महाराष्ट्र के ब्रह्मपुरी इलाके ने इस बार गर्मी के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। यहां अधिकतम तापमान 47.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो देश में सबसे अधिक रहा। इसके अलावा उत्तर प्रदेश, हरियाणा और कई अन्य राज्यों में तापमान 45 से 47 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। देश के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य स्तर से काफी ऊपर पहुंच चुका है। गर्म हवाओं और तेज धूप ने हालात को और अधिक गंभीर बना दिया है। दोपहर के समय लोगों को घर से बाहर निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मध्य भारत के कई हिस्सों में आने वाले दिनों में भी राहत मिलने की संभावना कम दिखाई दे रही है। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और विदर्भ क्षेत्र के कई इलाकों में लू की स्थिति अभी कुछ दिन और बनी रह सकती है। इसके अलावा पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान जैसे राज्यों में भी तेज गर्म हवाएं चलने की आशंका बनी हुई है। कुछ स्थानों पर भीषण लू जैसी परिस्थितियां बनने की संभावना भी जताई जा रही है। लगातार बढ़ती गर्मी ने स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को भी बढ़ा दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मौसम में बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
पूर्वी भारत के कई हिस्सों में भी गर्मी लोगों की परीक्षा ले रही है। बिहार, झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के कुछ क्षेत्रों में गर्म हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। वहीं तटीय इलाकों में गर्मी के साथ उमस लोगों की परेशानी को दोगुना कर सकती है। ऐसे हालात में लोगों को पर्याप्त पानी पीने और तेज धूप से बचने की सलाह दी जा रही है।
हालांकि इस भीषण गर्मी के बीच लोगों के लिए राहत की उम्मीद अब मानसून से जुड़ी हुई है। दक्षिण-पश्चिम मानसून धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है और इसके केरल पहुंचने की संभावना अगले कुछ दिनों में जताई जा रही है। यदि मानसून तय समय के आसपास सक्रिय होता है तो देश के कई हिस्सों को तेज गर्मी से राहत मिल सकती है। इसके साथ ही दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की स्थिति बनने की संभावना भी बनी हुई है।
फिलहाल देश के करोड़ों लोगों की निगाहें अब आसमान पर टिकी हुई हैं। एक ओर जहां गर्मी अपने चरम पर है, वहीं दूसरी ओर मानसून की पहली बारिश राहत की सबसे बड़ी उम्मीद बनती जा रही है। आने वाले कुछ दिन मौसम के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।