HIGHLIGHTS:
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प्रदेश में LPG सिलेंडर की ऑनलाइन बुकिंग ठप, सर्वर डाउन।
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50 हजार होटल-रेस्टॉरेंट गैस की कमी के कगार पर।
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इंडक्शन और डीजल भट्ठियों की कीमतें दोगुनी हुई।
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बालाघाट और डिंडौरी में उपभोक्ताओं की शिकायतें बढ़ीं।
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सरकारी प्रयासों के बावजूद कतारें और संकट जारी।

MP LPG CRISES: ग्वालियर। मध्य प्रदेश में LPG सिलेंडर की ऑनलाइन बुकिंग ठप हो गई है। बता दें कि सर्वर डाउन होने के कारण लोग 7-8 दिन तक बुकिंग का इंतजार कर रहे हैं। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर समेत प्रदेशभर में गैस एजेंसियों और गोदामों के बाहर लंबी कतारें लगी हुई हैं। साथ ही कुछ शहरों में सिलेंडर की कालाबाजारी के आरोप भी सामने आए हैं।
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होटल और रेस्टॉरेंट्स पर असर
प्रदेश में 50 हजार होटल और रेस्टॉरेंट गैस की कमी के कगार पर हैं। भोपाल होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष तेजकुल पाल सिंह पाली के मुताबिक, 2 हजार से अधिक होटल-रेस्टॉरेंट को पिछले 4 दिनों में एक भी सिलेंडर नहीं मिला है। कई होटल्स में तो 24 से 48 घंटे तक खाना बनाना भी मुश्किल हो गया है।
इंडक्शन और डीजल भट्ठी की मांग में उछाल
गैस की कमी के चलते मार्केट में इंडक्शन और डीजल भट्ठियों की कीमतें दोगुनी हो गई हैं। बताया जा रहा है कि भोपाल में इंडक्शन की बिक्री 7 गुना तक बढ़ गई है, साथ ही उज्जैन में प्राइवेट अस्पताल की कैंटीन में खाना डीजल भट्ठी से बनाया जा रहा है।
सरकारी कदम और शिकायतें
श्योपुर में एसडीएम गगन मीणा ने माइक के जरिए लोगों को समझाया और पुलिस ने भीड़ संभालने के लिए तैनात की। इंदौर में एजेंसियां ग्राहकों को नया नंबर और एप डाउनलोड करवाकर रात में बुकिंग करने की सलाह दे रही हैं। सतना के 86 लोगों ने सीएम हेल्पलाइन पर सिलेंडर न मिलने की शिकायत दर्ज कराई।
रसोई घर और आम लोगों पर असर
गैस की कमी केवल होटल और रेस्टॉरेंट तक ही सीमित नहीं है। आम घरों में भी रसोई मुश्किल में आ गई है। कई परिवारों ने बताया कि 2-3 दिन से खाना नहीं बन पाया। लोग मजबूरी में इंडक्शन, डीजल भट्ठी या खुले आग का सहारा ले रहे हैं। इस कारण न केवल दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है, बल्कि छात्रों और कामकाजी लोगों के लिए भी समय और मेहनत बढ़ गई है।