टी20 क्रिकेट में अभिषेक शर्मा का करिश्मा, छक्कों की झड़ी लगाकर बनाया तिहरा शतक

नई दिल्ली। Sunrisers Hyderabad ने बुधवार को खेले गए इस मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए शानदार प्रदर्शन किया। टीम ने 20 ओवर में 4 विकेट खोकर 235 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। ओपनिंग से ही टीम ने आक्रामक रुख अपनाया। ट्रैविस हेड और अभिषेक शर्मा की जोड़ी ने तेज शुरुआत दी और पावरप्ले में ही पंजाब के गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। Abhishek Sharma ने सिर्फ 13 गेंदों पर 35 रन की तूफानी पारी खेली। उनकी इस पारी में 4 छक्के और 2 चौके शामिल रहे। उन्होंने 269.23 की स्ट्राइक रेट से गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दीं। अभिषेक शर्मा का धमाका और ऐतिहासिक उपलब्धिअभिषेक शर्मा ने अपनी पारी की शुरुआत ही आक्रामक अंदाज में की। उन्होंने अर्शदीप सिंह की गेंद पर पहला छक्का लगाया और इसके बाद मार्को जानसेन को लगातार दो छक्के जड़े। चौथा छक्का उन्होंने लॉकी फर्ग्यूसन की गेंद पर जड़ा। हालांकि इसी ओवर में वे बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में आउट हो गए और कप्तान श्रेयस अय्यर को आसान कैच थमा बैठे। इसके बावजूद उनकी पारी ने मैच का रुख पूरी तरह SRH की ओर मोड़ दिया। इस पारी के साथ अभिषेक शर्मा ने T20 क्रिकेट में भारत में अपने 300 छक्कों का ऐतिहासिक आंकड़ा पार किया और यह उपलब्धि हासिल करने वाले चुनिंदा बल्लेबाजों की सूची में शामिल हो गए। इससे पहले यह उपलब्धि Rohit Sharma, Virat Kohli, क्रिस गेल, सूर्यकुमार यादव और संजू सैमसन जैसे दिग्गज हासिल कर चुके हैं। ट्रैविस हेड और SRH की मजबूत साझेदारीट्रैविस हेड ने भी आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 19 गेंदों पर 38 रन बनाए। उन्होंने 3 चौके और 3 छक्के लगाए, लेकिन युजवेंद्र चहल ने उन्हें पवेलियन भेजकर पंजाब को थोड़ी राहत दी। अभिषेक और हेड ने पहले विकेट के लिए मात्र 3.3 ओवर में 54 रन जोड़कर तेज शुरुआत दी, जिसने पूरे मैच की दिशा तय कर दी। PBKS की कोशिश नाकाम, 202 रन पर सिमटी पारीPunjab Kings की टीम लक्ष्य का पीछा करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट खोकर 202 रन ही बना सकी। शुरुआत से ही दबाव में दिखी पंजाब की टीम बड़े लक्ष्य का पीछा करने में असफल रही। हालांकि कुछ बल्लेबाजों ने कोशिश जरूर की, लेकिन SRH के गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट लेकर वापसी की कोई भी संभावना नहीं बनने दी। निष्कर्ष: SRH का दमदार प्रदर्शन जारीइस जीत के साथ सनराइजर्स हैदराबाद ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उनकी बल्लेबाजी लाइनअप किसी भी गेंदबाजी आक्रमण को ध्वस्त करने की क्षमता रखती है। अभिषेक शर्मा की विस्फोटक पारी और टीम का सामूहिक प्रदर्शन इस जीत की सबसे बड़ी ताकत रहा।
ऑरेंज कैप की रेस में विदेशी बल्लेबाज़ का जलवा, क्लासेन नंबर-1; अभिषेक शर्मा दूसरे स्थान पर कायम

नई दिल्ली। IPL 2026 में ऑरेंज कैप की दौड़ अब बेहद दिलचस्प हो गई है। सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के विस्फोटक बल्लेबाज़ हेनरिक क्लासेन ने शानदार फॉर्म जारी रखते हुए सबसे ज्यादा रन बनाकर नंबर-1 की कुर्सी पर कब्जा कर लिया है। 