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सेफ हेवन की ओर भागे निवेशक, युद्ध की आहट से गोल्ड-सिल्वर में जबरदस्त तेजी

नई दिल्ली। इजरायल-ईरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव ने वैश्विक बाजारों में घबराहट बढ़ा दी है। मध्य पूर्व में अमेरिका-इजरायल की संयुक्त कार्रवाई और उसके बाद जवाबी हमलों की खबरों ने अनिश्चितता को और गहरा कर दिया। इसी माहौल में निवेशकों ने जोखिम वाले एसेट्स से दूरी बनाते हुए सुरक्षित निवेश की ओर रुख किया, जिसका सीधा फायदा सोना और चांदी को मिला। सोमवार को कीमती धातुओं में 3 प्रतिशत से अधिक की तेज उछाल दर्ज की गई।

एमसीएक्स पर रिकॉर्ड के करीब भाव
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर अप्रैल वायदा सोना कारोबार के दौरान 3 प्रतिशत से ज्यादा उछलकर 1,67,915 रुपये प्रति 10 ग्राम के उच्चतम स्तर तक पहुंच गया। वहीं मार्च वायदा चांदी भी 3 प्रतिशत से अधिक की तेजी के साथ 2,85,978 रुपये प्रति किलोग्राम पर जा पहुंची। खबर लिखे जाने तक सुबह लगभग 10:46 बजे अप्रैल एक्सपायरी वाला सोना 4,612 रुपये यानी 2.85 प्रतिशत बढ़कर 1,66,716 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा था, जबकि मार्च एक्सपायरी चांदी 7,311 रुपये यानी 2.66 प्रतिशत की बढ़त के साथ 2,82,309 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी।

भू-राजनीतिक जोखिम से बाजार में घबराहट
तेहरान पर हमलों और जवाबी मिसाइल कार्रवाई के बाद व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष की आशंका ने बाजारों को जोखिम से बचाव की मुद्रा में ला दिया है। हालांकि कुछ रिपोर्टों में Ali Khamenei को लेकर दावे किए गए, लेकिन ऐसी बड़ी खबरों की स्वतंत्र और आधिकारिक पुष्टि आवश्यक होती है। भू-राजनीतिक तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य से कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित होने की आशंका भी बढ़ी है, जिससे ऊर्जा बाजार में भी हलचल तेज हुई।

डॉलर और कच्चा तेल भी चढ़े
डॉलर इंडेक्स 0.24 प्रतिशत बढ़कर 97.85 पर पहुंच गया, जिससे अन्य मुद्राओं में खरीदारी करने वालों के लिए सोना अपेक्षाकृत महंगा हो गया। इसके बावजूद सुरक्षित निवेश की मांग इतनी मजबूत रही कि कीमतों में तेजी बनी रही। कच्चे तेल में भी 7 प्रतिशत से अधिक की उछाल दर्ज की गई, क्योंकि बाजार को डर है कि आपूर्ति श्रृंखला पर असर पड़ सकता है।

विशेषज्ञों की राय और आगे का अनुमान
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के कमोडिटी विश्लेषक मानव मोदी के मुताबिक, अमेरिका-ईरान तनाव और टैरिफ नीति को लेकर अनिश्चितता ने सोने की तेजी को मजबूती दी है। 2025 में अब तक सोना करीब 64 प्रतिशत चढ़ चुका है, जिसे केंद्रीय बैंकों की खरीद, ईटीएफ में निवेश और ढीली मौद्रिक नीति की उम्मीदों का सहारा मिला है।

वैश्विक निवेश बैंक JPMorgan Chase ने 2026 के अंत तक सोना 6,300 डॉलर प्रति औंस तक पहुंचने का अनुमान जताया है, जबकि Bank of America ने 6,000 डॉलर प्रति औंस तक जाने की संभावना व्यक्त की है। अब निवेशकों की नजर प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के विनिर्माण पीएमआई और अमेरिकी श्रम बाजार के आंकड़ों पर है, जो आगे की दिशा तय करेंगे।

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