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न्यू जर्सी में एमबाप्पे का महाधमाका: जस्ट फोंटेन का ऐतिहासिक रिकॉर्ड ध्वस्त, दिग्गजों की सूची में शीर्ष की ओर बढ़े फ्रांसीसी कप्तान


नई दिल्ली ।
पिछले संस्करण की उपविजेता रही फ्रांस की फुटबॉल टीम ने फीफा विश्व कप 2026 में अपने अभियान का शानदार और धमाकेदार आगाज किया है। अमेरिका के न्यू जर्सी में खेले गए ग्रुप ‘आई’ के एक बेहद रोमांचक और कड़े मुकाबले में फ्रांस ने अफ्रीकी महाद्वीप की मजबूत टीम सेनेगल को 3-1 से पराजित कर दिया। इस मुकाबले में फ्रांस की जीत के महानायक उनके स्टार स्ट्राइकर और कप्तान कायलियन एमबाप्पे रहे, जिन्होंने मैच के उत्तरार्ध में अपने जादुई खेल से पासा पलट दिया। एमबाप्पे ने मुकाबले में दो महत्वपूर्ण गोल दागे और इस शानदार प्रदर्शन की बदौलत उन्होंने फुटबॉल इतिहास की एक अत्यंत प्रतिष्ठित और बड़ी उपलब्धि अपने नाम दर्ज करा ली है।

मैच के शुरुआती हिस्से की बात करें तो पहले हाफ में सेनेगल की टीम ने उम्मीद से कहीं बेहतर और आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया। मैच के 7वें मिनट में ही सेनेगल के इस्माइला सर्र ने फ्रांस के मजबूत डिफेंस को भेदते हुए गोल पोस्ट के समीप पहुंचकर पहला खतरनाक प्रयास किया। सेनेगल ने पूरे पहले हाफ में फ्रांसीसी टीम पर लगातार दबाव बनाए रखा। फ्रांस की ओर से 19वें मिनट में ओस्मान डेम्बेले ने जवाबी हमला किया, लेकिन वे गोल करने में असफल रहे। इसके बाद 25वें मिनट में सेनेगल के निकोलस जैक्सन गोल करने के बेहद करीब पहुंचे, परंतु उनका शॉट पोस्ट के ठीक बगल से बाहर निकल गया। खेल के 40वें मिनट में स्टार खिलाड़ी सादियो माने का एक बेहतरीन शॉट भी चूक गया, जिसके चलते पहला हाफ पूरी तरह से गोलरहित बराबरी पर समाप्त हुआ और पहले हाफ में एमबाप्पे भी अधिकांश समय गेंद से दूर ही नजर आए।

हालांकि, दूसरे हाफ की शुरुआत होते ही फ्रांसीसी टीम ने अपनी रणनीति बदलते हुए बेहद आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया। मैच के 57वें मिनट में एमबाप्पे ने सेनेगल के डिफेंडरों को छकाते हुए एक बेहतरीन मौका बनाया, लेकिन सेनेगल के गोलकीपर एडौर्ड मेंडी ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसे नाकाम कर दिया। फ्रांस के खिलाड़ियों ने दबाव जारी रखा और आखिरकार 66वें मिनट में गतिरोध टूट गया। माइकल ओलिसे से मिले एक सटीक पास को नियंत्रित करते हुए कप्तान कायलियन एमबाप्पे ने सेनेगल के डिफेंस को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया और गोलकीपर को चकमा देते हुए गेंद को जाल में पहुंचाकर फ्रांस को 1-0 की महत्वपूर्ण बढ़त दिला दी।

एक गोल की बढ़त हासिल करने के बाद फ्रांस का आत्मविश्वास सातवें आसमान पर पहुंच गया। मैच के 82वें मिनट में युवा फॉरवर्ड ब्रैडली बारकोला ने एक और दर्शनीय गोल दागकर फ्रांस की बढ़त को दोगुना यानी 2-0 कर दिया। निर्धारित 90 मिनट के खेल के बाद लग रहा था कि मैच इसी स्कोर पर समाप्त होगा, लेकिन रेफरी द्वारा जोड़े गए 8 मिनट के इंजरी टाइम ने मुकाबले के रोमांच को चरम पर पहुंचा दिया। इंजरी टाइम के शुरुआती पलों में सेनेगल के इब्राहिम मबाये ने एक शानदार गोल कर अपनी टीम की वापसी की उम्मीदें जगाईं और स्कोर 2-1 कर दिया। हालांकि, सेनेगल की यह खुशी कुछ ही सेकेंड टिक सकी, क्योंकि खेल खत्म होने की अंतिम सीटी बजने से ठीक पहले एमबाप्पे ने एक और अविश्वसनीय गोल दागकर फ्रांस को 3-1 से आगे कर दिया और जीत पूरी तरह पक्की कर दी।

इस ऐतिहासिक मुकाबले में दो गोल करने के साथ ही कायलियन एमबाप्पे के नाम अब फीफा विश्व कप के इतिहास में कुल 14 गोल दर्ज हो गए हैं। इस कीर्तिमान के साथ ही उन्होंने फ्रांस के महान पूर्व खिलाड़ी जस्ट फोंटेन के 13 गोलों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है और वे अब विश्व कप इतिहास में फ्रांस के लिए सर्वाधिक गोल करने वाले इकलौते खिलाड़ी बन गए हैं। इसके साथ ही एमबाप्पे ने विश्व कप में सर्वाधिक गोल करने के मामले में जर्मनी के दिग्गज गेर्ड मुलर के 14 गोलों के सर्वकालिक रिकॉर्ड की भी बराबरी कर ली है। अब विश्व कप के इतिहास में उनसे ज्यादा गोल केवल ब्राजील के रोनाल्डो (15 गोल) और जर्मनी के मिरोस्लाव क्लोस (16 गोल) के नाम दर्ज हैं। एमबाप्पे का यह शानदार फॉर्म दर्शाता है कि वे आने वाले मैचों में फुटबॉल जगत के कई और बड़े रिकॉर्ड्स को अपने नाम करने के बेहद करीब हैं।

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