11 मैचों में 494 रन बनाकर उन्होंने सभी बल्लेबाज़ों को पीछे छोड़ दिया है। पंजाब किंग्स के खिलाफ उनकी 69 रनों की पारी ने उन्हें शीर्ष पर पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। अभिषेक शर्मा की शानदार फॉर्म, फिर भी रह गए पीछे SRH के ही युवा बल्लेबाज़ अभिषेक शर्मा ने इस सीजन में लगातार शानदार प्रदर्शन किया है। पंजाब किंग्स के खिलाफ उन्होंने महज 13 गेंदों में 35 रनों की तेज़तर्रार पारी खेली, जिसमें चार छक्के शामिल रहे। हालांकि उनके 475 रन उन्हें दूसरे स्थान पर बनाए हुए हैं। वह कुछ समय के लिए ऑरेंज कैप के दावेदार बने थे, लेकिन क्लासेन की धमाकेदार पारी ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। केएल राहुल फिसले, टॉप-3 में बदलाव दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान और अनुभवी बल्लेबाज़ केएल राहुल को इस हफ्ते एक स्थान का नुकसान हुआ है। अब वह 445 रनों के साथ तीसरे स्थान पर खिसक गए हैं। उनका औसत भले ही अच्छा है, लेकिन लगातार बड़ी पारियां न खेल पाने के कारण वह शीर्ष स्थान से दूर हो गए हैं। ईशान किशन की जोरदार एंट्री, टॉप-5 में हलचल SRH के विकेटकीपर बल्लेबाज़ ईशान किशन ने जबरदस्त वापसी करते हुए टॉप-5 में जगह बना ली है। पंजाब किंग्स के खिलाफ 55 रनों की अहम पारी खेलने के बाद उनके कुल रन 409 हो गए हैं। उन्होंने वैभव सूर्यवंशी को पीछे छोड़ते हुए चौथा स्थान हासिल किया है। वैभव सूर्यवंशी और अन्य खिलाड़ियों की स्थिति राजस्थान रॉयल्स के युवा बल्लेबाज़ वैभव सूर्यवंशी 404 रनों के साथ पांचवें स्थान पर खिसक गए हैं। वहीं संजू सैमसन, साई सुदर्शन, रयान रिकेल्टन और विराट कोहली भी टॉप-10 में बने हुए हैं। कोहली फिलहाल नौवें स्थान पर हैं और उनके पास आगे बढ़ने का मौका है। ऑरेंज कैप टॉप-10 क्लासेन 494 रन के साथ पहले, अभिषेक 475 के साथ दूसरे और राहुल 445 रन के साथ तीसरे स्थान पर हैं। टॉप-10 में हर मैच के साथ बदलाव देखने को मिल रहा है, जिससे ऑरेंज कैप की रेस और भी रोमांचक हो गई है। IPL 2026 का यह सीजन बल्लेबाज़ों के लिए बेहद खास साबित हो रहा है, जहां हर मैच के बाद रैंकिंग में बदलाव हो रहा है और नई कहानियां बन रही हैं।
मनोज तिवारी का ममता सरकार पर तीखा हमला, बोले- ‘खेल मंत्री होकर भी सिर्फ चाय-बिस्किट तक सीमित रहा काम’

नई दिल्ली। पूर्व क्रिकेटर और पश्चिम बंगाल के पूर्व खेल मंत्री मनोज तिवारी ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो में उन्होंने दावा किया कि खेल मंत्री रहते हुए उन्हें पिछले पांच वर्षों तक सही तरीके से काम नहीं करने दिया गया। मनोज तिवारी ने सीधे तौर पर टीएमसी नेता और पूर्व मंत्री अरूप बिस्वास को निशाने पर लेते हुए कहा कि उनकी लोकप्रियता और छवि से डरकर उन्हें लगातार अलग-थलग रखा गया। उन्होंने कहा कि खेल विभाग में उनकी भूमिका केवल “चाय और बिस्किट खाने” तक सीमित कर दी गई थी। ‘कार्यक्रमों में भी नहीं बुलाया गया’तिवारी ने आरोप लगाया कि उन्हें खेल विभाग के कई अहम कार्यक्रमों से दूर रखा गया। उन्होंने कहा कि डूरंड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में मैदान पर मौजूद रहने के बावजूद उन्हें आधिकारिक निमंत्रण तक नहीं दिया गया। उनके मुताबिक, इसके पीछे अरूप बिस्वास की राजनीतिक सोच काम कर रही थी। मेसी के कार्यक्रम को लेकर भी साधा निशानापूर्व मंत्री ने लियोनेल मेसी से जुड़े एक कार्यक्रम का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वह उस आयोजन में इसलिए शामिल नहीं हुए क्योंकि उन्हें पहले से अंदेशा था कि वहां उन्हें अपमानित किया जा सकता है। तिवारी ने दावा किया कि आयोजन के दौरान खेल प्रेमियों को भी निराशा हाथ लगी और मेसी कुछ ही मिनटों में कार्यक्रम छोड़कर चले गए। ‘सरकार जनता नहीं, अपने हितों के लिए काम कर रही थी’मनोज तिवारी ने कहा कि उन्होंने खेल