बेलफास्ट हिंसा से भारत के आयरलैंड दौरे पर संकट, वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू पर भी मंडराया खतरा

नई दिल्ली। भारत और आयरलैंड के बीच इस महीने होने वाली टी20 सीरीज पर अनिश्चितता के बादल छा गए हैं। उत्तरी आयरलैंड की राजधानी बेलफास्ट और आसपास के इलाकों में हाल ही में भड़की हिंसा ने सुरक्षा संबंधी चिंताओं को बढ़ा दिया है, जिसके चलते क्रिकेट आयरलैंड और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। फिलहाल सीरीज को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है, लेकिन मौजूदा हालात ने खिलाड़ियों, अधिकारियों और प्रशंसकों की चिंता बढ़ा दी है। भारतीय टीम को अफगानिस्तान के खिलाफ घरेलू श्रृंखला समाप्त करने के बाद आयरलैंड दौरे पर जाना है, जहां उसे दो मैचों की टी20 सीरीज खेलनी है। इसके बाद टीम इंग्लैंड दौरे के लिए रवाना होगी। ऐसे में आयरलैंड दौरा भारतीय टीम के कार्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। हालांकि बेलफास्ट में उत्पन्न सुरक्षा संकट ने इस पूरे कार्यक्रम को प्रभावित करने की आशंका पैदा कर दी है। उत्तरी आयरलैंड में हालात उस समय बिगड़ गए जब एक चाकूबाजी की घटना के बाद सामाजिक और नस्ली तनाव बढ़ गया। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के अनुसार घटना के बाद कई क्षेत्रों में हिंसक प्रदर्शन शुरू हो गए। प्रदर्शनकारियों द्वारा वाहनों में आग लगाने, दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचाने तथा सार्वजनिक संपत्तियों को निशाना बनाने की खबरें सामने आईं। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं और कई गतिविधियों पर असर पड़ा। इसी क्रम में लिस्बर्न में आयोजित होने वाला इंटर-प्रोविंशियल टी20 फेस्टिवल भी रद्द कर दिया गया। क्रिकेट आयरलैंड ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि वह प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है। बोर्ड ने स्पष्ट किया कि खिलाड़ियों, कोचों, मैच अधिकारियों और दर्शकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। साथ ही यह भी कहा गया कि आयरिश सीनियर कप और नेशनल कप के मैचों को लेकर अगले कुछ दिनों में स्थिति की समीक्षा के बाद फैसला लिया जाएगा। क्रिकेट आयरलैंड का कहना है कि वह स्थानीय प्रशासन और संबंधित एजेंसियों के साथ लगातार संपर्क में है और जैसे-जैसे नई जानकारी सामने आएगी, उसके अनुसार निर्णय लिया जाएगा। इस बयान से साफ है कि बोर्ड फिलहाल कोई जोखिम लेने के मूड में नहीं है। दूसरी ओर, बीसीसीआई भी हालात पर करीबी नजर रखे हुए है। रिपोर्टों के अनुसार भारतीय बोर्ड ने सुरक्षा से जुड़े हर पहलू की समीक्षा शुरू कर दी है। बीसीसीआई के सूत्रों का कहना है कि मैचों के आयोजन स्थल को लेकर अंतिम फैसला क्रिकेट आयरलैंड को करना है। यदि आयरलैंड बोर्ड किसी बदलाव का प्रस्ताव रखता है तो भारतीय बोर्ड उस पर विचार करेगा। इस अनिश्चितता का असर भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी पर भी पड़ सकता है। माना जा रहा है कि आयरलैंड दौरे पर उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण का मौका मिल सकता था। यदि सीरीज स्थगित होती है, रद्द होती है या कार्यक्रम में बड़ा बदलाव किया जाता है, तो उनके डेब्यू का इंतजार और लंबा हो सकता है। हालांकि अभी तक किसी भी बोर्ड ने सीरीज को रद्द करने या स्थानांतरित करने की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। दोनों क्रिकेट बोर्ड स्थिति का मूल्यांकन कर रहे हैं और सुरक्षा एजेंसियों की सलाह का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में क्रिकेट प्रेमियों की नजरें अब आने वाले दिनों पर टिकी हैं, जब इस महत्वपूर्ण टी20 श्रृंखला के भविष्य को लेकर अंतिम फैसला सामने आ सकता है। फिलहाल इतना तय है कि खिलाड़ियों की सुरक्षा सर्वोपरि रहेगी और उसी के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
श्रीलंका दौरे के लिए घोषित हुई जूनियर टीम इंडिया, विकेटकीपर-बल्लेबाज अन्वय द्रविड़ को मिली जगह

नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट के इतिहास में ‘द वॉल’ के नाम से मशहूर पूर्व महान कप्तान राहुल द्रविड़ के परिवार से एक और प्रतिभावान खिलाड़ी ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी दस्तक दे दी है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की जूनियर चयन समिति ने अगले महीने से शुरू होने वाले श्रीलंका दौरे के लिए भारत की पुरुष अंडर-19 टीम का आधिकारिक तौर पर एलान कर दिया है। इस घोषित टीम में राहुल द्रविड़ के छोटे बेटे अन्वय द्रविड़ को पहली बार भारतीय अंडर-19 वनडे टीम में शामिल किया गया है। 17 वर्षीय युवा विकेटकीपर-बल्लेबाज को घरेलू क्रिकेट के आयु वर्ग में लगातार बेहतरीन खेल दिखाने का यह सबसे बड़ा पुरस्कार मिला है। शरत श्रीधरन की अगुवाई वाली जूनियर राष्ट्रीय चयन समिति ने श्रीलंका के खिलाफ होने वाली तीन वनडे मैचों की सीरीज और दो मल्टी-डे मुकाबलों के लिए दो अलग-अलग टीमों का चयन किया है। आगामी दौरा 4 जुलाई 2026 से श्रीलंका के हंबनटोटा मैदान पर शुरू होने जा रहा है। मध्य प्रदेश क्रिकेट संघ से जुड़े होनहार खिलाड़ी यशवर्धन सिंह चौहान को चयनकर्ताओं ने इस महत्वपूर्ण दौरे के लिए वनडे टीम की कप्तानी सौंपकर उन पर बड़ा भरोसा जताया है, जबकि लक्ष्य रायचंदानी को टीम का उपकप्तान नियुक्त किया गया है। राष्ट्रीय चयनकर्ताओं की नजरें इस दौरे के माध्यम से युवा खिलाड़ियों की क्षमता को परखने पर टिकी हैं। अन्वय द्रविड़ को मुख्य रूप से 15 सदस्यीय वनडे टीम में बतौर विकेटकीपर-बल्लेबाज शामिल किया गया है, जहां उनके साथ रजत बघेल दूसरे विकेटकीपर के विकल्प के रूप में मौजूद रहेंगे। अन्वय के बड़े भाई समित द्रविड़ भी कर्नाटक की अंडर-19 टीम की तरफ से घरेलू क्रिकेट खेल चुके हैं, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर जूनियर टीम इंडिया की नीली जर्सी पहनने का मौका पाने वाले अन्वय अपने परिवार के पहले युवा सदस्य बन गए हैं। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी रूप से सक्षम इस युवा खिलाड़ी में अपने पिता की तरह लंबी और धैर्यपूर्ण पारियां खेलने की अद्भुत क्षमता मौजूद है। घरेलू स्तर पर अन्वय द्रविड़ के हालिया आंकड़ों पर नजर डालें तो वे लगातार चयनकर्ताओं के रडार पर बने हुए थे। हाल ही में आयोजित हुई वीनू मांकड़ ट्रॉफी में उन्होंने कर्नाटक अंडर-19 टीम की कप्तानी की जिम्मेदारी संभालते हुए टीम को क्वार्टर फाइनल तक पहुंचाने में मुख्य भूमिका अदा की थी। इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट की छह पारियों में शानदार बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने 220 रन बनाए थे। टूर्नामेंट के दौरान हिमाचल प्रदेश के खिलाफ एक बेहद दबाव वाले मैच की दूसरी पारी में उन्होंने नाबाद 82 रनों की मैच जिताऊ पारी खेली थी, जिसने राष्ट्रीय चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर मजबूती से आकर्षित किया था। इससे पूर्व वे अंडर-16 विजय मर्चेंट ट्रॉफी में भी शानदार शतक जमा चुके हैं। भारतीय क्रिकेट बोर्ड के राष्ट्रीय चयनकर्ता इस आगामी श्रीलंका दौरे को वर्ष 2028 में आयोजित होने वाले अंडर-19 विश्व कप की तैयारियों के शुरुआती रोडमैप के रूप में देख रहे हैं। चूंकि अन्वय द्रविड़ की उम्र वर्तमान में केवल 17 वर्ष है, इसलिए वे दो साल बाद होने वाले अगले आईसीसी अंडर-19 विश्व कप में खेलने के लिए पूरी तरह पात्र रहेंगे। ऐसे में श्रीलंका की चुनौतीपूर्ण पिचों और उपमहाद्वीपीय परिस्थितियों में मिलने वाला यह अंतर्राष्ट्रीय अनुभव उनके क्रिकेट कौशल को और अधिक निखारने में बेहद गेम-चेंजर साबित हो सकता है। भारतीय जूनियर टीम जून के अंतिम सप्ताह में पड़ोसी देश श्रीलंका के लिए उड़ान भरेगी। प्रतियोगिता के तय कार्यक्रम के अनुसार, भारत और श्रीलंका के बीच पहला वनडे मैच 4 जुलाई को हंबनटोटा में खेला जाएगा, जिसके बाद दूसरा और तीसरा वनडे क्रमशः 6 और 9 जुलाई को इसी मैदान पर आयोजित होगा। सीमित ओवरों की यह सीरीज समाप्त होने के बाद दोनों देशों के बीच गॉल और कोलंबो के ऐतिहासिक मैदानों पर चार दिवसीय मल्टी-डे मैच खेले जाएंगे। भारतीय क्रिकेट के फैंस के साथ-साथ तमाम विश्लेषकों की निगाहें अब यशवर्धन सिंह चौहान की कप्तानी और विकेट के पीछे तथा आगे अन्वय द्रविड़ के प्रदर्शन पर टिकी रहने वाली हैं।
FIFA वर्ल्ड कप 2026 का धमाकेदार आगाज: मेजबान मेक्सिको ने दक्षिण अफ्रीका को 2-0 से हराया

