नई दिल्ली। आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 में जहां एक तरफ बल्ले और गेंद से नए-नए कीर्तिमान स्थापित हो रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ दर्शकों की तादाद ने भी एक नया इतिहास रच दिया है। टूर्नामेंट के एक बेहद रोमांचक मुकाबले में पारंपरिक प्रतिद्वंद्वी भारत और पाकिस्तान के बीच बने दर्शकों की संख्या के रिकॉर्ड को इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के मैच ने धराशायी कर दिया है। महिला टी20 विश्व कप के इतिहास में अब तक किसी भी लीग चरण के मैच को देखने के लिए इतनी बड़ी संख्या में क्रिकेट प्रेमी स्टेडियम नहीं पहुंचे थे, जितने इस ब्लॉकबस्टर मुकाबले में देखने को मिले।
ओवल के ऐतिहासिक मैदान पर इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए इस लीग मैच के दौरान स्टेडियम में कुल 21,018 दर्शक मौजूद थे। महिला टी20 विश्व कप के इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब किसी लीग चरण के मुकाबले में दर्शकों का आंकड़ा 20 हजार के पार पहुंचा हो। इससे पहले, इसी टूर्नामेंट के शुरुआती दौर में एजबेस्टन के मैदान पर भारत और पाकिस्तान के बीच खेले गए मुकाबले में 18,814 दर्शक स्टेडियम पहुंचे थे, जो उस समय का एक रिकॉर्ड था। अब इंग्लैंड और न्यूजीलैंड की भिड़ंत ने उस पुराने रिकॉर्ड को काफी पीछे छोड़ दिया है।
इंग्लैंड और वेल्स की मेजबानी में खेले जा रहे विश्व कप के इस 10वें संस्करण में प्रशंसकों का उत्साह चरम पर है। इसी के साथ मौजूदा टूर्नामेंट के लीग फेज के दौरान कुल दर्शकों की संख्या का आंकड़ा सवा लाख को पार कर गया है, जिससे यह महिला क्रिकेट इतिहास का सबसे ज्यादा टिकट बिक्री वाला लीग चरण बन गया है। इस बार डिजिटल प्लेटफॉर्म और ब्रॉडकास्टिंग के मामले में भी नए रिकॉर्ड बन रहे हैं, जिससे यह साफ है कि महिला क्रिकेट की लोकप्रियता वैश्विक स्तर पर बहुत तेजी से बढ़ी है। दिलचस्प बात यह है कि इस ऐतिहासिक मैच का हिस्सा रही न्यूजीलैंड की टीम टूर्नामेंट के सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो चुकी है।
ग्रुप बी की स्थिति पूरी तरह साफ हो चुकी है, जहां से इंग्लैंड और वेस्टइंडीज की टीमों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल में अपनी जगह सुरक्षित कर ली है। वहीं, अब सभी की नजरें ग्रुप ए के समीकरणों पर टिकी हुई हैं, जहां रविवार को होने वाले अंतिम मुकाबलों से सेमीफाइनल की बाकी दो टीमों का फैसला होगा। भारतीय महिला टीम के लिए ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाला मुकाबला किसी क्वार्टर फाइनल से कम नहीं है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली हार के बाद भारतीय टीम के लिए मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं, और उसे टूर्नामेंट में बने रहने के लिए कंगारू टीम पर हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी।
यह टूर्नामेंट अब अपने अंतिम और सबसे रोमांचक पड़ाव पर पहुंच गया है, जहां खिताबी जंग के लिए केवल पांच मैच शेष रह गए हैं। इसमें दो बड़े सेमीफाइनल मुकाबलों के साथ-साथ आगामी 5 जुलाई को लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर खेला जाने वाला ग्रैंड फिनाले शामिल है। खेल समीक्षकों का मानना है कि मैदान पर दर्शकों की यह रिकॉर्ड तोड़ मौजूदगी फाइनल मुकाबले तक कई और नए कीर्तिमान स्थापित कर सकती है, जो भविष्य में महिला क्रिकेट की दिशा और दशा को पूरी तरह बदल देगी।