और शिवपुर के विकास से जुड़े कई मुद्दे कैबिनेट बैठकों में उठाए, लेकिन उनकी बातों को कभी गंभीरता से नहीं लिया गया। उन्होंने राज्य सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार की सोच बेहद संकीर्ण थी और उसका फोकस जनता की बजाय अपने राजनीतिक हितों पर ज्यादा था। ममता बनर्जी को लेकर भी कही बड़ी बाततिवारी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का नाम लेते हुए कहा कि एक बार जब उन्होंने अपनी बात रखने की कोशिश की तो मुख्यमंत्री ने उनसे कहा, “क्या मेरे पास और कोई काम नहीं है?” तिवारी के अनुसार, उन्हें अपनी बात रखने के लिए 20 सेकंड का समय भी नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि उसी दिन उन्हें एहसास हो गया था कि यह सरकार लंबे समय तक टिकने वाली नहीं है, क्योंकि इसकी नींव “झूठे वादों” पर टिकी हुई है। मनोज तिवारी का यह बयान ऐसे समय सामने आया है जब पश्चिम बंगाल में खेल प्रशासन और राजनीतिक खींचतान को लेकर लगातार बहस चल रही है। उनके आरोपों ने राज्य की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है।
सुरक्षा और विवादों के चलते बेंगलुरु से छीना गया IPL फाइनल, अब नरेंद्र मोदी स्टेडियम में बजेगा IPL 2026 फाइनल का बिगुल

नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के प्लेऑफ और फाइनल मुकाबलों को लेकर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने बड़ा फैसला लिया है। पहले जहां IPL 2026 का फाइनल बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में आयोजित होना था, वहीं अब इसे अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में कराने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही इस बार प्लेऑफ मुकाबले भी एक ही शहर में नहीं बल्कि तीन अलग-अलग शहरों में खेले जाएंगे। बीसीसीआई के इस फैसले के पीछे कई अहम कारण बताए जा रहे हैं। बोर्ड के अनुसार बेंगलुरु में आयोजन को लेकर स्थानीय क्रिकेट एसोसिएशन और प्रशासन की कुछ शर्तें ऐसी थीं, जो बीसीसीआई के नियमों और संचालन व्यवस्था के अनुरूप नहीं थीं। इसके अलावा लॉजिस्टिक और ऑपरेशनल चुनौतियां भी लगातार सामने आ रही थीं। सूत्रों के मुताबिक पिछले साल बेंगलुरु में हुई स्टाम्पीड जैसी घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बोर्ड इस बार कोई जोखिम नहीं लेना चाहता था। बड़ी संख्या में दर्शकों की भीड़ और वीआईपी मूवमेंट को संभालना चुनौती माना जा रहा था। वहीं टिकट वितरण को लेकर सामने आए राजनीतिक और एमएलए टिकट विवाद ने भी माहौल को और संवेदनशील बना दिया। इन्हीं कारणों को देखते हुए बीसीसीआई ने फाइनल को अहमदाबाद शिफ्ट करने का फैसला लिया। नरेंद्र मोदी स्टेडियम पहले भी कई बड़े मुकाबलों और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की सफल मेजबानी कर चुका है। विशाल क्षमता, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और मजबूत सुरक्षा प्रबंधन के कारण यह स्टेडियम बोर्ड की पहली पसंद बना हुआ है।इस बार आईपीएल प्लेऑफ का फॉर्मेट भी थोड़ा अलग नजर आएगा। बीसीसीआई ने मुकाबलों को तीन शहरों में बांटने का फैसला किया है ताकि किसी एक वेन्यू पर अत्यधिक दबाव न पड़े। क्वालिफायर-1 धर्मशाला में खेला जाएगा, जबकि एलिमिनेटर और क्वालिफायर-2 न्यू चंडीगढ़ में आयोजित होंगे। वहीं फाइनल मुकाबला अहमदाबाद में होगा। बोर्ड का मानना है कि मल्टी-सिटी मॉडल अपनाने से सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर तरीके से संभाला जा सकेगा और भीड़ प्रबंधन भी आसान होगा। यह फैसला आईपीएल के इतिहास