नई दिल्ली। फीफा वर्ल्ड कप 2026 का आगाज मेजबान मेक्सिको के लिए किसी सपने से कम नहीं रहा। दुनिया के सबसे बड़े फुटबॉल टूर्नामेंट के उद्घाटन मुकाबले में मेक्सिको ने दक्षिण अफ्रीका को 2-0 से हराकर अपने अभियान की विजयी शुरुआत की। ऐतिहासिक एजटेका स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले को देखने के लिए 80 हजार से अधिक दर्शक मौजूद रहे, जिन्होंने अपनी टीम का पूरे जोश के साथ समर्थन किया। मैच की शुरुआत से ही मेक्सिको ने आक्रामक तेवर अपनाए और दक्षिण अफ्रीका की टीम पर लगातार दबाव बनाए रखा। घरेलू दर्शकों के उत्साह से भरी मेक्सिकन टीम ने नौवें मिनट में ही बढ़त हासिल कर ली। सऊदी प्रो लीग में शानदार प्रदर्शन करने वाले जूलियन क्विनोनेस ने मौके का पूरा फायदा उठाते हुए गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचाया और मेक्सिको को 1-0 की बढ़त दिला दी। इस गोल के बाद स्टेडियम तालियों और नारों से गूंज उठा। पहले हाफ में दक्षिण अफ्रीका ने वापसी की कोशिश जरूर की, लेकिन मेक्सिको की मजबूत रक्षापंक्ति और मिडफील्ड ने उसके सभी प्रयासों को नाकाम कर दिया। मेक्सिको लगातार आक्रमण करता रहा और दूसरे हाफ में भी उसने अपना दबदबा कायम रखा। मैच के 66वें मिनट में अनुभवी स्ट्राइकर राउल जिमेनेज ने शानदार हेडर के जरिए दूसरा गोल दागकर मेक्सिको की बढ़त दोगुनी कर दी। यह उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का 46वां गोल था। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने मेक्सिको के महान स्ट्राइकर जारेड बॉर्गेटी की बराबरी कर ली। अब वह देश के सर्वकालिक शीर्ष गोलस्कोरर जेवियर “चिचारिटो” हर्नांडेज़ से केवल छह गोल पीछे हैं। इस मुकाबले में कोलंबिया में जन्मे 29 वर्षीय जूलियन क्विनोनेस भी आकर्षण का केंद्र रहे। मेक्सिको की राष्ट्रीय टीम के लिए यह उनका पहला विश्व कप मुकाबला था और उन्होंने अपने डेब्यू को गोल के साथ यादगार बना दिया। क्विनोनेस उन छह खिलाड़ियों में शामिल रहे जिन्होंने इस मैच के जरिए विश्व कप मंच पर पहला कदम रखा। मैच के दौरान अनुशासनहीनता के भी कई दृश्य देखने को मिले। दक्षिण अफ्रीका के स्पेफेलो सिथोल और थेम्बा ज्वाने को रेड कार्ड दिखाया गया, जिसके कारण टीम को मैच के अंतिम चरण में केवल नौ खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा। वहीं इंजरी टाइम में मेक्सिको के डिफेंडर सीजर मोंटेस को भी रेड कार्ड मिला। इसके बावजूद दक्षिण अफ्रीका मेक्सिको की बढ़त को कम नहीं कर सकी और मुकाबला 2-0 से हार गई। यह जीत मेक्सिको के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि 2022 के कतर विश्व कप में टीम ग्रुप चरण से आगे नहीं बढ़ पाई थी। ऐसे में घरेलू मैदान पर विश्व कप अभियान की जीत से शुरुआत टीम के आत्मविश्वास को नई मजबूती देगी। गौरतलब है कि फीफा वर्ल्ड कप 2026 कई मायनों में ऐतिहासिक है। पहली बार टूर्नामेंट में 48 टीमें हिस्सा ले रही हैं। इसके अलावा मेक्सिको, कनाडा और अमेरिका संयुक्त रूप से इस विश्व कप की मेजबानी कर रहे हैं। फुटबॉल प्रेमियों के लिए यह विश्व कप अब तक का सबसे बड़ा और भव्य आयोजन माना जा रहा है। मेक्सिको की जीत ने टूर्नामेंट को रोमांचक शुरुआत दी है और अब दुनिया भर के फुटबॉल प्रशंसकों की नजरें आगामी मुकाबलों पर टिकी हुई हैं।
2029 चैंपियंस लीग फाइनल की मेजबानी की दौड़ में बार्सिलोना, यूईएफए को सौंपी आधिकारिक बोली

नई दिल्ली। यूरोपीय फुटबॉल के सबसे प्रतिष्ठित क्लब टूर्नामेंट यूईएफए चैंपियंस लीग के 2029 फाइनल की मेजबानी को लेकर प्रतिस्पर्धा तेज हो गई है। स्पेन के दिग्गज फुटबॉल क्लब एफसी बार्सिलोना ने आधिकारिक तौर पर यूईएफए को अपनी बोली और विस्तृत जानकारी वाली फाइल सौंप दी है। इसके साथ ही क्लब ने 2029 चैंपियंस लीग फाइनल की मेजबानी हासिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। एफसी बार्सिलोना ने यह प्रस्ताव बार्सिलोना सिटी काउंसिल, कैटेलोनिया सरकार और रॉयल स्पैनिश फुटबॉल फेडरेशन (आरएफईएफ) के सहयोग से तैयार किया है। ये सभी संस्थाएं इस परियोजना में मेजबान और सह-आयोजक की भूमिका निभा रही हैं। क्लब का कहना है कि प्रस्ताव में यूईएफए द्वारा निर्धारित सभी तकनीकी, संस्थागत और अनुबंध संबंधी आवश्यकताओं को पूरा किया गया है। क्लब की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि जमा की गई फाइल में आयोजन से जुड़ी सभी आवश्यक गारंटी शामिल हैं। इसमें स्पॉटिफाई कैंप नोउ स्टेडियम और बार्सिलोना शहर की आयोजन क्षमता, सुरक्षा व्यवस्था, परिवहन सुविधाएं, आवास व्यवस्था और बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की मेजबानी के अनुभव को विस्तार से प्रस्तुत किया गया है। बार्सिलोना ने अपने प्रस्ताव में विशेष रूप से स्पॉटिफाई कैंप नोउ को केंद्र में रखा है। क्लब का मानना है कि वर्तमान में चल रहे पुनर्निर्माण और आधुनिकीकरण कार्यों के बाद यह स्टेडियम दुनिया के सबसे आधुनिक, तकनीकी रूप से उन्नत और प्रतिष्ठित खेल परिसरों में शामिल हो जाएगा। क्षमता के लिहाज से भी कैंप नोउ यूरोप के सबसे बड़े