तकनीक के विकास के साथ आधुनिक स्मार्टफोन पहले की तुलना में कहीं अधिक उन्नत हो चुके हैं। इनमें अत्याधुनिक बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम और स्मार्ट चार्जिंग कंट्रोलर लगाए जाते हैं, जो बैटरी को सुरक्षित रखने का काम करते हैं। जैसे ही बैटरी अपनी अधिकतम क्षमता तक पहुंचती है, सिस्टम सीधे बैटरी में अतिरिक्त बिजली भेजना बंद कर देता है। इसका उद्देश्य बैटरी को ओवरचार्जिंग से बचाना होता है, क्योंकि लगातार ऊर्जा भरते रहने से बैटरी को नुकसान पहुंच सकता है।
हालांकि 100 प्रतिशत चार्ज दिखने का अर्थ यह नहीं होता कि फोन पूरी तरह बिजली लेना बंद कर देता है। आधुनिक स्मार्टफोन एक विशेष तकनीक का उपयोग करते हैं, जिसे ट्रिकल चार्जिंग कहा जाता है। इस प्रक्रिया में फोन केवल उतनी ही ऊर्जा ग्रहण करता है जितनी उसकी तत्काल आवश्यकता होती है। इससे बैटरी सुरक्षित रहती है और उसका चार्ज स्तर लगभग 100 प्रतिशत के आसपास बना रहता है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि जब फोन चार्जिंग पर लगा रहता है, तब भी कई बैकग्राउंड प्रक्रियाएं सक्रिय रहती हैं। नोटिफिकेशन प्राप्त होना, इंटरनेट कनेक्शन बनाए रखना, सिस्टम अपडेट की जांच करना या बैकग्राउंड एप्लिकेशन का चलना जैसी गतिविधियां थोड़ी-थोड़ी ऊर्जा खर्च करती रहती हैं। ट्रिकल चार्जिंग इसी खर्च हुई ऊर्जा की पूर्ति करती है। यही कारण है कि बैटरी पूरी तरह भर जाने के बाद भी चार्जिंग सिस्टम समय-समय पर सक्रिय दिखाई देता है।
आधुनिक चार्जिंग सर्किट यह भी सुनिश्चित करते हैं कि अतिरिक्त करंट सीधे बैटरी पर दबाव न बनाए। जब बैटरी पूरी तरह चार्ज होती है तो अधिकांश बिजली फोन के संचालन और आवश्यक इलेक्ट्रॉनिक सर्किट को चलाने में उपयोग होती है। इस प्रक्रिया के कारण बैटरी लगातार ऊर्जा संग्रह नहीं करती, बल्कि सुरक्षित स्तर पर बनी रहती है।
हालांकि तकनीक ने ओवरचार्जिंग की समस्या को काफी हद तक समाप्त कर दिया है, फिर भी बैटरी को लंबे समय तक 100 प्रतिशत चार्ज पर बनाए रखना पूरी तरह लाभदायक नहीं माना जाता। विशेषज्ञों के अनुसार लिथियम-आयन बैटरियां लगातार उच्च वोल्टेज पर रहने से धीरे-धीरे अपनी क्षमता खोने लगती हैं। यदि कोई व्यक्ति रोजाना पूरी रात फोन को चार्जिंग पर लगाए रखता है तो लंबे समय में बैटरी की कुल कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है।
इसके अलावा तापमान भी बैटरी की उम्र निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यदि फोन चार्जिंग के दौरान अधिक गर्म हो जाए तो बैटरी के रासायनिक घटकों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इसलिए विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि चार्जिंग के दौरान फोन को तकिए, कंबल या किसी ऐसी जगह पर न रखा जाए जहां गर्मी बाहर न निकल सके।
तकनीकी जानकारों का मानना है कि बैटरी की लंबी उम्र के लिए फोन को सामान्यतः 20 से 80 प्रतिशत के बीच रखना अधिक फायदेमंद होता है। हालांकि आधुनिक स्मार्टफोन उपयोगकर्ताओं को अधिक चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि उनमें सुरक्षा के कई स्तर मौजूद होते हैं। फिर भी सही चार्जिंग आदतें अपनाकर बैटरी की कार्यक्षमता और जीवनकाल को बेहतर बनाए रखा जा सकता है।