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GWALIOR AAJEEVIKA MART OPENING: ग्वालियर में आज से ‘आजीविका मार्ट’ की शुरुआत, सीएम मोहन यादव करेंगे वर्चुअल शुभारंभ

GWALIOR AAJEEVIKA MART

HIGHLIGHTS: फूलबाग संभागीय हाट बाजार में स्थापित हुआ स्थायी आजीविका मार्ट 25 फरवरी को सीएम मोहन यादव करेंगे वर्चुअल शुभारंभ सालभर उपलब्ध रहेंगे स्व-सहायता समूहों के उत्पाद 27-28 फरवरी को लगेगा विशेष होली मेला महिला सशक्तीकरण और आत्मनिर्भरता को मिलेगा बढ़ावा GWALIOR AAJEEVIKA MART OPENING: ग्वालियर। संभागीय हाट बाजार, फूलबाग में अब स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को अपने उत्पादों की बिक्री के लिए स्थायी मंच मिल गया है।बता दें कि 25 फरवरी को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव वर्चुअली ‘आजीविका मार्ट’ का शुभारंभ करेंगे। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उनके उत्पादों को स्थायी बाजार उपलब्ध कराना है। होली से पहले 8 दिन उग्र ग्रहों का प्रभाव, जानें किन राशियों को बरतनी होगी सावधानी महिलाओं को मिलेगा स्थायी बाजार मंच फूलबाग स्थित संभागीय हाट बाजार में स्थापित यह मार्ट सालभर संचालित रहेगा। यहां स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए हस्तशिल्प, खाद्य उत्पाद, सजावटी सामग्री, वस्त्र और दैनिक उपयोग की वस्तुएं भी बिक्री के लिए उपलब्ध करवाई जाएँगी। यह पहल महिला सशक्तीकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। साथ ही मुख्यमंत्री ग्वालियर के साथ-साथ प्रदेश के अन्य शहरों में शुरू हो रहे आजीविका मार्ट का भी वर्चुअली शुभारंभ करेंगे।  “होली के रंग, आजीविका के संग” दो दिवसीय मेला आजीविका मार्ट के शुभारंभ के साथ ही 27 और 28 फरवरी को विशेष होली मेला आयोजित किया जाएगा। “होली के रंग, आजीविका के संग” थीम पर आधारित इस मेले में संभाग भर से राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाएं अपने उत्पाद प्रदर्शित करेंगी। त्योहार के अवसर पर स्थानीय उत्पादों की खरीदारी का विशेष अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज करेंगे समूहों की “आजीविका विपणन क्षमतावर्धन कार्यशाला’’ का शुभारंभ प्रशासन ने बताया महत्वपूर्ण पहल सूत्रों की माने तो ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान ने इस पहल को महिलाओं की आर्थिक मजबूती की दिशा में बड़ा कदम बताया है। प्रशासन को उम्मीद है कि इससे स्थानीय उत्पादों को नई पहचान मिलेगी और महिलाओं की आय में वृद्धि होगी।

DATIYA COLLECTOR’S HEARING: जनसुनवाई में जनता ने जताया रोष, लोग बोले- पुलिस की मौजूदगी के बावजूद कार्रवाई शून्य

