जानकारी के अनुसार, डेरा प्रमुख को 21 दिन की पैरोल मिली है। सुबह तड़के ही उसके जेल से बाहर आने की प्रक्रिया शुरू हुई और कुछ समय बाद वह सुरक्षा घेरे में सिरसा के लिए रवाना हुआ। उसके साथ करीबी लोग भी मौजूद थे और वाहनों का काफिला विशेष सुरक्षा व्यवस्था के साथ आगे बढ़ा। सिरसा पहुंचने से पहले ही डेरे के आसपास बड़ी संख्या में अनुयायियों की मौजूदगी देखने को मिली। कई लोग उसके आगमन का इंतजार कर रहे थे, जिसके चलते प्रशासन ने पहले से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी थी।
गुरमीत सिंह पहले भी कई बार पैरोल और फरलो पर जेल से बाहर आ चुका है। इस बार की रिहाई को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं क्योंकि बीते वर्षों में उसकी पैरोल को लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आती रही हैं। हर बार उसके बाहर आने पर समर्थकों और विरोधियों के बीच अलग-अलग तरह की चर्चाएं शुरू हो जाती हैं। यही कारण है कि प्रशासन भी इस पूरे मामले को संवेदनशील मानते हुए अतिरिक्त सावधानी बरत रहा है।
डेरा प्रमुख फिलहाल साध्वी यौन शोषण मामले में सजा काट रहा है। हालांकि उससे जुड़े कई अन्य मामलों में समय-समय पर कानूनी स्थिति में बदलाव देखने को मिला है। इसी वजह से उसके नाम को लेकर राजनीतिक और सामाजिक चर्चाएं भी लगातार बनी रहती हैं। उसके सिरसा आने के बाद एक बार फिर पूरे इलाके में गतिविधियां बढ़ गई हैं।
बताया जा रहा है कि पिछली पैरोल के दौरान भी उसने डेरे से जुड़े कई कामों की समीक्षा की थी। उस समय पुराने परिसर के पुनर्निर्माण और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर गतिविधियां तेज हुई थीं। इस बार भी माना जा रहा है कि वह डेरे से जुड़े विभिन्न कार्यों पर ध्यान दे सकता है। हालांकि अभी आधिकारिक तौर पर उसके कार्यक्रमों को लेकर ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है।
पैरोल पर उसकी यह रिहाई एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है। लगातार मिल रही पैरोल और उससे जुड़े घटनाक्रमों को लेकर राजनीतिक गलियारों से लेकर आम लोगों के बीच बहस का दौर शुरू हो गया है। फिलहाल प्रशासन की नजर पूरे घटनाक्रम पर बनी हुई है और सुरक्षा एजेंसियां हालात पर लगातार निगरानी रख रही हैं। आने वाले दिनों में उसकी गतिविधियों और मुलाकातों पर भी सभी की नजर बनी रह सकती है।