HIGHLIGHTS :
- कीर्ति कुशवाह ने बिजली बिल विवाद में फांसी लगाकर की आत्महत्या
- 10 महीने की बेटी की नाक-मुंह में रुई ठूंसकर नुकसान पहुंचाने का प्रयास
- परिवार पर 1.26 लाख रुपये का बिजली बिल बकाया, कनेक्शन कटा हुआ था
- बिजली उपभोक्ता मंच ने परिवार को मुआवजा देने की मांग की
- स्मार्ट मीटर नीति वापस लेने की भी उठाई गई मांग
GUNA SUICIDE CASE : ग्वालियर। गुना के नानाखेड़ी इलाके में बिजली बिल के बकाया और कटौती को लेकर पति-पत्नी में चल रहे विवाद ने दुखद मोड़ ले लिया। 26 वर्षीय नवविवाहिता कीर्ति कुशवाह ने शुक्रवार दोपहर घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
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सुसाइड से पहले उसने अपनी 10 महीने की बेटी की नाक और मुंह में रुई ठूंस दी, जिससे बच्ची की हालत गंभीर हो गई। बच्ची को जिला अस्पताल में भर्ती कर इलाज चल रहा है।
बिजली बिल विवाद बना कारण
परिवार पर करीब 1.26 लाख रुपये का बिजली बिल बकाया था। बिल न चुकाने के कारण बिजली कनेक्शन काट दिया गया था। भीषण गर्मी और बिजली न होने के तनाव को लेकर पति-पत्नी के बीच लगातार विवाद होता रहता था। घटना से एक दिन पहले भी दोनों के बीच तीखी बहस हुई थी। कीर्ति नवविवाहिता थी और इस दबाव में आकर उसने यह कदम उठा लिया।
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बिजली उपभोक्ता मंच का बयान
इस घटना पर बिजली उपभोक्ता मंच के सदस्य सामने आए हैं। मंच के वरिष्ठ सदस्य नरेंद्र भदौरिया, लोकेश शर्मा और मनीष श्रीवास्तव ने गहरी संवेदना जताते हुए कहा कि बढ़ते बिजली बिल, कटौती और भुगतान के दबाव ने महिला को इस कदम तक पहुंचाया। उन्होंने बिजली कंपनी और सरकार से पीड़ित परिवार को तुरंत उचित मुआवजा देने की मांग की है।
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मानवीय दृष्टिकोण की अपील
मंच ने कहा कि बिजली सेवा को मुनाफे का साधन नहीं बनाया जाना चाहिए। बकाया बिलों के समाधान में मानवीय रुख अपनाया जाए। साथ ही केंद्र और राज्य सरकार से प्रीपेड स्मार्ट मीटर नीति वापस लेने और लगे मीटर हटाने की भी मांग की गई है। मंच का कहना है कि आम जनता पर बिजली बिल का बोझ बढ़ रहा है, जिससे ऐसी घटनाएं हो रही हैं।