में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है, क्योंकि परंपरागत रूप से फाइनल मुकाबला अक्सर किसी प्रमुख फ्रेंचाइजी के होम ग्राउंड या तय केंद्रीय वेन्यू पर आयोजित किया जाता रहा है। लेकिन इस बार बीसीसीआई ने आयोजन की सुचारु व्यवस्था और सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। अहमदाबाद लगातार बड़े क्रिकेट आयोजनों का केंद्र बनता जा रहा है। ऐसे में IPL 2026 का फाइनल वहां शिफ्ट होना इस बात का संकेत भी माना जा रहा है कि भविष्य में भी बड़े मुकाबलों के लिए इसी तरह के हाई-कैपेसिटी और हाई-सिक्योरिटी वेन्यू को प्राथमिकता दी जा सकती है।
आईपीएल 2026 में SRH का जलवा, पंजाब को हराकर प्वाइंट्स टेबल में टॉप पर कब्जा

नई दिल्ली। आईपीएल 2026 में सनराइजर्स हैदराबाद का विजयी अभियान लगातार मजबूत होता जा रहा है। राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में एसआरएच ने पंजाब किंग्स को 33 रन से हराकर अंक तालिका में पहला स्थान हासिल कर लिया। हैदराबाद की यह 11 मैचों में सातवीं जीत रही, जबकि पंजाब को लगातार तीसरी हार का सामना करना पड़ा। इस हार के बाद पंजाब किंग्स दूसरे स्थान पर खिसक गई है। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी सनराइजर्स हैदराबाद ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया। अभिषेक शर्मा और ट्रेविस हेड की जोड़ी ने पावरप्ले में पंजाब के गेंदबाजों पर जमकर हमला बोला। अभिषेक ने केवल 13 गेंदों में 35 रन ठोककर टीम को तेज शुरुआत दिलाई, जबकि ट्रेविस हेड ने 19 गेंदों में 38 रन बनाकर रनगति को लगातार ऊंचा बनाए रखा। दोनों सलामी बल्लेबाजों के आउट होने के बाद ईशान किशन और हेनरिक क्लासेन ने पारी को संभालते हुए पंजाब की मुश्किलें बढ़ा दीं। ईशान किशन ने 32 गेंदों में 55 रन की शानदार पारी खेली, जिसमें चार छक्के शामिल रहे। वहीं हेनरिक क्लासेन ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। क्लासेन ने 43 गेंदों में 69 रन बनाए और पंजाब के गेंदबाजों की जमकर धुनाई की। आखिर में नितीश रेड्डी ने ताबड़तोड़ 29 रन बनाकर टीम का स्कोर 235 रन तक पहुंचा दिया। 236 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी पंजाब किंग्स की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम ने शुरुआती दो विकेट केवल 4 रन पर गंवा दिए। ऐसे मुश्किल समय में युवा बल्लेबाज कूपर कॉनली ने अकेले मोर्चा संभाला और हैदराबाद के गेंदबाजों के खिलाफ दमदार बल्लेबाजी की। उन्होंने पहले मार्कस स्टोइनिस और फिर सूर्यांश शेडगे के साथ उपयोगी साझेदारियां कीं। कॉनली ने मैच के अंतिम ओवरों में विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए अपना पहला आईपीएल शतक पूरा किया। उन्होंने 59 गेंदों में नाबाद 107 रन बनाए, जिसमें 8 छक्के और 7 चौके शामिल रहे। हालांकि दूसरे छोर से उन्हें पर्याप्त समर्थन नहीं मिला, जिसके कारण पंजाब की टीम 20 ओवर में 202 रन ही बना सकी। सनराइजर्स हैदराबाद की ओर से कप्तान पैट कमिंस और शिवांग कुमार ने दो-दो विकेट हासिल किए। टीम की गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों विभागों ने शानदार प्रदर्शन किया, जिसकी बदौलत एसआरएच ने सीजन में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है।
ICC rankings: ICC T20 रैंकिंग में भारत का दबदबा कायम, अभिषेक शर्मा टॉप पर, ईशान किशन दूसरे स्थान पर

