जानकारी के अनुसार, तेंदुआ गांव के पास एक गाय के बछड़े का शिकार करने के प्रयास में था, इसी दौरान वह अनियंत्रित होकर एक गहरे कुएं में गिर गया। ग्रामीणों ने उसे कुएं में देख तुरंत वन विभाग को सूचना दी, जिसके बाद टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू शुरू किया गया। स्थानीय लोगों की मदद से तेंदुए को बाहर निकालने की कोशिश की गई।
कई घंटे की मशक्कत के बाद जैसे ही तेंदुआ बाहर निकाला गया, वह अचानक आक्रामक हो गया और वहां मौजूद लोगों पर झपट पड़ा। उसके हमले में भिलौड़ी निवासी 59 वर्षीय मोहन सिंह और 35 वर्षीय बुद्धा गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों घायलों को तुरंत बैराड़ स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
घटना के बाद मौके पर मौजूद लोग दहशत में आ गए और इधर-उधर भागने लगे। वन विभाग की टीम ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन अचानक हुए हमले ने रेस्क्यू ऑपरेशन को चुनौतीपूर्ण बना दिया।
इस पूरे मामले पर पोहरी रेंजर श्रुति राठौर ने बताया कि घटनास्थल का क्षेत्र श्योपुर जिले की बेहरदा बीट के अंतर्गत आता है, इसलिए उन्हें इस रेस्क्यू की आधिकारिक जानकारी नहीं है।
इस घटना ने एक बार फिर मानव-वन्यजीव संघर्ष और रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा इंतजामों की गंभीरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।