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मिचेल मार्श ने रचा इतिहास, लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए सबसे तेज 1000 रन बनाने वाले बल्लेबाज बने

नई दिल्ली । चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेले गए IPL 2026 के 53वें मुकाबले में लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के सलामी बल्लेबाज मिचेल मार्श ने भले ही छोटी पारी खेली हो, लेकिन उन्होंने एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के खिलाफ मात्र 10 रन की पारी खेलते हुए मार्श ने LSG के लिए सबसे कम पारियों में 1,000 रन पूरे करने का कीर्तिमान स्थापित किया। इस मैच में मार्श ने 10 गेंदों में 10 रन बनाए, जिसमें एक शानदार छक्का भी शामिल था। हालांकि उनकी पारी छोटी रही, लेकिन उन्होंने जोश इंग्लिस के साथ मिलकर 5.1 ओवर में 77 रनों की तेज साझेदारी कर टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई। IPL में लगातार शानदार प्रदर्शमिचेल मार्श ने IPL 2025 में पहली बार LSG का प्रतिनिधित्व किया था और तभी से वे टीम के अहम खिलाड़ी बन गए। अपने पहले सीजन में उन्होंने 13 पारियों में 48.23 की औसत से 627 रन बनाए, जिसमें 1 शतक और 6 अर्धशतक शामिल रहे। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने उन्हें टीम का प्रमुख सलामी बल्लेबाज बना दिया। IPL 2026 के मौजूदा सीजन में भी उनका फॉर्म जारी है। 11 मैचों में उन्होंने 34.27 की औसत से 377 रन बनाए हैं, जिसमें 1 शतक और 1 अर्धशतक शामिल है। खास बात यह है कि पिछले ही मुकाबले में उन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के खिलाफ 111 रनों की धमाकेदार पारी खेली थी, जिससे LSG ने डकवर्थ-लुईस नियम के तहत 9 रन से जीत दर्ज की थी। इतिहास में सबसे तेज 1000 रन बनाने वाले खिलाड़LSG के लिए 1,000 रन सबसे कम पारियों में पूरा करने के साथ मिचेल मार्श ने कई बड़े नामों के क्लब में जगह बना ली है। हालांकि यह रिकॉर्ड IPL इतिहास में सबसे तेज नहीं है, लेकिन LSG फ्रेंचाइजी के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि है। IPL इतिहास में सबसे कम पारियों में 1,000 रन पूरे करने का रिकॉर्ड क्रिस गेल के नाम है, जिन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए सिर्फ 20 पारियों में यह उपलब्धि हासिल की थी। उनके बाद शॉन मार्श, लिंडल सिमंस, केएल राहुल और डेवोन कॉन्वे जैसे दिग्गज बल्लेबाज इस सूची में शामिल हैं, जिन्होंने 21 से 24 पारियों के बीच यह आंकड़ा छुआ था। मिचेल मार्श का यह प्रदर्शन साबित करता है कि वे LSG के लिए लगातार मैच विनिंग खिलाड़ी बनते जा रहे हैं। भले ही इस मैच में उनका योगदान छोटा रहा हो, लेकिन इतिहास रचने वाली यह उपलब्धि उनके लगातार अच्छे प्रदर्शन की गवाही देती है। आने वाले मैचों में उनसे और भी बड़े धमाकों की उम्मीद की जा रही है।

आईपीएल 2026 में इन 5 भारतीय सितारों को नहीं मिला मैदान पर उतरने का मौका..