GWALIOR COLLECTOR

HIGHLIGHTS: मारपीट, लूट, अतिक्रमण, पेंशन और मुआवजे से जुड़ी शिकायतें दर्ज पुलिस की सक्रिय मौजूदगी के बावजूद कई मामलों में कोई कार्रवाई नहीं कट्टे की नोक पर मारपीट और जातिसूचक गालियों के आरोप सीसी रोड अतिक्रमण और बिजली हादसे में मुआवजा न मिलने की समस्या दिव्यांगों की पेंशन और स्कूटी की मांग अभी तक अधूरी DATIYA COLLECTOR’S HEARING: दतिया। मंगलवार को न्यू कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई में सैकड़ों लोग अपनी-अपनी समस्याओं के साथ पहुंचे। बता दें की इस जनसुनवाई में पुलिस की सक्रिय मौजूदगी भी देखने को मिली, जिसमें एएसपी सुनील कुमार शिवहरे ने स्वयं कई फरियादियों की शिकायतें सुनीं। केरल का नया नाम ‘केरलम’! मोदी कैबिनेट ने दिया ऐतिहासिक मंजूरी, राज्य की सांस्कृतिक पहचान को नया सम्मान सुचना के मुताबिक जनसुनवाई में सबसे अधिक शिकायतें जमीनी विवाद, अतिक्रमण, मारपीट–लूट, पेंशन बंद होने और शासन से मिलने वाली सहायता राशि न मिलने को लेकर सामने आईं। मारपीट और लूट की शिकायत ग्राम मलक पहाड़ी निवासी पहलवान सिंह जाटव ने बताया कि उनके बेटे सुमित जाटव के साथ पचोखरा में कट्टा अड़ाकर मारपीट की गई। साथ ही आरोपियों ने जातिसूचक गालियां दी और सोने की चैन व 20 हजार रुपए भी छीन लिए। उन्होंने बताया कि शिकायत के बावजूद भी कोई FIR दर्ज नहीं की गयी। मध्यप्रदेश कृषि उत्पादन में देश के शीर्ष राज्यों में शामिल अतिक्रमण और सड़क समस्या भाण्डेर तहसील के ग्राम खिरिया गोपी के ग्रामीणों ने शासकीय सीसी रोड पर अतिक्रमण कर शौचालय और चबूतरे बनाने की शिकायत की। दो साल पहले भी शिकायत की गई थी, लेकिन प्रशासनिक कार्रवाई शून्य रही। मध्यप्रदेश कृषि उत्पादन में देश के शीर्ष राज्यों में शामिल पेंशन और मुआवजा लंबित इंदरगढ़ निवासी विधवा विद्या बघेल ने बताया कि उनके पति सुनील बघेल की करंट लगने से मौत हुई थी, लेकिन दो साल बाद भी मुआवजा नहीं मिला। दिव्यांग पेंशन और स्कूटी की मांग भी अधूरी है, जिससे कई परिवार मुश्किल में हैं। GUNA SUICIDE CASE: गुना के सकतपुर में मजदूर ने की आत्महत्या: पोर्च में फंदे से लटका मिला शव, जमीनी विवाद और अन्य शिकायतें किसान रामसेवक ने ऑनलाइन GIS रिकॉर्ड में रकबा कम दर्ज होने का आरोप लगाया। पड़ोसी द्वारा कूड़ा और गोबर डालने के मामले में भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।

MORENA KERNI SENA: मुरैना के पोरसा में करणी सेना–पुलिस आमने-सामने: NH-552 पर जाम की कोशिश, जिलाध्यक्ष समेत 15 पर केस

MORENA CRIMES

HIGHLIGHTS: नेशनल हाईवे 552 पर जाम की कोशिश के दौरान धक्का-मुक्की करणी सेना जिलाध्यक्ष विष्णु तोमर को कॉलर पकड़कर थाने ले जाने का आरोप टीआई दिनेश कुशवाहा को हटाने की मांग, नारेबाजी बिना अनुमति प्रदर्शन का पुलिस का दावा शासकीय कार्य में बाधा सहित कई धाराओं में मामला दर्ज MORENA KERNI SENA: ग्वालियर। मुरैना जिले के पोरसा कस्बे में मंगलवार को करणी सेना कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी झड़प हो गई। करीब 10 कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचे जिलाध्यक्ष विष्णु तोमर ने पोरसा थाने के सामने स्थित नेशनल हाईवे 552 पर बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। आरोप है कि कार्यकर्ताओं ने हाईवे जाम करने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की। दो काले हिरण का शिकार: रेंजर समेत 6 वनकर्मी सस्पेंड, प्राकृतिक मौत दिखाने का प्रयास विफल स्थिति बिगड़ते देख पुलिस ने विष्णु तोमर समेत दो लोगों को सड़क से उठाकर थाने में बैठा लिया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई। टीआई को हटाने की मांग प्रदर्शनकारियों ने थाना प्रभारी टीआई दिनेश कुशवाहा के खिलाफ नारेबाजी की और उन पर पक्षपात व अवैध वसूली जैसे आरोप लगाए। करणी सेना कार्यकर्ताओं ने टीआई को हटाने की मांग की। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुलिस ने जिलाध्यक्ष को कॉलर पकड़कर खींचते हुए थाने के अंदर ले जाया, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया। ऑनलाइन और ऑफलाइन का सह-अस्तित्व: भारत का ई-कॉमर्स 2030 तक 280-300 अरब डॉलर तक बढ़ सकता है विवाद की पृष्ठभूमि जानकारी के मुताबिक, सोमवार शाम पोरसा थाना क्षेत्र में दो पक्षों के बीच मारपीट हुई थी। पुलिस ने दोनों पक्षों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में लिया। बताया जा रहा है कि करणी सेना जिलाध्यक्ष ने एक पक्ष की सिफारिश की थी, लेकिन पुलिस ने समान रूप से कार्रवाई की, जिससे नाराजगी बढ़ी। रबी-खरीफ फसल तक का ज्ञान चाहिए, राहुल गांधी को CM मोहन यादव का तंज पुलिस का पक्ष टीआई दिनेश कुशवाहा का कहना है कि बिना अनुमति प्रदर्शन किया जा रहा था और हाईवे जाम करने का प्रयास गैरकानूनी है। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई की गई। द पैराडाइज’ के सेट से नानी के लिए दिल छू लेने वाला संदेश, निर्देशक ने कहा – हर बार आपने मुझे बनाया पुलिस ने विष्णु तोमर समेत 15 लोगों पर शासकीय कार्य में बाधा, बिना अनुमति प्रदर्शन और बलवा सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

