रिपोर्ट के अनुसार, यह खतरा खासकर उन यूजर्स के लिए ज्यादा गंभीर है जो अपने मोबाइल या कंप्यूटर में अपडेटेड Chrome वर्जन का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं। साइबर ठग फर्जी लिंक और संक्रमित वेबसाइट्स के जरिए यूजर्स को फंसाते हैं। जैसे ही कोई यूजर ऐसे लिंक पर क्लिक करता है, हैकर्स उसके डिवाइस पर कंट्रोल हासिल कर सकते हैं और जरूरी डेटा चोरी कर सकते हैं।
CERT-In ने यह भी चेतावनी दी है कि इस सिक्योरिटी खामी के जरिए डिवाइस में मालवेयर इंस्टॉल किया जा सकता है, जो यूजर की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रख सकता है। इतना ही नहीं, यह खतरनाक सॉफ्टवेयर कैमरा और माइक्रोफोन तक एक्सेस कर सकता है, जिससे प्राइवेसी पर बड़ा खतरा पैदा हो सकता है। ऑनलाइन बैंकिंग और डिजिटल पेमेंट करने वालों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
इस खतरे से बचने के लिए यूजर्स को तुरंत अपने Google Chrome ब्राउजर को अपडेट करने की सलाह दी गई है। यूजर्स Chrome ऐप या Google Play Store के जरिए लेटेस्ट वर्जन इंस्टॉल कर सकते हैं। जिन डिवाइस में ऑटो-अपडेट फीचर ऑन है, उनमें यह अपडेट अपने आप इंस्टॉल हो जाता है और सिस्टम सुरक्षित रहता है।
CERT-In ने साफ किया है कि नया अपडेट इन सभी सुरक्षा खामियों को ठीक करता है, जिससे यूजर्स का डेटा और डिवाइस दोनों सुरक्षित रहते हैं।