नई दिल्ली । क्रिकेट के सबसे बड़े मंच पर जहाँ एक ओर युवाओं की नई पौध अपनी चमक बिखेर रही है, वहीं दूसरी ओर कुछ ऐसे नामी खिलाड़ी भी हैं जिनका पूरा सीजन केवल डगआउट की सफेद कुर्सियों पर बैठकर बीत गया। इस सूची में सबसे ऊपर पृथ्वी शॉ का नाम आता है, जो कभी भारतीय बल्लेबाजी की अगली पीढ़ी के ध्वजवाहक माने जाते थे। दिल्ली की टीम ने उन्हें नीलामी में दोबारा अपने साथ जोड़ा तो था, लेकिन पूरे टूर्नामेंट के दौरान कप्तान और प्रबंधन ने उन्हें एक भी मैच की प्लेइंग इलेवन में जगह देना मुनासिब नहीं समझा। 75 लाख रुपये में बिकने वाले शॉ के लिए यह साल उनके करियर की सबसे बड़ी गिरावट के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि कभी उनकी गिनती टीम के सबसे महंगे और अनिवार्य खिलाड़ियों में होती थी। अब उनका पूरा सीजन बिना एक भी गेंद खेले खत्म होने की कगार पर है। अनुभवी तेज गेंदबाज ईशांत शर्मा की स्थिति भी कुछ इसी तरह की रही। गुजरात की टीम ने उन्हें रिटेन कर उन पर भरोसा तो जताया, लेकिन मैदान की हकीकत कुछ और ही रही। युवा तेज गेंदबाजों की बढ़ती रफ्तार और टी-20 क्रिकेट की बदलती मांग के बीच ईशांत की अनुभव वाली रणनीति टीम के समीकरणों में फिट नहीं बैठ सकी। पिछले सीजन के महंगे इकोनॉमी रेट ने उनकी राह और मुश्किल कर दी, जिसके चलते वह पूरे सीजन केवल नेट प्रैक्टिस और ड्रेसिंग रूम तक ही सीमित रह गए। उनके साथ ही अर्जुन तेंदुलकर की चर्चा भी काफी रही, जो मुंबई से ट्रेड होकर लखनऊ की टीम में पहुंचे थे। सचिन तेंदुलकर के पुत्र होने के नाते उन पर हमेशा कैमरे की नजर रही, लेकिन मैदान पर वह अपनी गेंदबाजी का जौहर दिखाने को तरसते रहे। पिछले दो वर्षों से लगातार मौकों का इंतजार कर रहे अर्जुन के लिए यह सीजन पेशेवर तौर पर बेहद निराशाजनक साबित हुआ है। वहीं घरेलू क्रिकेट में रनों का पहाड़ खड़ा करने वाले युवा मुशीर खान के लिए भी पंजाब की टीम का सफर केवल सीखने तक ही सीमित रहा। अपने भाई सरफराज खान की तरह आक्रामक बल्लेबाजी और स्पिन गेंदबाजी के लिए मशहूर मुशीर को इस साल एक भी मुकाबले में खुद को साबित करने की चुनौती नहीं मिली। टीम के पास मौजूद विदेशी विकल्पों और सीनियर ऑलराउंडर्स की मौजूदगी ने उन्हें बाउंड्री के बाहर ही रोके रखा। इसी फेहरिस्त में अनुभवी बल्लेबाज राहुल त्रिपाठी का नाम भी जुड़ गया है, जिनकी कोलकाता की टीम में वापसी तो हुई लेकिन वापसी का यह जश्न मैदान तक नहीं पहुंच सका। पिछले साल के खराब प्रदर्शन का असर उनके चयन पर साफ दिखा, जहाँ मैनेजमेंट ने उन पर भरोसा जताने के बजाय नए चेहरों के साथ जाना बेहतर समझा। इन पांचों खिलाड़ियों का भाग्य यह स्पष्ट करता है कि इस खेल के सबसे छोटे और ग्लैमरस प्रारूप में आपका नाम चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, तात्कालिक प्रदर्शन और टीम का संतुलन ही आपकी जगह तय करता है। करोड़ों के अनुबंध और प्रशंसकों की भारी उम्मीदों के बीच शुरू हुआ इन खिलाड़ियों का सफर अब प्लेऑफ के करीब आते-आते केवल डगआउट की यादों तक सीमित रह गया है। यह देखना दिलचस्प होगा कि अगले सीजन की नीलामी से पहले ये खिलाड़ी खुद को मानसिक रूप से कैसे तैयार करते हैं, क्योंकि मैदान से दूर रहकर अपनी लय बनाए रखना किसी भी पेशेवर खिलाड़ी के लिए सबसे बड़ी चुनौती होती है। फिलहाल, इनके लिए यह सीजन केवल एक लंबा इंतजार बनकर रह गया है।

IPL 2026 Playoff Race: GT टॉप-2 में फिर भी सबसे पीछे! जानिए किस टीम के कितने प्रतिशत चांस

