HIGHLIGHTS:
-
घरेलू विवाद मामले में हाईकोर्ट की खंडपीठ का आदेश
-
महिला ने पति और ससुर पर प्रताड़ना के आरोप लगाए
-
8 साल के बेटे के लिए ससुराल लौटने की जताई इच्छा
-
अदालत ने पति-ससुर को सम्मानजनक व्यवहार के निर्देश दिए
-
छह महीने के लिए ‘शौर्य दीदी’ नियुक्त कर सुरक्षा निगरानी तय

GWALIOR HIGHCOURT: मध्यप्रदेश। ग्वालियर में बुधवार को हाईकोर्ट की खंडपीठ ने एक घरेलू विवाद मामले में महत्वपूर्ण आदेश दिया है। अदालत ने महिला को सुरक्षा व्यवस्था के साथ उसके ससुराल जाने की अनुमति दी। साथ ही पति और ससुर को निर्देश दिया कि वे महिला के साथ सम्मानजनक व्यवहार करें और किसी प्रकार की प्रताड़ना न दें।
हैबियस कॉर्पस याचिका के रूप में पहुंचा मामला
यह मामला हैबियस कॉर्पस याचिका के रूप में अदालत के सामने आया था। याचिकाकर्ता प्रदीप राठौर ने आरोप लगाया था कि उसकी बहन प्रियंका राठौर को उसके पति नरेंद्र राठौर और ससुर द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि परिवार को उससे संपर्क नहीं करने दिया जा रहा था। सुनवाई के दौरान अदालत ने महिला, उसके पति और अन्य पक्षों को कोर्ट में पेश होने के निर्देश दिए थे। सभी पक्षों की मौजूदगी में खंडपीठ ने महिला की बात सुनी और आगे की कार्रवाई की।
20 साल से इसी दिन का इंतजार था: कौन है कमल सिंह जामवाल? जिसने फारूक अब्दुल्ला पर तान दी बंदूक
महिला ने लगाए प्रताड़ना के आरोप
अदालत में प्रियंका राठौर ने बताया कि उसके पति और ससुर उसे अक्सर परेशान करते हैं। उसने यह भी आरोप लगाया कि एक बार उसके पति ने उसे सीढ़ियों से धक्का देने की कोशिश की थी। महिला ने अदालत को यह भी बताया कि उसका 8 वर्षीय बेटा है। परिवार को बचाने और बेटे के भविष्य को देखते हुए उसने फिलहाल ससुराल में रहकर विवाद सुलझाने का अवसर देने की इच्छा जताई।
ईरान में फंसे भारतीयों की सुरक्षित घर वापसी कराने में जुटी सरकार, ये दो देश कर रहे मदद
पति ने अदालत को दिया भरोसा
सुनवाई के दौरान पति नरेंद्र राठौर, जो बैंक में मार्केटिंग से जुड़े काम करते हैं, ने अदालत को भरोसा दिलाया कि वह आगे से अपनी पत्नी का ध्यान रखेंगे और उसे किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने देंगे।
संसद में आज मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव का नोटिस देने की तैयारी
छह महीने के लिए ‘शौर्य दीदी’ नियुक्त
महिला की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अदालत ने विशेष व्यवस्था की है। सरकारी अधिवक्ता अंजली ज्ञानानी और जनकगंज थाने की महिला आरक्षक अंतिमा तिवारी और आरती लोधी को छह महीने के लिए ‘शौर्य दीदी’ नियुक्त किया गया है। ये समय-समय पर महिला से संपर्क कर उसकी सुरक्षा और स्थिति की निगरानी करेंगी, ताकि किसी प्रकार की प्रताड़ना की स्थिति सामने न आए।