थर साबित हो सकता है.
टाटा मोटर्स ने पेट्रोल और ट्विन-सिलेंडर सीएनजी वाहन लांच किए

मुंबई! भारत की अग्रणी ऑटोमोबाइल कंपनियों में से एक, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स (टीएमपीवी) ने आज एक्सप्रेस (XPRES) को पेट्रोल और सीएनजी वेरिएंट में लॉन्चकिया। इसके साथ ही कंपनी ने अपने विशेष रूप से तैयार किए गए फ्लीट पोर्टफोलियो का विस्तार किया है, जो अब तक लोकप्रिय एक्सप्रेस ईवी तक सीमित था। इस कदम का उद्देश्य बड़े बाजार तक पहुंचना और प्रोफेशनल फ्लीट ऑपरेटर्स की विविध जरूरतों को पूरा करना है। यह लॉन्च टीएमपीवी कीमल्टी-पावरट्रेन रणनीतिको और मजबूत करता है, जिसके तहत कंपनी देशभर के फ्लीट ग्राहकों को कस्टमाइज़्ड, हाई-अपटाइम मोबिलिटी समाधान उपलब्ध करा रही है। एक्सप्रेस पेट्रोल और सीएनजी की बुकिंग अब अधिकृत फ्लीट डीलरशिप्स पर शुरू हो चुकी है। इनकी एक्स-शोरूम दिल्ली कीमतें क्रमशः 5.59 लाख रूपये (पेट्रोल)और 6.59 लाख रूपये (CNG) से शुरू होती हैं, जो इस सेगमेंट में श्रेणी में सबसे बढि़या मानी जा रही हैं। टीएमपीवी के भरोसेमंद 1.2 लीटर रेवोट्रॉन इंजनसे लैस और मैनुअल ट्रांसमिशन के साथ पेश किए गए एक्सप्रेस पेट्रोल और सीएनजी वेरिएंट्स को खास तौर परविश्वसनीयता, मजबूती और लंबे समय तक फ्लीट उपयोगके लिए डिज़ाइन किया गया है। प्रोफेशनल मोबिलिटी को ध्यान में रखते हुए, एक्सप्रेस सीएनजी में सेगमेंट में पहली बार 70 लीटर (वॉटर कैपेसिटी) का ट्विन-सिलेंडर सीएनजी टैंकदिया गया है, जो इस श्रेणी में सबसे अधिक क्षमता प्रदान करता है। इससे बार-बार रिफ्यूलिंग की चिंता कम होती है और लंबी दूरी की यात्रा आसान बनती है। खास बात यह है कि इसका इंटेलिजेंट ट्विन-सिलेंडर पैकेजिंग डिज़ाइनबेस्ट-इन-सेगमेंट, बिना समझौते वाला बूट स्पेससुनिश्चित करता है। यह फ्लीट ऑपरेटर्स की एक बड़ी समस्या—लगेज के कारण बुकिंग लॉस—को दूर करता है और सेडान फ्लीट की पूरी कमाई क्षमता को खोलता है। वहीं, पेट्रोल वेरिएंट में 419 लीटर का सबसे बड़ा बूट स्पेसदिया गया है, जो पेट्रोल फ्लीट सेडान सेगमेंट में अग्रणी है। टाटा एक्सप्रेस लाइन-अप के विस्तार पर बात करते हुए, श्री विवेक श्रीवास्तव, चीफ कमर्शियल ऑफिसर, टाटा पैसेंजर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी लिमिटेड,ने कहा,“टाटा एक्सप्रेस को फ्लीट ग्राहकों—चाहे वे वाहन मालिक हों या यात्री—की वास्तविक परिचालन चुनौतियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। ग्राहकों की जरूरतों को देखते हुए हमें बेहद खुशी है कि हम सेगमेंट में पहली बार 70 लीटर ट्विन-सिलेंडर सीएनजी वेरिएंट पेश कर रहे हैं, जिसमें बेहतरीन उपयोगी बूट स्पेस मिलता है, साथ ही पेट्रोल वेरिएंट में भी सबसे बड़ा बूट स्पेस दिया गया है। हमारे भरोसेमंद 1.2 लीटर रेवोट्रॉन पावरट्रेन, लंबी अवधि की वारंटी, विशेष फाइनेंस समाधान और