इस घटना के बाद, कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। ये आरोपियों महाराष्ट्र, राजस्थान और हरियाणा से जुड़े हुए हैं। मुख्य आरोपी नासिक निवासी शुभम खैरनार के अलावा जयपुर के मांगीलाल बिवाल, विकास बिवाल और दिनेश बिवाल, गुरुग्राम के यश यादव और महाराष्ट्र के अहिल्या नगर निवासी धनंजय लोखंडे शामिल हैं।
सीबीआई ने अदालत से शुभम खैरनार की कस्टडी बढ़ाने की मांग की। एजेंसी ने यह बताया कि अन्य गिरफ्तार आरोपियों के साथ उसका सामना कराना जरूरी है और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों के आधार पर उससे आगे भी पूछताछ होनी है। साथ ही जांच एजेंसी ने कहा कि मामले में और रिकवरी की आवश्यकता है और शुभम खैरनार को महाराष्ट्र लेकर जांच के सिलसिले में ले जाना पड़ेगा।
अदालत ने बाकी पांच आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। मांगीलाल बिवाल, विकास बिवाल, दिनेश बिवाल, यश यादव और धनंजय लोखंडे अब 2 जून तक हिरासत में रहेंगे। इस दौरान सीबीआई उनके खिलाफ चल रही जांच को आगे बढ़ा सकेगी और नेटवर्क की पूरी जानकारी जुटा सकेगी।
वहीं, शुभम खैरनार के वकील ने सीबीआई की कस्टडी बढ़ाने की मांग का विरोध किया। बचाव पक्ष ने अदालत को बताया कि सात दिन की पूछताछ के दौरान एजेंसी को क्या जानकारी मिली, उसे स्पष्ट करना चाहिए। इसके बावजूद अदालत ने सीबीआई की मांग को स्वीकार कर उनके रिमांड को बढ़ा दिया।
नीट UG 2026 पेपर लीक मामले में लगातार हुई गिरफ्तारियों और पूछताछ के बीच यह स्पष्ट हो गया है कि जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं। देशभर में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है, और आगे की जांच की दिशा पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।