DATIYA NEWS: भांडेर में तहसीलदार पर रिश्वत मांगने के आरोप, कांग्रेस नेता ने सौंपा ज्ञापन

DATIYA NEWS

HIGHLIGHTS: भांडेर तहसीलदार पर खुलेआम रिश्वत मांगने का आरोप कांग्रेस नेता ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन 50 से अधिक सीमांकन प्रकरण लंबित होने का दावा नामांतरण और बंटवारे के मामले दो साल से अटके तहसीलदार ने सभी आरोपों को बताया निराधार DATIYA NEWS: दतिया। भांडेर तहसील में सीमांकन, नामांतरण और बंटवारे के मामलों को लेकर तहसीलदार सुनील भदौरिया पर खुलेआम पैसों की मांग करने का गंभीर आरोप लगा है। बता दें कि ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व पार्षद जगदीश पाराशर ने सोमवार को एसडीएम कार्यालय पहुंचकर सोनाली राजपूत को ज्ञापन सौंपा और मामले की जांच की मांग की। बीमा की गलत बिक्री अब अपराध: बैंकों को वित्त मंत्री की दो टूक चेतावनी, 1 जुलाई से सख्त नियम 50 से अधिक सीमांकन रोके जाने का दावा ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि भांडेर और आसपास के गांवों में 50 से 60 से अधिक सीमांकन (नाप) के प्रकरण जानबूझकर लंबित रखे गए हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार सीमांकन के बदले मोटी रकम मांगी जाती है और पैसा न मिलने पर पटवारी व राजस्व निरीक्षक को जमीन नापने से रोक दिया जाता है। इससे जमीन विवाद और अवैध कब्जों की समस्या बढ़ रही है। जायका टीम ने एमपी ट्रांसको की ट्रांसमिशन लाइन और सब स्टेशन का विस्तृत निरीक्षण किया .. दो-दो साल से लंबित नामांतरण शिकायत में यह भी कहा गया है कि नामांतरण, फौती नामांतरण और बंटवारे के कई मामले दो-दो साल से लंबित हैं। आरोप है कि जब तक रकम तय नहीं होती, फाइल दर्ज नहीं की जाती, ताकि समय सीमा लागू न हो सके। सौदा तय होने के बाद ही कार्रवाई आगे बढ़ाई जाती है। नरसिंहपुर में सड़क हादसा, निर्माणाधीन ब्रिज से पिकअप वाहन गिरने से 3 मजदूरों की मौत, 7 गंभीर घायल फरियादियों से अभद्र व्यवहार का आरोप कांग्रेस नेता जगदीश पाराशर ने आरोप लगाया कि फरियादियों से अभद्र भाषा में बात की जाती है और स्पष्ट कहा जाता है कि रुपए आए बिना काम नहीं होगा। साथ ही अवैध अतिक्रमण के मामलों में भी लेन-देन के आधार पर कार्रवाई करने का आरोप लगाया गया है। फिल्में जिनमें सितारों ने फीस नहीं ली और बनीं यादगार हिट तहसीलदार ने आरोपों को बताया निराधार आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए तहसीलदार सुनील भदौरिया ने सभी दावों को पूरी तरह निराधार बताया है। उनका कहना है कि वे नियमों के तहत कार्य कर रहे हैं और लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं।

MP BUGET SESSION: हेमंत कटारे का बड़ा बयान: पद छोड़ा, पर सरकार के खिलाफ लड़ाई रहेगी जारी

