HIGHLIGHTS:
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दतिया के गोराघाट में संकल्प यात्रा के दौरान पुलिस-कार्यकर्ताओं में टकराव
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भीड़ को रोकने के लिए वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल
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करीब 100 कार्यकर्ता गिरफ्तार, अस्थायी जेल भेजे गए
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प्रशासन ने 15 थानों का पुलिस बल तैनात किया
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अंबेडकर प्रतिमा स्थापना की मांग को लेकर निकली थी यात्रा
DATIYA BHIM ARMY PROTEST: ग्वालियर। दतिया जिले के गोराघाट में बुधवार को भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी की ‘संकल्प यात्रा’ के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच टकराव हो गया। बिना अनुमति के ग्वालियर की ओर बढ़ रहे कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पुलिस को वाटर कैनन, आंसू गैस और हल्के लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा। पुलिस ने करीब 100 लोगों को हिरासत में लेकर अस्थायी जेल भेज दिया है।
अनुमति रद्द होने के बाद भी आगे बढ़े कार्यकर्ता
जानकारी के अनुसार, पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य दामोदर यादव के नेतृत्व में यह यात्रा दतिया से ग्वालियर की ओर जा रही थी। गोराघाट में सभा भी प्रस्तावित थी, लेकिन सवर्ण आर्मी की आपत्ति के बाद प्रशासन ने यात्रा और सभा दोनों की अनुमति रद्द कर दी थी।

इसके बावजूद बुधवार दोपहर करीब 3 बजे 500 से अधिक कार्यकर्ता भीम आर्मी के बैनर तले गोराघाट की ओर बढ़ने लगे। बता दें कि हालात को देखते हुए सिंध नदी के गोराघाट पुल पर दतिया और ग्वालियर दोनों जिलों की पुलिस तैनात कर दी गई।
भीड़ को हटाने के लिए आंसू गैस और वाटर कैनन
पुलिस ने पहले प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन जब वे पीछे हटने को तैयार नहीं हुए तो वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया। इसके बाद भीड़ को तितर-बितर करने के लिए 15 से 20 आंसू गैस के गोले छोड़े गए और हल्का लाठीचार्ज किया गया।

पुलिस ने मौके से करीब 100 लोगों को गिरफ्तार कर बसों के जरिए बड़ौनी स्थित अस्थायी जेल भेज दिया है।
भारी पुलिस बल तैनात, इलाके में तनाव
प्रशासन ने पूरे इलाके में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था कर दी है। करीब 15 थानों की पुलिस, एसपी और तीन एसडीओपी मौके पर तैनात हैं। साथ ही प्रशासन ने साफ किया है कि किसी भी स्थिति में इस यात्रा को डबरा (ग्वालियर सीमा) तक नहीं पहुंचने दिया जाएगा। टकराव की आशंका को देखते हुए असनई स्थित रामलाल मंदिर में सवर्ण आर्मी के पदाधिकारियों को भी एहतियातन नजरबंद कर दिया गया है।

अंबेडकर प्रतिमा की मांग को लेकर निकली यात्रा
बताया जा रहा है कि यह संकल्प यात्रा नागपुर से शुरू हुई थी। यात्रा का मुख्य उद्देश्य 14 मार्च को ग्वालियर हाईकोर्ट पहुंचकर डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने की मांग उठाना है। हालांकि दतिया में अनुमति रद्द होने के बाद हुए इस टकराव से इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।