समर्पित फ्लीट डीलरशिप्स के साथ, टाटा एक्सप्रेस फ्लीट—इलेक्ट्रिक और आईसीई दोनों पावरट्रेन विकल्पों में—ग्राहकों को एक संपूर्ण और भविष्य के लिए तैयार मोबिलिटी प्लेटफॉर्म प्रदान करेगा, जिससे भारत के कमर्शियल मोबिलिटी बाजार में हमारी हिस्सेदारी और बढ़ेगी।” फ्लीट ऑपरेटर्स को अतिरिक्त भरोसा देने के लिए, एक्सप्रेस आईसीई फ्लीट के साथ 3 साल या 1,00,000 किमी (जो पहले हो) की स्टैंडर्ड वारंटी दी जाएगी, जिसे बढ़ाकर 5 साल या 1,80,000 किमीतक किया जा सकता है। इसके अलावा, मात्र 0.47 रूपये प्रति किमीकी कम मेंटेनेंस लागत और फ्लीट ग्राहकों के लिए खास तौर पर तैयार किए गए आकर्षक फाइनेंस विकल्प इसे इस सेगमेंट में एकबेहतरीन और समझदारी भरा विकल्पबनाते हैं। पूरे पैकेज को और मज़बूत बनाते हुए, टीएमपीवी ने चुनिंदा शहरों मेंफ्लीट-केंद्रित विशेष डीलरशिपभी स्थापित की हैं, जहाँ कमर्शियल ग्राहकों की ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए समर्पित बिक्री और सेवा सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। इससे तेज़ सर्विस टर्नअराउंड, वाहनों की बेहतर उपलब्धता और पूरे वाहन जीवनचक्र में निरंतर सहयोग सुनिश्चित होता है। इस विस्तारित पोर्टफोलियो के साथ, टाटा एक्सप्रेस फ्लीट (पेट्रोल, सीएनजीऔर ईवी) उच्च उपयोग और बड़े वॉल्यूम वाले सेगमेंट्स में व्यापक विकास के अवसर खोलता है। इनमें एयरपोर्ट ट्रांसफर, कैब एग्रीगेटर्स, इंटरसिटी ऑपरेशंस, कर्मचारी परिवहन, रेंट-ए-कार सेवाएँ और टूरिस्ट टैक्सी ऑपरेटर्स शामिल हैं।
AI के गॉडफादर ने दी चेतावनी: इंसानों के लिए बढ़ता AI चलन बन सकता है खतरा

नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आज हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। लोग इसे सिर्फ असिस्टेंट की तरह नहींबल्कि भावनात्मक रूप से भी भरोसा करने लगे हैं। इस तेजी से बढ़ते AI के इस्तेमाल को लेकर इसके गॉडफादर कहे जाने वाले कंप्यूटर साइंटिस्ट जेफ्री हिंटन ने गंभीर चेतावनी दी है। हिंटन ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा कि उन्होंने खुद AI के विकास में अपना जीवन समर्पित कियालेकिन अब यह तकनीक खतरनाक रूप ले सकती है और दुनिया इसके बढ़ते खतरे को गंभीरता से नहीं ले रही। उनके मुताबिक AI बड़े पैमाने पर नौकरियों को प्रभावित कर सकता हैसमाज में अशांति पैदा कर सकता है और अंततः इंसानों से ज्यादा बुद्धिमान बन जाएगा। हिंटन ने बताया कि रिसर्चर्स अब इंसानों से अधिक बुद्धिमान मशीनें बनाने के करीब हैं। विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगले 20 सालों में AI इंसानी बुद्धिमत्ता को पार कर सकता है। एक बार ऐसा होने के बाद इन सिस्टम्स को नियंत्रित करना बेहद मुश्किल हो सकता है। हालांकि अपनी चिंताओं के बावजूद हिंटन अभी भी AI के सकारात्मक इस्तेमाल के लिए आशावादी हैं। उन्होंने कहा कि AI शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में बड़े बदलाव ला सकता है। हिंटन ने जोर देकर कहा कि अगर AI को सही तरीके से विकसित नहीं किया गयातो यह इंसानों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