स्टेडियमों में गिना जाता है और लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल के महत्वपूर्ण मुकाबलों की मेजबानी करता रहा है। क्लब ने अपने बयान में कहा है कि कैंप नोउ का इतिहास, उसकी विरासत और आधुनिक सुविधाओं का संयोजन उसे यूईएफए चैंपियंस लीग फाइनल जैसे बड़े आयोजन के लिए आदर्श स्थल बनाता है। बार्सिलोना शहर को भी खेल आयोजनों की सफल मेजबानी के लिए दुनिया भर में पहचान प्राप्त है। ओलंपिक खेलों से लेकर कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं तक, शहर ने बार-बार अपनी आयोजन क्षमता साबित की है। अब बोली प्रक्रिया का अगला चरण यूईएफए के हाथों में है। यूरोपीय फुटबॉल की सर्वोच्च संस्था विभिन्न शहरों और स्टेडियमों से प्राप्त प्रस्तावों का मूल्यांकन करेगी। मूल्यांकन के दौरान बुनियादी ढांचे, सुरक्षा, दर्शक क्षमता, परिवहन नेटवर्क और आयोजन अनुभव जैसे कई मानकों को ध्यान में रखा जाएगा। रिपोर्ट्स के अनुसार, 2029 यूईएफए चैंपियंस लीग फाइनल के मेजबान स्थल की घोषणा इस वर्ष की अंतिम तिमाही में की जा सकती है। यदि बार्सिलोना की बोली सफल रहती है, तो यह क्लब और शहर दोनों के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी तथा लाखों फुटबॉल प्रशंसकों को यूरोप के सबसे बड़े क्लब फुटबॉल मुकाबले का रोमांच ऐतिहासिक कैंप नोउ में देखने का अवसर मिलेगा।
श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय महिला अंडर-19 टीम का ऐलान, भाविका अहिरे को सौंपी गई कप्तानी

नई दिल्ली।भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने श्रीलंका के खिलाफ प्रस्तावित अंडर-19 महिला टी20 और वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीमों की घोषणा कर दी है। आगामी सीरीज के लिए युवा विकेटकीपर-बल्लेबाज भाविका अहिरे को दोनों प्रारूपों में टीम की कप्तानी सौंपी गई है। वहीं, महाक नरवासे को उपकप्तान की जिम्मेदारी दी गई है। यह सीरीज भारतीय महिला क्रिकेट के उभरते सितारों के लिए अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण मंच साबित हो सकती है। पिछले कुछ वर्षों में भारतीय महिला क्रिकेट की जूनियर संरचना ने कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को तैयार किया है, जिन्होंने आगे चलकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। ऐसे में श्रीलंका के खिलाफ यह दौरा खिलाड़ियों के विकास और चयनकर्ताओं के मूल्यांकन की दृष्टि से काफी अहम माना जा रहा है। चयनकर्ताओं ने टी20 और वनडे दोनों टीमों में कई खिलाड़ियों पर भरोसा कायम रखा है। ईरा जाधव, ईश्वरी अवसरे, पूर्वा सिवाच, कुमारी पालक, काश्वी कंडीकुप्पा, गौरी गोयल, जान्हवी वीरकर और अनादि तागड़े जैसे खिलाड़ियों को दोनों प्रारूपों में मौका मिला है। इससे टीम में संतुलन और निरंतरता बनाए रखने का प्रयास दिखाई देता है। बीसीसीआई का मानना है कि इस तरह की अंतरराष्ट्रीय सीरीज युवा खिलाड़ियों को बड़े मंच पर खेलने का अनुभव देती हैं। साथ ही उन्हें दबाव में प्रदर्शन करने और प्रतिस्पर्धी क्रिकेट की चुनौतियों को समझने का अवसर भी मिलता है। आगामी अंडर-19 महिला विश्व कप और भविष्य की सीनियर भारतीय टीम को ध्यान में रखते हुए यह सीरीज चयनकर्ताओं के लिए भी महत्वपूर्ण होगी। टी20 टीम में कप्तान भाविका अहिरे के अलावा ईरा जाधव, तनिष्का शर्मा, ईश्वरी अवसरे, अवनी चावड़ा, महतो निधि, पूर्वा सिवाच, कुमारी पालक, महाक नरवासे, काश्वी कंडीकुप्पा, मनियार मैत्री, गौरी गोयल, जान्हवी वीरकर, अनादि तागड़े और के दीक्षा को शामिल किया गया है। वहीं वनडे टीम में भाविका अहिरे, ईरा जाधव, दीया यादव, ईश्वरी अवसरे, वी प्रतीक्षा, महतो निधि, पूर्वा सिवाच, कुमारी पालक, महाक नरवासे, काश्वी कंडीकुप्पा, विधि परमार, गौरी गोयल, जान्हवी वीरकर, अनादि तागड़े और के दीक्षा को जगह मिली है। टी20 सीरीज के सभी मुकाबले चेन्नई में खेले जाएंगे। पहला टी20 22 जून, दूसरा 24 जून और तीसरा मुकाबला 27 जून को आयोजित होगा। इसके बाद दोनों टीमों के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज पुडुचेरी में खेली जाएगी। वनडे सीरीज का पहला मुकाबला 30 जून, दूसरा 3 जुलाई और तीसरा 6 जुलाई को होगा। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यह सीरीज भारतीय महिला क्रिकेट के भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। युवा खिलाड़ियों के पास अपनी प्रतिभा साबित करने और राष्ट्रीय चयनकर्ताओं का ध्यान आकर्षित करने का सुनहरा अवसर होगा।
