Aarogya Setu 2.0 के जरिए उपयोगकर्ता अपने व्यक्तिगत स्वास्थ्य रिकॉर्ड को सुरक्षित रूप से डिजिटल स्वरूप में संग्रहीत और प्रबंधित कर सकेंगे। इसके साथ ही आवश्यक होने पर इन रिकॉर्ड्स को अधिकृत स्वास्थ्य संस्थानों के साथ साझा करने की सुविधा भी उपलब्ध होगी। सरकार का मानना है कि इससे मरीजों को बार-बार मेडिकल दस्तावेज साथ रखने की आवश्यकता कम होगी और उपचार प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित बनेगी।
नए ऐप में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना से जुड़ी कई सेवाओं को भी एकीकृत किया गया है। पात्र लाभार्थी अपनी पात्रता की जांच, आयुष्मान कार्ड से संबंधित सेवाओं का उपयोग, सूचीबद्ध अस्पतालों की जानकारी प्राप्त करने और उपचार से जुड़े रिकॉर्ड देखने जैसी सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। इसके अलावा शिकायत दर्ज करने और सहायता प्राप्त करने की व्यवस्था भी ऐप में शामिल की गई है।
सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच को और सरल बनाने के लिए व्हाट्सएप आधारित “आयुष्मान सारथी” चैटबॉट भी शुरू किया है। इसके माध्यम से लाभार्थी योजना से संबंधित जानकारी, आवश्यक सेवाओं और सहायता तक बातचीत के आसान माध्यम से पहुंच बना सकेंगे। विशेष रूप से दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए यह सुविधा उपयोगी मानी जा रही है, जहां डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
स्वास्थ्य बीमा दावों की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और तेज बनाने के लिए नेशनल हेल्थ क्लेम्स एक्सचेंज को भी इस डिजिटल ढांचे का हिस्सा बनाया गया है। यह प्लेटफॉर्म सार्वजनिक और निजी स्वास्थ्य बीमा प्रणालियों के बीच दावों के आदान-प्रदान को सरल बनाएगा। इससे प्रशासनिक प्रक्रियाओं में तेजी आने और क्लेम निपटान की अवधि कम होने की उम्मीद है।
इसके अलावा यूनिफाइड हेल्थ इंटरफेस के माध्यम से विभिन्न डिजिटल हेल्थ प्लेटफॉर्म और सेवा प्रदाताओं को एक साझा नेटवर्क से जोड़ा गया है। इस व्यवस्था के जरिए उपयोगकर्ता डॉक्टरों, अस्पतालों और अन्य स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं तक आसानी से पहुंच बना सकेंगे। इसका उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक इंटरऑपरेबल और नागरिक-केंद्रित बनाना है।
Aarogya Setu 2.0 में हेल्थ रिकॉर्ड प्रबंधन के अलावा नजदीकी अस्पताल, डॉक्टर, एंबुलेंस सेवा, ब्लड बैंक और जन औषधि केंद्र जैसी उपयोगी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। सरकार के अनुसार यह प्लेटफॉर्म डिजिटल स्वास्थ्य पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे नागरिकों को एक ही स्थान पर कई आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी और उपचार से जुड़ी प्रक्रियाएं पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक, पारदर्शी और प्रभावी बन सकेंगी।