टेक खबर: वनप्लस इंडिया का खुलासा, परिचालन बंद की रिपोर्ट्स गलत, CEO ने दी सफाई

नई दिल्ली। वनप्लस इंडिया ने बुधवार को उन सभी रिपोर्ट्स को खारिज किया, जिसमें दावा किया गया था कि कंपनी भारत में अपने संचालन को बंद करने जा रही है। कंपनी ने स्पष्ट किया कि उसके ऑपरेशन पूरी तरह से सामान्य रूप से चल रहे हैं। वनप्लस के सीईओ रॉबिन लियू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, “वनप्लस इंडिया और उसके संचालन के बारे में फैल रही कुछ गलत जानकारियों को मैं स्पष्ट करना चाहता हूं। हम सामान्य रूप से काम कर रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे।” लियू ने यह भी कहा कि “वनप्लस के बंद होने के बारे में हाल ही में आई अपुष्ट खबरें झूठी हैं। हम सभी पक्षकारों से आग्रह करते हैं कि वे निराधार दावों को साझा करने से पहले आधिकारिक स्रोतों से जानकारी की पुष्टि करें।” भारत में वनप्लस का प्रदर्शन और बाजार स्थिति वनप्लस 2013 में एक स्वतंत्र ब्रांड के रूप में स्थापित हुआ था और इसका ओप्पो के साथ गहरा संबंध है, क्योंकि दोनों कंपनियां बीबीके इलेक्ट्रॉनिक्स ग्रुप का हिस्सा हैं। निवेशक और आपूर्ति श्रृंखला भी काफी हद तक साझा हैं। कंपनी भारतीय स्मार्टफोन बाजार के मध्य-प्रीमियम सेगमेंट में सक्रिय है। 2025 की तीसरी तिमाही में वनप्लस ने 10.7 प्रतिशत सालाना वृद्धि दर्ज की और बाजार हिस्सेदारी 3 प्रतिशत से बढ़कर 4 प्रतिशत हो गई। इस सेगमेंट में सैमसंग शीर्ष स्थान पर है, उसके बाद ओप्पो और फिर वनप्लस का स्थान है। आईडीसी (इंटरनेशनल डेटा कॉर्पोरेशन) के अनुसार, भारत में स्मार्टफोन बाजार 2025 की तीसरी तिमाही में पांच साल के उच्चतम स्तर पर पहुंचा, जिसमें सालाना आधार पर 4.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई और कुल शिपमेंट 48 मिलियन यूनिट तक पहुंच गया। भारत में स्मार्टफोन विनिर्माण का बढ़ता महत्व भारत से स्मार्टफोन की विदेशी शिपमेंट 2021 से 2025 तक लगभग 79.03 बिलियन डॉलर रही, जिसमें 2025 की हिस्सेदारी सबसे अधिक थी। इस दौरान कुल शिपमेंट में एप्पल के आईफोन का हिस्सा लगभग 75 प्रतिशत रहा, जिसका मूल्य 22 बिलियन डॉलर से अधिक था। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में कहा कि सेमीकंडक्टर उत्पादन बढ़ने के कारण भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में और वृद्धि होने की उम्मीद है। भारत अब विश्व का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन उत्पादक बन चुका है, जहां घरेलू स्तर पर बिकने वाले 99 प्रतिशत से अधिक फोन ‘मेड इन इंडिया’ हैं। इससे भारत की विनिर्माण मूल्य श्रृंखला में महत्वपूर्ण भूमिका बढ़ रही है। पीएलआई योजना और भविष्य की संभावनाएं वनप्लस के मजबूत प्रदर्शन और भारत में स्मार्टफोन बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच, सरकार की स्मार्टफोन पीएलआई योजना मार्च 2026 में समाप्त होने वाली है। हालांकि, सूत्रों के अनुसार, सरकार कथित तौर पर इसके समर्थन को बढ़ाने के विकल्पों पर विचार कर रही है। वनप्लस इंडिया ने अपने भारतीय ऑपरेशन को बंद करने की अफवाहों को पूरी तरह खारिज किया है। कंपनी सामान्य रूप से काम कर रही है और मध्य-प्रीमियम सेगमेंट में अपनी बढ़ती हिस्सेदारी के साथ मजबूत स्थिति बनाए रख रही है। भारत के स्मार्टफोन बाजार की बढ़ती प्रतिस्पर्धा और ‘मेड इन इंडिया’ पहल के बीच वनप्लस की उपस्थिति और योगदान निरंतर महत्वपूर्ण बने रहेंगे।
सैमसंग इनोवेशन कैंपस ने उत्तर प्रदेश में 1,750 युवाओं को फ्यूचर-टेक स्किल्स में सर्टिफ़िकेट दिया

नई दिल्ली। भारत के सबसे बड़े कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांड सैमसंग ने राष्ट्रीय युवा दिवस के मौके पर, अपने प्रमुख सैमसंग इनोवेशन कैंपस (SIC) प्रोग्राम के तहत उत्तर प्रदेश में 1,750 छात्रों को सर्टिफ़िकेट देने की घोषणा की, जो राज्य में कंपनी के युवा-कौशल प्रयासों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। सर्टिफ़िकेशन समारोह लखनऊ के सिटी ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशंस में आयोजित किया गया था, जिसमें उत्तर प्रदेश सरकार की माननीय उच्च शिक्षा मंत्री श्रीमती रजनी तिवारी, साथ ही शैक्षणिक नेताओं और कार्यक्रम भागीदारों की उपस्थिति थी। इस बैच के साथ, उत्तर प्रदेश में सैमसंग इनोवेशन कैंपस के तहत प्रशिक्षित छात्रों की कुल संख्या 3,900 हो गई है, जिससे यह कार्यक्रम के तहत सबसे तेज़ी से बढ़ने वाले राज्यों में से एक बन गया है। सैमसंग ने उत्तर प्रदेश में 5,000 युवाओं को कुशल बनाने के अपने इरादे की घोषणा की, जो 20,000 छात्रों को अपस्किल करने के अपने व्यापक राष्ट्रीय लक्ष्य का हिस्सा है, जो पिछले साल की तुलना में छह गुना ज़्यादा है। यह कार्यक्रम वर्तमान में 10 राज्यों में चल रहा है। लखनऊ पहल के तहत, छात्रों को उभरती हुई टेक्नोलॉजी में इंडस्ट्री के हिसाब से ट्रेनिंग मिली, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (950 छात्र), कोडिंग और प्रोग्रामिंग (550 छात्र), बिग डेटा (150 छात्र), और इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स (100 छात्र) शामिल हैं। सैमसंग में, हमारा पक्का मानना है कि भारत का भविष्य उसके युवाओं द्वारा तय किया जाएगा। सैमसंग इनोवेशन कैंपस को AI, IoT, या बिग डेटा और कोडिंग जैसे फ्यूचर-टेक कोर्स में हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग देकर शिक्षा और इंडस्ट्री के बीच के गैप को पाटने के लिए