मंच से उठे सवाल, जनपद सदस्यों की अनुपस्थिति पर नाराजगी
कार्यक्रम में पहुंचे पूर्व विधायक और पूर्व मंत्री देव सिंह सैयाम ने मंच से ही व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने कहा कि यह जनपद स्तर का कार्यक्रम होने के बावजूद जनपद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्य तक मौजूद नहीं हैं।
उन्होंने जनपद सीईओ को भी सलाह देते हुए कहा कि वे किसी भी राजनीतिक दबाव में आए बिना निष्पक्ष तरीके से काम करें।
विधायक-मंत्री पर लगाए भेदभाव के आरोप
सैयाम ने बिना नाम लिए स्थानीय विधायक और प्रदेश की लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी कार्यक्रमों में भेदभाव किया जा रहा है और सभी जनप्रतिनिधियों को समान सम्मान नहीं दिया जा रहा। उनका कहना था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर जनप्रतिनिधि की भागीदारी जरूरी है, लेकिन यहां कुछ लोगों को जानबूझकर नजरअंदाज किया जा रहा है।
पुराने कार्यक्रम का भी किया जिक्र
पूर्व मंत्री ने पिछले साल टिकरवारा में हुए सामूहिक कन्यादान कार्यक्रम का उदाहरण देते हुए कहा कि उस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मौजूद थे, लेकिन उन्हें मंच पर जगह नहीं दी गई। उन्होंने इसे व्यक्तिगत उपेक्षा बताते हुए कहा कि जिस योजना की शुरुआत उन्होंने मंत्री रहते की थी, उसी में उन्हें दरकिनार किया गया।
सरपंचों की समस्याओं को भी उठाया
अपने संबोधन में सैयाम ने सरपंचों की परेशानियों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों से कई सरपंच आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं और सामग्री भुगतान के लिए उन्हें अपनी जमीन तक बेचनी पड़ी है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिले में पहले के कार्यकाल के दौरान करीब डेढ़ करोड़ रुपए वापस चले गए, जिन्हें अब तक वापस नहीं लाया जा सका है।
130 जोड़ों का हुआ विवाह, सरकार ने दी सहायता
विवाद के बीच कार्यक्रम में 130 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न कराया गया। नवविवाहितों को सरकार की ओर से आर्थिक सहायता और गृहस्थी का सामान भी प्रदान किया गया।