ICC rankings: नई दिल्ली। टी20 क्रिकेट की ताजा रैंकिंग ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि भारतीय बल्लेबाज इस प्रारूप में लगातार अपना प्रभाव बनाए हुए हैं। बल्लेबाजों की सूची में Abhishek Sharma शीर्ष स्थान पर कायम हैं, जबकि Ishan Kishan दूसरे स्थान पर मजबूती से जमे हुए हैं। दिलचस्प बात यह है कि हाल के समय में अंतरराष्ट्रीय मुकाबले कम होने के बावजूद इन खिलाड़ियों की रैंकिंग में कोई गिरावट नहीं आई है। बल्लेबाजी क्रम में तीसरे स्थान पर पाकिस्तान के Sahibzada Farhan हैं। इसके बाद इंग्लैंड के Phil Salt और श्रीलंका के Pathum Nissanka क्रमशः चौथे और पांचवें स्थान पर बने हुए हैं। भारतीय टीम के युवा बल्लेबाज Tilak Varma और कप्तान Suryakumar Yadav भी शीर्ष दस में शामिल हैं, जो टीम की गहराई और निरंतरता को दर्शाता है। गेंदबाजी रैंकिंग में भी प्रतिस्पर्धा कड़ी बनी हुई है। अफगानिस्तान के Rashid Khan पहले स्थान पर बने हुए हैं, जबकि भारत के Varun Chakravarthy दूसरे स्थान पर हैं। पाकिस्तान के Abrar Ahmed तीसरे और इंग्लैंड के Adil Rashid चौथे स्थान पर काबिज हैं। भारत के Jasprit Bumrah भी शीर्ष पांच गेंदबाजों में शामिल हैं, जो उनकी लगातार अच्छी गेंदबाजी का प्रमाण है। CHC Infection Risk: मरीजों की जान से खिलवाड़! भांडेर स्वास्थ्य केंद्र में बढ़ा संक्रमण का खतरा इस बार की रैंकिंग में बांग्लादेश के खिलाड़ियों की प्रगति खास चर्चा में रही है। हाल ही में खेले गए मुकाबलों में अच्छे प्रदर्शन के चलते उनके कई खिलाड़ियों ने अपनी स्थिति में सुधार किया है। बल्लेबाजी में Towhid Hridoy ने उल्लेखनीय छलांग लगाई है, जबकि गेंदबाजी में Mehidy Hasan Miraz और Shoriful Islam ने भी अपनी रैंकिंग को बेहतर किया है। न्यूजीलैंड के खिलाड़ियों ने भी इस सूची में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। Ben Sears ने रैंकिंग में सुधार किया है, वहीं Ish Sodhi ने भी अपने प्रदर्शन के दम पर ऊपर की ओर बढ़त बनाई है। खास बात यह रही कि सोढ़ी ने टी20 क्रिकेट में अपने देश के लिए सबसे अधिक विकेट लेने का नया रिकॉर्ड भी स्थापित किया है, जो उनकी लंबे समय से बनी निरंतरता को दर्शाता है। वर्तमान समय में विभिन्न घरेलू टी20 लीगों का आयोजन जारी है, जिसके कारण अंतरराष्ट्रीय मैच सीमित हैं। इसके बावजूद खिलाड़ियों के पिछले प्रदर्शन और हालिया सीरीज के आधार पर रैंकिंग में बदलाव देखने को मिल रहा है। यह ताजा रैंकिंग स्पष्ट संकेत देती है कि भारतीय टीम के खिलाड़ी इस प्रारूप में लगातार मजबूती से आगे बढ़ रहे हैं, जबकि अन्य देशों के खिलाड़ी भी अपनी स्थिति सुधारने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों की संख्या बढ़ने के साथ इन रैंकिंग में और अधिक बदलाव देखने को मिल सकते हैं, जिससे प्रतिस्पर्धा और भी दिलचस्प होने की संभावना है।
IPL 2026: आईपीएल में कुलदीप यादव का संघर्ष जारी, कोच का भरोसा कायम-वापसी की उम्मीद बरकरार

IPL 2026: नई दिल्ली। आईपीएल 2026 में दिल्ली की टीम के लिए खेल रहे अनुभवी स्पिनर कुलदीप यादव इस समय कठिन दौर से गुजरते नजर आ रहे हैं। टूर्नामेंट के शुरुआती मैचों से लेकर अब तक उनका प्रदर्शन अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पाया है, जिससे टीम की गेंदबाजी इकाई पर असर पड़ा है। इसके बावजूद टीम प्रबंधन और कोचिंग स्टाफ ने उन पर भरोसा बनाए रखा है और उनके समर्थन में खुलकर सामने आए हैं। हाल ही में खेले गए मुकाबले में भी कुलदीप यादव अपनी पहचान के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर सके। उन्होंने सीमित ओवरों में रन तो दिए, लेकिन विकेट लेने में सफल नहीं हो पाए। यह स्थिति पूरे सीजन में कई बार देखने को मिली है, जहां वह बल्लेबाजों पर दबाव बनाने में