Chambalkichugli.com

यमन में खुशहाली की नई उम्मीद: सऊदी अरब ने दी 346.6 मिलियन डॉलर की वित्तीय संजीवनी, बुनियादी ढांचे और शासन में होगा सुधार


नई दिल्ली पड़ोसी देश यमन में गहराते आर्थिक संकट और गृहयुद्ध की मार झेल रहे सरकारी कर्मचारियों के लिए सऊदी अरब एक बड़ी राहत लेकर आया है। सऊदी किंग सलमान और क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमानके विशेष निर्देश पर किंगडम ने यमन के सरकारी संस्थानों को मजबूती देने और वेतन विसंगतियों को दूर करने के लिए 346.6 मिलियन डॉलर लगभग 350 मिलियन डॉलर की भारी-भरकम वित्तीय सहायता प्रदान की है। यह महत्वपूर्ण भुगतान सऊदी प्रोग्राम फॉर डेवलपमेंट एंड रिकंस्ट्रक्शन ऑफ यमन SDRPY के माध्यम से सीधे यमनी प्रशासन तक पहुँचाया गया है।

इस रणनीतिक कदम का प्राथमिक उद्देश्य केवल वित्तीय घाटे को भरना नहीं है बल्कि यमन की जर्जर हो चुकी अर्थव्यवस्था में नई जान फूंकना है। SDRPY द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार इस पहल का मकसद यमन के भीतर आर्थिक वित्तीय और मौद्रिक स्थिरता को और अधिक मजबूत बनाना है।इसके साथ ही इस राशि का उपयोग सरकारी संस्थानों की कार्यक्षमता बढ़ाने प्रशासनिक गवर्नेंस में पारदर्शिता लाने और निजी क्षेत्र को सतत विकास के लिए प्रोत्साहित करने में किया जाएगा। यह फंड उन हजारों कर्मचारियों के लिए जीवनदान साबित होगा जो लंबे समय से वेतन में कटौती और आर्थिक अनिश्चितता का सामना कर रहे थे।

यमन की प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिलके चेयरमैन रशद अल-अलीमी ने सऊदी अरब के इस उदार कदम की सराहना करते हुए इसे दोनों देशों के बीच अटूट रिश्तों का प्रमाण बताया है। उन्होंने किंग सलमान और क्राउन प्रिंस का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सहायता केवल धन का हस्तांतरण नहीं है बल्कि यमन की सुरक्षा स्थिरता और राष्ट्रीय संस्थानों को फिर से खड़ा करने की दिशा में एक भरोसे का संदेश है।अल-अलीमी ने इस बात पर जोर दिया कि सऊदी अरब के साथ यमन की यह साझेदारी एक उज्जवल और अधिक स्थिर भविष्य के निर्माण के लिए अनिवार्य है।

मौजूदा परिस्थितियों में जब यमन पुनर्निर्माण के कठिन दौर से गुजर रहा है सऊदी अरब का यह सहयोग वहां के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई गति प्रदान करेगा। किंगडम का लक्ष्य है कि इस वित्तीय मदद के जरिए यमन के आम नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार हो और देश के बुनियादी संस्थानों को इतना सक्षम बनाया जाए कि वे भविष्य की चुनौतियों का सामना खुद कर सकें। यह पहल यमन के रिकवरी रोडमैप में एक मील का पत्थर साबित होने वाली है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *