पूनम अपने पति राजू उईके की हत्या के मामले में 18 दिसंबर 2025 से जेल में बंद है। घटना के समय बैरक में 18 अन्य महिला कैदी मौजूद थीं, लेकिन किसी को इसका पता नहीं चला। जेल में कड़ा सुरक्षा नियम होने के बावजूद पूनम के पास चूड़ियां कैसे पहुंचीं, यह एक गंभीर सवाल बन गया है। प्रभारी जेलर योगेश शर्मा ने बताया कि उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेज दी गई है और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है।
जिला अस्पताल के सिविल सर्जन के अनुसार, पूनम के गले के अंदरूनी हिस्से में कांच के टुकड़ों से गहरे जख्म हुए हैं। इन जख्मों को और गंभीर नुकसान न पहुंचे, इसके लिए महिला को बेहतर इलाज के लिए भोपाल रेफर किया गया है।
पूनम की पर्सनल लाइफ और आपराधिक रिकॉर्ड काफी जटिल है। वह अपने पति की हत्या में महाराष्ट्र के तीन युवकों के साथ शामिल थी। शुरुआती जांच में ऐसा प्रतीत होता है कि पूनम ने आत्मग्लानि या मानसिक तनाव के चलते यह कदम उठाया। चर्चा है कि पूनम का जेल में बॉयफ्रेंड भी मौजूद है, और यह घटना किसी दबाव या डिप्रेशन का नतीजा हो सकती है।
घटना के बाद जेल प्रशासन ने महिला बैरक की निगरानी बढ़ा दी है। पुलिस और प्रशासन दोनों ही महिला के स्वास्थ्य पर नजर बनाए हुए हैं और उसके विस्तृत बयान लेने की तैयारी कर रहे हैं। इस घटना ने न केवल जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य और कैदियों की सुरक्षा के महत्व को भी उजागर किया है।