डिज़ाइन किया गया है। लखनऊ में 1,750 छात्रों का सर्टिफिकेशन भारत सरकार के स्किलिंग विज़न को सपोर्ट करने और उत्तर प्रदेश के युवा स्टूडेंट्स को इंडस्ट्री से जुड़ी क्षमताओं के साथ सशक्त बनाने की हमारी प्रतिबद्धता को दिखाता है। सैमसंग इनोवेशन कैंपस हमारा फ्लैगशिप प्रोग्राम है जिसे अगली पीढ़ी को सशक्त बनाने और उन्हें चौथी औद्योगिक क्रांति के लिए जॉब-रेडी बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है”, सैमसंग साउथवेस्ट एशिया में CSR और कॉर्पोरेट कम्युनिकेशंस के हेड शुभम मुखर्जी ने कहा। “जैसे-जैसे उच्च शिक्षा विकसित हो रही है, यह ज़रूरी है कि सीखने के परिणाम उभरती हुई आर्थिक और तकनीकी ज़रूरतों के साथ जुड़े रहें। सैमसंग इनोवेशन कैंपस स्टूडेंट्स को एडवांस्ड डिजिटल विषयों और अनुभवात्मक शिक्षा से परिचित कराकर महत्वपूर्ण मूल्य जोड़ता है। इस तरह के सहयोग हमारे संस्थानों को मज़बूत करते हैं और उत्तर प्रदेश के लिए ज्ञान-आधारित, प्रतिस्पर्धी कार्यबल बनाने में मदद करते हैं। मैं हमारे युवाओं को सशक्त बनाने और भविष्य के लिए तैयार, कुशल कार्यबल बनाने के राज्य के विज़न को सपोर्ट करने के लिए सैमसंग की प्रतिबद्धता की सराहना करती हूँ। हमारे युवा उत्तर प्रदेश की प्रगति की नींव हैं और भारत की विकास गाथा के पीछे प्रेरक शक्ति हैं”, श्रीमती रजनी तिवारी, माननीय उच्च शिक्षा मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार ने कहा। 2022 में भारत में लॉन्च किया गया, सैमसंग इनोवेशन कैंपस भविष्य की तकनीक की शिक्षा तक पहुँच बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करता है, खासकर कम सेवा वाले और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में। यह कार्यक्रम इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर स्किल्स काउंसिल ऑफ इंडिया (ESSCI) के सहयोग से मान्यता प्राप्त प्रशिक्षण भागीदारों के माध्यम से लागू किया जाता है। राष्ट्रीय स्तर पर, कार्यक्रम में 44% महिलाओं की भागीदारी दर्ज की गई है, जो समावेशी और समान स्किलिंग पर सैमसंग के फोकस को दिखाता है। तकनीकी प्रशिक्षण के अलावा, स्टूडेंट्स को कार्यस्थल की तैयारी में सुधार के लिए सॉफ्ट-स्किल्स इनपुट और प्लेसमेंट सहायता मिलती है। सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो और सैमसंग DOST जैसी पहलों के साथ, सैमसंग इनोवेशन कैंपस भारत के डिजिटल स्किलिंग लक्ष्यों को मज़बूत करने और विस्तार करने के लिए कंपनी की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
Amazon ने भारत में लांच किया ऑल-न्यू Echo Show 11 और फोर्थ-जनरेशन Echo Show 8