नई दिल्ली ।  आईपीएल 2026 अब उस मोड़ पर पहुंच चुका है, जहां हर मैच प्लेऑफ की तस्वीर बदल रहा है। शनिवार को गुजरात टाइटंस ने राजस्थान रॉयल्स को 77 रनों से हराकर न सिर्फ शानदार जीत दर्ज की, बल्कि पॉइंट्स टेबल में भी दूसरा स्थान हासिल कर लिया। शुभमन गिल की कप्तानी वाली टीम ने इस मुकाबले में ऐसा दमदार प्रदर्शन किया, जिसने बाकी टीमों की टेंशन बढ़ा दी। लेकिन हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी जीत के बावजूद गुजरात टाइटंस को प्लेऑफ की दौड़ में सबसे कमजोर दावेदार माना जा रहा है। आंकड़ों के मुताबिक गुजरात टाइटंस के प्लेऑफ में पहुंचने की संभावना 72.52 प्रतिशत है, जो टॉप-5 टीमों में सबसे कम है। जबकि सनराइजर्स हैदराबाद, पंजाब किंग्स, राजस्थान रॉयल्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु उससे आगे हैं। क्रिकेट फैंस के लिए यह आंकड़ा चौंकाने वाला जरूर है, लेकिन इसके पीछे टीमों का आगामी शेड्यूल सबसे बड़ी वजह माना जा रहा है। SRH बनी सबसे मजबूत दावेदारइस समय प्लेऑफ की रेस में सबसे मजबूत स्थिति सनराइजर्स हैदराबाद की नजर आ रही है। हैदराबाद के प्लेऑफ में पहुंचने के चांस 89.59 प्रतिशत बताए जा रहे हैं। इतना ही नहीं, टीम के टॉप-2 में फिनिश करने की संभावना भी 60 प्रतिशत से ज्यादा है। लगातार संतुलित प्रदर्शन ने SRH को इस सीजन की सबसे खतरनाक टीम बना दिया है। पंजाब और राजस्थान भी मजबूत स्थिति मेंपंजाब किंग्स के प्लेऑफ में पहुंचने की संभावना 84.81 प्रतिशत आंकी गई है। टीम ने इस सीजन कई करीबी मुकाबले जीतकर खुद को मजबूत स्थिति में पहुंचाया है। वहीं राजस्थान रॉयल्स, हालिया हार के बावजूद 80.31 प्रतिशत चांस के साथ रेस में बनी हुई है। हालांकि खराब नेट रन रेट उसकी सबसे बड़ी कमजोरी साबित हो सकती है। RCB और GT के बीच कांटे की टक्करआरसीबी के प्लेऑफ में पहुंचने की संभावना 77.55 प्रतिशत है, जबकि गुजरात 72.52 प्रतिशत पर है। दोनों टीमों के बीच फर्क ज्यादा नहीं है, लेकिन गुजरात का बाकी शेड्यूल उसे मुश्किल में डाल रहा है। GT को अपने आखिरी लीग मैचों में सनराइजर्स हैदराबाद, कोलकाता नाइट राइडर्स और चेन्नई सुपर किंग्स जैसी मजबूत टीमों का सामना करना है। दूसरी ओर राजस्थान के मुकाबले अपेक्षाकृत कमजोर टीमों के खिलाफ हैं, जिससे उसके चांस ज्यादा माने जा रहे हैं। चेन्नई अब भी रेस में जिंदाचेन्नई सुपर किंग्स ने खराब शुरुआत के बावजूद वापसी की है। टीम के प्लेऑफ में पहुंचने की संभावना फिलहाल 38.81 प्रतिशत है। हालांकि अगर ऋतुराज गायकवाड़ की टीम अपने बाकी मुकाबले जीत जाती है, तो पूरा समीकरण बदल सकता है। इन टीमों का सपना लगभग खत्मकोलकाता नाइट राइडर्स, मुंबई इंडियंस, लखनऊ सुपर जायंट्स और दिल्ली कैपिटल्स की उम्मीदें अब लगभग खत्म मानी जा रही हैं। दिल्ली के प्लेऑफ चांस शून्य प्रतिशत बताए गए हैं, जबकि मुंबई और लखनऊ भी 2 प्रतिशत से नीचे पहुंच चुके हैं। अब आईपीएल 2026 का हर मुकाबला करो या मरो जैसा बन चुका है। आने वाले दिनों में पॉइंट्स टेबल में और बड़े उलटफेर देखने को मिल सकते हैं।

CSK बनी ‘साइलेंट किलर’! RCB-राजस्थान का प्लेऑफ सपना तोड़ सकता है चेन्नई का डरावना समीकरण

