इस फैसले के बाद वारी एनर्जीज के शेयर में कारोबार के दौरान 15 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। खबर लिखे जाने तक हल्की रिकवरी के बाद यह 10.83 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 2,697 रुपए पर कारोबार कर रहा था।
प्रीमियर एनर्जीज का शेयर भी दबाव में रहा और फिलहाल यह 6.19 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 728.95 रुपए पर था। कारोबार के दौरान इस शेयर में करीब 14 प्रतिशत तक की गिरावट देखी गई। इसके अलावा विक्रम सोलर का शेयर 5.67 प्रतिशत कमजोर होकर 174 रुपए पर था, जबकि कारोबार के दौरान 7.76 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई।
ट्रंप प्रशासन ने भारत के अलावा इंडोनेशिया और लाओस के सोलर उत्पादों पर भी क्रमश: 143 प्रतिशत और 81 प्रतिशत टैरिफ लगाया है। 2025 की पहली छमाही में अमेरिका के सोलर मॉड्यूल आयात में इन तीन देशों की हिस्सेदारी कुल 57 प्रतिशत रही है। 2024 में अमेरिका को भारतीय सोलर निर्यात की वैल्यू 792.6 मिलियन डॉलर थी, जो 2022 की तुलना में नौ गुना अधिक है।
अमेरिकी प्रशासन ने यह कार्रवाई यूएस सोलर ग्रुप की याचिका के आधार पर की है। इस याचिका में आरोप लगाया गया था कि कुछ देशों की सब्सिडी अमेरिकी सोलर उद्योग को नुकसान पहुंचा रही है।
निवेशकों के लिए यह टैरिफ भारतीय सोलर कंपनियों के लिए चिंता का विषय बन गया है, क्योंकि आगामी कारोबारी सत्र में बिकवाली और दबाव जारी रहने की संभावना जताई जा रही है।