संघर्ष करते नजर आए हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो इस सीजन में उनके विकेट लेने की गति और प्रभाव दोनों में कमी आई है, जो उनके सामान्य प्रदर्शन से अलग है। टीम के कोच ने इस स्थिति को लेकर संतुलित प्रतिक्रिया दी है और इसे केवल फॉर्म से जुड़ा मामला बताया है। उनका मानना है कि हर खिलाड़ी के करियर में ऐसा समय आता है, जब वह अपनी लय से भटक जाता है, लेकिन सही मार्गदर्शन और आत्मविश्वास के साथ वह फिर से वापसी कर सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि कुलदीप एक अनुभवी खिलाड़ी हैं और उन्होंने पहले भी कठिन परिस्थितियों से उबरकर शानदार प्रदर्शन किया है। CHANDIGARH AIRPORT FIRE: चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर फ्लाइट में अफरा-तफरी, पावर बैंक में आग लगने से मचा हड़कंप.. कोच ने यह संकेत भी दिया कि फिलहाल कुलदीप की गेंदबाजी में वह धार नजर नहीं आ रही है, जिसके लिए वह जाने जाते हैं। हालांकि उन्होंने इसे अस्थायी स्थिति बताते हुए कहा कि आने वाले मैचों में सुधार की पूरी संभावना है। टीम प्रबंधन लगातार उनके साथ काम कर रहा है और उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाए रखने पर जोर दे रहा है। दूसरी ओर, टीम के कप्तान अक्षर पटेल का प्रदर्शन भी बल्लेबाजी में खास प्रभाव नहीं छोड़ पाया है। इस पर भी कोच ने भरोसा जताते हुए कहा कि अनुभवी खिलाड़ी हमेशा अपने खेल में सुधार करने का रास्ता खोज लेते हैं। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि टीम के सभी खिलाड़ी अपनी जिम्मेदारियों को समझते हैं और आने वाले मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए तैयार हैं। टीम की मौजूदा स्थिति को देखते हुए हर मैच अब बेहद महत्वपूर्ण हो गया है। अंक तालिका में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए टीम को लगातार जीत हासिल करनी होगी। ऐसे में प्रमुख खिलाड़ियों का फॉर्म में लौटना बेहद जरूरी है, क्योंकि उनके प्रदर्शन पर ही टीम की सफलता काफी हद तक निर्भर करती है। आईपीएल 2026 में अहम भिड़ंत, कमजोर फॉर्म वाली एलएसजी के सामने मजबूत आरसीबी की चुनौती कुल मिलाकर, टीम का रुख यह दर्शाता है कि वह अपने खिलाड़ियों के साथ खड़ी है और मुश्किल समय में उनका मनोबल बढ़ाने पर ध्यान दे रही है। अब नजर इस बात पर है कि आने वाले मैचों में कुलदीप यादव किस तरह प्रदर्शन करते हैं और क्या वह अपनी पुरानी लय में लौटकर टीम के लिए अहम योगदान दे पाते हैं।
बदले हुए अंदाज में दिखे संजू सैमसन, शानदार फॉर्म पर दीप दासगुप्ता ने की जमकर तारीफ

नई दिल्ली। आईपीएल 2026 में संजू सैमसन का प्रदर्शन इस समय चर्चा का केंद्र बना हुआ है। उनकी बल्लेबाजी में जो आत्मविश्वास और निरंतरता नजर आ रही है, उसने क्रिकेट प्रेमियों के साथ-साथ पूर्व खिलाड़ियों को भी प्रभावित किया है। हाल ही में खेली गई उनकी एक शानदार पारी ने यह साबित कर दिया कि वह मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं। दिल्ली के खिलाफ खेले गए मुकाबले में सैमसन ने नाबाद 87 रन बनाकर अपनी टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। उनकी इस पारी में धैर्य और आक्रामकता का संतुलन देखने को मिला, जिसने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। वह शुरुआत से ही नियंत्रण में नजर आए और अंत तक टिके रहे। पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज दीप दासगुप्ता ने उनके इस प्रदर्शन की खुलकर सराहना की है। उन्होंने कहा कि अब वही रूप देखने को मिल रहा है, जिसकी उम्मीद लंबे समय से की जा रही थी। पहले सैमसन की बल्लेबाजी में प्रतिभा तो नजर आती थी, लेकिन निरंतरता की कमी उन्हें पीछे रखती थी। अब यह कमी दूर होती दिख रही है। उन्होंने यह भी कहा कि हाल के समय में सैमसन ने बड़े मुकाबलों में खुद को साबित किया है और दबाव की परिस्थितियों में बेहतर प्रदर्शन किया है। यह बदलाव उनके आत्मविश्वास को दर्शाता है और बताता है कि वह अब एक परिपक्व खिलाड़ी के रूप में उभर रहे हैं। दिल्ली के खिलाफ मैच में उनकी बल्लेबाजी इतनी प्रभावशाली रही कि ऐसा लगा जैसे वह बाकी खिलाड़ियों से अलग स्तर पर खेल रहे हों। उन्होंने गेंदबाजों को पूरी तरह दबाव में रखा और अपनी टीम को लक्ष्य तक आसानी से पहुंचाया। सीजन की शुरुआत उनके लिए कुछ खास नहीं रही थी, लेकिन उन्होंने जल्द ही अपनी लय हासिल कर ली। इसके बाद से उन्होंने लगातार अच्छी पारियां खेली हैं, जिसमें शतक और अर्धशतक शामिल हैं। उनकी इस वापसी ने टीम को भी मजबूती दी है। टीम की सफलता में सैमसन की भूमिका लगातार बढ़ती जा रही है। उनकी बल्लेबाजी के दम पर टीम ने कई महत्वपूर्ण मुकाबले जीते हैं और उन्होंने कई बार मैच का रुख अपने पक्ष में किया है। संजू सैमसन का यह प्रदर्शन उनके करियर के लिए एक अहम मोड़ साबित हो सकता है। यदि वह इसी तरह अपने खेल को बनाए रखते हैं, तो आने वाले समय में वह और भी बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं और टीम के लिए एक भरोसेमंद खिलाड़ी बनकर उभर सकते हैं।
आईपीएल 2026 में अहम भिड़ंत, कमजोर फॉर्म वाली एलएसजी के सामने मजबूत आरसीबी की चुनौती

नई दिल्ली। आईपीएल 2026 के रोमांचक मुकाबलों के बीच गुरुवार को लखनऊ सुपर जायंट्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच एक अहम टक्कर देखने को मिलेगी। यह मुकाबला ऐसे समय में हो रहा है जब दोनों टीमों की स्थिति बिल्कुल अलग है। लखनऊ की टीम जहां अंक तालिका में सबसे निचले स्थान पर संघर्ष कर रही है, वहीं बेंगलुरु की टीम प्लेऑफ की दहलीज पर खड़ी नजर आ रही है। लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए यह मुकाबला बेहद महत्वपूर्ण बन गया है, क्योंकि टीम लगातार हार के दौर से गुजर रही है। अब तक खेले गए मैचों में उम्मीद के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाने के कारण टीम का आत्मविश्वास प्रभावित हुआ है। बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों ही विभागों में अस्थिरता देखने को मिली है, जिसके चलते टीम को लगातार हार का सामना करना पड़ा। ऐसे में इस मैच में अच्छा प्रदर्शन करना लखनऊ के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है। दूसरी तरफ रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु इस मुकाबले में मजबूत स्थिति के साथ उतरेगी। टीम ने इस सीजन में संतुलित खेल का प्रदर्शन किया है और अधिकतर मुकाबलों में जीत हासिल कर अंक तालिका में ऊंचा स्थान बनाए रखा है। हालांकि पिछले मैच में टीम को हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन उसके बावजूद टीम का मनोबल ऊंचा है और वह इस मैच में वापसी करने के इरादे से मैदान में उतरेगी। दोनों टीमों के बीच पिछले मुकाबलों के आंकड़े भी बेंगलुरु के पक्ष में नजर आते हैं। आमने-सामने के रिकॉर्ड में बेंगलुरु का पलड़ा भारी रहा है, जिससे टीम को मनोवैज्ञानिक बढ़त मिल सकती है। वहीं लखनऊ के लिए यह एक अवसर होगा कि वह इस रिकॉर्ड को बदलते हुए नई शुरुआत करे। मैच का आयोजन इकाना स्टेडियम में होने जा रहा है, जहां की पिच अक्सर गेंदबाजों के लिए मददगार मानी जाती है। ऐसे में बल्लेबाजों को संयम और समझदारी के साथ खेलना