नई दिल्ली । आईपीएल 2026 में चेन्नई सुपर किंग्स ने खराब शुरुआत के बाद जोरदार वापसी की है। अब ऋतुराज गायकवाड़ की टीम ऐसा समीकरण बना रही है, जो RCB और राजस्थान रॉयल्स जैसी मजबूत टीमों को प्लेऑफ से बाहर कर सकता है। गुजरात की बड़ी जीत के बाद पॉइंट्स टेबल का खेल और रोमांचक हो गया है। आईपीएल 2026 अब अपने सबसे रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुका है। 52 मुकाबले पूरे होने के बाद भी कोई टीम आधिकारिक तौर पर प्लेऑफ में नहीं पहुंची है और न ही कोई बाहर हुई है। लेकिन इसी बीच चेन्नई सुपर किंग्स ने ऐसा ‘साइलेंट किलर’ अवतार दिखाया है, जिसने आरसीबी और राजस्थान रॉयल्स जैसी दावेदार टीमों की टेंशन बढ़ा दी है। सीजन की शुरुआत में लगातार तीन हार झेलने वाली चेन्नई अब जबरदस्त वापसी कर चुकी है और प्लेऑफ की रेस को पूरी तरह पलटने की स्थिति में पहुंच गई है। शनिवार को गुजरात टाइटंस ने राजस्थान रॉयल्स को 77 रनों से हराकर पॉइंट्स टेबल में बड़ा उलटफेर कर दिया। जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में गुजरात ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 229 रन बनाए। जवाब में राजस्थान की टीम 152 रन पर सिमट गई। राशिद खान की घातक गेंदबाजी ने राजस्थान की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। इस हार के बाद राजस्थान 12 अंकों के साथ पांचवें स्थान पर खिसक गई और यहीं से चेन्नई के लिए प्लेऑफ के दरवाजे खुलते नजर आने लगे। चेन्नई सुपर किंग्स फिलहाल 10 मैचों में 10 अंक लेकर छठे नंबर पर है, लेकिन टीम के पास अभी 4 मुकाबले बाकी हैं। यही चार मैच पूरे टूर्नामेंट का समीकरण बदल सकते हैं। अगर चेन्नई अपने सभी बचे हुए मैच जीत लेती है, तो उसके 18 अंक हो जाएंगे और टीम सीधे टॉप-2 में पहुंच सकती है। यही स्थिति आरसीबी और राजस्थान दोनों के लिए खतरे की घंटी बन गई है। आरसीबी के पास फिलहाल 12 अंक हैं और उसे मुंबई, कोलकाता, पंजाब और हैदराबाद जैसी मजबूत टीमों से भिड़ना है। अगर आरसीबी अपने चार में से तीन मैच हार जाती है और चेन्नई लगातार जीत दर्ज करती है, तो बेहतर नेट रन रेट होने के बावजूद बेंगलुरु की टीम 14 अंकों पर अटककर बाहर हो सकती है। राजस्थान रॉयल्स की स्थिति भी ज्यादा मजबूत नहीं दिख रही। टीम के पास अधिकतम 18 अंक तक पहुंचने का मौका जरूर है, लेकिन खराब नेट रन रेट और लगातार दबाव उसके लिए मुश्किलें बढ़ा रहा है। दिल्ली, लखनऊ और मुंबई के खिलाफ बचे मुकाबलों में एक हार भी राजस्थान की राह कठिन बना सकती है, जबकि दो हार सीधे प्लेऑफ से बाहर कर सकती हैं। चेन्नई के पास सबसे बड़ा फायदा यह है कि उसके कुछ मुकाबले उन्हीं टीमों के खिलाफ हैं, जो प्लेऑफ की रेस में उससे ऊपर हैं। यानी CSK सिर्फ खुद अंक नहीं जुटाएगी, बल्कि प्रतिद्वंद्वियों को भी पीछे धकेलेगी। लखनऊ के खिलाफ आज का मुकाबला बेहद अहम माना जा रहा है। अगर चेन्नई यह मैच बड़े अंतर से जीतती है, तो टीम टॉप-4 में एंट्री कर सकती है और राजस्थान नीचे खिसक जाएगा। चेपॉक का इतिहास भी चेन्नई के पक्ष में जाता है। घरेलू मैदान पर CSK हमेशा खतरनाक टीम साबित हुई है। ऐसे में ऋतुराज गायकवाड़ की कप्तानी में टीम अगर लगातार जीत का सिलसिला जारी रखती है, तो आईपीएल 2026 के प्लेऑफ की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है। अब सभी की नजरें चेन्नई के अगले मुकाबलों पर टिकी हैं, क्योंकि यही मैच तय करेंगे कि कौन प्लेऑफ में जाएगा और किसका सपना टूटेगा।

आईपीएल 2026 में सुपर संडे का बड़ा मुकाबला, आरसीबी से पिछली हार का बदला लेने उतरेगी मुंबई इंडियंस

नई दिल्ली । आईपीएल 2026 के रोमांचक मुकाबलों के बीच अब क्रिकेट प्रशंसकों की नजरें उस मैच पर टिक गई हैं, जिसमें रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और मुंबई इंडियंस आमने-सामने होंगी। रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल स्टेडियम में होने वाला यह मुकाबला केवल दो टीमों के बीच की टक्कर नहीं, बल्कि सम्मान, वापसी और प्लेऑफ की उम्मीदों से जुड़ी बड़ी चुनौती भी माना जा रहा है। इस सीजन की पहली भिड़ंत में आरसीबी ने मुंबई इंडियंस को हराकर बढ़त हासिल की थी। अब मुंबई की टीम उसी हार का जवाब देने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। टीम के लिए यह मुकाबला बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि लगातार मिली हारों के बाद अब हर मैच उसके लिए करो या मरो जैसी स्थिति बनता जा रहा है। वहीं दूसरी ओर आरसीबी अपनी शानदार लय को बरकरार रखते हुए अंक तालिका में मजबूत स्थिति बनाए रखना चाहेगी। आरसीबी इस सीजन काफी संतुलित और आत्मविश्वास से भरी टीम नजर आई है। कप्तान रजत पाटीदार ने टीम को अच्छे तरीके से संभाला है और कई मौकों पर जिम्मेदारी भरी पारियां खेली हैं। विराट कोहली ने अपनी अनुभवी बल्लेबाजी से टीम को मजबूत शुरुआत दी है, जबकि देवदत्त पडिक्कल ने भी शीर्ष क्रम में अहम योगदान दिया है। मध्यक्रम में टिम डेविड ने तेजी से रन बनाकर टीम को मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकाला है। गेंदबाजी विभाग में भी आरसीबी का प्रदर्शन प्रभावशाली रहा है। भुवनेश्वर कुमार और जोश हेजलवुड की जोड़ी ने नई गेंद से लगातार दबाव बनाया है। दोनों गेंदबाजों ने शुरुआती ओवरों में विकेट लेकर विपक्षी टीमों को बैकफुट पर धकेला है। हालांकि, टीम को कुछ खिलाड़ियों की फॉर्म और फिटनेस को लेकर चिंता जरूर बनी हुई है, लेकिन इसके बावजूद आरसीबी का प्रदर्शन संतुलित दिखाई दे रहा है। दूसरी ओर मुंबई इंडियंस इस सीजन लगातार संघर्ष करती नजर आई है। टीम के बल्लेबाजों ने कुछ मुकाबलों में अच्छी शुरुआत जरूर दिलाई, लेकिन उसे बड़े स्कोर में बदलने में सफलता नहीं मिल सकी। रोहित शर्मा और रयान रिकेल्टन ने पिछले मैच में शानदार बल्लेबाजी की थी, जिससे टीम को उम्मीदें मिली हैं। हालांकि, मध्यक्रम की अस्थिरता अब भी चिंता का विषय बनी हुई है। सूर्यकुमार यादव जैसे बड़े बल्लेबाज इस सीजन अपेक्षित लय में नजर नहीं आए हैं, जिससे टीम की बल्लेबाजी कमजोर दिखी है। वहीं गेंदबाजी में भी मुंबई को लगातार समस्याओं का सामना करना पड़ा है। जसप्रीत बुमराह सहित अन्य गेंदबाजों की साधारण फॉर्म ने टीम की मुश्किलें बढ़ाई हैं। ऐसे में आरसीबी जैसी मजबूत बल्लेबाजी लाइनअप के खिलाफ मुंबई को हर विभाग में बेहतर प्रदर्शन करना होगा। अगर दोनों टीमों के पिछले रिकॉर्ड पर नजर डालें तो मुकाबला हमेशा कांटे का रहा है। मुंबई इंडियंस को कुल जीत के आंकड़ों में हल्की बढ़त हासिल है, लेकिन हाल के वर्षों में आरसीबी ने कई महत्वपूर्ण मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन किया है। रायपुर की पिच बल्लेबाजों के लिए मददगार मानी जाती है, इसलिए इस मैच में बड़े स्कोर और रोमांचक मुकाबले की उम्मीद की जा रही है। कुल मिलाकर, यह मुकाबला केवल अंक तालिका के लिए नहीं बल्कि प्रतिष्ठा और आत्मविश्वास की लड़ाई भी साबित हो सकता है। जहां आरसीबी जीत की लय जारी रखना चाहेगी, वहीं मुंबई इंडियंस हर हाल में वापसी कर अपने अभियान को नई दिशा देने की कोशिश करेगी।

