Gwalior News: ग्वालियर। डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापना विवाद को लेकर ग्वालियर में तनाव बढ़ने के बाद प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए जिले में धारा 163 लागू कर दी है। अब 15 अक्टूबर तक बिना अनुमति किसी भी तरह का जुलूस, धरना या प्रदर्शन नहीं किया जा सकेगा।
हाईकोर्ट परिसर में अंबेडकर प्रतिमा लगाने को लेकर चल रहा विवाद तब और बढ़ गया जब वकील अनिल मिश्रा ने डॉ. अंबेडकर पर कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी। उनके बयान के बाद दलित संगठनों ने 15 अक्टूबर को ग्वालियर में विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी, वहीं सवर्ण संगठनों ने भी शक्ति प्रदर्शन की बात कही। इससे जिले में कानून-व्यवस्था को लेकर हालात तनावपूर्ण बन गए।
प्रशासन की सख्ती
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने शहरभर में सख्त निगरानी शुरू कर दी है। पुलिस ने अब तक 260 भड़काऊ सोशल मीडिया पोस्ट हटवाई हैं और 50 से अधिक लोगों को नोटिस जारी किए हैं। वहीं, विवादित बयान के चलते वकील अनिल मिश्रा के खिलाफ ग्वालियर और महाराष्ट्र में दो FIR दर्ज की गई हैं।
शांति समिति की बैठक (Gwalior News)
कलेक्टर रुचिका चौहान और एसएसपी धर्मवीर सिंह ने शहर के व्यापारियों, जनप्रतिनिधियों और शांति समिति के 30 से ज्यादा सदस्यों के साथ बैठक की। बैठक में सभी से अपील की गई कि 15 अक्टूबर को कोई भी कार्यक्रम आयोजित न किया जाए और सामाजिक सौहार्द बनाए रखा जाए।
कलेक्टर ने कहा कि बिना अनुमति कोई आयोजन हुआ तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही अफसरों को निर्देश दिए गए हैं कि गांवों में भी सतर्कता रखी जाए ।जनप्रतिनिधियों से संपर्क बनाए रखा जाए।
एसएसपी सिंह ने कहा कि सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर सायबर टीम की कड़ी नजर है। भ्रामक या भड़काऊ पोस्ट डालने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे शांति और भाईचारे के साथ त्योहार मनाएं और अफवाहों से दूर रहें।
READ MORE: किसान न्याय यात्रा में सिंधिया पर बरसे जीतू पटवारी, बोले- अब उन्हें रात में नींद नहीं आएगी