प्रभसिमरन और तिलक का बल्ला गरजा, अफगानिस्तान ए के खिलाफ भारत ए ने खड़ा किया 349 रन का विशाल स्कोर

नई दिल्ली। ट्राई सीरीज के दूसरे मुकाबले में भारत ए के बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अफगानिस्तान ए के खिलाफ विशाल स्कोर खड़ा कर दिया। बारिश से प्रभावित इस मुकाबले में भारतीय टीम ने निर्धारित 49 ओवरों में 9 विकेट के नुकसान पर 349 रन बनाए। टीम की ओर से प्रभसिमरन सिंह, ऋतुराज गायकवाड़ और कप्तान तिलक वर्मा ने प्रभावशाली अर्धशतकीय पारियां खेलीं। टॉस गंवाने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारत ए की शुरुआत बेहद आक्रामक रही। युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी और प्रभसिमरन सिंह ने पहले विकेट के लिए तेज गति से रन जुटाते हुए महज 7.1 ओवर में 74 रन जोड़ दिए। वैभव ने शुरुआत से ही अफगान गेंदबाजों पर दबाव बनाया और केवल 22 गेंदों में 44 रन की विस्फोटक पारी खेली। अपनी पारी में उन्होंने 9 आकर्षक चौके लगाए। हालांकि, वह अर्धशतक से पहले ही आउट हो गए और बड़ी पारी खेलने का मौका गंवा बैठे। वैभव के आउट होने के बाद प्रियांश आर्या भी ज्यादा देर टिक नहीं सके और सिर्फ 8 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। इसके बाद ऋतुराज गायकवाड़ और प्रभसिमरन सिंह ने पारी को संभालते हुए तीसरे विकेट के लिए महत्वपूर्ण साझेदारी निभाई। दोनों बल्लेबाजों ने 74 गेंदों में 79 रन जोड़कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। ऋतुराज ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाते हुए 80 गेंदों पर 66 रन बनाए। दूसरी ओर प्रभसिमरन सिंह ने शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया और अफगान गेंदबाजों की जमकर खबर ली। उन्होंने 69 गेंदों में 84 रन की तेजतर्रार पारी खेली, जिसमें 14 चौके शामिल रहे। हालांकि, वह अपने शतक से 16 रन दूर रह गए। उनकी पारी भारत ए की बड़ी स्कोरिंग की नींव साबित हुई। मध्यक्रम में आयुष बदोनी बिना खाता खोले आउट हो गए, लेकिन कप्तान तिलक वर्मा ने जिम्मेदारी संभालते हुए टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। तिलक ने 73 गेंदों में 66 रन बनाए और अपनी पारी में पांच चौके जड़े। उन्होंने पारी को स्थिरता प्रदान करने के साथ-साथ अंतिम ओवरों में रन गति भी बनाए रखी। अंतिम ओवरों में सूर्यांश शेडगे ने तेज बल्लेबाजी करते हुए 27 गेंदों में 40 रन बनाए। उनकी पारी में दो चौके और दो छक्के शामिल रहे। अनुकूल रॉय ने भी उपयोगी योगदान देते हुए 8 गेंदों में नाबाद 16 रन बनाए, जिसमें दो चौके और एक छक्का शामिल था। विपराज निगम ने तीन गेंदों पर आठ रन जोड़कर टीम के स्कोर को 349 तक पहुंचाने में मदद की। अफगानिस्तान ए की ओर से गेंदबाजी में अब्दुल्ला अहमदजई सबसे सफल रहे। उन्होंने 9 ओवर में 68 रन देकर पांच विकेट हासिल किए। फरमानुल्लाह साफी ने तीन विकेट झटके, जबकि कप्तान इमरान मीर को एक सफलता मिली। भारत ए के बल्लेबाजों के दमदार प्रदर्शन ने टीम को मुकाबले में मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया है। अब सभी की नजरें अफगानिस्तान ए की बल्लेबाजी पर होंगी कि वह इस विशाल लक्ष्य का पीछा किस तरह करती है।
बेन स्टोक्स फिर विवादों में: नए आरोपों के बीच इंग्लैंड के स्टार ऑलराउंडर के भविष्य पर उठे सवाल

नई दिल्ली। इंग्लैंड क्रिकेट टीम के कप्तान और विश्व क्रिकेट के सबसे प्रभावशाली ऑलराउंडरों में गिने जाने वाले बेन स्टोक्स एक बार फिर विवादों के कारण सुर्खियों में हैं। मैदान पर अपने जुझारू प्रदर्शन और बड़े मुकाबलों में मैच जिताने की क्षमता के लिए मशहूर स्टोक्स का करियर कई बार विवादों की वजह से भी चर्चा में रहा है। अब एक नए कथित विवाद ने उनके भविष्य को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लॉर्ड्स में न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में इंग्लैंड की जीत के बाद टीम के कुछ खिलाड़ी जश्न मनाने के लिए पब और नाइट क्लब पहुंचे थे। इसी दौरान कथित रूप से बेन स्टोक्स और तेज गेंदबाज गस एटकिंसन का कुछ अन्य खिलाड़ियों के साथ विवाद हो गया। कुछ रिपोर्ट्स में मारपीट जैसी घटना का भी दावा किया गया है। हालांकि, इस मामले को लेकर संबंधित अधिकारियों की ओर से विस्तृत आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है और मामले की स्थिति को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि आगामी टेस्ट मैच के लिए स्टोक्स और एटकिंसन को टीम से बाहर रखा गया है तथा कप्तानी की जिम्मेदारी जो रूट को सौंपी गई है। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि और जांच के नतीजों का इंतजार किया जा रहा है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आरोपों की पुष्टि होती है तो इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड को अनुशासनात्मक कार्रवाई पर विचार करना पड़ सकता है। बेन स्टोक्स का नाम इससे पहले भी कई विवादों से जुड़ चुका है। वर्ष 2017 में एक नाइट क्लब के बाहर हुई कथित मारपीट की घटना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी सुर्खियां बटोरी थीं। उस मामले में कानूनी प्रक्रिया भी चली थी और स्टोक्स को लंबे समय तक सार्वजनिक आलोचना का सामना करना पड़ा था। इसके अलावा 2013 में भी अनुशासन संबंधी कारणों से उन्हें इंग्लैंड लायंस टीम के दौरे से वापस भेजा गया था। हालिया घटनाक्रम के बाद इंग्लैंड क्रिकेट में खिलाड़ियों के अनुशासन और सार्वजनिक आचरण को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है। क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि आधुनिक दौर में खिलाड़ियों की मैदान के बाहर की गतिविधियां भी उतनी ही महत्वपूर्ण हो गई हैं जितना उनका खेल प्रदर्शन। ऐसे में किसी भी वरिष्ठ खिलाड़ी पर लगे आरोप टीम की छवि और माहौल दोनों को प्रभावित कर सकते हैं। दिलचस्प बात यह है कि इंग्लैंड क्रिकेट के कई दिग्गज ऑलराउंडर अपने करियर के दौरान विवादों का सामना कर चुके हैं। एंड्रयू फ्लिंटॉफ और इयान बॉथम जैसे महान खिलाड़ियों के नाम भी अतीत में अनुशासन संबंधी मामलों के कारण चर्चा में रहे हैं। हालांकि, उन्होंने बाद में अपने प्रदर्शन से क्रिकेट जगत में विशेष पहचान बनाई। फिलहाल सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि बेन स्टोक्स से जुड़े ताजा मामले में जांच क्या निष्कर्ष निकालती है और इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड आगे क्या कदम उठाता है। क्रिकेट प्रशंसकों को उम्मीद होगी कि स्थिति जल्द स्पष्ट होगी और खेल का ध्यान फिर मैदान पर लौटेगा।
महिला टी20 विश्व कप की सबसे अनुभवी सितारे: उम्र को मात देकर मैदान में चमकीं ये दिग्गज खिलाड़ी

नई दिल्ली । महिला टी20 विश्व कप 2026 की शुरुआत 12 जून से इंग्लैंड में होने जा रही है। क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें एक बार फिर दुनिया की सर्वश्रेष्ठ महिला खिलाड़ियों पर टिकी हैं। इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में जहां युवा प्रतिभाएं अपनी छाप छोड़ने को तैयार हैं, वहीं कई अनुभवी खिलाड़ियों ने भी वर्षों तक अपने प्रदर्शन और नेतृत्व क्षमता से महिला क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। पिछले संस्करणों में कुछ ऐसी खिलाड़ी भी मैदान पर उतरीं जिन्होंने उम्र को महज एक संख्या साबित करते हुए शानदार खेल का प्रदर्शन किया। इस सूची में सबसे ऊपर श्रीलंका की तेज गेंदबाज उदेशिका प्रबोधनी का नाम आता है। उन्होंने महिला टी20 विश्व कप 2024 में 40 वर्ष की आयु में हिस्सा लिया था। प्रबोधनी लंबे समय तक श्रीलंका की गेंदबाजी आक्रमण की अहम कड़ी रहीं और देश के लिए कई महत्वपूर्ण मुकाबलों में योगदान दिया। अपने अंतरराष्ट्रीय टी20 करियर में उन्होंने 100 से अधिक मैच खेलते हुए 84 विकेट हासिल किए। हालांकि, आगामी विश्व कप के लिए उन्हें श्रीलंकाई टीम में जगह नहीं मिली है। श्रीलंका की ही अनुभवी स्पिन गेंदबाज इनोका रणवीरा इस सूची में दूसरे स्थान पर हैं। रणवीरा ने 2024 के विश्व कप में 38 वर्ष की उम्र में हिस्सा लिया था। उन्होंने अपने करियर में 90 से अधिक टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेलते हुए लगभग 100 विकेट हासिल किए हैं। उनकी सटीक लाइन-लेंथ और दबाव में गेंदबाजी करने की क्षमता ने श्रीलंका को कई महत्वपूर्ण मौकों पर सफलता दिलाई। न्यूजीलैंड की स्टार बल्लेबाज सूजी बेट्स भी महिला क्रिकेट की सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में शामिल हैं। 