होगा। दोनों टीमों के गेंदबाज इस परिस्थिति का फायदा उठाने की कोशिश करेंगे, जिससे मुकाबला और भी रोचक बन सकता है। लखनऊ की टीम में कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी मौजूद हैं, लेकिन उन्हें सामूहिक रूप से बेहतर प्रदर्शन करने की जरूरत है। वहीं बेंगलुरु के खिलाड़ी इस समय अच्छे फॉर्म में नजर आ रहे हैं और टीम का संतुलन भी मजबूत दिखाई देता है। यह मुकाबला सिर्फ अंक तालिका के लिहाज से ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि दोनों टीमों के लिए अलग-अलग मायने भी रखता है। जहां एक ओर बेंगलुरु अपनी जीत की लय को बरकरार रखते हुए प्लेऑफ में अपनी जगह पक्की करना चाहेगी, वहीं लखनऊ इस मुकाबले को जीतकर अपने खराब दौर को पीछे छोड़ने की कोशिश करेगी। क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह मुकाबला खास होने वाला है, क्योंकि इसमें संघर्ष, रणनीति और प्रदर्शन का अनोखा मिश्रण देखने को मिल सकता है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि कौन सी टीम इस चुनौतीपूर्ण मुकाबले में बेहतर प्रदर्शन कर जीत हासिल करती है।
'अक्षर का टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का निर्णय पूरी तरह गलत', प्लेऑफ की राह हुई और भी कठिन।

नई दिल्ली। आईपीएल 2026 के रोमांचक मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स के हाथों मिली करारी शिकस्त के बाद दिल्ली कैपिटल्स की रणनीति और कप्तानी तीखी आलोचनाओं के घेरे में है। मंगलवार शाम को खेले गए इस मैच में दिल्ली के कप्तान अक्षर पटेल ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था, जिसे क्रिकेट विशेषज्ञों ने आत्मघाती कदम करार दिया है। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व विश्व विजेता कप्तान आरोन फिंच ने इस फैसले पर हैरानी जताते हुए कहा कि आज के दौर में जब हर टीम के पास डेटा और एनालिटिक्स की पूरी शक्ति मौजूद है, तब इस तरह का निर्णय लेना समझ से परे है। फिंच के अनुसार, दिल्ली की टीम इस सीजन में बार-बार तकनीकी गलतियां कर रही है और इसी का नतीजा है कि शानदार शुरुआत के बाद भी टीम अब अंक तालिका में सातवें पायदान पर खिसक गई है। मैदान पर दिल्ली की टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में 7 विकेट खोकर मात्र 155 रन ही बना सकी। यह स्कोर चेन्नई जैसी मजबूत बल्लेबाजी वाली टीम को रोकने के लिए काफी नहीं था। जवाब में चेन्नई सुपर किंग्स ने मात्र 17.3 ओवरों में 2 विकेट के नुकसान पर 159 रन बनाकर 8 विकेट से एकतरफा जीत दर्ज की। फिंच ने इस बात पर जोर दिया कि खेल में हार-जीत सामान्य है, लेकिन रणनीतिक स्तर पर बार-बार होने वाली गलतियां चिंता का विषय हैं। उन्होंने कहा कि यह जानते हुए भी कि पहले बल्लेबाजी करना टीम के पक्ष में नहीं रहा है, फिर से वही गलती दोहराना अक्षर पटेल के नेतृत्व कौशल पर सवाल खड़े करता है। सीजन की शुरुआत लगातार दो जीत के साथ करने वाली दिल्ली कैपिटल्स के लिए अब प्लेऑफ की डगर बेहद मुश्किल नजर आ रही है। 10 मैचों में यह उनकी छठी हार थी और अब उन्हें न केवल अपने बाकी बचे सभी मैच जीतने होंगे, बल्कि बेहतर रन-रेट के लिए भी संघर्ष करना होगा। दिल्ली का अगला मुकाबला 8 मई को अरुण जेटली क्रिकेट स्टेडियम में कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ होना है। प्रशंसकों को उम्मीद है कि टीम अपनी पिछली गलतियों से सबक लेकर मैदान पर उतरेगी, अन्यथा प्लेऑफ का सपना इस बार भी अधूरा रह सकता है। फिंच की यह टिप्पणी दिल्ली के खेमे के लिए एक खतरे की घंटी है, जिसे सुधारना अब अनिवार्य हो गया है।