MATRI HEMANT

HIGHLIGHTS|: राष्ट्रीय अध्यक्ष को भेजा पद से कार्यमुक्ति का पत्र विधानसभा में गंभीर मुद्दों पर चर्चा न होने से नाराजगी इस्तीफा दबाव में नहीं, आवाज और बुलंद होगी केस री-ओपन पर बोले – FIR से नहीं डरते बीजेपी में जाने की अटकलों को किया खारिज MP BUGET SESSION: मध्यप्रदेश। बजट सत्र के दौरान उप नेता प्रतिपक्ष पद से इस्तीफा देने वाले अटेर विधायक हेमंत कटारे ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए साफ किया कि उनका निर्णय किसी दबाव में नहीं, बल्कि विधानसभा की कार्यप्रणाली से निराश होकर लिया गया है। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष को पत्र लिखकर पद से कार्यमुक्त करने की भावना व्यक्त की है। जबलपुर में भाजपा पर कांग्रेस ने लगाया कार्यालय पर हमले का आरोप, पुलिस से धक्का-मुक्की कटारे ने कहा कि सदन में गंभीर और जनहित के मुद्दों पर चर्चा नहीं हो पा रही। उन्होंने उदाहरण देते हुए भोपाल के गौमांस प्रकरण और भागीरथपुरा में हुई मौतों का जिक्र किया। उनका कहना है कि वे पूरी तैयारी के साथ मुद्दे उठाने जाते हैं, लेकिन सरकार चर्चा से बचती नजर आती है। इस्तीफा प्रचार के लिए नहीं कटारे ने स्पष्ट किया कि उनका पत्र न तो सार्वजनिक करने के लिए था और न ही किसी दबाव की रणनीति का हिस्सा, यह उनके मन की भावना थी। साथ ही उन्होंने कहा कि पार्टी जो भी निर्णय लेगी, वे उसका सम्मान करेंगे। पुलिस एबीवीपी झड़प: छतरपुर की काया विधि महाविद्यालय में धांधली के आरोप पर विरोध प्रदर्शन भड़क उठा मेरी आवाज पहले से ज्यादा गूंजेगी उन्होंने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि इस्तीफा देने का मतलब चुप होना नहीं है। उनकी जुबान पहले की तरह धारदार रहेगी और भाजपा के खिलाफ भ्रष्टाचार के मुद्दे और मजबूती से उठाए जाएंगे। केस री-ओपन पर दिया दो टूक जवाब केस दोबारा खुलने और दबाव के सवाल पर कटारे ने कहा, “हम चंबल की मिट्टी से हैं, FIR से डरने वाले नहीं। जब FIR आती है, तो हम पार्टी करते हैं।” उन्होंने बीजेपी में जाने की अटकलों को भी सिरे से खारिज किया। FAKE DAIRY PROTDUCTS: भिंड में अवैध डेयरी पर छापा: रिफाइंड ऑयल और ग्लूकोज से बन रहा था नकली मावा लंबी राजनीति की बात कटारे ने कहा कि उनकी राजनीतिक उम्र लंबी है और जो लोग उनके परिवार या कार्यकर्ताओं को निशाना बना रहे हैं, उन्हें भविष्य में जवाब मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष में रहते हुए वे सरकार का उतनी ही ताकत से विरोध करेंगे, जितनी ताकत सरकार में है।

AI Impact Summit: ग्वालियर से यूथ कांग्रेस नेताओं पर हुई FIR

AI IMPACT SUMMIT

HIGHLIGHTS: यूथ कांग्रेस के दो और नेता ग्वालियर से गिरफ्तार। मामला AI इंपैक्ट समिट 2026 विरोध प्रदर्शन से जुड़ा। सोशल मीडिया वीडियो के आधार पर पहचान और कार्रवाई। आरोपियों को दिल्ली पुलिस पूछताछ के लिए ले गई। स्थानीय राजनीतिक माहौल त्योहार के बीच गर्म। AI Impact Summit: ग्वालियर। दिल्ली पुलिस ने AI इंपैक्ट समिट 2026 के दौरान विरोध प्रदर्शन के आरोप में दो और यूथ कांग्रेस नेताओं को ग्वालियर, मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया है। आरोपियों के नाम राजा गुर्जर और अजय कुमार बताया जा रहा है, जो स्थानीय राजनीतिक दल से जुड़े हैं। दिल्ली पुलिस द्वारा उन्हें पूछताछ के लिए अपने साथ ले जाया गया है। इससे पहले इसी मामले में जितेंद्र यादव को भी हिरासत में लिया गया था। Holi 2026 Date: 3 या 4 मार्च, कब मनाई जाएगी होली? जानें पंडित के द्वारा होली से जुड़े सभी पर्वों की सही तिथि व मुहूर्त क्या था प्रदर्शन? 20 फरवरी को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इंडिया AI इंपैक्ट समिट 2026 के दौरान यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील और बेरोजगारी के मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था। विरोध प्रदर्शन की एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें कुछ कार्यकर्ताओं को शर्ट उतारे हुए और नारे लिखी टी-शर्ट पहने देखा गया था। Holashtak 2026: 24 फरवरी से शुरू होलाष्टक, 8 दिनों तक वर्जित होंगे विवाह और मांगलिक कार्य गिरफ्तारी के तरीके दिल्ली पुलिस की एक टीम स्थानीय अधिकारियों के साथ विश्वविद्यालय थाना और झांसी रोड थाना के इलाके में पहुंची और तीनों नेताओं को हिरासत में लिया। पूछताछ के लिए आरोपियों को दिल्ली ले जाया गया है। साथ ही पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई उपलब्ध साक्ष्यों और कानून के तहत की जा रही है। GWALIOR WEATHER REPORT: ग्वालियर में गर्मी की एंट्री: दिन के साथ तपी राते, पारा 31 डिग्री के करीब परिजन और सरेंडर की बात सूत्रों की माने तो राजा गुर्जर और अजय कुमार ने परिजनों पर बनाए गए दबाव के बाद स्वयं झांसी रोड थाने में सरेंडर किया। बताया जा रहा है कि इससे पहले भी यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं में इस गिरफ्तारी को लेकर नाराजगी देखी जा रही है। बॉक्स ऑफिस पर रोमांस vs कोर्टरूम क्लैश! तीसरे दिन कौन बना असली विजेता? राजनीतिक माहौल गरम गिरफ्तारि के बाद स्थानीय राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है और यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नाराजगी भी फैल गयी है। साथ ही पुलिस का दावा है कि यह कार्रवाई क़ानूनी प्रक्रिया के अंतर्गत है और आगे पूछताछ व अदालती प्रक्रिया जारी रहेगी।