2024 के टी20 विश्व कप में उन्होंने 37 वर्ष की आयु में हिस्सा लिया और अपने शानदार प्रदर्शन से टीम को खिताब दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बेट्स लंबे समय से न्यूजीलैंड महिला क्रिकेट की पहचान रही हैं और उनके नाम कई रिकॉर्ड दर्ज हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया है कि 2026 विश्व कप के बाद वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से विदाई ले सकती हैं। वेस्टइंडीज की अनुभवी स्पिनर एफी फ्लेचर भी 37 वर्ष की उम्र में टी20 विश्व कप का हिस्सा रही थीं। फ्लेचर को उनकी प्रभावी स्पिन गेंदबाजी और मैच का रुख बदलने की क्षमता के लिए जाना जाता है। कैरेबियाई टीम की सफलता में उनका योगदान लगातार महत्वपूर्ण रहा है और वह आज भी टीम की प्रमुख गेंदबाजों में गिनी जाती हैं। भारत की कप्तान हरमनप्रीत कौर भी इस सूची में शामिल हैं। उन्होंने 2024 के विश्व कप में 35 वर्ष की आयु में भाग लिया था। हरमनप्रीत भारतीय महिला क्रिकेट की सबसे प्रभावशाली खिलाड़ियों में से एक मानी जाती हैं। उनकी कप्तानी में भारतीय टीम ने कई यादगार जीत दर्ज की हैं। हालांकि, 2024 विश्व कप भारतीय टीम के लिए उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा और टीम ग्रुप चरण से आगे नहीं बढ़ सकी। इसी आयु वर्ग में न्यूजीलैंड की सोफी डिवाइन भी शामिल रही थीं। ऑस्ट्रेलिया की दिग्गज ऑलराउंडर एलिसा पेरी ने 33 वर्ष की आयु में 2024 विश्व कप खेला था। महिला क्रिकेट के इतिहास की सबसे सफल खिलाड़ियों में शुमार पेरी के नाम विश्व कप में सबसे अधिक मैच खेलने का रिकॉर्ड भी दर्ज है। उन्होंने बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में ऑस्ट्रेलिया को कई बड़ी सफलताएं दिलाई हैं। इन खिलाड़ियों की मौजूदगी यह साबित करती है कि अनुभव, फिटनेस और समर्पण के दम पर खिलाड़ी लंबे समय तक शीर्ष स्तर पर प्रदर्शन कर सकते हैं। महिला क्रिकेट के विकास में इन दिग्गज खिलाड़ियों का योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा।
महिला टी20 विश्व कप 2026: क्यों इस बार खिताब की सबसे मजबूत दावेदार मानी जा रही है भारतीय टीम?

नई दिल्ली । महिला टी20 विश्व कप 2026 के शुरू होने में अब बेहद कम समय बचा है और क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें दुनिया की शीर्ष टीमों पर टिकी हुई हैं। इंग्लैंड की मेजबानी में आयोजित होने वाले इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में भारतीय महिला टीम को खिताब के सबसे मजबूत दावेदारों में गिना जा रहा है। कप्तान हरमनप्रीत कौर के नेतृत्व में टीम अनुभव, युवा जोश और संतुलित संयोजन के साथ मैदान में उतरने जा रही है। भारतीय टीम अपने अभियान की शुरुआत 14 जून को पाकिस्तान के खिलाफ करेगी। पिछले कुछ महीनों में टीम के प्रदर्शन और खिलाड़ियों की फॉर्म को देखते हुए विशेषज्ञों और क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि इस बार भारत के पास विश्व कप जीतने का सुनहरा अवसर है। भारतीय टीम की सबसे बड़ी ताकत उसका मजबूत बल्लेबाजी क्रम माना जा रहा है। सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना शानदार लय में हैं। दोनों खिलाड़ियों का इंग्लैंड की परिस्थितियों में अच्छा रिकॉर्ड रहा है और वे किसी भी गेंदबाजी आक्रमण पर दबाव बनाने की क्षमता रखती हैं। शीर्ष क्रम में उनकी सफल शुरुआत टीम को मजबूत आधार प्रदान कर सकती है। मध्यक्रम में जेमिमा रोड्रिग्स की मौजूदगी भारतीय बल्लेबाजी को अतिरिक्त मजबूती देती है। जेमिमा संकट के समय पारी को संभालने और रन गति बनाए रखने के लिए जानी जाती हैं। वहीं कप्तान हरमनप्रीत कौर बड़े मैचों की खिलाड़ी मानी जाती हैं और अपने दम पर मुकाबले का रुख बदलने की क्षमता रखती हैं। हाल के मुकाबलों में उनकी बल्लेबाजी लय भी टीम प्रबंधन के लिए सकारात्मक संकेत है। भारतीय टीम के लिए विकेटकीपर बल्लेबाज ऋचा घोष भी अहम भूमिका निभा सकती हैं। सीमित ओवरों के क्रिकेट में उन्होंने कई मौकों पर विस्फोटक बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया है। डेथ ओवरों में तेजी से रन बनाने की उनकी क्षमता भारत को अतिरिक्त बढ़त दिला सकती है। इंग्लैंड के खिलाफ अभ्यास मुकाबले में उनकी आक्रामक पारी ने यह संकेत भी दिया है कि वह टूर्नामेंट में विपक्षी टीमों के लिए बड़ा खतरा बन सकती हैं। गेंदबाजी विभाग की बात करें तो इंग्लैंड की परिस्थितियों में तेज गेंदबाजों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण रहने वाली है। भारतीय टीम के पास रेणुका सिंह, क्रांति गौड़ और नंदिनी शर्मा जैसी प्रतिभाशाली गेंदबाज मौजूद हैं। नई गेंद से विकेट निकालने और मध्य ओवरों में दबाव बनाने की उनकी क्षमता टीम की बड़ी ताकत मानी जा रही है। इसके अलावा भारत का स्पिन आक्रमण भी बेहद संतुलित और प्रभावशाली नजर आ रहा है। राधा यादव, श्री चरणी और श्रेयंका पाटिल जैसे गेंदबाज मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं। विशेष रूप से मध्य ओवरों में स्पिन गेंदबाजों का प्रदर्शन विपक्षी बल्लेबाजों के लिए चुनौती बन सकता है। अभ्यास मैचों में भी भारतीय स्पिनरों ने प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। टीम संयोजन, खिलाड़ियों की मौजूदा फॉर्म और विभिन्न परिस्थितियों में प्रदर्शन करने की क्षमता को देखते हुए भारतीय महिला टीम इस बार विश्व कप खिताब की मजबूत दावेदार दिखाई दे रही है। अब क्रिकेट प्रशंसकों की उम्मीदें इस बात पर टिकी हैं कि टीम इस सुनहरे अवसर को ऐतिहासिक सफलता में बदल पाएगी या नहीं।