CSK में कैसे हुई अश्विन की एंट्री? पूर्व स्पिनर ने सुनाया दिलचस्प किस्सा

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने अपने आईपीएल करियर और शुरुआती संघर्षों को याद करते हुए एक दिलचस्प किस्सा साझा किया है। उन्होंने बताया कि कैसे एक घरेलू टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन और सही समय पर मिले अवसर ने उन्हें चेन्नई सुपर किंग्स में जगह दिलाई। अश्विन ने बताया कि 2009 की आईपीएल नीलामी के दौरान जब चेन्नई सुपर किंग्स ने श्रीलंकाई दिग्गज मुथैया मुरलीधरन को टीम में शामिल किया था, तब उन्हें लगा था कि टीम में जगह बनाना उनके लिए बेहद मुश्किल हो जाएगा। उस समय टी20 क्रिकेट में स्पिनरों की भूमिका को लेकर भी काफी संदेह था। उन्होंने अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए बताया कि चेन्नई के चेपॉक मैदान पर एक अहम घरेलू मैच के दौरान उन्होंने 6 विकेट झटके थे। इस प्रदर्शन ने उनके करियर की दिशा बदल दी। उस मैच में मौजूद काशी विश्वनाथन और पूर्व भारतीय क्रिकेटर क्रिस श्रीकांत ने उनके खेल की तारीफ की थी और यहीं से उनका नाम चयनकर्ताओं की नजर में आया। अश्विन ने बताया कि उनके गुरु रहे दिवंगत वीबी चंद्रशेखर ने उनके करियर में अहम भूमिका निभाई। चंद्रशेखर ने उनका खेल पिछले कई वर्षों से देखा था और उनके टैलेंट को पहचानते हुए सीएसके से जोड़ने में मदद की। इसके बाद उन्हें चेन्नई सुपर किंग्स का कॉन्ट्रैक्ट मिला और यहीं से उनके आईपीएल सफर की शुरुआत हुई। अश्विन ने यह भी कहा कि जब उन्हें बाद में सीएसके में दोबारा खेलने का मौका मिला, तो उनका सपना था कि वे अपने करियर का अंत उसी टीम के साथ करें, जहां से शुरुआत हुई थी। उन्होंने चेपॉक स्टेडियम में अपने आईपीएल करियर के अंत की भी इच्छा जताई थी, लेकिन यह सपना पूरा नहीं हो सका। अपने करियर पर नजर डालते हुए अश्विन ने कहा कि सीएसके ने उन्हें एक पहचान दी और शुरुआती अवसर ने उनके पूरे क्रिकेट जीवन की दिशा तय की। उन्होंने यह भी माना कि सही समय पर मिले मौके और मार्गदर्शन ने उन्हें एक सफल अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बनने में मदद की।

