HIGHLIGHTS:
- गुना में 1 करोड़ नकद वाली कार पर 20 लाख रिश्वत का आरोप
- SP अंकित सोनी को तत्काल प्रभाव से हटाया गया
- चार पुलिसकर्मी सस्पेंड, जांच जारी
- CM मोहन यादव ने लापरवाह अफसरों पर कड़ा रुख दिखाया
- योग्य अफसरों को मिलेगा मौका, सुशासन सुनिश्चित
GUNA BRIEB CASE : मध्यप्रदेश। गुना जिले में 19 मार्च की रात रूठियाई चौकी क्षेत्र में पुलिस ने गुजरात के एक जीरा व्यापारी की कार रोकी, जिसमें लगभग 1 करोड़ रुपए नकद पाए गए। आरोप है कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने 20 लाख रुपए रिश्वत लेकर वाहन छोड़ दिया। अगले दिन आईपीएस अधिकारी के कॉल के बाद ये पैसे वापस कर दिए गए।
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पुलिस अधीक्षक अंकित सोनी को मामले की जानकारी 20 मार्च को मिली, लेकिन उन्होंने न वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी और न ही दोषियों पर कार्रवाई की। इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 22 मार्च को SP को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया और उनकी जगह आईपीएस हितिका वासल को गुना का नया SP नियुक्त किया।
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पुलिसकर्मियों पर सख्ती और प्रशासनिक संदेश
धरनावदा थाना प्रभारी प्रभात कटारे, रूठियाई चौकी प्रभारी साजिद हुसैन, प्रधान आरक्षक देवेंद्र सिकरवार और आरक्षक सुंदर रमन को सस्पेंड कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि प्रशासनिक शिथिलता, लापरवाही या भ्रष्टाचार किसी स्तर पर स्वीकार्य नहीं होंगे।
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काम करने वालों को मौका, लापरवाहों को मैदान से हटाया जाएगा
मुख्यमंत्री ने कहा, जो काम नहीं करेगा उसे हटाया जाएगा, काम करने वालों को मौके दिए जाएंगे। उन्होंने प्रशासनिक निरंतरता और सुशासन के लिए प्रतिबद्धता जताई। सफलता के मंत्र कार्यक्रम पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि यह सिलसिला तब से शुरू हुआ जब वे शिक्षा मंत्री थे और बच्चों की संख्या लगातार बढ़ रही है।