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गुजरात दौरे पर पीएम मोदी, हथियार निर्माण केंद्र का किया निरीक्षण; रक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को देंगे नई गति

नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को गुजरात दौरे के दौरान सूरत के हजीरा स्थित अत्याधुनिक रक्षा निर्माण केंद्र का दौरा कर देश की रक्षा आत्मनिर्भरता और औद्योगिक विकास को नया संदेश दिया। अपने कार्यक्रम की शुरुआत में प्रधानमंत्री ने लार्सन एंड टुब्रो के आर्म्ड सिस्टम्स कॉम्प्लेक्स का निरीक्षण किया, जहां भारतीय सेना के लिए विकसित किए जा रहे आधुनिक सैन्य उपकरणों, बख्तरबंद वाहनों, टैंकों और ड्रोन तकनीक का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने स्वदेशी रक्षा उत्पादन से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं की जानकारी भी प्राप्त की।

हजीरा स्थित यह रक्षा निर्माण परिसर देश के प्रमुख सैन्य उत्पादन केंद्रों में शामिल माना जाता है। यहां आधुनिक बख्तरबंद वाहन, तोप प्रणाली और कई अन्य रक्षा प्लेटफॉर्म का निर्माण, एकीकरण और परीक्षण किया जाता है। प्रधानमंत्री ने परिसर में तैयार किए जा रहे स्वदेशी रक्षा उपकरणों का बारीकी से निरीक्षण किया और देश में विकसित हो रही तकनीकी क्षमताओं की समीक्षा की। इस दौरे को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत अभियान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।

रक्षा निर्माण केंद्र के निरीक्षण के बाद प्रधानमंत्री ने सूरत में 200 बिस्तरों वाले नए ईएसआईसी अस्पताल का उद्घाटन भी किया। इस अस्पताल के शुरू होने से क्षेत्र के श्रमिकों और उनके परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होने की उम्मीद है। केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं को मजबूती देने के उद्देश्य से इस परियोजना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

गुजरात दौरे के दौरान प्रधानमंत्री ने सूरत और आसपास के क्षेत्रों के लिए लगभग 18,800 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की शुरुआत भी की। इनमें सड़क, परिवहन, रेलवे और शहरी बुनियादी ढांचे से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करना और औद्योगिक विकास को नई गति प्रदान करना है।

प्रधानमंत्री ने वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेसवे के पैकेज छह और सात का उद्घाटन भी किया। इसके अलावा कई बड़े और छोटे पुलों, रेलवे ओवरब्रिज, फ्लाईओवर और अंडरपास परियोजनाओं को जनता को समर्पित किया गया। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की कई नई परियोजनाओं का शिलान्यास भी कार्यक्रम का हिस्सा रहा। इन परियोजनाओं से गुजरात के विभिन्न हिस्सों में यातायात व्यवस्था बेहतर होने और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

दौरे के दौरान प्रधानमंत्री ने दमन से लक्षद्वीप को जोड़ने वाली बंदरगाह और पर्यटन विकास परियोजनाओं का भी वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया। इन योजनाओं को समुद्री संपर्क और पर्यटन क्षेत्र के विस्तार के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार का मानना है कि इससे तटीय क्षेत्रों के विकास और स्थानीय रोजगार सृजन को भी बल मिलेगा।

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण को विशेष प्राथमिकता दी गई। आयोजन स्थल पर पारंपरिक प्रचार सामग्री और बड़े बैनरों का उपयोग सीमित रखा गया। कार्यक्रम में शामिल होने वाले कार्यकर्ताओं और समर्थकों को साइकिल तथा इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया गया। आम नागरिकों की सुविधा के लिए नगर निगम की ओर से बड़ी संख्या में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन भी किया गया।

प्रधानमंत्री का यह दौरा रक्षा उत्पादन, आधारभूत संरचना विकास, स्वास्थ्य सेवाओं और पर्यावरण संरक्षण जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर केंद्रित रहा। राजनीतिक और औद्योगिक दृष्टि से इसे गुजरात के लिए एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम माना जा रहा है, जिससे राज्य में विकास परियोजनाओं और निवेश गतिविधियों को और गति मिलने की संभावना है।

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