डॉ. पूनम तिवारी, सीनियर डाइटीशियन, डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ के अनुसार, एंटीऑक्सिडेंट्स शरीर की कोशिकाओं को फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं। फ्री रेडिकल्स अनस्टेबल मॉलिक्यूल होते हैं जो सेल्स को डैमेज करते हैं और ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस पैदा करते हैं। एंटीऑक्सिडेंट्स इन्हें न्यूट्रलाइज कर शरीर को सुरक्षा प्रदान करते हैं। विटामिन A, C, E, बीटा-कैरोटीन, लाइकोपीन, ल्यूटिन, सेलेनियम और पॉलीफेनॉल जैसे तत्व इन फूड्स में होते हैं।
एंटीऑक्सिडेंट्स सेल्स को डैमेज होने से बचाते हैं, ब्लड वेसल्स को हेल्दी रखते हैं और इंफ्लेमेशन कम करते हैं। जब शरीर में स्तर बैलेंस्ड रहता है, तो इम्यून सिस्टम भी प्रभावी ढंग से काम करता है।
हार्ट हेल्थ के लिए यह बेहद जरूरी है क्योंकि हार्ट डिजीज की शुरुआत अक्सर आर्टरीज में इंफ्लेमेशन और अंदरूनी डैमेज से होती है। LDL यानी बैड कोलेस्ट्रॉल जब ऑक्सिडाइज्ड होता है तो आर्टरीज की वॉल्स पर जमाव बनता है और ब्लड फ्लो प्रभावित होता है। एंटीऑक्सिडेंट्स इस प्रोसेस को कंट्रोल करते हैं, ब्लड फ्लो बेहतर रखते हैं और दिल पर दबाव कम करते हैं।
एंटीऑक्सिडेंट्स इम्यूनिटी बढ़ाने में भी मदद करते हैं। विटामिन C, E और बीटा-कैरोटीन संक्रमण से लड़ने वाली इम्यून सेल्स को मजबूत बनाते हैं। इसके अलावा, एजिंग स्पीड कम करने में भी यह सहायक होते हैं। ऑक्सिडेटिव डैमेज की वजह से सेल्स, डीएनए, प्रोटीन और बॉडी फैट डैमेज होते हैं जिससे उम्र बढ़ने की प्रक्रिया तेज होती है। एंटीऑक्सिडेंट रिच फूड यह डैमेज कम कर सेल्स की उम्र बढ़ाते हैं।
सप्लीमेंट की जरूरत आमतौर पर तब होती है जब डाइट संतुलित न हो, या व्यक्ति प्रदूषण, स्मोकिंग, क्रॉनिक स्ट्रेस या कमजोर इम्यून सिस्टम से प्रभावित हो। रोजाना पर्याप्त एंटीऑक्सिडेंट्स के लिए 4-5 सर्विंग फल और सब्जियां लेना पर्याप्त माना जाता है। हाई-डोज सप्लीमेंट्स लेने से नेचुरल बैलेंस बिगड़ सकता है, जिससे मेटाबॉलिक प्रोसेस और इम्यून सिस्टम पर असर पड़ सकता है।
एंटीऑक्सिडेंट फूड को डाइट में शामिल करने के लिए किसी महंगे प्लान की जरूरत नहीं। कोशिश करें कि थाली में अलग-अलग रंग के फल और सब्जियां हों और प्रोसेस्ड स्नैक्स की जगह नेचुरल ऑप्शन चुनें।एंटीऑक्सिडेंट्स रिच फूड कोई ट्रेंड नहीं बल्कि हेल्थ स्ट्रैटेजी है। यह हार्ट हेल्थ बेहतर रखता है, इम्यूनिटी मजबूत करता है और उम्र बढ़ने की रफ्तार को संतुलित करता है। रंगीन और नेचुरल डाइट लंबे समय तक सेहतमंद रहने में अहम भूमिका निभाती है।