PCC CHEIF JETU PATWARI: कोर्ट में फिर नहीं पहुंचे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, आचार संहिता केस की सुनवाई टली

PCC CHIEF

HIGHLIGHTS: दूसरी बार जमानती वारंट के बावजूद कोर्ट में पेश नहीं हुए पटवारी। आदर्श आचार संहिता उल्लंघन से जुड़ा है मामला। 2024 लोकसभा चुनाव के बयान को लेकर दर्ज हुई थी शिकायत। IPC की धारा 188 और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत केस दर्ज। अगली तारीख पर कोर्ट तय करेगा आगे की कार्रवाई। PCC CHEIF JETU PATWARI: ग्वालियर। जीतू पटवारी एक बार फिर ग्वालियर स्थित एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश नहीं हुए। विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने उन्हें दूसरी बार जमानती वारंट जारी कर तलब किया था, लेकिन शुक्रवार को भी वे अदालत में उपस्थित नहीं हुए। उनकी अनुपस्थिति के चलते आदर्श आचार संहिता उल्लंघन से जुड़े मामले में ट्रायल की कार्यवाही आगे नहीं बढ़ सकी। स्वास्थ्य सेवा में एआई की नई छलांग: एम्स भोपाल में शुरू हुई डिजिटल नेविगेशन सुविधा, रोजाना 12 हजार मरीजों का सफर होगा आसान। 2024 लोकसभा चुनाव से जुड़ा मामला यह प्रकरण वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान भिंड-दतिया संसदीय क्षेत्र में दिए गए एक बयान से संबंधित है। चुनाव प्रचार के दौरान पटवारी ने देवाशीष जरारिया पर भाजपा से मिलीभगत का आरोप लगाया था। इस बयान के बाद राजनीतिक विवाद गहराया और मामला कानूनी प्रक्रिया तक पहुंच गया। छत्तीसगढ़ में 10वीं बोर्ड परीक्षा की शुरुआत, 3.21 लाख विद्यार्थियों ने दी पहली परीक्षा बहुजन समाज पार्टी की ओर से 4 मई 2024 को भिंड के ऊमरी थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने जांच के बाद भारतीय दंड संहिता की धारा 188 और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 123(5) के तहत प्रकरण दर्ज कर चालान एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश किया। मुख्यमंत्री के निर्देश पर उज्जैन में फसलों के नुकसान का आंकलन शुरू बार-बार गैरहाजिरी पर वारंट मामले में 15 जुलाई 2024 से विचारण प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। लगातार अनुपस्थिति के चलते अदालत ने 16 जनवरी को पहला जमानती वारंट जारी किया था। इसके बाद 20 फरवरी को दूसरी बार जमानती वारंट जारी कर उन्हें उपस्थित होने का निर्देश दिया गया, लेकिन वे फिर भी अदालत नहीं पहुंचे। अब अदालत अगली सुनवाई की तारीख तय करेगी।

GUNA CONGRESS PROTES: विजयवर्गीय के बयान से गरमाई राजनीति, गुना में कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन

CONGRESS PARTY

HIGHLIGHTS: गुना में कांग्रेस ने मंत्री के बयान के खिलाफ किया प्रदर्शन आंबेडकर चौराहे पर पुतला दहन और नारेबाजी  उमंग सिंगार पर की गई टिप्पणी से बढ़ा विवाद कैलाश विजयवर्गीय से सार्वजनिक माफी और इस्तीफे की मांग बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी, राजनीतिक माहौल गरम GUNA CONGRESS PROTES: ग्वालियर। गुना जिला मुख्यालय पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। बता दें कि आक्रोशित कार्यकर्ता आंबेडकर चौराहे पर एकत्रित होकर मंत्री का पुतला दहन किया, साथ ही ज़ोर-ज़ोर से नारेबाजी भी की। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार को लेकर कथित ‘औकात में रहो’ बयान पर विवाद खड़ा हो गया है। इस टिप्पणी के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी देखी गई। GUNA VIRAL VIDEO: मोबाइल चोरी होने पर नहीं लिखी FIR, तो बोर्ड पर लटका युवक मंत्री पर अभद्र भाषा का आरोप कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बजट चर्चा के दौरान अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया। साथ ही पार्टी पदाधिकारियों का कहना है कि यह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। इस्तीफे और सार्वजनिक माफी की मांग प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने मंत्री से तत्काल सार्वजनिक माफी मांगने और मुख्यमंत्री से उन्हें मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की मांग की है। पूर्व जिलाध्यक्ष मेहरबान सिंह धाकड़ ने कहा कि सत्ता के अहंकार में भाजपा नेता मर्यादा भूल रहे हैं। Kailash Vijayvargiya: सीएम ने माफी मांगी तो क्या हो गया यार माफी के बाद भी नहीं बदला कैलाश विजयवर्गीय का तेवर, औकात बयान पर सियासी घमासान बड़ी संख्या में जुटे कार्यकर्ता प्रदर्शन में जिले भर से बड़ी संख्या में कांग्रेसी शामिल हुए। पुलिस की मौजूदगी में शांतिपूर्ण तरीके से पुतला दहन किया गया, हालांकि नारेबाजी के कारण कुछ देर के लिए यातायात प्रभावित भी रहा।

