मुकाबले की शुरुआत से ही दोनों टीमों ने संतुलित खेल दिखाया। स्विट्जरलैंड ने गेंद पर अधिक नियंत्रण रखते हुए लगातार हमले किए, लेकिन बोस्निया-हर्जेगोविना के डिफेंडरों ने मजबूती से मोर्चा संभाला। पहले 45 मिनट में दोनों टीमों को कुछ अच्छे मौके मिले, मगर कोई भी खिलाड़ी गोल करने में सफल नहीं हो सका। परिणामस्वरूप पहला हाफ बिना किसी गोल के समाप्त हुआ।
दूसरे हाफ में स्विट्जरलैंड ने अपनी रणनीति में बदलाव किया और लगातार दबाव बनाना शुरू किया। इसका फायदा टीम को 74वें मिनट में मिला, जब युवा स्टार जोहान मंजाम्बी ने शानदार गोल दागकर स्विट्जरलैंड को 1-0 की बढ़त दिला दी। इस गोल के बाद मैच का पूरा नियंत्रण स्विस टीम के हाथों में आ गया।
बोस्निया-हर्जेगोविना के लिए स्थिति तब और कठिन हो गई जब 80वें मिनट में डिफेंडर तारिक मुहरेमोविच को गंभीर फाउल के कारण सीधा रेड कार्ड दिखा दिया गया। एक खिलाड़ी कम होने के बाद टीम का संतुलन पूरी तरह बिगड़ गया और स्विट्जरलैंड ने इसका भरपूर फायदा उठाया।
84वें मिनट में रूबेन वर्गस ने शानदार फिनिशिंग का प्रदर्शन करते हुए स्विट्जरलैंड के लिए दूसरा गोल किया और स्कोर 2-0 कर दिया। इसके बाद बोस्निया-हर्जेगोविना की वापसी की उम्मीदें लगभग खत्म हो गईं। मैच के अंतिम क्षणों में जोहान मंजाम्बी ने अपना दूसरा गोल दागते हुए स्विट्जरलैंड की बढ़त को 3-0 तक पहुंचा दिया। मंजाम्बी का यह प्रदर्शन टीम की जीत का सबसे बड़ा आधार साबित हुआ।
हालांकि स्टॉपेज टाइम में बोस्निया-हर्जेगोविना के एरमि माहमिक ने एक गोल कर अपनी टीम की ओर से सांत्वना दिलाने की कोशिश की, लेकिन इसके तुरंत बाद स्विट्जरलैंड के कप्तान ग्रेनिट झाका ने शानदार गोल दागकर मुकाबले को 4-1 पर समाप्त कर दिया। झाका के गोल ने स्विट्जरलैंड की शानदार जीत पर अंतिम मुहर लगा दी।
इस जीत के साथ स्विट्जरलैंड ने ग्रुप बी में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। पहले मुकाबले में ड्रॉ खेलने वाली स्विस टीम अब नॉकआउट चरण में पहुंचने की प्रबल दावेदार बन गई है। दूसरी ओर, बोस्निया-हर्जेगोविना के लिए अब आगे का सफर कठिन हो गया है और उसे अगले मुकाबले में हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी, तभी उसकी अगले दौर में पहुंचने की उम्मीदें जीवित रह सकेंगी।