नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के नेता ओमप्रकाश राजभर ने बड़ा राजनीतिक बयान दिया है. एबीपी न्यूज़ से खास बातचीत में उन्होंने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि अगर किसी को राजनीति करनी है और राजनीतिक नेताओं पर आरोप लगाने हैं तो फिर चोला छोड़कर कुर्ता-पायजामा पहनकर सीधे राजनीति के मैदान में आना चाहिए. मेरठ पहुंचे राजभर ने कहा कि बटुकों के साथ हुई मारपीट गलत थी लेकिन उस घटना के पीछे की सच्चाई भी समझनी चाहिए.
सदानंद सरस्वती ने अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का किया समर्थन
इस बीच मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के सूखाखैरी ग्राम में आयोजित श्री रामचरितमानस एवं विष्णु यज्ञ कार्यक्रम के दौरान शंकराचार्य सदानंद सरस्वती ने बिना नाम लिए अपने गुरुभाई अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि हमारे आचार्यों के प्रति ऐसा कोई कार्य नहीं होना चाहिए जिससे सनातन धर्म को ठेस पहुंचे. उन्होंने यह भी कहा कि देश के अनेक हिंदू मंदिर सरकार के अधीन हैं जबकि अन्य धर्मों के धार्मिक स्थलों पर ऐसा नियंत्रण नहीं है क्या यह अन्याय नहीं है. गो रक्षा के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि इस विषय पर होने वाले आंदोलनों को कुचलना या किसी प्रकार का षड्यंत्र करना उचित नहीं है. अपने संबोधन में उन्होंने यह भी कहा कि कल्पना कभी सिद्ध नहीं होती सत्य को प्रताड़ित किया जा सकता है पराजित नहीं किया जा सकता.
साध्वी ने आरोपों को बताया गलत
इन सबके बीच शंकराचार्य के मठ में रहने वाली साध्वी श्री अम्बा ने शंकराचार्य पर लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है. उन्होंने कहा कि जिन व्यक्ति ने आरोप लगाए हैं वही स्वयं दोषी हैं और सच्चाई को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है. साध्वी ने कहा कि इन आरोपों से मठ से जुड़े सभी लोग बेहद दुखी और आहत हैं. मठ परिसर की ओर इशारा करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि यहां किसी भी प्रकार का स्विमिंग पूल नहीं है और झूठे तथ्यों के आधार पर भ्रम फैलाया जा रहा है.