नई दिल्ली। आज Amazon ने भारत में Alexa के साथ अपने ऑल-न्यू Echo Show 11 और फोर्थ जनरेशन Echo Show 8 स्मार्ट डिस्प्ले पेश किए। इन डिवाईसेज़ में ऑल-न्यू ऑडियो आर्किटेक्चर और Omnisense कस्टम सेंसर प्लेटफॉर्म है। साथ ही एज-टू-एज डिस्प्ले और थिन बेज़ेल के साथ इन्हें बिल्कुल नया डिज़ाईन दिया गया है। ये डिवाईस डीप बेस और स्पष्ट आवाज के साथ स्मार्ट होम रूटीन को आसान बना देती हैं। इनमें मोशन, प्रेज़ेंस और तापमान सेंसर दिए गए हैं। Echo Show 11 और Echo Show 8 क्रमशः 11 इंच और 8.7 इंच का व्यूईंग एरिया प्रदान करते हैं। Echo Show 11 और Echo Show 8 में ऑन-स्क्रीन टच कंट्रोल या Alexa को हैंड्स-फ्री वॉईस कमांड देकर स्मार्ट होम रूटीन संचालित किए जा सकते हैं। कंपैटिबल ऐप्स से ऑडियो-विज़्युअल कंटेंट का आनंद लिया जा सकता है। कैलेंडर तथा शॉपिंग लिस्ट संभालने तथा रेसिपी आदि देखने जैसे दैनिक काम आसानी से किए जा सकते हैं। दिलीप आर.एस., डायरेक्टर और कंट्री मैनेजर, Amazon.in डिवाइसेस इंडिया ने कहा, “Echo Show 11 और Echo Show 8 फैमिली शेड्यूल में तालमेल बनाने, स्मार्ट होम मैनेज करने, और व्यस्त दिनचर्या का प्रबंधन करने जैसे सभी काम संभाल सकते हैं। ये डिवाइस होम असिस्टेंट के तौर पर काम करती हैं। ग्राहकों को ऑर्गनाइज़्ड और कनेक्टेड रखती हैं, तथा उनके अनुरूप खुद को ढाल लेती हैं। ये सभी रूटीन काम संभाल लेती हैं ताकि ग्राहक ज्यादा जरूरी कामों पर अपना ध्यान केंद्रित कर सकें। मैं Omnisense टेक्नोलॉजी और एडवांस्ड ऑटोमेशन, नई ऑडियो अनुभव और Alexa के साथ सुगम हैंड्स-फ्री वॉयस कंट्रोल के साथ इन डिवाइसेज़ को ग्राहकों के जीवन का हिस्सा बनते देखने के लिए उत्साहित हूँ।” एडवांस्ड होम ऑटोमेशन बढ़ाता है सुविधा और आराम Echo Show 11 और Echo Show 8 में कस्टम डिज़ाईन की AZ3 Pro सिलिकॉन चिप दी गई है, तो बहुत तेज परफॉर्मेंस सुनिश्चित करती है। इस सिलिकॉन चिप के साथ कस्टम सेंसर प्लेटफॉर्म, Omnisense है, जो एंबियंट AI के लिए बनाया गया है। यह कई सेंसर और सिग्नल्स का उपयोग करता है, जिनमें 13 मेगापिक्सल (एम.पी) का कैमरा, ऑडियो, अल्ट्रासाउंड Wi-Fi राडार, एक्सेलेरोमीटर और Wi-Fi CSI शामिल हैं, जो व्यक्तिगत, प्रोएक्टिव और मददगार Alexa अनुभव संभव बनाते हैं। इससे ऑटोमेटेड प्रतिक्रियाएं संभव होती हैं, जैसे जब कोई कमरे में प्रवेश करता है, तो ऑटोमेटेड लाईट अपने आप जल जाती हैं, या जब तापमान एक निश्चित स्तर पर पहुँच जाता है, तब तापमान पर आधारित दिनचर्याएं अपने आप शुरू हो जाती हैं। ग्राहक Alexa ऐप की मदद से स्मार्ट होम रूटीन स्थापित कर सकते हैं। अधिकतम व्यूईंग एरिया और एंबियंट विज़्युअल्स का आनंद लें Echo Show 11 और Echo Show 8 में क्रमशः 11 ईंच फुल HD और 8.7 ईंच HD एज-टू-एज ग्लास डिस्प्ले दिए गए हैं। ये विस्तृत कलर्स के साथ शार्प पिक्चर प्रदान करते हैं। नए डिज़ाईन को ज्यादा स्लीक बनाया गया है। इसमें 3D-निट फैब्रिक के साथ थिन बेज़ेल्स का इस्तेमाल किया गया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा बड़ा व्यूईंग एरिया मिल सके। साथ ही, एंबियंट विज़्युअल वातावरण के अनुरूप अनुकूलित होकर आरामदायक व्यूईंग प्रदान करता है। इसके हाई डेफिनिशन डिस्प्ले के साथ 13 मेगापिक्सल के कैमरे दिए गए हैं, जो सेंटर्ड ऑटो-फ्रेमिंग और नॉईज़ रिडक्शन टेक्नोलॉजी के साथ दोस्तों और परिवार से स्पष्ट वीडियो कॉल और बातचीत संभव बनाते हैं, जो Alexa ऐप या Echo स्मार्ट डिस्प्ले के माध्यम से संभव होती है। स्पैशियल ऑडियो के साथ रूम-फिलिंग साउंड Echo Show 11 और Echo Show 8 पूरीतरहनयाऑडियोआर्किटेक्चरइन्हेंभारतमेंवर्तमानमेंउपलब्धअमेज़नकेसबसेबेहतरीनसाउंडिंगस्मार्टडिस्प्लेबनाताहै। इन दोनों डिवाईसेज़ में फ्रंट फायरिंग स्टीरियो स्पीकर और एक कस्टम वूफर है, जो स्पैशियल ऑडियो के साथ रूम फिलिंग साउंड प्रदान करता है। फुल-रेंज ड्राइवर डिस्प्ले के नीचे लगाए गए हैं और इन्हें ऑडियो को सामने की तरफ फायर करने के लिए डिज़ाइन किया गया है ताकि ग्राहकों को स्पष्ट साउंड और साफ वोकल्स सुनाई दें। इन पर Amazon Music, Apple Music, Spotify, JioSaavn या Audible जैसे सर्विस प्रोवाइडर्स द्वारा अपने पसंदीदा म्यूज़िक, पोडकास्ट या ऑडियोबॉक्स का आनंद लिया जा सकता है (सब्सक्रिप्शन शुल्क लागू हो सकता है)। हैंड्स-फ़्री एंटरटेनमेंट का मजा लें ग्राहक Echo Show 11 और Echo Show 8 की स्क्रीन पर Prime Video, Netflix और YouTube आदि ऐप्स का वीडियो कंटेंट देखा जा सकता है (सब्सक्रिप्शन शुल्क लागू हो सकता है)। यह कंटेंट Silk Browser पर चलता है । टीवी शो, फिल्म्स, वर्कआउट और रेसिपी वीडियो आदि टच स्क्रीन द्वारा चलाए जा सकते हैं या Alexa को इन्हें प्ले करने के लिए कहा जा सकता है। एक ही स्क्रीन पर कई कैमरों की लाइव फ़ीड देखें ‘Drop In’ फ़ीचर की मदद से ग्राहक अपने घरों की निगरानी कर सकते हैं और परिवार या पेट्स को लाइव देख सकते हैं। कंपैटिबल सिक्योरिटी कैमरा और वीडियो डोरबेल को अपनी डिवाइस से पेयर करके एक साथ चार तक लाइव कैमरों तक की फ़ीड अपनी डिवाइस की स्क्रीन पर देखी जा सकती है। प्राइवेसी के लिए निर्मित Echo Show11 और Echo Show8 में प्राइवेसी कंट्रोल की कई लेयर हैं। माइक्रोफ़ोन ऑन/ऑफ बटन, इन-ऐप और ऑन-डिवाइस कैमरा कंट्रोल तथा Alexa ऐप में वॉयस रिकॉर्डिंग देखने व डिलीट करने की सुविधा इनमें शामिल है। Alexa और Echo डिवाइस प्राइवेसी की सुरक्षा के लिए कैसे डिज़ाइन किए गए हैं, यह जानने के लिए Alexa Privacy Hub पर जाएँ। मूल्य व उपलब्धता Echo Show 11 Graphite और Glacier White रंगों में26,999 रुपये में उपलब्ध है, और Echo Show 8 Graphite और Glacier White रंगों में 23,999 रुपये में उपलब्ध है। ये डिवाइस Amazon.in, Flipkart और Reliance Digital एवं Croma के ऑफलाईन स्टोर्स से खरीदी जा सकती हैं। नए Echo Show स्मार्ट डिस्प्ले, Alexa+ के साथ कंपैटिबल हैं, जो जनरेटिव AI से चलने वाला असिस्टेंट है, और जल्द भारत में उपलब्ध होगा।