CM MOHAN YADAV: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम के स्थापना दिवस पर प्रदेशवासियों को दी बधाई

CM MOHAN YADAV: भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम के 39वें स्थापना दिवस के अवसर पर दोनों राज्यों के प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में दोनों राज्यों की समृद्धि और विकास की कामना की।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश, जो प्रकृतिक सौंदर्य, विविध संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं से परिपूर्ण है, निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर रहे और विकसित भारत के संकल्प को सशक्त रूप से आगे बढ़ाए। उन्होंने यह भी शुभकामना जताई कि अरुणाचल प्रदेश की युवा शक्ति और सांस्कृतिक विरासत राज्य को नई ऊँचाइयों तक ले जाए। साथ ही मुख्यमंत्री ने मिजोरम की बात करते हुए कहा कि यह राज्य अपने समृद्ध सांस्कृतिक विविधता और प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मिजोरम हमेशा के लिए शांति, खुशहाली और विकास के नए आयाम स्थापित करता रहे। 20 फरवरी 1987 को, दोनों ही पूर्वोत्तर के राज्य अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम को पूर्ण राज्य का दर्जा मिला था। इससे पहले ये दोनों इलाके केंद्र शासित प्रदेश के रूप में शासनाधीन थे। इस बदलाव के साथ ही दोनों राज्यों ने भारतीय संघ के 23वें और 24वें राज्य के रूप में अपनी पहचान बनाई। GUNA CRIMES: जहरीला पदार्थ खाने से नवविवाहिता की मौत, मायकेवालों ने पति पर लगाए गंभीर आरोप अरुणाचल प्रदेश को उगते सूरज की भूमि के रूप में भी जाना जाता है और इसका नाम अरुणाचल सूर्य की किरणों से आलोकित पहाड़ियों के कारण पड़ा है। यह राज्य भारतीय संविधान के 55वें संशोधन के बाद 20 फरवरी 1987 को आधिकारिक तौर पर 24वें राज्य के रूप में स्थापित हुआ।  मिजोरम का इतिहास भी इसी दिन से जुड़ा हुआ है। पहले यह लुशाई हिल्स के नाम से असम का हिस्सा था और 1972 में इसे एक केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया। अगले दशक में बातचीत औरसंविधान संशोधन के माध्यम से इसे 20 फरवरी 1987 को 23वें राज्य का दर्जा प्राप्त हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के बधाई संदेश ने एकता, सद्भाव और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को भी उजागर किया। उन्होंने आशा व्यक्त की कि दोनों राज्यों की संस्कृतियां और परंपराएँ समृद्ध होती रहें और ये राष्ट्र के उन्नयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहें। स्थापना दिवस का समारोह प्रत्येक वर्ष बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है, जिसमें सांस्कृतिक कार्यक्रम, ध्वजारोहण, और स्थानीय जनमानस के बीच उत्सव की भावना देखने को मिलती है। यह दिन राज्य की पहचान, उपलब्धियों और सामाजिक-आर्थिक विकास का प्रतीक है।  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम के 39वें स्थापना दिवस के अवसर पर दोनों राज्यों के प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में दोनों राज्यों की समृद्धि और विकास की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश, जो प्रकृतिक सौंदर्य, विविध संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं से परिपूर्ण है, निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर रहे और विकसित भारत के संकल्प को सशक्त रूप से आगे बढ़ाए। उन्होंने यह भी शुभकामना जताई कि अरुणाचल प्रदेश की युवा शक्ति और सांस्कृतिक विरासत राज्य को नई ऊँचाइयों तक ले जाए। साथ ही मुख्यमंत्री ने मिजोरम की बात करते हुए कहा कि यह राज्य अपने समृद्ध सांस्कृतिक विविधता और प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मिजोरम हमेशा के लिए शांति, खुशहाली और विकास के नए आयाम स्थापित करता रहे। RICHA CHADDHA: ऋचा चड्ढा ने फ्रांस के राष्ट्रपति से मिलने पर ट्रोल; रने वालों को करारा जवाब दिया बोलीं प्लीज कुछ बेहतर करें 20 फरवरी 1987 को, दोनों ही पूर्वोत्तर के राज्य अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम को पूर्ण राज्य का दर्जा मिला था। इससे पहले ये दोनों इलाके केंद्र शासित प्रदेश के रूप में शासनाधीन थे। इस बदलाव के साथ ही दोनों राज्यों ने भारतीय संघ के 23वें और 24वें राज्य के रूप में अपनी पहचान बनाई। अरुणाचल प्रदेश को उगते सूरज की भूमि के रूप में भी जाना जाता है और इसका नाम अरुणाचल सूर्य की किरणों से आलोकित पहाड़ियों के कारण पड़ा है। यह राज्य भारतीय संविधान के 55वें संशोधन के बाद 20 फरवरी 1987 को आधिकारिक तौर पर 24वें राज्य के रूप में स्थापित हुआ। मिजोरम का इतिहास भी इसी दिन से जुड़ा हुआ है। पहले यह लुशाई हिल्स के नाम से असम का हिस्सा था और 1972 में इसे एक केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया। अगले दशक में बातचीत और संविधान संशोधन के माध्यम से इसे 20 फरवरी 1987 को 23वें राज्य का दर्जा प्राप्त हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के बधाई संदेश ने एकता, सद्भाव और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को भी उजागर किया। उन्होंने आशा व्यक्त की कि दोनों राज्यों की संस्कृतियां और परंपराएँ समृद्ध होती रहें और ये राष्ट्र के उन्नयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहें। स्थापना दिवस का समारोह प्रत्येक वर्ष बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है, जिसमें सांस्कृतिक कार्यक्रम, ध्वजारोहण, और स्थानीय जनमानस के बीच उत्सव की भावना देखने को मिलती है। यह दिन राज्य की पहचान, उपलब्धियों और सामाजिक-आर्थिक विकास का प्रतीक है।