दांबुला ट्राई-सीरीज में अफगानिस्तान के खिलाफ मैदान पर उतरेगी इंडिया-ए, वैभव सूर्यवंशी के आईपीएल वाले तूफानी अंदाज का फैंस को इंतजार

नई दिल्ली। श्रीलंका की धरती पर आयोजित की जा रही ए-टीमों की त्रिकोणीय एकदिवसीय सीरीज का रोमांच अपने चरम पर पहुंच गया है। प्रतियोगिता के महत्वपूर्ण मुकाबले में आज इंडिया-ए की टीम का सामना अफगानिस्तान-ए के साथ होने जा रहा है। इस मुकाबले को लेकर क्रिकेट जगत में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है, क्योंकि भारतीय टीम में घरेलू और आईपीएल स्तर के कई उभरते हुए सितारे शामिल हैं। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की चयन समिति ने इस दौरे पर युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में खुद को परखने का एक बड़ा मंच प्रदान किया है, जहां सभी की निगाहें भारत की नई ओपनिंग जोड़ी और टीम के रणनीतिक प्रदर्शन पर टिकी हुई हैं। मैच के मुख्य आकर्षण भारत के 15 वर्षीय युवा सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी बने हुए हैं, जिन्होंने हाल ही में समाप्त हुए इंडियन प्रीमियर लीग के 2026 सीजन में अपनी बल्लेबाजी से तहलका मचा दिया था। राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेलते हुए इस बाएं हाथ के विस्फोटक बल्लेबाज ने पूरे टूर्नामेंट में अपनी आक्रामक शैली का लोहा मनवाया था। उन्होंने सीजन के 16 मैचों में सर्वाधिक 776 रन बनाकर प्रतिष्ठित ऑरेंज कैप अपने नाम की थी। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 237.30 का रहा था, जो टी-20 क्रिकेट के इतिहास में किसी भी शीर्ष क्रम के बल्लेबाज के लिए बेहद असाधारण माना जाता है। उनके इसी फॉर्म को देखते हुए अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाले इस मैच में भारतीय फैंस को एक बार फिर बड़ी पारियों और आतिशी बल्लेबाजी की उम्मीद है। हालांकि इस ट्राई-सीरीज के पहले मुकाबले में श्रीलंका-ए के खिलाफ खेलते हुए भारतीय शीर्ष क्रम पूरी तरह लड़खड़ा गया था। उस मैच में वैभव सूर्यवंशी महज 14 रन बनाकर पवेलियन लौट गए थे, जिससे टीम इंडिया को शुरुआती झटके लगे थे। लेकिन क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि एक या दो पारियों की विफलता इस युवा खिलाड़ी के आत्मविश्वास को कम नहीं कर सकती। तकनीकी रूप से सक्षम और लंबी पारियां खेलने में माहिर सूर्यवंशी अपनी पुरानी गलतियों से सीख लेकर इस मुकाबले में नई शुरुआत करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। दांबुला की पिच आमतौर पर शुरुआत में तेज गेंदबाजों को मदद करती है, जिससे भारतीय ओपनर्स के संयम और शॉट चयन की कड़ी परीक्षा होगी। दूसरी ओर विपक्षी टीम अफगानिस्तान-ए को हल्के में आंकना भारतीय टीम के लिए बड़ी भूल साबित हो सकता है। अफगानी टीम के पास कई ऐसे विश्वस्तरीय स्पिनर्स और तेज गेंदबाज मौजूद हैं जो किसी भी मजबूत बल्लेबाजी क्रम को ध्वस्त करने की क्षमता रखते हैं। विशेषकर सीमित ओवरों के क्रिकेट में अफगानिस्तान की ए-टीम ने पिछले कुछ समय में बेहतरीन खेल दिखाया है। ऐसे में भारतीय बल्लेबाजों को रन बनाने के लिए क्रीज पर समय बिताना होगा और पावरप्ले का बुद्धिमानी से इस्तेमाल करना होगा। कप्तान और टीम प्रबंधन ने मैच से पहले रणनीति को लेकर लंबी चर्चा की है, जिसमें मध्यक्रम को मजबूती देने और अंत के ओवरों में तेजी से रन बटोरने पर विशेष ध्यान दिया गया है। इस त्रिकोणीय श्रृंखला में आगे की राह तय करने के लिहाज से भारत के लिए यह मुकाबला जीतना बेहद अनिवार्य माना जा रहा है। युवा खिलाड़ियों के पास खुद को राष्ट्रीय चयनकर्ताओं की नजरों में बनाए रखने का यह सबसे बेहतरीन अवसर है। यदि वैभव सूर्यवंशी और उनके साथी बल्लेबाज आज के मैच में अफगानिस्तान के गेंदबाजी आक्रमण के खिलाफ एक बड़ा स्कोर खड़ा करने में सफल रहते हैं, तो भारतीय टीम की स्थिति सीरीज में काफी मजबूत हो जाएगी। पूरे देश के क्रिकेट प्रशंसकों की नजरें आज दोपहर शुरू होने वाले इस हाई-वोल्टेज मुकाबले के लाइव स्कोरकार्ड और भारतीय टीम के प्रदर्शन पर टिकी हुई हैं।