HIGHLIGHTS:
- 1900 किलो डोडाचूरा तस्करी का मामला
- दो आरोपियों को 14-14 साल की सजा
- ट्रक से 76 बोरियों में बरामद हुआ मादक पदार्थ
- 1-1 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया
- दो अन्य आरोपी साक्ष्य के अभाव में बरी

Dodachura Smuggling Case : मध्यप्रदेश। ग्वालियर की विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस) अदालत ने वर्ष 2022 में पकड़े गए 1900 किलोग्राम डोडाचूरा तस्करी मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने विवेक पोरवाल और संदीप सिंह तोमर को दोषी करार देते हुए 14-14 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर 1-1 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है।
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ट्रक से बरामद हुआ था भारी मात्रा में मादक पदार्थ
यह मामला मोहना थाना क्षेत्र का है, जहां पुलिस को सूचना मिलने के बाद एबी रोड स्थित चराई मौजा के पास घेराबंदी कर एक ट्रक को रोका गया। तलाशी के दौरान ट्रक से भारी मात्रा में डोडाचूरा बरामद किया गया।
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76 बोरियों में छिपाकर रखी गई थी खेप
जांच में सामने आया कि ट्रक में भूसी के नीचे 76 बोरियों में मादक पदार्थ छिपाकर रखा गया था। प्रत्येक बोरी में लगभग 25 किलोग्राम डोडाचूरा था, कुल मिलाकर 1900 किलोग्राम की बड़ी खेप बरामद हुई।
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साजिश में शामिल थे कई आरोपी
पुलिस ने पूछताछ के आधार पर ब्रजेश सिंह सिकरवार, विवेक पोरवाल, हरीसिंह उर्फ हरीश अंजना और देवकीनंदन पटेल को आरोपी बनाया था। इन पर तस्करी की साजिश रचने का आरोप था।
दो को सजा, दो को बरी
अदालत ने विवेक पोरवाल और संदीप सिंह तोमर को एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/15 के तहत दोषी मानते हुए सजा सुनाई। वहीं, पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में हरीसिंह उर्फ हरीश अंजना और देवकीनंदन पटेल को दोषमुक्त कर दिया गया।