HIGHLIGHTS:
- 119 राजस्व निरीक्षक बने प्रभारी नायब तहसीलदार
- विभागीय जांच लंबित होने पर नियुक्ति नहीं
- पदभार नहीं लेने पर नाम सूची से हटेगा
- उच्च पद के भत्ते मिलेंगे, पर पदोन्नति नहीं
- केवल जिला और संभागीय कार्यालय में पदस्थापना
MP POLITICS: ग्वालियर। मध्य प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। राजस्व विभाग ने 119 राजस्व निरीक्षकों को प्रभारी नायब तहसीलदार के रूप में पदस्थ करने के आदेश जारी किए हैं। इसके साथ ही अधिकारियों की नई जिलों में पदस्थापना भी की गई है। बता दें कि विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन अधिकारियों पर विभागीय जांच या आपराधिक प्रकरण लंबित है, उन्हें इस पद पर नियुक्त नहीं किया जाएगा।
तत्काल कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश
जारी आदेश में सभी चयनित राजस्व निरीक्षकों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने जिलों में तुरंत प्रभारी नायब तहसीलदार का कार्यभार संभालें। यदि कोई अधिकारी पदभार ग्रहण करने से इंकार करता है या निर्धारित समय पर उपस्थित नहीं होता है, तो उसका नाम सूची से हटा दिया जाएगा।
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नियमों का दिया गया हवाला
विभाग ने स्पष्ट किया है कि राजस्व न्यायालयीन कार्यों के सुचारू संचालन के लिए यह निर्णय लिया गया है। स्थानांतरण नीति 2005 समाप्त होने के बाद आवश्यकता अनुसार अधिकारियों का एक बार स्थानांतरण किया जा सकता है। राज्य शासन की वर्तमान ट्रांसफर पॉलिसी भी इस आदेश पर लागू रहेगी।
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क्या मिलेंगी सुविधाएं और शर्तें
प्रभारी नायब तहसीलदार के रूप में कार्य करने वाले अधिकारियों को उच्च पद के अनुरूप भत्ते मिलेंगे, लेकिन इसे पदोन्नति नहीं माना जाएगा। उन्हें नायब तहसीलदार के पद पर नियमित नियुक्ति का लाभ नहीं मिलेगा। कार्यवाहक नायब तहसीलदार को तहसीलदार की शक्तियां प्रदान की जाएंगी, लेकिन उनकी सेवा अवधि नियमित नायब तहसीलदार पद के लिए मान्य नहीं होगी।
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जिला और संभागीय कार्यालय में होगी पदस्थापना
इन अधिकारियों की पदस्थापना केवल जिला और संभागीय कार्यालयों में की जाएगी। नियमित नियुक्ति होने तक वे कार्यवाहक रूप में ही दायित्व निभाएंगे।





