यह नोट सबसे पहले एपस्टीन के सेलमेट Nicholas Tartaglione को मिला था, जो खुद एक पूर्व पुलिस अधिकारी और कई गंभीर अपराधों में दोषी है। बताया जा रहा है कि यह नोट जेल की कोठरी में रखी एक ग्राफिक नॉवेल के अंदर छिपा हुआ था। पीले रंग के कागज पर लिखे इस संदेश ने उस वक्त भी कई सवाल खड़े किए थे, लेकिन हैरानी की बात यह है कि इसे कभी सार्वजनिक नहीं किया गया।
टार्टाग्लियोन ने यह नोट जेल प्रशासन को देने के बजाय अपने वकीलों को सौंप दिया था। उसका कहना था कि उसे डर था कि अगर यह नोट अधिकारियों को दिया गया, तो उस पर एपस्टीन को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया जा सकता है। उसके वकीलों का दावा है कि उन्होंने नोट की सत्यता की पुष्टि की, हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि यह जांच कैसे की गई।
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इतने अहम सबूत को अब तक जांच एजेंसियों से दूर क्यों रखा गया? रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिस फेडरल जज के सामने टार्टाग्लियोन का केस चल रहा था, उन्होंने इस नोट को सीलबंद कर दिया था। चौंकाने वाली बात यह भी है कि न तो अमेरिकी न्याय विभाग और न ही एपस्टीन की मौत की जांच करने वाली एजेंसियों ने इस नोट की आधिकारिक जांच की।
गौरतलब है कि Jeffrey Epstein को 6 जुलाई 2019 को यौन तस्करी के गंभीर आरोपों में गिरफ्तार किया गया था। वह मुकदमे का इंतजार कर रहा था, तभी अगस्त 2019 में न्यूयॉर्क की जेल में उसकी मौत हो गई। उसकी मौत को आधिकारिक तौर पर आत्महत्या बताया गया, लेकिन सुरक्षा चूक और कई संदिग्ध परिस्थितियों के चलते यह मामला शुरू से ही विवादों में रहा है।
अब जब इस ‘गुडबाय नोट’ का खुलासा सामने आया है, तो एक बार फिर यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या एपस्टीन की मौत वाकई आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई बड़ा राज छिपा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह नोट सार्वजनिक होता है, तो यह इस हाई-प्रोफाइल केस के कई अनसुलझे रहस्यों से पर्दा उठा सकता है।