MP PARLIAMEN: षित जल कांड को लेकर कैलाश विजयवर्गीय के इस्तीफे पर अड़ी कांग्रेस

MP PARLIAMEN: भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र का चौथा दिन हंगामेदार रहा। गुरुवार को अदाणी मुद्दे पर तीखी बहस, भागीरथपुरा मौत कांड पर टकराव और लाड़ली बहना योजना को लेकर उठे सवालों के बीच सदन का माहौल दिनभर गरमाता रहा। अंत में राज्यपाल के अभिभाषण पर कृतज्ञता ज्ञापन प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके बाद सदन की कार्यवाही शुक्रवार सुबह तक के लिए स्थगित कर दी गई।मप्र विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन गुरुवार को सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस विधायकों ने सदन के बाहर थाली बजाकर प्रदर्शन किया और बजट को “ख्याली पुलाव” बताया। सदन के भीतर अदाणी को लेकर चर्चा छिड़ी तो नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि सरकार बिजली खरीद के नाम पर 25 साल में एक से सवा लाख करोड़ रुपये देने की तैयारी में है। इस पर संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सबूत मांगे। बहस तेज हुई और इसी दौरान “औकात में रहो” टिप्पणी ने आग भड़का दी। करीब 40 मिनट तक जोरदार हंगामा हुआ और कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि गुस्सा दिखना चाहिए, आना नहीं चाहिए। विवाद बढ़ने पर विजयवर्गीय ने कहा कि वे अपने व्यवहार से प्रसन्न नहीं हैं और दुख व्यक्त किया। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने इसे पर्याप्त बताया, लेकिन कांग्रेस ने स्पष्ट माफी की मांग रखी। इसके बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि जाने-अनजाने में कोई शब्द निकले हों तो मैं माफी मांगता हूं। इसके बाद उमंग सिंघार ने भी खेद जताया और सदन की स्थिति सामान्य हुई।सड़क पर गूंजा विरोध, मंत्री का फूंका पुतलामंत्री की टिप्पणी से भड़के यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शिवाजी नगर में पुतला दहन किया। वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि 35 सरकारी हत्याओं के जिम्मेदार, आपराधिक मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने नेता प्रतिपक्ष को “औकात में रहो” कहा है। इसे उन्होंने सत्ता के अहंकार की पराकाष्ठा बताया। पटवारी ने कहा कि मंत्री ने प्रदेश की 8 करोड़ जनता को औकात की गाली दी है। उन्होंने ऐलान किया कि प्रदेशभर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और कैलाश विजयवर्गीय के पुतले जलाकर कांग्रेस विरोध दर्ज कराएगी।इसके साथ ही इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित जल से हुई मौतों का मामला भी विधानसभा में उठा। कांग्रेस नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के इस्तीफे की मांग को लेकर अड़ी रही। लोक स्वास्थ्य विभाग देख रहे उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल का इस्तीफा भी मांगा गया। इसे लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच कई बार तीखी बहस हुई।विपक्ष ने आरोप लगाया कि ये मृत्यु नहीं हत्या है। सिस्टम ने 35 लोगों की जान ली है। सरकार की ओर से कैलाश विजयवर्गीय का बचाव किया गया। राजेंद्र शुक्ल ने आरोपों को नकारते हुए इस्तीफे की मांग पर कहा कि इस तरह के सवालों के जवाब देना मैं उचित नहीं समझता हूं। जिम्मेदार पद पर बैठे हुए लोगों की यह जिम्मेदारी है कि ऐसी घटना होने पर तत्काल राहत, बचाव और सुरक्षा के काम करें न कि इस प्रकार की मांगों को पूरा करें।