IPL 2026: DC vs KKR – टॉस जीतकर केकेआर ने चुनी गेंदबाजी, दिल्ली ने किए 2 बदलाव

नई दिल्ली। अरुण जेटली क्रिकेट स्टेडियम में खेले जा रहे आईपीएल 2026 के 51वें मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स (DC) और कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) आमने-सामने हैं। टॉस के दौरान केकेआर के कप्तान अजिंक्य रहाणे ने जीत हासिल करते हुए पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। टॉस जीतने के बाद अजिंक्य रहाणे ने कहा कि पिच को पढ़ना आसान नहीं है और पिछले कुछ मैचों में विकेट के व्यवहार को देखते हुए पहले गेंदबाजी करना बेहतर विकल्प रहेगा। उन्होंने यह भी बताया कि टीम ने इस मुकाबले के लिए अपनी प्लेइंग इलेवन में कोई बदलाव नहीं किया है। दूसरी ओर दिल्ली कैपिटल्स ने अपनी टीम में दो अहम बदलाव किए हैं। विपराज निगम को करुण नायर की जगह शामिल किया गया है, जबकि मुकेश कुमार को नटराजन के स्थान पर मौका मिला है। कप्तान अक्षर पटेल ने कहा कि दिल्ली की पिच पर पहले बल्लेबाजी करना फायदेमंद रहता है, लेकिन टीम संतुलन को देखते हुए तीन स्पिनरों के साथ उतर रही है। दिल्ली कैपिटल्स के लिए यह मुकाबला बेहद अहम है क्योंकि टीम को प्लेऑफ की दौड़ में बने रहने के लिए हर हाल में जीत जरूरी है। अब तक खेले गए 10 मैचों में दिल्ली ने 4 जीत और 6 हार दर्ज की हैं। टीम का बल्लेबाजी क्रम निरंतर प्रदर्शन नहीं कर पाया है, जबकि गेंदबाजी में भी स्थिरता की कमी दिखी है। वहीं कोलकाता नाइट राइडर्स का प्रदर्शन भी इस सीजन मिश्रित रहा है। 9 मैचों में केवल 3 जीत के साथ टीम अंक तालिका में नीचे है, हालांकि पिछले तीन मुकाबलों में लगातार जीत ने टीम का आत्मविश्वास बढ़ाया है। रिंकू सिंह और वरुण चक्रवर्ती इस समय अच्छी फॉर्म में नजर आ रहे हैं, जबकि गेंदबाजी में भी टीम ने सुधार दिखाया है। केकेआर की प्लेइंग इलेवन में सुनील नरेन, कैमरून ग्रीन और अन्य प्रमुख खिलाड़ी शामिल हैं, जो टीम को मजबूत संतुलन प्रदान कर रहे हैं। दिल्ली की टीम में केएल राहुल, अक्षर पटेल और मिचेल स्टार्क जैसे अनुभवी खिलाड़ी मौजूद हैं, जो मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या केकेआर की जीत की लय जारी रहती है या दिल्ली कैपिटल्स प्लेऑफ की उम्मीदों को जिंदा रखने में सफल होती है।

Mitchell Marsh के तूफानी शतक से चमकी लखनऊ, Royal Challengers Bengaluru को 9 रन से हराया

नई दिल्ली । आईपीएल 2026 के 50वें मुकाबले में Lucknow Super Giants ने शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन करते हुए Royal Challengers Bengaluru को 9 रन से हराकर सीजन की अपनी तीसरी जीत दर्ज की। भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए इस हाईस्कोरिंग मुकाबले में पहले बल्ले से Mitchell Marsh का तूफान देखने को मिला, तो बाद में युवा तेज गेंदबाज प्रिंस यादव ने अपनी धारदार गेंदबाजी से आरसीबी की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। बारिश से प्रभावित इस मुकाबले को 19-19 ओवर का कर दिया गया था। पहले बल्लेबाजी करते हुए एलएसजी ने 3 विकेट खोकर 209 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। टीम की शुरुआत बेहद आक्रामक रही। मार्श और अर्शिन कुलकर्णी ने पहले विकेट के लिए 95 रन जोड़कर आरसीबी पर शुरुआती दबाव बना दिया। अर्शिन भले ही 17 रन बनाकर आउट हो गए, लेकिन मार्श का बल्ला लगातार आग उगलता रहा। मार्श ने आरसीबी के गेंदबाजों की जमकर धुनाई करते हुए सिर्फ 49 गेंदों में शतक पूरा किया और एलएसजी की ओर से सबसे तेज शतक लगाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। उन्होंने 56 गेंदों में 111 रन की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 9 चौके और 9 गगनचुंबी छक्के शामिल रहे। उनके साथ Nicholas Pooran ने भी तेजतर्रार बल्लेबाजी की और 23 गेंदों में 38 रन बनाए। अंत में कप्तान Rishabh Pant ने सिर्फ 10 गेंदों में नाबाद 32 रन ठोककर टीम को 200 के पार पहुंचा दिया। 210 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी आरसीबी की शुरुआत बेहद खराब रही। जैकब बेथेल जल्दी आउट हुए, जबकि इसके बाद युवा गेंदबाज प्रिंस यादव ने शानदार गेंद पर Virat Kohli को बिना खाता खोले पवेलियन भेज दिया। यह 46 पारियों बाद विराट का पहला ‘डक’ रहा, जिसने मैच का रुख बदल दिया। हालांकि इसके बाद Devdutt Padikkal और कप्तान Rajat Patidar ने शानदार वापसी करते हुए तीसरे विकेट के लिए 95 रन की साझेदारी की। पडिक्कल ने 34 रन बनाए, जबकि पाटीदार ने 31 गेंदों में 61 रन की कप्तानी पारी खेली। बाद में टिम डेविड ने 17 गेंदों में 40 रन बनाकर मैच को रोमांचक बना दिया। अंतिम ओवरों में क्रुणाल पांड्या और रोमारियो शेफर्ड ने तेज रन जरूर बनाए, लेकिन एलएसजी के गेंदबाजों ने दबाव बनाए रखा। प्रिंस यादव ने 4 ओवर में 33 रन देकर 3 बड़े विकेट झटके और जीत के सबसे बड़े हीरो साबित हुए। शाहबाज अहमद ने दो विकेट लिए, जबकि मोहम्मद शमी को एक सफलता मिली। इस जीत के साथ एलएसजी ने न सिर्फ दो अहम अंक हासिल किए, बल्कि प्लेऑफ की दौड़ में भी खुद को मजबूती से बनाए रखा।

