DOG BITE CASE: मध्यप्रदेश। ग्वालियर में डॉग बाइट और रैबीज का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या अब जानलेवा साबित हो रही है। बता दें कि बीते 24 घंटे में रैबीज से पीड़ित दो महिलाओं की मौत ने एक बार फिर स्वास्थ्य और नगर निगम की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
न्यू जेएएच (जयारोग्य अस्पताल) में गुरुवार को इलाज के दौरान टीकमगढ़ की रहने वाली 65 वर्षीय महिला ने दम तोड़ दिया। महिला पर कुछ समय पहले सियार ने हमला किया था, लेकिन उसने एंटी रैबीज इंजेक्शन नहीं लगवाए, जिससे उसे रैबीज हो गया। इससे पहले ग्वालियर में कुत्ते के काटने से रैबीज संक्रमित एक महिला की मौत हो चुकी है।वहीं, साल 2026 में यह रैबीज से होने वाली दूसरी मौत है।
तीन साल में 18 मौतें, हर साल जा रही 6 जान
आंकड़े बेहद डराने वाले हैं। बीते तीन सालों में ग्वालियर में रैबीज से 18 लोगों की मौत हो चुकी है। औसतन हर साल 6 मरीज रैबीज के कारण जान गंवा रहे हैं।2023 से अब तक सामने आए मामलों में अधिकांश मौतें डॉग बाइट के बाद हुई हैं। इनमें एक मामला सियार के काटने का भी शामिल है।
महिला ने अस्पताल में तोड़ा दम
महिला ने समय पर एंटी रैबीज वैक्सीन नहीं लगवाई। हालत बिगड़ने पर बुधवार को उसे न्यू जेएएच के मेडिसिन विभाग में भर्ती कराया गया, लेकिन गुरुवार तड़के इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। डॉक्टरों के मुताबिक, रैबीज का कोई निश्चित इलाज दुनिया में मौजूद नहीं है, केवल लक्षणों के आधार पर मरीज का उपचार किया जाता है।
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बढ़ती आबादी, सड़कों पर आवारा कुत्ते
शहर में बढ़ती आबादी और सड़कों पर खुलेआम घूम रहे स्ट्रीट डॉग्स लोगों के लिए खतरा बनते जा रहे हैं। लगातार बढ़ रहे डॉग बाइट के मामले इस बात का संकेत हैं कि स्थिति नियंत्रण से बाहर होती जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नजर नहीं आ रहा।