वृषभ राशि
बुध का गोचर वृषभ राशि के द्वितीय भाव, यानी धन और वाणी के स्थान में होगा। इस दौरान बोलचाल में कठोरता या स्पष्टवादिता बढ़ सकती है, जिससे परिवार या कार्यस्थल पर गलतफहमियां पैदा होने की आशंका रहेगी। आर्थिक मामलों में बिना विचार किए निवेश करने से बचें। साथ ही किसी को उधार देने से भी परहेज करें, क्योंकि धन फंसने की संभावना बन सकती है।
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि के लिए बुध अष्टम भाव में गोचर करेंगे, जिसे गुप्त रोग, आयु और अचानक आने वाली परिस्थितियों का भाव माना जाता है। नौकरी और व्यवसाय में अप्रत्याशित रुकावटें आ सकती हैं। कार्यस्थल पर विरोधियों से सतर्क रहें और अनावश्यक विवादों से दूरी बनाए रखें। स्वास्थ्य के मामले में लापरवाही न करें, खासकर पेट और त्वचा संबंधी समस्याओं को नजरअंदाज करने से बचें। आर्थिक जोखिम लेने से भी बचना बेहतर रहेगा।
धनु राशि
धनु राशि के जातकों के लिए बुध का गोचर सप्तम भाव में होगा, जो वैवाहिक जीवन और साझेदारी का प्रतिनिधित्व करता है। इस दौरान जीवनसाथी के साथ मतभेद बढ़ सकते हैं, इसलिए बातचीत में संयम रखना जरूरी होगा। यदि साझेदारी में कारोबार करते हैं तो पारदर्शिता बनाए रखें। किसी भी नए समझौते या अनुबंध पर हस्ताक्षर करने से पहले सभी दस्तावेजों की अच्छी तरह जांच अवश्य करें।
मीन राशि
मीन राशि के लिए बुध चतुर्थ भाव में प्रवेश करेंगे, जो सुख-सुविधा, माता और संपत्ति से जुड़ा माना जाता है। इस दौरान घरेलू जीवन में कुछ परेशानियां महसूस हो सकती हैं। माता के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ सकती है, इसलिए उनकी देखभाल पर विशेष ध्यान दें। कार्यस्थल का बढ़ता दबाव मानसिक तनाव का कारण बन सकता है। भूमि, भवन या वाहन से जुड़े मामलों में जल्दबाजी से बचें और कोई भी फैसला सोच-समझकर लें।