Mitchell Marsh का महाविस्फोट, एलएसजी के लिए सबसे तेज शतक

नई दिल्ली। आईपीएल 2026 के 50वें मुकाबले में Lucknow Super Giants के स्टार ऑलराउंडर Mitchell Marsh ने ऐसा बल्लेबाजी तूफान खड़ा किया, जिसने Royal Challengers Bengaluru के गेंदबाजों की पूरी रणनीति ध्वस्त कर दी। भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए इस बारिश प्रभावित मुकाबले में मार्श ने सिर्फ 49 गेंदों में शतक ठोकते हुए एलएसजी के इतिहास का सबसे तेज शतक लगाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। मार्श ने कप्तान Rishabh Pant का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने पिछले सीजन 54 गेंदों में शतक लगाया था। ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज ने शुरुआत से ही आक्रामक तेवर अपनाए और आरसीबी के हर गेंदबाज पर जमकर प्रहार किया। उन्होंने 56 गेंदों में 111 रन की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 9 चौके और 9 आसमानी छक्के शामिल रहे। लगभग 198 के स्ट्राइक रेट से खेली गई यह पारी आईपीएल 2026 की सबसे यादगार पारियों में गिनी जाएगी। मार्श को युवा बल्लेबाज अर्शिन कुलकर्णी का भी अच्छा साथ मिला। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 9.2 ओवर में 95 रन जोड़कर टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई। हालांकि अर्शिन 24 गेंदों में 17 रन बनाकर आउट हो गए, लेकिन इससे मार्श की रफ्तार पर कोई असर नहीं पड़ा। इसके बाद उन्होंने Nicholas Pooran के साथ दूसरे विकेट के लिए 41 गेंदों में 70 रन की तेज साझेदारी कर आरसीबी पर दबाव और बढ़ा दिया। पूरन ने भी ताबड़तोड़ अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 23 गेंदों में 38 रन बनाए। वहीं दूसरी ओर मार्श लगातार बड़े शॉट लगाते रहे और स्टेडियम में मौजूद दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। उनकी पारी का अंत तेज गेंदबाज Josh Hazlewood ने किया, लेकिन तब तक वह आरसीबी के हाथों से मैच की लय छीन चुके थे। अंतिम ओवरों में कप्तान ऋषभ पंत ने भी विस्फोटक अंदाज दिखाया। पंत ने सिर्फ 10 गेंदों में नाबाद 32 रन ठोककर एलएसजी के स्कोर को 200 के पार पहुंचा दिया। बारिश के कारण मैच को 19-19 ओवर का कर दिया गया था और एलएसजी की पारी के दौरान दो बार खेल रोकना पड़ा, लेकिन इससे बल्लेबाजों की लय पर कोई असर नहीं पड़ा। एलएसजी ने निर्धारित 19 ओवर में 3 विकेट के नुकसान पर 209 रन बनाकर आरसीबी के सामने विशाल लक्ष्य खड़ा किया। इस मुकाबले में सबसे ज्यादा चर्चा मिचेल मार्श की रिकॉर्डतोड़ पारी की रही, जिसने आईपीएल 2026 को एक नया यादगार पल दे दिया।

कप्तान श्रेयस अय्यर का अपनी ही टीम पर फूटा गुस्सा, अनुशासनहीन फील्डिंग को बताया बड़ी वजह