इसके बाद हंगामा प्रारंभ हो गया। विपक्ष और फिर सत्ता पक्ष के सदस्य आसंदी के समक्ष आमने-सामने आ गए। चार बार कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। अंत में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने विपक्ष को आश्वस्त किया कि शुक्रवार को इस विषय पर वे चर्चा कराएंगे।दूषित जल का प्रश्न आने से पहले मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, पूर्व अध्यक्ष डा.सीतासरन शर्मा ने इस पर चर्चा न कराने के पक्ष में तर्क रखे। उन्होंने कहा कि इसकी न्यायिक जांच चल रही है, ऐसे में चर्चा नहीं करवाई जा सकती। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि जब सदन में 45 मिनट कुत्तों पर चर्चा कराई जा सकती है तो फिर जिस मामले में इतने व्यक्तियों की जान गई है तो उस पर क्यों नहीं? सरकार की असंवेदनशीलता का यह आलम है कि सांप, बिच्छू के काटने से मौत होने पर चार लाख रुपये दिए जाते हैं लेकिन यहां दो-दो लाख रुपये दिए गए। छिंदवाड़ा में कफ सीरप का मामला हो या भागीरथपुरा का नैतिकता के आधार पर मंत्रीद्वय कैलाश विजयवर्गीय और राजेंद्र शुक्ल को इस्तीफा देना चाहिए।इस पर उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, प्रहलाद सिंह पटेल, रामेश्वर शर्मा सहित अन्य भाजपा सदस्यों ने यूनियन कार्बाइड, सिख दंगे के आधार पर पलटवार करते हुए कहा कि तब कांग्रेस की नैतिकता कहां गई थी। मरीजों में मिला ई-कोलाई व कालरा बैक्टीरिया विधानसभा में राजेंद्र शुक्ल ने भागीरथपुरा के 22 लोगों की मौत एक्यूट डायरिया से होने की बात स्वीकारी। उन्होंने बताया कि कोलकाता स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट फार रिसर्च इन बैक्टीरिया इंफेक्शन, इंदौर के एमजीएम मेडिकल कालेज इंदौर और इंदौर की जिला लोक स्वास्थ्य प्रयोगशाला की लैब में बीमार मरीजों के मल की जांच में खतरनाक ई-कोलाई और कालरा बैक्टीरिया भी मिले हैं।लाड़ली बहना, आरक्षण और ब्रांडिंग पर सवालअभिभाषण पर बोलते हुए नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने दो साल से नई लाड़ली बहनों के पंजीयन बंद होने का मुद्दा उठाया। आउटसोर्स भर्ती में आरक्षण न होने, ब्रांडिंग पर 200 करोड़ खर्च और जीआईएस पर 81 करोड़ रुपये के उपयोग पर भी सवाल खड़े किए। साइबर फ्रॉड और किसानों के 1.69 लाख करोड़ कर्ज का मुद्दा भी उठाया।सिंघार ने लाड़ली बहन में पंजीयन नहीं करने का मामला उठाते हुए कहा कि 18 साल से अधिक उम्र की बहनों को पंजीयन में क्यों शामिल नहीं किया जा रहा है, 2 साल से पंजीयन क्यों नहीं हो रहा है। मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री सीएम जगदीश देवड़ा बार-बार एक ही बात को घुमा फिरा कर बता रहे हैं सरकार को जमीनी हकीकत में फर्क समझने की जरूरत है। नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने सामाजिक न्याय की बात करते हुए कहा कि कुछ विभाग में 27% आरक्षण दिया जा रहा है जबकि कुछ भी विभागों में नहीं दिया जा रहा है आखिर यह स्थिति क्यों है। उन्होंने कहा कि आउटसोर्स में कोई आरक्षण नहीं है आखिर ऐसा क्यों है?मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष को राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान अपने दल को सुनने की नसीहत देनी चाहिए थी। लोकतंत्र की खूबसूरती यही है, इसलिए जनता उन्हें लंबे समय से विपक्ष में बैठा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार जो कहती है, करके दिखाती है, प्रधानमंत्री ने उनके क्षेत्र में टेक्सटाइल