सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कई दमकल वाहनों की मदद से आग पर काबू पाया गया। फायर ब्रिगेड के एएसआई सुशील कुमार दुबे के अनुसार आग लगने के कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल सका है, लेकिन आशंका जताई जा रही है कि शॉर्ट सर्किट इसकी वजह हो सकता है। इस हादसे में ऑफिस में रखे सभी दस्तावेज, फर्नीचर और अन्य जरूरी सामान पूरी तरह जलकर खाक हो गए। हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
इसी दिन सुबह खंडवा रोड स्थित अनुराधा नगर में भी एक सब्जी की दुकान में आग लग गई। दुकान बबली पति प्रीतम सिंह की बताई जा रही है। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरा सामान जल गया। दमकल विभाग ने मौके पर पहुंचकर करीब 1000 लीटर पानी डालकर आग पर काबू पाया। शुरुआती जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है।
रेडिसन चौराहे के पास फर्नीचर बिल्डिंग में आग
तीसरी घटना इंदौर के रेडिसन चौराहे के पास स्थित महिदपुर वाला फर्नीचर की बिल्डिंग में हुई, जहां सातवें माले पर आग लग गई। यह घटना सुबह करीब 10:30 बजे की है। सूचना मिलते ही दमकल की टीमें मात्र 15 मिनट में मौके पर पहुंच गईं और कर्मचारियों की मदद से आग पर काबू पा लिया गया। हालांकि आग के दौरान पूरे भवन में घना धुआं फैल गया, जिससे कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस के अनुसार विजयनगर और खजराना थाना क्षेत्र की टीमें भी मौके पर पहुंचीं और स्थिति को नियंत्रित किया गया।
लगातार आग की घटनाओं से बढ़ी चिंता
इंदौर में एक ही दिन में तीन अलग-अलग जगहों पर आग लगने की घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शुरुआती जांच में अधिकतर मामलों में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, जिससे बिजली व्यवस्था और वायरिंग की जांच की आवश्यकता महसूस की जा रही है।