निशातपुरा थाना क्षेत्र स्थित इस निजी विश्वविद्यालय को ईमेल के जरिए धमकी दी गई। जैसे ही प्रबंधन को इसकी जानकारी मिली, तत्काल पुलिस को सूचित किया गया। एहतियातन बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड की टीम मौके पर पहुंची और पूरे कैंपस की सघन तलाशी शुरू की गई। सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यूनिवर्सिटी परिसर को खाली करा लिया गया ताकि किसी भी संभावित खतरे से बचा जा सके।
बताया जा रहा है कि जांच एजेंसियां हर कोने की बारीकी से जांच कर रही हैं। भवनों, कक्षाओं, प्रयोगशालाओं और हॉस्टल क्षेत्रों की तलाशी ली जा रही है। साथ ही तकनीकी टीम ईमेल भेजने वाले की पहचान और लोकेशन का पता लगाने में जुटी है।
इससे पहले 19 फरवरी को भी इसी तरह का धमकी भरा ईमेल मिला था जिसमें कॉलेज भवन में सायनाइड जहर वाले बम रखने का दावा किया गया था और एक निश्चित समय पर विस्फोट की बात कही गई थी। उस समय व्यापक जांच के बाद धमकी को अफवाह पाया गया था। हालांकि घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे।
अब 15 दिन के भीतर दोबारा मिली धमकी ने प्रशासन की चिंता और बढ़ा दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है और किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। विश्वविद्यालय प्रबंधन भी छात्रों और स्टाफ की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क है।
लगातार मिल रही धमकियों से छात्रों और अभिभावकों में भी चिंता का माहौल है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है और पूरी जांच प्रक्रिया सावधानीपूर्वक जारी है। सुरक्षा एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं यह शरारती तत्वों की हरकत तो नहीं या इसके पीछे कोई संगठित साजिश है।
राजधानी में शैक्षणिक संस्थानों को मिल रही ऐसी धमकियां सुरक्षा व्यवस्था के लिए चुनौती बनती जा रही हैं। फिलहाल सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही धमकी देने वाले की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।