स्ट्राइक रेट और तकनीक का संतुलन
डू प्लेसिस ने खास तौर पर मार्करम की तकनीकी मजबूती और स्ट्राइक रेट में आए सुधार की तारीफ की। उनके मुताबिक, मार्करम ने यह साबित किया कि वह सिर्फ क्लासिकल बल्लेबाज नहीं, बल्कि आधुनिक टी20 की मांग के मुताबिक तेज रन बनाने में भी सक्षम हैं। आईपीएल में इम्पैक्ट प्लेयर नियम के तहत मिली स्वतंत्रता ने उन्हें जोखिम लेने और मैच की रफ्तार तय करने का आत्मविश्वास दिया। मार्करम ने टीम मैनेजमेंट का भरोसा जीतते हुए यह दिखाया कि वह ओपनिंग के साथ-साथ मिडिल ऑर्डर में भी प्रभावी रह सकते हैं। लेकिन मौजूदा फॉर्म को देखते हुए उन्हें अब फुल-टाइम ओपनर की भूमिका दी गई है।
वर्ल्ड कप 2026 में दमदार प्रदर्शन
टी20 विश्व कप 2026 में मार्करम का बल्ला जमकर बोला है। सात मैचों में तीन अर्धशतक के साथ उन्होंने 268 रन बनाए हैं। उनकी औसत 53.60 और स्ट्राइक रेट 175.16 रही है, जो उन्हें टूर्नामेंट के सबसे प्रभावशाली बल्लेबाजों में शामिल करता है। वह इस समय दक्षिण अफ्रीका के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं।
टीम मैनेजमेंट ने SA20 में शानदार प्रदर्शन करने वाले रेयान रिकेल्टन को नंबर-3 पर भेजकर बल्लेबाजी क्रम में संतुलन बनाया है, जबकि मार्करम नई गेंद से आक्रामक शुरुआत दे रहे हैं। साफ है-आईपीएल का मंच मार्करम के लिए सिर्फ एक लीग नहीं, बल्कि टी20 में खुद को नए सांचे में ढालने की प्रयोगशाला साबित हुआ है। अब सेमीफाइनल में सबकी नजरें एक बार फिर उनके बल्ले पर टिकी होंगी।