HIGHLIGHTS:
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दतिया में युवक ने खुद को सॉफ्टवेयर इंजीनियर बताकर मांगी मदद
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शिलांग और गुरदासपुर का निवासी बताकर बदलता रहा पहचान
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बस में नींद की गोली खाकर बैग चोरी की कहानी सुनाई
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एसपी ऑफिस, तहसील और वकीलों से भी ऐंठे पैसे
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बायोमेट्रिक जांच में पुलिस को हुआ शक, युवक हिरासत में

DATIYA FRAUD: ग्वालियर। दतिया जिले में एक 33 वर्षीय युवक खुद को सॉफ्टवेयर इंजीनियर बताकर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से आर्थिक मदद लेता रहा। जिसके बाद मामला संदिग्ध लगने पर इंदरगढ़ थाना पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया।
पहचान को लेकर बदलता रहा बयान
युवक ने अपना नाम मोहित महाजन बताया। कभी वह खुद को शिलांग का निवासी बताता, तो कभी गुरदासपुर का। उसने दावा किया कि सोशल मीडिया के जरिए उसकी दोस्ती इंदरगढ़ निवासी युवक से हुई थी और उसी से मिलने वह यहां आया था।
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‘नींद की गोली’ और चोरी की कहानी
युवक ने पुलिस को बताया कि बस में सफर के दौरान उसने नींद की दवा ले ली थी, जिससे उसका बैग चोरी हो गया। बैग में लैपटॉप, मोबाइल, कपड़े, आधार कार्ड और बैंक के एटीएम कार्ड होने की बात कही गई। इसी आधार पर उसने आर्थिक सहायता मांगी।
एसपी ऑफिस से तहसील तक पहुंचा
जांच में सामने आया कि युवक पहले एसपी कार्यालय पहुंचा और वहां भी ट्रेन में बैग गुम होने की कहानी सुनाई। इसके बाद तहसील कार्यालय और कुछ वकीलों से भी मदद के नाम पर रुपए ले चुका था। जब एक ही तरह की कहानी अलग-अलग जगह सामने आई तो पुलिस को शक हुआ।
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बायोमेट्रिक जांच में उलझा मामला
पहचान सत्यापित करने के लिए आधार सेंटर पर फिंगरप्रिंट जांच कराई गई, लेकिन उंगलियों के निशान स्पष्ट नहीं आए। बाद में आंखों की स्कैनिंग की गई। युवक ने सफाई दी कि आंखों में दिक्कत है और बेरोजगारी के कारण उसने ‘एक-दो बार’ गलत कदम उठाया।