नई दिल्ली।  इंडियन प्रीमियर लीग के 19वें सीजन में पंजाब किंग्स का सफर फिलहाल एक बुरे सपने में तब्दील होता नजर आ रहा है। सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मिली 33 रनों की हार ने न केवल टीम के अंक तालिका में स्थान को प्रभावित किया है, बल्कि टीम के भीतर चल रहे असंतोष को भी उजागर कर दिया है। मैच खत्म होने के तुरंत बाद कप्तान श्रेयस अय्यर का चेहरा उनकी निराशा को साफ बयां कर रहा था। हार की हैट्रिक पूरी होने के बाद कप्तान ने अपनी टीम के खिलाड़ियों के प्रति कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि इस स्तर की क्रिकेट में ऐसी गलतियों के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने सरेआम टीम की बल्लेबाजी, गेंदबाजी और विशेष रूप से फील्डिंग के गिरते स्तर पर सवाल उठाए, जो किसी भी पेशेवर टीम के लिए आत्ममंथन का विषय है। मैच के घटनाक्रम पर नजर डालें तो सनराइजर्स हैदराबाद ने पहले बल्लेबाजी करते हुए रनों का एक ऐसा पहाड़ खड़ा कर दिया, जिसके नीचे पंजाब की टीम दबती चली गई। हैदराबाद के बल्लेबाजों ने पंजाब के गेंदबाजी आक्रमण की धज्जियां उड़ाते हुए चार विकेट पर 235 रनों का विशाल स्कोर बनाया। हेनरिच क्लासेन और ईशान किशन की अर्धशतकीय पारियों ने पंजाब के खेमे में खलबली मचा दी थी। श्रेयस अय्यर ने हार के मुख्य कारणों का विश्लेषण करते हुए कहा कि जब विपक्षी टीम इतना बड़ा स्कोर बनाती है, तो आपकी फील्डिंग का चुस्त होना अनिवार्य होता है। कप्तान ने विशेष रूप से युजवेंद्र चहल के ओवर में छूटे हुए एक महत्वपूर्ण कैच का जिक्र किया और उसे पूरे मुकाबले का सबसे बड़ा निर्णायक मोड़ करार दिया। अय्यर के अनुसार, उस एक चूक ने हैदराबाद को वह गति दे दी जिसे बाद में रोकना असंभव हो गया। लक्ष्य का पीछा करने उतरी पंजाब की टीम की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही, जहां शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों ने दबाव में घुटने टेक दिए। हालांकि, इस अंधकार के बीच कूपर कोनोली एक उम्मीद की किरण बनकर उभरे। कोनोली ने अपनी बल्लेबाजी से मैदान के हर कोने में शॉट लगाए और मात्र 59 गेंदों में नाबाद 107 रनों की अविश्वसनीय पारी खेली। एक समय ऐसा लग रहा था कि कोनोली अकेले दम पर चमत्कार कर देंगे, लेकिन दूसरे छोर से किसी भी अनुभवी बल्लेबाज ने जिम्मेदारी नहीं निभाई। पूरी टीम बीस ओवरों में सात विकेट खोकर 202 रन ही बना सकी। अय्यर ने बल्लेबाजी विभाग पर हमला बोलते हुए कहा कि बड़े लक्ष्यों का पीछा करते समय व्यक्तिगत प्रदर्शन से ज्यादा टीम वर्क की जरूरत होती है, जिसका इस मैच में पूर्ण अभाव दिखा। लगातार मिल रही असफलताओं ने अब टीम प्रबंधन की रणनीतियों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। कप्तान ने यह संकेत दिया है कि टीम के प्रदर्शन में निरंतरता की भारी कमी है और आगामी मैचों में प्लेइंग इलेवन में बड़े बदलाव किए जा सकते हैं। श्रेयस अय्यर का मानना है कि गेंदबाजी में अनुशासन की कमी और फील्डिंग में की गई बचकानी गलतियां ही हार का असली कारण हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को चेतावनी दी है कि अगर समय रहते अपनी गलतियों में सुधार नहीं किया गया, तो टूर्नामेंट में वापसी के सारे रास्ते बंद हो जाएंगे। यह हार पंजाब किंग्स के लिए केवल एक आंकड़ा नहीं है, बल्कि यह टीम के मनोबल पर एक गहरी चोट है जिसे भरने के लिए उन्हें अगले मुकाबलों में असाधारण खेल दिखाना होगा। अंततः, यह मुकाबला पंजाब किंग्स के लिए एक कड़ा सबक साबित हुआ है। कप्तान की नाराजगी यह दर्शाती है कि ड्रेसिंग रूम में अब बदलाव की बयार चलने वाली है। कोनोली जैसे युवा खिलाड़ी का शतक भले ही टीम को जीत न दिला सका हो, लेकिन इसने अनुभवी खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर सवालिया निशान जरूर लगा दिए हैं। अब देखना यह होगा कि श्रेयस अय्यर अपनी टीम को इस मानसिक दबाव से कैसे बाहर निकालते हैं और क्या पंजाब की टीम हार के इस भंवर से निकलकर जीत की पटरी पर लौट पाएगी। फिलहाल, हैदराबाद की जीत ने टूर्नामेंट के समीकरणों को और भी दिलचस्प बना दिया है, जबकि पंजाब को अपनी साख बचाने के लिए नए सिरे से युद्धस्तर पर तैयारी करनी होगी।