बैठक की शुरुआत में रुबियो ने भारत और विदेश मंत्री एस. जयशंकर सहित सभी सदस्य देशों का धन्यवाद किया और कहा कि QUAD की पहली बैठक में ही शामिल होना अमेरिका की मजबूत प्रतिबद्धता को दिखाता है। उन्होंने कहा कि यह मंच अब तेजी से परिणाम देने वाली दिशा में आगे बढ़ रहा है।
रुबियो ने कहा कि QUAD का उद्देश्य अब सिर्फ समस्याओं पर विचार करना नहीं, बल्कि उन्हें मिलकर हल करना है। उन्होंने बताया कि यह समूह मानवीय सहायता, समुद्री सुरक्षा, ऊर्जा सुरक्षा और सप्लाई चेन को मजबूत करने जैसे क्षेत्रों में ठोस सहयोग कर रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि चारों देश अपनी-अपनी ताकतों को जोड़कर वैश्विक चुनौतियों से निपटने में सक्षम हैं और अब इस सहयोग को और ज्यादा व्यावहारिक बनाया जाएगा। उनके इस बयान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चीन के खिलाफ एक रणनीतिक संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है।
QUAD में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं और इसका फोकस इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सुरक्षा, स्थिरता और विकास को बढ़ावा देना है।