विरोध प्रदर्शनों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश
गृह मंत्रालय ने अपने पत्र में कहा है कि यदि किसी राज्य में ईरान के पक्ष या विपक्ष में प्रदर्शन आयोजित होते हैं, तो स्थानीय प्रशासन स्थिति पर पैनी नजर रखे। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, खुफिया तंत्र की सक्रियता और भीड़ प्रबंधन की ठोस तैयारी सुनिश्चित करने को कहा गया है। मंत्रालय ने यह भी चेतावनी दी है कि कुछ असामाजिक तत्व प्रदर्शनों की आड़ में माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं, जिन्हें समय रहते चिन्हित कर निष्प्रभावी किया जाए।
सोशल मीडिया पर निगरानी बढ़ाने के आदेश
मंत्रालय ने राज्यों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित हो रहे भड़काऊ या भ्रामक संदेशों पर सख्त नजर रखने के निर्देश दिए हैं। अफवाहों और उकसावे वाली सामग्री के जरिए तनाव फैलाने की कोशिशों को रोकने के लिए साइबर मॉनिटरिंग बढ़ाने को कहा गया है। जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को स्थिति के अनुरूप धारा 144 जैसे एहतियाती कदम उठाने की छूट भी दी गई है।
हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पर सख्ती
केंद्र ने दोहराया है कि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि, हिंसा या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राज्यों से समन्वय बनाए रखते हुए शांति और सांप्रदायिक सौहार्द कायम रखने पर जोर दिया गया है।
हालांकि, कुछ सोशल मीडिया दावों में कहा जा रहा है कि अमेरिका और इजरायल के हमले में Ali Khamenei की मौत हो गई है। इस तरह के दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। Iran के सर्वोच्च नेता के संबंध में ऐसी किसी बड़ी घटना की पुष्टि विश्वसनीय अंतरराष्ट्रीय स्रोतों से नहीं हुई है, इसलिए प्रशासन ने अफवाहों से बचने की अपील की है।
जम्मू-कश्मीर में एहतियाती कदम
इधर Jammu and Kashmir के कई इलाकों से विरोध प्रदर्शनों की खबरें सामने आई हैं। Srinagar में एहतियातन मोबाइल इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद की गईं और कुछ स्कूलों को भी सुरक्षा कारणों से बंद रखा गया। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और हालात सामान्य बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
मध्य पूर्व में जारी तनाव का सीधा असर भारत की कानून-व्यवस्था पर न पड़े, इसके लिए केंद्र और राज्य सरकारें चौकन्नी हैं। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां सतर्क मोड में हैं और किसी भी अफवाह या उकसावे से बचने की अपील की जा रही है।