ट्विशा शर्मा ने मॉडलिंग की दुनिया में कदम रखने के बाद कई नामी मल्टीनेशनल कंपनियों के लिए विज्ञापन शूट किए थे। उन्होंने तेलुगु शॉर्ट फिल्मों और फिल्मों में भी अभिनय किया। अपने आकर्षक व्यक्तित्व और कॉन्फिडेंस की वजह से उन्होंने “मिस पुणे” का खिताब भी हासिल किया था। सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें उनका ग्लैमरस अंदाज दिखाई दे रहा है।
हालांकि अभिनय के क्षेत्र में बड़ी सफलता नहीं मिलने के बाद ट्विशा ने पढ़ाई पर ध्यान दिया और एमबीए कर कॉर्पोरेट सेक्टर में नौकरी शुरू की। इसी दौरान उनकी मुलाकात मेट्रिमोनियल साइट के जरिए भोपाल निवासी समर्थ सिंह से हुई। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और दिसंबर 2025 में शादी हो गई। लेकिन शादी के कुछ ही महीनों बाद रिश्ते में तनाव और विवाद की बातें सामने आने लगीं।
ट्विशा की संदिग्ध मौत के बाद परिवार लगातार न्याय की मांग कर रहा है। घटना को आठ दिन से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन परिजनों ने अब तक शव का अंतिम संस्कार नहीं किया है। परिवार दूसरे पोस्टमार्टम की मांग पर अड़ा हुआ है। मामले में दहेज मृत्यु का केस दर्ज किया गया है। वहीं, पूर्व जिला जज और ट्विशा की सास गिरीबाला सिंह को अग्रिम जमानत मिल चुकी है, जबकि पति समर्थ सिंह अब भी फरार बताया जा रहा है। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है और कई टीमें उसकी तलाश में जुटी हैं।
मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब ट्विशा के परिवार ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए। ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा ने दावा किया कि शादी के बाद से ही उनकी बेटी मानसिक प्रताड़ना झेल रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि हनीमून के दौरान भी समर्थ सिंह का व्यवहार हिंसक था। परिवार का कहना है कि उन्होंने शुरुआती शिकायतों को नजरअंदाज किया, जिसका आज उन्हें पछतावा है।
ट्विशा के भाई मेजर हर्षित शर्मा ने भी जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि एफआईआर दर्ज कराने में देरी की गई और आरोपियों को बचाने की कोशिश हुई। वहीं ट्विशा की बहन नैना शर्मा ने वायरल सीसीटीवी फुटेज पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि वीडियो अधूरा है और घटना से जुड़े कई महत्वपूर्ण हिस्से सामने नहीं लाए गए।
इस बीच राज्यसभा सांसद Vivek Tankha ने मुख्यमंत्री और केंद्रीय गृहमंत्री को पत्र लिखकर मामले की CBI जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि निष्पक्ष जांच के लिए स्वतंत्र एजेंसी जरूरी है, क्योंकि परिवार का स्थानीय पुलिस पर भरोसा कमजोर हुआ है।
उधर, पूर्व सैनिकों ने भी ट्विशा को न्याय दिलाने के समर्थन में भोपाल में बाइक रैली निकालकर प्रदर्शन किया। मामले को लेकर सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक बहस तेज हो गई है। अब सभी की नजर पुलिस जांच और फरार आरोपी की गिरफ्तारी पर टिकी हुई है।