MP Minor Rape : ग्वालियर। मध्य प्रदेश में नाबालिगों से रेप की घटनाएं लगातार बढ़ रही है। इसी कड़ी में दो और नए मामले सामने आये है। इसमें से एक नाबालिग के साथ उसी के पिता ने दो बार जयति की है। वहीं एक अन्य मामले में 50 वर्षीय अधेड़ ने जबरदस्ती की है। यह दोनों मामले अशोकनगर और दूसरा मामला शिवपुरी का बताया जा रहा है।
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अशोकनगर जिले का मामला
मुंगावली थाना क्षेत्र के एक गांव में 40 वर्षीय मजदूर पिता ने अपनी 14 साल की बेटी के साथ दो बार दुष्कर्म किया। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि पहली बार अक्टूबर महीने में उसकी मां दूसरे कमरे में सो रही थी और भाई घर पर नहीं था। पिता ने इसी दौरान उसके साथ गलत हरकत की। डर की वजह से लड़की चुप रही।

फरवरी में फिर से घटना हुई। इस बार लड़की अपनी मां के पास सो रही थी। पिता ने उसे सोते हुए उठाया और दूसरे कमरे में ले जाकर दोबारा दुष्कर्म किया। इसके बाद पीड़िता ने अपनी मां को पूरी बात बताई। मां ने रिश्तेदारों को जानकारी दी। बुधवार देर शाम पीड़िता अपनी मां और मौसी के साथ थाने पहुंची।
थाना प्रभारी अरविंद सिंह कछुवाह ने बताया कि आरोपी पिता के खिलाफ दुष्कर्म की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपी जब लड़की थाने जा रही थी तब उसे वापस बुलाने के लिए फोन कर रहा था, लेकिन थाने पहुंचने पर वह घर से भाग गया। पुलिस उसकी तलाश कर रही है और जल्द गिरफ्तारी का दावा किया है।
शिवपुरी जिले का मामला
खनियाधाना थाना क्षेत्र के देवरी गांव में एक 50 वर्षीय कल्याण कुशवाह (पिता का नाम आशाराम कुशवाह) ने पड़ोस की 14 साल की नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता ने पिता को बताया कि कुछ दिन पहले रात करीब 11:30 बजे वह शौच के लिए बाहर निकली थी। आरोपी ने उसे जबरदस्ती खींचकर अपने खेत की झोपड़ी में ले जाकर वारदात को अंजाम दिया।

पीड़िता की मां मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं, इसलिए वह तुरंत किसी को नहीं बता पाई। पिता मजदूरी से लौटे तो बेटी ने पूरी घटना बताई। पिता उसे लेकर तुरंत थाने पहुंचे।
थाना प्रभारी केदार सिंह यादव ने बताया कि आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 64(1), 65(1), 351(3) और POCSO एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपी को मौके पर गिरफ्तार कर मेडिकल कराया और न्यायालय के माध्यम से जेल भेज दिया। पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड़ के निर्देश पर तेज कार्रवाई हुई।
दोनों मामलों में पुलिस ने पीड़िताओं के बयान दर्ज किए हैं और जांच तेज कर दी है। समाज में नाबालिग सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।